इस गाने को सुनकर 100 से ज्यादा लोगों ने ले ली अपनी जान, कई देश लगा चुके हैं बैन!
Tuesday, 22 May 2018 17:15

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संगीत को लेकर अक्सर कहा जाता है कि इसे सुनने से मन को सुकून मिलता है। मगर संगीत ही जीवन के अंत होने का कारण बन जाए, तो यह कौतुहल का विषय हो उठता है। ऐसा ही मामला हंगरी के गाने से जुड़ा हुआ है, जिसके कारण साल 1930 के आसपास करीब 100 लोगों ने अपनी जान ले ली थी। आलम यह था कि कई देशों को इस गाने पर प्रतिबंध लगाना पड़ा था, ताकि कोई बेवजह अपनी जान न ले।

गाने का नाम है- ग्लूमी संडे, जिसे रेज्रो सेरेस नाम के गीतकार ने लिखा था। संगीत की दुनिया में वह उन दिनों अपना नाम बनाने और मुकाम हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहे थे। रेज्रो को तब उनकी प्रेमिका छोड़ कर चली गई थी, जिसके गम में वह काफी मायूस और बुझे-बुझे से रहते थे। अपने अकेलेपन और उदासी के साए में आकर ही उन्होंने इस गाने को लिखा था।

यह गाना सबसे पहले हंगरियन भाषा में लिखा गया था। थोड़ा मशहूर होने के बाद इसे अन्य भाषाओं में अनूदित किया गया था। ग्लूमी संडे को जिस किसी ने भी सुना, यह उसके दिल के सबसे उदास हिस्सों को करीब से छू गया। नतीजतन उन लोगों ने अपनी जिंदगी को खत्म करना ही ठीक समझा और खुदकुशी कर ली थी।

संगीत की दुनिया में थोड़ी शोहरत और सफलता पाने के बाद रेज्रो अपनी जिंदगी में पूर्व प्रेमिका में वापस लाना चाहते थे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। गीतकार को बाद में पता लगा कि उनकी पूर्व प्रेमिका ने खुदकुशी कर ली। उसकी लाश के पास एक कागज पड़ा था, जिस पर रेज्रो का लिखा हुआ गाना था।

गाना लॉन्च होने के तकरीबन दो साल बाद हंगरी में सिलसिलेवार ढंग से 100 से अधिक लोगों के खुदकुशी करने की खबरें आईं। अपनी जान लेने के ये सभी मामले ग्लूमी संडे से जुड़े थे, जिन्होंने अंतिम क्षणों में इस गाने को सुना था।

यही कारण है कि इस गाने पर कई देशों में प्रतिबंध लगा दिया गया था, जिसमें ग्रेट ब्रिटेन भी शामिल था। यहां लगभग 60 सालों तक यह गाना बैन रहा। आगे चलकर इस गाने को हंगरियन सुसाइड सॉन्ग कहा जाने लगा था। सुनिए इसका असली वर्जन-

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