ताजमहल सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म की
Wednesday, 14 August 2019 22:18

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आगरा: ताजमहल में बदबू वाले शौचालयों के बारे में पर्यटकों की शिकायतों के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकारियों ने बुधवार को हड़ताली सफाई कर्मचारियों को काम पर लौटने के लिए राजी कर लिया। मंगलवार को बारिश के बाद ताजमहल चमकदार सफेद दिख रहा था और हरे भरे घास के आवरण से लॉन सुंदर दिख रहा था। पर्यटकों ने स्वच्छता के स्तर पर संतोष व्यक्त किया।

भारत विकास समूह (बीवीजी) द्वारा काम पर रखे गए लगभग 30 सफाई कर्मचारी मंगलवार को अपने वेतन के भुगतान की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए थे।

कुछ ही घंटों में पूरा इलाका बदबू से भर गया और आने-जाने वालों में बेचैनी बढ़ने लगी और लोगों ने शिकायत करनी शुरू कर दी।

एएसआई ने फिर शौचालयों की सफाई और गंदगी को साफ करने के लिए अपने कर्मचारी तैनात किए। बीवीजी को आगरा में मुगल स्मारकों में सार्वजनिक शौचालयों की सफाई और रखरखाव के लिए एएसआई द्वारा अनुबंधित किया गया है।

बीवीजी के हड़ताली कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें पिछले छह महीनों से उनके वेतन का भुगतान नहीं किया गया है और बार-बार याद दिलाने के बाद भी, एएसआई द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया।

एएसआई के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने नई दिल्ली में मुख्यालय को सूचित किया है और 'जल्द ही इस बारे में कदम उठाए जाने की संभावना है।'

हड़ताली श्रमिकों ने एएसआई के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए और अधिकारियों पर लंबे समय तक उनके मामले को खींचने का और उनकी दुर्दशा के लिए कोई संवेदनशीलता नहीं दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक कर्मचारी की पत्नी की अस्पताल में मृत्यु हो गई थी क्योंकि उसके इलाज के लिए पैसे नहीं थे।

ताजमहल के एक पर्यटक गाइड वेद गौतम ने कहा, "एएसआई को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी या सुनिश्चित करना चाहिए था कि कर्मचारियों को भुगतान किया जाए। वे इस समस्या को कैसे हल्के में ले सकते हैं।"

इस बीच, हिंसक वारदात को अंजाम दिए जाने जैसी खुफिया सूचनाओं के बाद स्वतंत्रता दिवस से पहले शहर और स्मारकों की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। जिलाधिकारी एन.जी. रवि कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने उस सेंट्रल जेल का निरीक्षण किया जहां कश्मीरी कैदियों को शिफ्ट किया गया है।

--आईएएनएस

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