गूगल के सर्वरों पर अब एप्पल का आईक्लाउड डेटा

एप्पल ने पहली बार यह स्वीकार किया है कि वह अपनी प्रतिद्वंद्वी गूगल के पब्लिक क्लाउड पर अपनी आईक्लाउड सेवाओं का डेटा रखती है। कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर नवीनतम आईओएस सिक्युरिटी दस्तावेजों में यह खुलासा किया है। सीएनबीसी की सोमवार देर रात की रिपोर्ट में कहा गया, "यह खुलासा इस बात का ताजा सबूत है कि गूगल की क्लाउड सेवाओं का प्रयोग बढ़ रहा है और कंपनी क्लाउड अवसंरचना कारोबार में अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट के बराबर पहुंच रही है।"

हालांकि 2016 में ऐसी खबरें सामने आई थीं की एप्पल अपने आंकड़ों को गूगल के आईक्लाउड पर रखने जा रहा है, लेकिन कंपनी ने कभी इसकी पुष्टि नहीं की थी। 

रिपोर्ट में कहा गया, "कई साल से एप्पल के दस्तावेजों में कहा जा रहा था कि आईक्लाउड सेवाएं रिमोट डेटा स्टोरेज पर आधारित है, जो अमेजन की वेब सेवाओं तथा माइक्रोसॉफ्ट के अजूरे पर चलती है।"

एप्पल ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में कहा कि वह दूसरी कंपनियों के सर्वर पर अपने आंकड़ों को यूजर्स को हैकिंग से बचाने के लिए रखती है। कंपनी ने बताया कि वह गूगल के क्लाउड पर यूजर्स के आईक्लाउड के आंकड़ों को रखती है, जिसमें फोटो, वीडियो और डेटा बैकअप शामिल है। 

हालांकि एप्पल ने ऐसा कोई और संकेत नहीं दिया है कि वह डेटा के अलावा किसी और कंप्यूटिंग कार्य के लिए गूगल पर निर्भर है।