उप्र : उन्नाव पीड़िता की मौत बाद सियासत गरम, अखिलेश धरने पर
Saturday, 07 December 2019 16:23

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लखनऊ: उन्नाव में दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। मामले में योगी सरकार ने आरोपियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में जल्द से जल्द सजा दिलाने की बात कही है, तो दूसरी ओर इस मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी(सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव विधानसभा के सामने धरने पर बैठे गए हैं। इस बीच, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अपने सारे कार्यक्रम रद्द कर उन्नाव की ओर अपना रुख किया है।

अखिलेश यादव के साथ प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल और राजेन्द्र चौधरी भी धरने पर हैं।

इस दौरान अखिलेश ने मीडिया से कहा, "उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री, गृह सचिव, डीजीपी के हटे बिना बेटियां सुरक्षित नहीं हो सकतीं।"

उन्होंने कहा, "हैदराबाद की घटना के बाद से गुस्से में था। इसके बाद उन्नाव की घटना। उन्नाव में जो हुआ, वह भाजपा के शासन में यह पहली घटना नहीं है। वह बेटी बहुत बहादुर थी और उसकी आखिरी शब्द थे कि वह जिंदा रहना चाहती है। आज हमारे लिए काला दिवस है। एक बेटी को यूपी में न्याय पाने के लिए आत्मदाह करना पड़ा।"

उन्होंने कहा, "याद कीजिए उन्नाव की एक बेटी ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर आकर खुद की जान देने की कोशिश की थी। बाराबंकी की बेटी ने आत्मदाह कर लिया, उसकी जान नहीं बची।"

अखिलेश यादव ने कहा कि उन्नाव की बेटी की जान नहीं बचाई जा सकी। इस केस में जो आरोपी हैं, वे भाजपा से जुड़े हुए हैं।

गौरतलब है कि गुरुवार को जिंदा जलाए जाने के बाद दुष्कर्म पीड़िता को गंभीर हालत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था। वह 90 प्रतिशत तक जल चुकी थी।

अस्पताल के बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ़ शलभ कुमार ने बताया, "हमारे पूरे प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। शाम में उसकी हालत खराब होने लगी। रात 11 बजकर 10 मिनट पर उसे दिल का दौरा पड़ा। हमने बचाने की कोशिश की, लेकिन रात 11 बजकर 40 मिनट पर उसकी मौत हो गई।"

अस्पताल सूत्रों ने बताया कि पीड़िता के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के फोरेंसिक विभाग को सौंप दिया गया है। इसके बाद उसका शव उसके परिवार को सौंप दिया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस को सौंपी जाएगी।

--आईएएनएस

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