डेटा लीक होने जैसी घटनाओं से बचाव कर सकती हैं कई ऐप
Friday, 08 November 2019 10:41

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नई दिल्ली: हाल ही में भारत से लेकर विश्वस्तर पर डेटा लीक होने की खबरों ने खूब सुर्खियां बटोरी हैं। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व एप्लिकेशन के माध्यम से डेटा लीक होने जैसी घटनाएं अब आम हो गई हैं, जिसके कारण गोपनीयता कायम रखना बड़ी चुनौती बन चुकी है। शोधकर्ताओं के अनुसार अगर कोई चुपके से अपना डेटा इकट्ठा कर रहा है, तो उसका पता लगाने के तरीके भी हैं।

साइबर सिक्योरिटी फर्म कसपर्सकी ने एक ब्लॉग में बताया, "अधिकांश ऐप उपयोगकर्ता के बारे में कुछ जानकारी एकत्र करते हैं। कभी-कभी उन्हें संचालित करने के लिए वास्तव में ऐसे डेटा की आवश्यकता होती है। उदाहरण के लिए एक नेविगेशन ऐप को उपयोगकर्ता के लिए सुविधाजनक रास्ता दिखाने के लिए आपकी स्थिति से संबंधित जानकारी की आवश्यकता होती है।"

डेवलपर्स अक्सर उपयोगकर्ताओं के बारे में जानकारी का उपयोग पूर्व सहमति से उनकी सेवा में सुधार करने के लिए करते हैं। उदाहरण के लिए वे अपने ऐप में अड़चनों को खोजने के लिए बेनामी आंकड़े एकत्र कर सकते हैं और यह पता लगा सकते हैं कि किस तरीके से इसे विकसित करने की आवश्यकता है।

लेकिन कुछ डेवलपर्स उपयोगकर्ताओं को उनके ऐप की जरूरत से अलग जानकारी भी चुपके से इकट्ठा करके उनके डेटा को किसी तीसरे पक्ष को बेच देते हैं।

ऐप इस्तेमाल करने वाले लोग हालांकि इस तरीके से डेटा चुराने की घटनाओं को सामने ला सकते हैं।

ऐपसेन्सस सर्विस उपयोगकर्ताओं को यह पता लगाने में मदद करती है कि व्यक्तिगत डेटा ऐप क्या एकत्र कर रहे हैं और वे इसे कहां भेजते हैं। यह गतिशील विश्लेषण पद्धति पर निर्भर करता है। एप्लिकेशन को एक वास्तविक मोबाइल डिवाइस पर स्थापित किया गया है, जिसमें सभी आवश्यक अनुमतियों को दिया गया है। इसे एक निश्चित अवधि के लिए सक्रिय रूप से उपयोग किया जाता है। हर समय सर्विस ऐप पर नजर रखती है कि वह कौन सा डेटा किसे भेजता है और कौन सा डेटा एन्क्रिप्ट किया गया है।

इसके अलावा एक्सोडस प्राइवेसी भी एक अन्य सर्विस है जो आपको यह जानने में मदद कर सकती है कि ऐप आपके बारे में क्या डेटा एकत्र करता है।

डेवलपर्स अक्सर अपने ऐप्स को विज्ञापन नेटवर्क द्वारा प्रदान किए गए ट्रैकर्स से लैस रखते हैं। यह व्यक्तिगत विज्ञापन देने के उद्देश्य से आपके बारे में जितना संभव हो उतना पता लगाने के लिए बनाया जाता है। वर्तमान में एक्सोडस प्राइवेसी ऐसे 200 से अधिक ट्रैकर्स को पहचानती है।

दोनों सेवाओं का उपयोग करना आसान है। यह ऐप इनके नाम से सर्च कर आसानी से प्राप्त की जा सकती है।

--आईएएनएस

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