बांग्लादेश शिविर से भागे त्रिपुरा के 5 उग्रवादियों का समर्पण

अगरतला: बांग्लादेश स्थित अपने गुप्त ठिकाने से भागने के बाद त्रिपुरा राष्ट्रीय मुक्ति मोर्चा (एनएलएफटी) के पांच उग्रवादियों ने त्रिपुरा पुलिस के सामने समर्पण कर दिया। पुलिस प्रवक्ता उत्तम कुमार भौमिक ने शुक्रवार को कहा कि स्वयंभू कारपोरल बिसूराय देबबर्मा(33) के नेतृत्व में छापेमार लड़ाकों ने गुरुवार रात समर्पण कर दिया।

उग्रवादियों ने पुलिस अधीक्षक(विशेष शाखा) के समक्ष समर्पण किया। नाथ ने कहा, "जनजातीय उग्रवादी थांगनांग (दक्षिण बांग्लादेश के चटगांव पहाड़ी इलाके के रंगमाती जिले के तहत) स्थित अपने गुप्त ठिकानों से फरार हुए और सीमा पार कर बुधवार रात भारत में दाखिल हुए।"

उग्रवादियों ने कुछ इलेक्ट्रॉनिक सामान और फंसाने वाले कागजात भी पुलिस को सुपूर्द किए।

इन उग्रवादियों की उम्र 27 से 33 साल के बीच है और उन्होंने पुलिस से कहा कि निराशा और दयनीय स्थिति के कारण वे बांग्लादेश स्थित एनएलएफटी के शिविर से फरार हुए थे।

उन लोगों के अनुसार, बांग्लादेश से एनएलएफटी काडर के अन्य उग्रवादी भी समर्पण कर सकते हैं।

विगत छह महीने में बांग्लादेश स्थित गुप्त ठिकानों से भागने के बाद एनएलएफटी के करीब 33 उग्रवादियों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद के साथ त्रिपुरा पुलिस के समक्ष समर्पण किए हैं।

उल्लेखनीय है कि एनएलएफटी और ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स (एटीटीएफ) के उग्रवादियों को बांग्लादेश स्थित गुप्त ठिकानों पर प्रशिक्षण दिया जाता है। बांग्लादेश के साथ त्रिपुरा की 856 किलोमीटर लंबी सीमा है।

साल 1997 में केंद्रीय गृहमंत्रालय ने इन दोनों संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिया था। ये दोनों संगठन त्रिपुरा को भारत से अलग करने की मांग करते हैं।

खुफिया रपटों का हवाला देते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हाल में चटगांव के पहाड़ी इलाकों में बांग्लादेश की सेना और सुरक्षा बलों ने अलग-अलग अभियानों में एनएलएफटी और नेशनल सोशलिस्ट कौंसिल ऑफ नागालैंड(इसाक-मुइवा) के दो गुप्त शिविरों का भंडाफोड़ किया है।

--आईएएनएस