चपंत राय के बयान पर संतों ने जताया विरोध
Tuesday, 15 September 2020 08:06

  • Print
  • Email

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के विवादास्पद बयान को लेकर अयोध्या के संतों ने प्रतिक्रिया दी है। निर्वाणी अखाड़ा के महंत धर्मदास व हनुमानगढ़ी के संत राजूदास ने जहां चंपत राय के बयान का कड़ा विरोध किया है।

ज्ञात हो कि अयोध्या के संतों ने अभिनेत्री कंगना रनौत व पालघर में साधुओं की हत्या के मामले में उद्धव ठाकरे को निशाने पर लेते हुए उनके अयोध्या आगमन पर विरोध करने की बात कही थी। इस पर राममंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा था कि "किसकी मां ने दूध पिलाया है जो शिवसेना प्रमुख उद्घव ठाकरे को अयोध्या आने से रोक पाए।" उनके इस बयान पर अब विवाद बढ़ता नजर आ रहा है और इसके विरोध में हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास खुलकर के सामने आए हैं।

निर्वाणी अनी अखाड़ा के महंत धर्मदास ने चंपत राय के बयान पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि "चपंत राय ने गलत भाषा का प्रयोग किया है। इन्होंने अयोध्या के लोगों को अपमान किया है। राय फर्जी महासचिव बने हैं। इन्हें तत्काल हटाया जाना चाहिए।"

हनुमानगढ़ी के संत राजूदास का कहना है कि वह बाला साहब ठाकरे का कोई विरोध नहीं करते हैं, लेकिन उद्घव ठाकरे ने सनातन धर्म संस्कृति को दबाने का प्रयास किया है। ऐसे में हमने कहा है कि "यदि उद्धव ठाकरे अयोध्या आते हैं तो उन्हें नगर में घुसने नहीं देंगे।"

महंत राजू दास ने चंपत राय को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे जिस तरीके का बयान दे रहे हैं, वह ईस्ट इंडिया कंपनी की भाषा है। इसको कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साधु-संतों के विरोध पर जिस तरीके का बयान चंपत राय ने दिया है, यह साधु-संतों का अपमान है।

महंत ने कहा कि अयोध्या ने चंपत राय को छत दी, मगर उन्होंने बिगड़ी भाषा बोलकर अयोध्या को गाली दी है। ऐसे लोगों को अयोध्या में रहने का कोई अधिकार नहीं है, वे कोई साधु-संत नहीं हैं। राजूदास ने कहा कि महाराष्ट्र में संतों की हत्या पर चंपत राय चुप्पी साधे रहे। अब इस तरह के बिगड़े बोल, बोल रहे हैं, उनके बयान का कड़ा विरोध है।

उन्होंने कहा, "उद्धव ठाकरे का क्रिया-कलाप सनातन संस्कृति के विपरीत है। इस नाते हम उनका विरोध कर रहे हैं। इस पर चंपत राय का बयान बेहद ही निंदनीय है।"

ज्ञात हो कि बॉलीवुड फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत की महाराष्ट्र सरकार से चल रही तकरार में भले ही अखाड़ा परिषद के साथ तमाम संत कंगना के पक्ष में हों, लेकिन अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव तथा विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय तो खुलकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पक्ष में हैं। राय ने अयोध्या के संतों द्वारा उद्धव का विरोध किए जाने को गलत बताया है। उन्होंने यहां तक कह डाला कि "किसमें है इतना दम जो उद्धव को अयोध्या आने से रोक सके।"

--आईएएनएस

वीकेटी/एसजीके

Leave a comment

Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.