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गलत बिलिंग के मामले में 12 चीफ इंजीनियर और 2 निदेशकों को नोटिस
Tuesday, 29 September 2020 08:35

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा ने गलत बिलिंग और काम में लापरवाही बरतने पर एक दर्जन चीफ इंजीनियर और दोनों ही डिस्कॉम के निदेशक वाणिज्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सोमवार को ऊर्जा मंत्री मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधीन अयोध्या, देवीपाटन, लखनऊ, लेसा सिस, लेसा ट्रांस तथा बरेली और पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के अधीन बुलंदशहर, गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, मुरादाबाद और सहारनपुर जोन के चीफ इंजीनियर्स के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आपूर्ति व लाइन हानियां कम करने के अभियान की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने गलत बिलिंग और कार्यों में लापरवाही बरतने पर अयोध्या, बरेली, गोंडा, लेसा सिस, लेसा ट्रांस, लखनऊ जोन, मेरठ, मुरादाबाद, बुलंदशहर, गाजियाबाद, नोएडा और सहारनपुर के चीफ इंजीनयर और दोनों ही डिस्कॉम के निदेशक वाणिज्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह में आख्या तलब की है। उन्होंने 30 दिन के भीतर मध्यांचल के 1232 व पश्चिमांचल के सभी चिह्न्ति 1010 हाई लॉस उपकेंद्रो को 15 प्रतिशत से नीचे ले आने के निर्देश भी दिए। कहा कि, ऐसा करके ही हम 24 घंटे की निर्बाध आपूर्ति के संकल्प को पूरा कर पाएंगे।

समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि, "कई जनपदों में टेबल बिलिंग, गलत बिलिंग व एक्सेप्संश का निराकरण न हो पाने की शिकायतें मिल रही हैं। यह ऊर्जा विभाग की उपभोक्ता हितैषी छवि को नुकसान पहुंचा रहा है। इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। जहां भी शिकायत आ रही है, वहां एमडी विशेष टीम भेजकर परीक्षण करायें। जहां भी गड़बड़ी है वहां बिलिंग करने वाली एजेंसी के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई के साथ ही एफआईआर भी दर्ज करायें। उपभोक्ता की गलत बिलिंग की शिकायतों पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही भी एमडी अपने स्तर से सुनिश्चित करें। "

मंत्री ने लाइन लॉस कम करने के अभियान के संबंध में निर्देशित किया कि जो भी उपकेंद्र 15 प्रतिशत से ऊपर की हानि पर हैं, उन्हे हर हाल में इस सीमा के नीचे ले आना होगा। चिह्न्ति उपकेंद्रों को 30 दिन के भीतर इस अवधि में ले आना है। सभी जनपदों में हर उपकेंद्र की फीडरवार समीक्षा कर तय लक्ष्य को जरूर हासिल करें।

उन्होंने दीपावली से पहले सभी वितरण ट्रांसफार्मरों की लोड बैलेंसिंग कराने के भी निर्देश दिये हैं। जिससे निर्बाध आपूर्ति में कोई कठिनाई न आये।

--आईएएनएस

विकेटी/एएनएम