'किंगमेकर' मायावती शुगर मिल मामले में जांच के घेरे में
Sunday, 19 May 2019 09:12

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नई दिल्ली: ऐसे वक्त में जब भाजपा विरोधी मोर्चे की संभावना तलाशने के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के प्रतिनिधि चंद्रबाबू नायडू ने बसपा प्रमुख मायावती और सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की है, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कई करोड़ रुपये के शुगर मिल घोटाले में बसपा नेताओं की संलिप्तता की जांच में जुटी है।

सीबीआई की भ्रष्टाचार रोधी यूनिट की लखनऊ शाखा सरकारी चीनी मिल को औने-पौने दाम में निजी कंपनी को बेचने के मामले में जांच कर रही है। मायावती के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान इस शुगर मिल को बेचा गया था।

सूत्रों ने आईएएनएस से कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में दस्तावेजी सबूत जुटाए हैं और जल्द ही मायावती सरकार (2007-12) में शामिल रहे प्रमुख लोगों से पूछताछ की जा सकती है।

उत्तर प्रदेश सरकार में सचिव भगवान स्वरूप ने सीबीआई को चार अप्रैल को पत्र लिखकर शुगर मिल मामले की जांच तत्काल शुरू करने की बात कही है। राज्य सरकार ने 21 सरकारी शुगर मिल की बिक्री मामले की जांच की संस्तुति कर दी है। सीबीआई ने नौ अप्रैल को दस्तावेजों की जांच और इस मामले में 25 अप्रैल को त्वरित जांच के लिए मामला दर्ज किया है।

चुनाव के इस मौसम में त्रिशंकु लोकसभा की स्थिति बनी तो मायावती को एक किंगमेकर के तौर पर देखा जा रहा है। लेकिन अब सीबीआई के इस मामले में जांच आगे बढ़ाने से मायावती सहित बसपा के प्रमुख नेताओं पर जांच की तलवार गिर सकती है।

सूत्रों का कहना है कि इस घोटाले की सीबीआई जांच दो भागों में बंटी होगी। एक में निजी कंपनी द्वारा गलत दस्तावेज पेश कर कम दाम में शुगर मिल खरीदने पर केंद्रित होगी, वहीं दूसरे हिस्से में यूपी स्टेट शुगर कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा 21 शुगर मिल की बिक्री प्रक्रिया में आपराधिक नीयत पर जांच होगी। दूसरे भाग की जांच से मायावती और उनके सहयोगियों सतीश चंद्र मिश्रा पर असर हो सकता है। मिश्रा मायावती सरकार में अहम भूमिका निभाते रहे हैं।

बसपा हालांकि इस मामले में अपने पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर इन शुगर मिलों को बेचने का आरोप लगाती रही है। नसीमुद्दीन को मायावती ने 2017 में पार्टी विरोधी गतिविधियों में बर्खास्त कर दिया था।

--आईएएनएस

 

 

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