गेस्टहाउस कांड केस वापस लेने का अखिलेश ने मायावती का आभार जताया
Friday, 08 November 2019 16:25

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लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती द्वारा गेस्ट हाउस कांड में मुलायम सिंह यादव पर दर्ज किए गए केस को वापस लेने पर उनका आभार जताया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला स्वागत योग्य है। ज्ञात हो कि सपा-बसपा गठबंधन के बाद अखिलेश यादव ने बसपा मुखिया से गेस्ट हाउस कांड में मुलायम सिंह के खिलाफ दर्ज कराया गया मुकदमा वापस लेने का आग्रह किया था।

अखिलेश यादव ने शुक्रवार को नोटबंदी के तीन साल पूरे होने पर सपा कार्यालय में नोटबंदी के दौरान पैदा हुए बच्चे खजांची का केक काटकर जन्मदिन मनाया और उसे शुभकामनाएं दी। खजांची का जन्म नोटबंदी के दौरान बैंक में लगी लाइन के बीच हुआ था। इस दौरान अखिलेश ने मोदी सरकार पर जमकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से न तो आतंकवाद रुका न भ्रष्टाचार, अलबत्ता अर्थव्यवस्था चौपट है।

अखिलेश ने कहा, "नोटबंदी से व्यापार बर्बाद हो गए हैं। युवाओं की नौकरियां चली गई हैं। कहा तो गया था कि आतंकवाद और नक्सलवाद खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। लेकिन सरकार लगातार लोगों का ध्यान बंटाने का काम कर रही है।"

उन्होंने कहा, "लोगों के दुख और तकलीफें देखकर हम कह सकते हैं कि लोग इस सरकार से छुटकारा पाना चाहते हैं और उप्र में 2022 में सपा की सरकार बनेगी। लोग परेशान हैं, उनके पास काम नहीं है और जानवर किसानों की फसलें बर्बाद कर रहे हैं।"

सपा मुखिया ने यूपीपीसीएल में हुए पीएफ घोटाले पर कहा, "सरकार को बताना चाहिए कि कर्मचारियों का पैसा कब-कब निवेश किया गया। सरकार बताए कि वह किसको बचाने का प्रयास कर रही है। ऊर्जा मंत्री को हटाया जाना चाहिए, लेकिन वह तो अब तक अपनी कुर्सी पर बैठे हुए हैं।"

पूर्व कैबिनेट मंत्री कमला कान्त गौतम ने शुक्रवार को सपा का दामन थाम लिया। गौतम 36 साल बसपा में रहे। उन्होंने बसपा छोड़कर बहुजन उत्थान पार्टी बनाई थी। इस पार्टी का सपा में विलय कर दिया गया है। कमला कांत ने कहा, "2022 में अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री होंगे।"

इसी तरह कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व विधायक रामजगराम समेत कई बसपा व भाजपा नेताओं ने सपा की सदस्यता ली है।

इस दौरान अखिलेश ने 'नोटबंदी एक मानव निर्मित त्रासदी' पुस्तक का विमोचन भी किया। इस पुस्तक को दीपक कुमार पाण्डेय ने लिखा है।

--आईएएनएस

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