बच्चों के अश्लील वीडियो बांटने वाले वाट्सऐप ग्रुप से जुड़े थे 28 देशों के 256 लोग

‘चाइल्ड पोर्नोग्राफी’ की बेहद घिनौनी सामग्री के अवैध प्रसार से जुड़े अंतरराष्ट्रीय वॉट्सऐप ग्रुप में शामिल मध्य प्रदेश के तीन लोगों को पुलिस के साइबर दस्ते ने धर दबोचा है। इस ग्रुप से भारत समेत 28 देशों के लोग जुड़े हैं। राज्य साइबर सेल की इंदौर इकाई के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह ने बुधवार को बताया कि मामले में नजदीकी महू कस्बे के इलेक्ट्रिकल इंजीनियर मकरंद सालुंके (24), धार जिले के बर्तन कारोबारी ओंकार सिंह राठौर (43) और खंडवा जिले के 12वीं के नाबालिग छात्र को गिरफ्तार किया गया है। इनके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़ी धारा 67-बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

तीनों आरोपी ‘किड्स ओनली सेक्स’ नाम के वॉट्सऐप ग्रुप से जुड़े पाए गए हैं। 256 सदस्यों वाले इस समूह में ज्यादातर लोग पूर्वोत्तर और दक्षिण भारतीय राज्यों के रहने वाले हैं। इस ग्रुप से भारत, नेपाल, पाकिस्तान, सऊदी अरब, संयुक्तअरब अमीरात, श्रीलंका, मैक्सिको, कनाडा, म्यांमा, वियतनाम, युगांडा और अल्जीरिया समेत 28 देशों के लोग जुड़े हैं।

पुलिस अधीक्षक ने बताया, ‘जब हमने मामले का खुलासा किया, तब इस ग्रुप को कुवैत के मोबाइल नंबर से चलाया जा रहा था। हालांकि, इस ग्रुप के एडमिन लगातार बदलते रहते हैं। भारत का एक व्यक्तिभी इस ग्रुप का एडमिन रह चुका है जो संभवत: गुजरात का रहने वाला है।’ सिंह ने बताया, ‘चाइल्ड पोर्नोग्राफी के वॉट्सऐप ग्रुप से जुड़ने के लिए उन चुनिंदा लोगों को लिंक भेजकर आमंत्रित किया जाता था, जो इस सोशल मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर अश्लील सामग्री परोसने वाले दूसरे समूहों से जुड़े होते थे। फिलहाल हमें ऐसे सुराग नहीं मिले हैं कि इस ग्रुप से जोड़े जाने के बदले सदस्यों से कोई शुल्क वसूला जाता था।’ उन्होंने बताया कि पूरे मामले से केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) और संबंधित राज्यों की पुलिस के साइबर दस्तों को भी अवगत कराया जा रहा है ताकि ग्रुप के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया जा सके। सिंह ने बताया कि वॉट्सऐप पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी के कुछ अन्य समूहों के बारे भी सूचना मिली है। इस बारे में जांच जारी है।