Print this page

उप्र में डीएम से सीधे 'हक की बात' करेंगे महिलाएं व बच्चे
Tuesday, 24 November 2020 16:48

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति अभियान के तहत बुधवार को महिलाएं और बच्चे अपनेजनपद के जिलाधिकारी से सीधे तौर पर 'हक की बात' करेंगे। इसके लिए हर जिले में दो घंटे के पारस्परिक संवाद का आयोजन किया जाएगा। संवाद में महिलाएं और बच्चे स्थानीय समस्याओं के साथ ही यौन शोषण, घरेलू हिंसा, दहेज, आर्थिक समस्याओं, शिक्षा तक पहुंच की उपलब्धता की समस्या आदि पर जिलाधिकारी से बात करेंगी और सुझाव देंगी।

जिलाधिकारी द्वारा मौके पर ही निवारण के लिए संबधित विभागों या अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए जाएंगे। इसके लिए हर जिले के प्रोबेशन अधिकारी को पहले ही अपने जिले के जिलाधिकारी से तालमेल कर समय निर्धारित करने को निर्देशित किया जा चुका है।

निदेशक महिला कल्याण व मिशन शक्ति के नोडल अधिकारी मनोज कुमार राय ने बताया कि जिलाधिकारी से सीधे हक की बात करने के लिए जिलों में वेबिनार, डेडिकेटेड फोन लाइन, वीडियो कांफ्रें सिंग आदि माध्यमों का प्रयोग किया जाएगा। इस आयोजन से महिलाओं को जहां अपनी समस्याएं उचित फोरम पर उठाने का मौका मिलेगा, वहीं अपनी बात को उठाने में आड़े आने वाली हिचक भी दूर होगी।

महिलाएं तथा बच्चे या उनकी ओर से कोई भी घरेलू हिंसा, दहेज शोषण, शारीरिक और मानसिक शोषण, लैंगिक असमानता, बाल विवाह, बालश्रम, भिक्षावृत्ति, यौनिक हिंसा व छेड़छाड़ आदि मुद्दों पर बात करने के साथ ही इससे निपटने का सुझाव भी जिलाधिकारी के सामने रख सकते हैं। इसके अलावा पोषण और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों तथा अगर किसी महिला या बच्चे की किसी प्रकरण में कहीं सुनवाई नही हो रही है तो भी आने जिलाधिकारी से सीधे बात कर सकते हैं।

ज्ञात हो कि प्रदेश में महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के लिए चलाये जा रहे 'मिशन शक्ति' को हर माह अलग थीम पर मनाने का निर्णय लिया गया है। इस माह की थीम- 'मानसिक स्वास्थ्य तथा मनोसामाजिक मुद्दों से सुरक्षा और सपोर्ट' तय की गई है। महिला कल्याण विभाग द्वारा मिशन शक्ति के तहत बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के साथ संयुक्त कार्ययोजना बनाकर इसे चलाया जा रहा है। इससे पहले अभियान के तहत किशोर-किशोरियां स्थानीय अधिकारियों से 'शक्ति संवाद' के तहत अपनी बात रख चुके हैं।

--आईएएनएस

वीकेटी/एसजीके