बवाली वीडियो निकला दुरुस्त, नोएडा के एसएसपी वैभव निलंबित
Friday, 10 January 2020 09:36

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गौतमबुद्ध नगर: एक अनजान महिला के साथ वाले अपने जिस वायरल वीडियो को गौतमबुद्ध नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक फर्जी और मॉफ्र्ड (संपादित) बता रहे थे, वह बिल्कुल दुरुस्त निकला है। लिहाजा, योगी के हुक्मरानों ने इस मामले में फंसे गौतमबुद्ध नगर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

वैभव 2010 यूपी कैडर के आईपीएस हैं। इस निलंबन के साथ ही 10 साल की आईपीएस की नौकरी में यूपी में दो बार निलंबन होने वाले वैभव कृष्ण पहले एसएसपी बन गए हैं।

यह भी उल्लेखनीय है कि मामला सिर्फ अब वैभव कृष्ण के निलंबन पर ही जाकर नहीं रुकेगा। उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशालय सूत्रों के मुताबिक, इस जांच की आंच दूर तक जा रही है। वैभव ने एक जनवरी को प्रेस कांफ्रेंस करके जिन भ्रष्ट आईपीएस अफसरों पर आरोप लगाए थे, योगी की हूकुमत ने उनसे भी निपटने की तैयारी कर ली है। कहा तो यह जा रहा है कि इन 12-13 वरिष्ठ अफसरों को यूपी सरकार कभी भी लाइन में लगा सकती है।

फिलहाल, राष्ट्रीय राजमार्ग पर आधी रात को हुए सामूहिक दुष्कर्म कांड में कुछ साल पहले अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्व काल में बुलंदशहर के एसएसपी रहते हुए निलंबित होने वाले वैभव का यह दूसरी बार निलंबन है। यूपी पुलिस में 10 साल की सेवा में किसी आईपीएस का दो बार निलंबन का यह दूसरा मामला माना जा रहा है।

वैभव कृष्ण के निलंबन से राज्य की हूकुमत में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कहा जा रहा है कि भ्रष्टाचार के तमाम आरोपों में संदिग्ध भूमिका वाले 12-13 अन्य वरिष्ठ अफसरों से भी उनकी कुर्सियां छीन ली गई हैं! गुरुवार को इस मामले में बात करने के लिए आईएएनएस ने राज्य के अवर गृह सचिव अवनीश अवस्थी तथा पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह से बात करने की कोशिश की। मामले की जांच चूंकि सीधे-सीधे राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देख रहे हैं, शायद इसलिए भी कोई हुक्मरान मुंह खोलने को राजी न हो।

सूत्र बताते हैं कि वैभव कृष्ण अपने जिस आपत्तिजनक वीडियो को संपादित बता रहे थे, उसकी जांच योगी सरकार ने गुजरात की प्रयोगशाला से कराई। जांच में वीडियो सही निकला। मतलब वह संपादित नहीं था और न ही किसी तकनीकी जुगाड़ से बनाया हुआ। वैभव के निलंबन की यही प्रमुख वजह मानी जा रही है।

आईएएनएस ने इस बाबत वैभव कृष्ण से बात करने की कोशिश की, मगर बात नहीं हो सकी। कुछ सूत्रों का यह भी कहना है कि वैभव कृष्ण के निलंबन की वजह वायरल वीडियो न होकर, मीडिया के सामने उन्होंने जो सरकारी जांच रिपोर्ट 1 जनवरी, 2020 की रात उजागर कर दी थी, वही प्रमुख वजह है।

--आईएएनएस

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