डासना जेल में बंद राजेश और नूपुर तलवार बरी होने की खबर सुन रोने लगे, बोले- आज न्याय मिला
Thursday, 12 October 2017 16:37

  • Print
  • Email

गाजियाबाद: देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री आरुषि हत्याकांड में फैसला आ गया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने  तलवार दंपती को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है. डासना जेल में बंद तलवार दंपति को लंबे समय से इस घड़ी का इंतजार था. सूत्रों के मुताबिक- दोनों ने रात से खाना भी नहीं खाया और नाश्ता भी नहीं किया. दोनों ने जेलर से कहा था कि उन्हें इस फैसले की जानकारी मिलती रहे. जैसे ही फैसले की सूचना दोनों को मिली तो राजेश ने दूसरे कैदी को गले लगा लिया  और भावुक होकर रोने लगे. उधर- नूपुर तलवार ने भावुक होकर कहा कि उन्हें आज न्याय मिला है.


फैसले के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि तलवार दंपती को संदेह का लाभ दिया जाना चाहिए. उन्होंने अपनी बेटी को नहीं मारा. निचली अदालत का फैसला हालात से उपजे सबूतों के आधार पर था. कोर्ट के इस फैसले के बाद राजेश और नूपुर तलवार गाजियाबाद की डासना जेल से रिहा हो जाएंगे. इससे पहले 25 नवंबर 2013 को गाजियाबाद की विशेष सीबीआई कोर्ट ने हालात से जुड़े सबूतों के आधार पर दोनों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी, जिसके खिलाफ जनवरी 2014 में दोनों ने इलाहाबाद हाइकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था.
16 मई 2008 की रात को नोएडा के जलवायु विहार में आरुषि की उसके ही घर में हत्या कर दी गई थी. एक दिन बाद उसके नौकर हेमराज का शव उसी घर की छत से मिला. 5 दिन बाद पुलिस ने ये दावा करते हुए आरुषि के माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया कि राजेश ने आरुषि और हेमराज को आपत्तिजनक हालत में देखने के बाद दोनों की हत्या कर दी. फिलहाल गाजियाबाद की डासना जेल में तलवार दंपती सजा काट रहे हैं. यह मामला उस वक्त खूब सुर्खियों में छाया रहा था. जिसके बाद उत्तर प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने इस हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपी थी. तभी से यह मामला कोर्ट में चल रहा है.

Leave a comment

Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.