चिन्मयानंद मामले में पीड़िता का आरोप, डीएम परिवार को धमका रहे
Tuesday, 10 September 2019 09:44

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शाहजहांपुर: स्वामी चिन्मयानंद प्रकरण में सोमवार को उस वक्त नया मोड़ आ गया जब, पीड़िता ने शाहजहांपुर के जिलाधिकारी पर ही धमकाने का आरोप जड़ दिया। पीड़ित लड़की ने यह आरोप बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस में लगाया। लड़की ने दो टूक कहा कि उसे यूपी पुलिस पर कतई विश्वास नहीं है, क्योंकि अगर पुलिस ईमानदार है तो फिर दो दिन बाद भी स्वामी के खिलाफ उसके द्वारा दी गई शिकायत पर दुष्कर्म का मामला दर्ज क्यों नहीं किया गया? संदिग्ध हालात में गायब हुई पीड़िता बरामद होने के बाद पहली बार सोमवार को मीडिया के सामने आई। पूरे प्रेस-कांफ्रेंस के दौरान पीड़िता खुद के चेहरे को काले कपड़े से ढके रही। पीड़िता की तल्ख आवाज से साफ झलक रहा था कि व कितने गुस्से में है। उसने कहा, "एसआईटी ने दिल्ली से शाहजहांपुर पहुंचते ही मुझसे 10-11 घंटे तक पूछताछ की, मगर मेरे द्वारा दी गई शिकायत पर पुलिस ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है।"

पीड़िता उस शिकायत का जिक्र कर रही थी, जिसमें उसने स्वामी चिन्मयानंद पर दुष्कर्म के आरोप लगाए हैं, जिसे उसने दिल्ली पुलिस को दिए थे। लड़की ने पत्रकारों से कहा, "स्वामी चिन्मयानंद ने मेरे साथ दुष्कर्म किया। एक साल तक लगातार उसने मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया।"

पीड़ित ने दावा कि "स्वामी के खिलाफ आरोप का मेरे पास सबूत भी है। मेरे हास्टल वाले कमरे को सुरक्षित रखा जाए। वक्त आने पर मैं स्वामी के खिलाफ सभी मजबूत सबूत पुलिस को सौंप दूंगी।"

पीड़िता का सवाल था कि यदि उप्र पुलिस ईमानदार है तो फिर उसे (पीड़िता) स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ बलात्कार की शिकायत दिल्ली में क्यों करनी पड़ी? यदि उप्र पुलिस सहयोग कर रही है तो फिर दो दिन बाद भी एसआईटी ने स्वामी के खिलाफ मेरी शिकायत पर दुष्कर्म का मामला दर्ज क्यों नहीं किया है?

कानून की छात्रा ने कहा, "मेरे परिवार-परिजनों को शाहजहांपुर के जिलाधिकारी धमका रहे हैं। क्योंकि उन्होंने चिन्मयानंद के खिलाफ शिकायत की है।"

लड़की ने कहा कि उसके हॉस्टल का कमरा खोलकर देखा जाए तो जांच एजेंसी को वहां स्वामी के खिलाफ काफी सबूत मिल जाएंगे।

पीड़िता ने प्रेस-कांफ्रेंस में साफ-साफ कहा कि स्वामी चिन्मयानंद ने उसके जैसी और भी सैकड़ों लड़कियों की जिंदगी और इज्जत के साथ खिलवाड़ किया है।

उल्लेखनीय है कि अचानक गायब हुई पीड़िता को उप्र पुलिस ने 30 अगस्त को राजस्थान से बरामद किया था। उस वक्त वह कुछ अन्य हमउम्र लड़कों के साथ थी। बाद में उप्र पुलिस ने जब पीड़िता को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश किया, तो उसने बताया कि वह स्वेच्छा से अपनी जान सुरक्षित रखने के लिए एक परिचित लड़के के साथ शहर छोड़कर चली गई थी।

-- आईएएनएस

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