EU का फरमान, 1 घंटे में हटाएं आतंकी सामग्री, वरना फेसबुक व ट्विटर को भरना पड़ेगा जुर्माना

यूरोपीय संघ ने बुधवार को एक ऐसे कदम का प्रस्ताव रखा जिसके तहत अधिकारियों से आदेश मिलने के एक घंटे के भीतर सोशल नेटवर्क और वेबसाइटों को आतंकवादी प्रचार सामग्री को हटाना होगा। ऐसा नहीं करने पर फेसबुक और ट्विटर जैसी कंपनियों को भारी जुर्माना का सामना करना पड़ सकता है।  यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष ज्यां-क्लाउड जंकर द्वारा प्रस्तावित कानून सख्त नजरिया अपनाए जाने का प्रतीक है क्योंकि ब्रसेल्स ने ऐसी सामग्रियों को स्वेच्छा से हटाने के लिये इंटरनेट फर्मों पर भरोसा किया था। इंटरनेट चरमपंथियों के लिये हमले को अंजाम देने का एक प्रमुख साधन बन गया है और हाल के वर्षों में यूरोपीय शहरों में ऐसे हमलों में सैकड़ों लोग मारे गए हैं।

जंकर ने यूरोपीय संसद में अपने भाषण में कहा, “यूरोपीय लोग अपने यूनियन से उन्हें सुरक्षित रखने के बारे में सही अपेक्षा रखते हैं।’’ उन्होंने कहा, “यही कारण है कि आयोग आज एक घंटे के भीतर वेब से आतंकवादी सामग्री हटाने के लिए नए नियम प्रस्तावित कर रहा है।’’ ईयू की कार्यकारी शाखा ने कहा कि अकेले जनवरी में इस्लामिक स्टेट समूह ने लगभग 7,000 नयी प्रचार सामग्री आॅनलाइन प्रसारित की,जबकि उसे इराक और सीरिया में अपने ज्यादातर गढ़ों से खदेड़ दिया गया है।

आयोग के प्रस्ताव में राष्ट्रीय प्राधिकारियों के ऐसा करने का आदेश देने के बाद फर्मों के लिये आतंकवादी सामग्री को हटाने के लिए “कानूनी रूप से बाध्यकारी एक घंटे की समयसीमा” होगी इसके तहत सामग्री को परिभाषित किया गया है जो आतंकवादी अपराधों को अंजाम देने के लिये उकसाता है या उसकी वकालत करता है, आतंकवादी समूह की गतिविधियों को बढ़ावा देता है या हमलों के लिए निर्देश प्रदान करता है। हालांकि, इसमें सामग्री प्रदाता के आदेश से असहमत होने पर न्यायिक समाधान की व्यवस्था का भी प्रावधान है।

आयोग ने कहा, “आॅनलाइन आतंकवादी सामग्री को हटाने के आदेशों का पालन नहीं करने पर सदस्य देशों को प्रभावी, आनुपातिक और प्रतिरोधक दंड की व्यवस्था करनी होगी।’’ आयोग ने कहा, “आदेश के बाद भी ऐसी सामग्री को हटाने में लगातार विफलताओं की स्थिति में किसी सेवा प्रदाता को पिछले कारोबारी वर्ष के लिए अपने वैश्विक कारोबार के चार प्रतिशत तक वित्तीय दंड का सामना करना पड़ सकता है।