उप्र : निवेशक सम्मेलन में फोटो पहचान-पत्र बगैर प्रवेश नहीं, अबतक 900 एमओयू

 यहां 21-22 फरवरी को होने जा रहे उप्र इनवेस्टर्स समिट में अबतक राज्य सरकार और निवेशकों के बीच 900 एमयोयू पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। उप्र औद्योगिक विकास आयुक्त अनूप चंद्र पांडेय ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से किसी को भी फोटो पहचान-पत्र के बगैर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, और इसमें सांसद और विधायक भी शामिल होंगे। पांडेय ने यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित होने जा रहे दो दिवसीय निवेशक सम्मेलन को लेकर सरकारी तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया है। 

उन्होंने बताया कि सम्मेलन में दो दिनों के भीतर कई सत्र आयोजित किए जाएंगे। अलग-अलग सत्रों में केंद्र सरकार और राज्य सरकार के संबंधित विभागों के मंत्री शामिल रहेंगे। सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे और समापन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे। 

पांडेय ने बताया कि प्रधानमंत्री के अलावा इस सम्मेलन में रेल राज्य मंत्री एवं दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, स्मृति ईरानी, हरशिमरत कौर, सुरेश प्रभु, केंद्रीय उड्डयन मंत्री और केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली सहित कई अन्य मंत्री मौजूद रहेंगे। 

पांडेय के मुताबिक, सम्मेलन में बाहर से आने वालों के लिए पार्किंग सुविधा का खासतौर पर ख्याल रखा गया है। कार्यक्रम स्थल से लगभग 500 मीटर दूर स्थित रेलवे की पार्किंग में 3000 गाडियों की पार्किंग की व्यवस्था कराई गई है। इसके अतिरिक्त पंजाब नेशनल बैंक की पार्किंग में भी व्यवस्था की गई है। 

पांडेय ने कहा कि सांसदों और विधायकों को भी फोटो पहचान-पत्र लाना अनिवार्य होगा। बिना इसके कोई भी व्यक्ति परिसर में प्रवेश नहीं कर पाएगा।

औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने इस मौके पर कहा कि सरकार बनने के बाद नवम्बर में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि वह उप्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों का प्रदेश बनाना चाहते हैं। इसीलिए उप्र में यह सम्मेलन बहुत आवश्यक है।

महाना ने कहा कि इसके लिए कई जगहों पर रोड शो का आयोजन किया गया। इसके बाद भी कई राज्य का दौरा कर निवेशकों की चिंताओं को दूर करने का प्रयास किया गया।

महाना ने एक सवाल के जवाब में कहा, "मैं पिछले 27 वर्षो से विधानसभा में चुनकर आ रहा हूं, लेकिन मैंने ऐसा सम्मेलन नहीं देखा है। सम्मेलन के बाद भी हम चैन से बैठने वाले नही हैं। असली काम तो इसके बाद शुरू होगा।"