हेमाद्रि संकल्प के साथ प्रांरभ हुआ श्रावणी पर्व
Monday, 11 August 2014 07:34

  • Print
  • Email

हरिद्वार: अखिल विश्व गायत्री परिवार के लाखों लोगों ने अपने आराध्य गुरुसत्ता पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के सपनों को साकार करने के उद्देश्य से श्रावणी पर्व पर रक्षा सूत्र धारण किए। शांतिकुंज अधिष्ठात्री शैल दीदी ने देश-विदेश से आए एवं आश्रमवासी भाइयों की कलाई में रक्षा-सूत्र बांधा तथा सभी को पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर शैल दीदी ने कहा कि राखी बांधते समय बहन के भाव होते हैं कि कष्ट-कठिनाई में भाई के द्वारा रक्षा होती रहे, जिसे हर भाई स्वीकार करता है।

उन्होंने कहा कि रक्षासूत्र मात्र कच्चा धागा होता है लेकिन इसमें जब श्रद्धा-भावना की शक्ति का समावेश हो जाता है, तो यह सामान्य धागा नहीं रहता। यह इतना मजबूत हो जाता है जिसे तोड़ना नामुमकिन हो जाता है।

देवसंस्कृति विवि के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि क्रोध के सागर को प्रेम के आंसुओं में बदलने की हैसियत कच्चे धागे की रही है। राखी ने अनगिनत शत्रुओं को मित्र बनाकर परस्पर सुख-दु:ख झेलने को विवश किया।

देसंविवि, शांतिकुंज व देश के कोने-कोने से आई बहनों ने डॉ. पण्ड्या को राखी बांधी तथा उनके नेतृत्व में चलाए जा रहे विभिन्न समाजोत्थान के कार्यो में कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलने का संकल्प व्यक्त किया।

इससे पूर्व ब्रह्ममुहूर्त में हेमाद्रि संकल्प सम्पन्न हुआ। पर्व का महžव एवं प्रेरणा के विषय पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम संचालकों ने कहा कि यह सृष्टि नियंता के संकल्प से उपजी है। हर व्यक्ति अपने लिए एक नई सृष्टि रचता है। उधर शांतिकुंज से जुड़े देश भर में वृक्ष गंगा अभियान के अंतर्गत छायादार व फलदार पौधे रोपे गए।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Leave a comment

Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

Don't Miss