बच्चों को बंधक बनाने पर केजरीवाल ने प्रिंसिपल को लताड़ा

 दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को फीस जमा ना करने वाले बच्चों को बंधक बनाने वाले स्कूल का दौरा किया। उन्होंने प्रधानाध्यापक को फटकार लगाते हुए कहा कि फीस जमा करने के लिए बंधक बनाना गलत है। केजरीवाल ने पुरानी दिल्ली स्थित राबिया पब्लिक स्कूल की प्रधानाध्यापक से कहा, "आप प्रधानाध्यापिका हैं। यह पद समाज में सम्मानित और प्रतिष्ठित पदों में गिना जाता है। यह बच्चों से व्यवहार करने का तरीका नहीं है।"

उन्होंने कहा, "आपने बच्चों से जो व्यवहार किया, वह गलत है। बकाया फीस के भुगतान के लिए बच्चों का इस्तेमाल करना गलत है। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी लेकिन मैं आपसे दोबारा ऐसा नहीं करने का आग्रह करता हूं।"

इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया और संबंधित विधानसभा बल्लीमारन से विधायक और पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन भी मौजूद थे। सिसौदिया के पास शिक्षा विभाग की भी जिम्मेदारी है।

मंत्रियों ने छात्रों और शिक्षकों से भी बात की। इसके बाद केजरीवाल ने संवाददाताओं को बताया, "मामला दर्ज कर लिया गया है। दिल्ली सरकार सोमवार की इस घटना की जांच कराएगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।"

इस मामले में स्कूल की प्रधानाध्यापिका फरहा दीबा खान सहित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ 'किशोर न्याय (बच्चों की देखरेख और सुरक्षा) अधिनियम 2000' के तहत मामला दर्ज हुआ है।

स्कूल के खिलाफ मामला दर्ज कराने वाले शबीन हसन ने बताया कि उन्होंने अपनी दो बेटियों को सोमवार सुबह 7.30 बजे स्कूल छोड़ा था। उन्होंने बताया कि स्कूल का समय समाप्त होने पर जब वे उन्हें लेने गए तो उन्होंने अपनी बेटियों को उनकी कक्षा में नहीं पाया।

उन्होंने प्राथमिकी में कहा, मैंने जब स्कूल कर्मियों से पूछा तो मुझे पता चला कि कुछ बच्चों को पढ़ाई के समय स्कूल के बेसमेंट में बिना खाने-पीने के जबरन रखा गया। हमने पुलिस को सूचना दी, उसके बाद बच्चों को आजाद किया गया।

हसन ने आईएएनएस को बताया कि पीड़ित परिजनों ने स्कूल प्रबंधन से पहले ही कहा था कि वे दो दिन में बकाया फीस चुका देंगे।

--आईएएनएस