ब्रिटेन : समय पूर्व चुनाव की प्रधानमंत्री की मांग संसद में फिर खारिज
Tuesday, 10 September 2019 15:51

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लंदन: ब्रिटिश संसद के निचले सदन (हाउस ऑफ कॉमन्स) ने समय से पहले आम चुनाव कराने की प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की मांग मंगलवार को फिर खारिज कर दी। एक सप्ताह से भी कम समय में दूसरी बार कराए गए मतदान में भी प्रस्ताव के पक्ष में कम वोट पड़े, और यह खारिज हो गया।

समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के अनुसार, जॉनसन को राष्ट्रव्यापी चुनाव कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत की दरकार थी, लेकिन सोमवार रात उनके प्रस्ताव के पक्ष में 434 सांसदों में से 293 ने वोट किया, जिससे प्रस्ताव अधर में लटक गया।

मतदान के बाद संसद को मंगलवार तड़के 2 बजे आधिकारिक रूप से निलंबित कर दिया गया। सत्र 14 अक्टूबर को फिर शुरू होगा।

संसद के निलंबन का मतलब है, सांसदों को जल्द चुनाव के लिए मतदान करने का एक और मौका नहीं मिलेगा। यानी नवंबर में जल्द से जल्द चुनाव कराना संभव नहीं होगा।

विपक्षी सांसदों ने कहा था कि वे जॉनसन के जल्द चुनाव कराने की मांग का समर्थन नहीं करेंगे, क्योंकि 'नो-डील ब्रेक्सिट' को रोकने यानी बिना किसी समझौते के ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर होने से रोकने वाले कानून को पहले लागू किया जाना चाहिए।

ब्रिटेन के कानून में कहा गया है कि देश 31 अक्टूबर को यूरोपीय संघ (ईयू) छोड़ देगा, भले ही ब्रसेल्स के साथ विद्ड्रॉल-डील पर सहमति हुई हो या नहीं।

लेकिन एक नया कानून, जिसे सोमवार को शाही स्वीकृति दी गई थी, वह इसमें बदलाव करता है और प्रधानमंत्री को 31 जनवरी, 2020 तक देरी करने के लिए मजबूर करेगा, जब तक कि कोई डील या 'नो-ब्रेक्जिट' डील को 19 अक्टूबर तक सांसदों द्वारा मंजूरी नहीं मिल जाती।

जॉनसन ने वोटिंग से पहले संसद में कहा, "अगर माननीय सांसद देरी चाहते हैं तो इसे करने का उचित तरीका सिर्फ यही है कि वे हमारे स्वामी..जनता से हमारे मतदाता जनता से अनुमति लें।"

उन्होंने कहा, "चाहे संसद मेरे हाथ बांधने के लिए कितने ही उपकरण क्यों न ईजाद कर ले, मैं राष्ट्र हित में एक समझौते के प्रयास के लिए जूझता रहूंगा।"

प्रधानमंत्री ने कहा, "यह सरकार ब्रेक्जिट में और देरी नहीं करेगी। हम जनमत संग्रह के जोरदार फैसले को धीरे-धीरे खत्म नहीं होने देंगे।"

--आईएएनएस

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