दिल्‍ली: फीस नहीं भरी तो स्‍कूल ने बच्चियों को बेसमेंट में बंधक बनाया

फीस नहीं दिया तो स्कूल ने मासूम बच्चियों को बंधक बना लिया। यह मामला दिल्ली के बल्लीमारान स्थित राबिया गर्ल्स पब्लिक स्कूल का है। बच्चियों को सुबह 7 बजे से लेकर दोपहर 12.30 बजे तक स्कूल में बंधक बनाकर रखा गया। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब बीते मंगलवार (10 जुलाई) को बच्चों के अभिभावक अपने बच्चों को लेने स्कूल पहुंचे। माता-पिता को देखकर स्कूल की बच्चियां रोने लगीं। बच्चियों ने रोते-रोते अपने माता-पिता को इस बारे में बतलाया। जानकारी के मुताबिक मंगलवार को बच्चियों की अटेंडेंस भी नहीं लगवाई गई। फीस नहीं देने की वजह से स्कूल में बंधक बनी बच्चियों का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।

वायरल वीडियो में नजर आ रहा है कि कई बच्चियां जमीन पर बैठी हुई हैं। हालांकि कितनी बच्चियों के साथ स्कूल प्रशासन ने ऐसा सलूक किया, अभी इसके बारे में साफ-साफ पता नहीं चल सका है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि स्कूल के बेसमेंट में 16 बच्चियों को बंधक बनाकर रखा गया तो वहीं कुछ अन्य मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि करीब 59 बच्चियों को बंधक बनाया गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक इन बच्चियों को 5 घंटे तक ना तो बाथरूम जाने दिया गया और ना ही उन्हें खाने-पीने के लिए कुछ दिया गया। इधर बच्चियों के परिजनों का कहना है कि उन्होंने सितंबर महीने तक की फीस स्कूल प्रशासन को दे दी है और अगर कुछ बच्चियों के परिजनों ने फीस अभी तक नहीं भी दिया तो भी स्कूल प्रशासन मासूम बच्चों के साथ ऐसा सलूक नहीं कर सकता।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि स्कूल की हेड मिस्ट्रेस फराह दीया खान के कहने पर ऐसा किया गया। स्कूल प्रशासन ने सफाई दी है कि बच्चियों को स्कूल के बेसमेंट में नहीं बल्कि एक्टिविटी रुम में रखा गया था। हालांकि स्कूल प्रशासन ने क्यों घंटों तक मासूम बच्चियों को भूखे-प्यासे बैठाए रखा इसके बारे में अब तक स्कूल प्रबंधन की तरफ से कुछ भी नहीं कहा गया है।

इधर बच्चों के अभिभावक अब स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पूरे मामले में पुलिस ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ जुवेनाइल एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से छानबीन की जा रही है।