पंजाब की पटाखा फैक्ट्री में अवैध तरीके से हो रहा था काम : पुलिस
Friday, 06 September 2019 06:58

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चंडीगढ़: पंजाब के गुरदासपुर जिले के घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में पटाखा बनाने वाली फैक्ट्री में काम अवैध रूप से चल रहा था और इसके लाइसेंस की समयसीमा 2013 में खत्म हो गई थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उपिंदरजीत सिंह घुम्मन ने गुरुवार को यह जानकारी दी। इस फैक्ट्री में हुए विस्फोट में 23 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने घटनास्थल पर एक समाचार चैनल को बताया, "हमें फैक्ट्री के (संचालन) के बारे में पता नहीं था। 2013 में कारखाने के लाइसेंस की समयसीमा खत्म हो गई थी।"

उन्होंने कहा, "फिलहाल हम कुछ नहीं कह सकते। हम मजिस्ट्रेट जांच के बाद ही कुछ कह सकते हैं।"

राज्य सरकार ने एक ट्वीट में कहा कि ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा राहत और बचाव कार्यों की देखरेख कर रहे हैं। उन्होंने पीड़ितों के स्वास्थ्य के बारे में पूछताछ करने के लिए सुबह दोबारा बटाला के सिविल अस्पताल का दौरा किया।

विस्फोट में कुल 23 लोग मारे गए और 18 लोग घायल हुए हैं। बुधवार को अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट होने के बाद क्षतिग्रस्त हुए इमारत के मलबों में राहत बचाव दल ने लापता लोगों की तलाश बंद कर दी।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के एक अधिकारी ने मीडिया को बताया, "तलाश अभियान समाप्त हो चुका है।"

उपायुक्त विपुल उज्‍जवल ने बताया कि फैक्ट्री के मालिक ने लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन दिया था।

बड़ी संख्या में पीड़ितों के परिवार के सदस्यों ने आवासीय क्षेत्र में अवैध फैक्ट्रियों के संचालन की जांच करने में असफल रहे राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए।

स्थानीय विधायक लखबीर सिंह लोधीनंगल ने अवैध फैक्ट्री के संचालन की जांच करने में प्रशासनिक असफलता को जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने कहा, "क्षेत्र में अभी भी कई अवैध फैक्ट्रियों का संचालन हो रहा है।"

--आईएएनएस

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