अरविंद केजरीवाल बोले- ये मेरी सर्जिकल स्‍ट्राइक है

‘मैं दिल्ली की जनता के लिए उन लोगों के खिलाफ लड़ रहा हूं जिन्होंने लोक सेवाएं रोक रखी हैं। आप कह सकते हैं कि ये धरना मेरा उन लोगों पर सर्जिकल स्ट्राइक है जो दिल्ली के मतदाताओं को सजा देना चाहते हैं।’ ये बातें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एनडीटीवी से बात करते हुए कही हैं। बता दें कि केजरिवाल अपने कैबिनेट के मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और गोपाल राय के साथ पिछले तीन दिनों से दिल्ली के एलजी अनिल बैंजल के घर के वेटिंग रूम में धरने पर हैं। इन लोगों का कहना है कि ये यहां से तब तक नहीं हटेंगे जब तक एलजी उनकी मांगें नहीं मान लेते। फिलहाल तीन दिन हो गए हैं लेकिन अभी तक एलजी ने उनके आवास पर धरने पर बैठे आप नेताओं से कोई मुलाकात नहीं की है। सत्येंद्र जैन और दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने तो उनकी मांगें ना मान लेने तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का ऐलान कर दिया है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही उपराज्यपाल तथा नौकरशाहों को इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केजरीवाल काम नहीं कर पाएं। आप सरकार का आरोप है कि राज्य के नौकरशाह काम पर नहीं आ रहे हैं, और फरवरी 2018 से ही अघोषित हड़ताल पर हैं।

 बात करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘हम तब तक यहां से नहीं जाएंगे, जब तक उपराज्यपाल IAS अधिकारियों को मेरी सरकार के साथ फिर सहयोग शुरू करने का निर्देश नहीं देते। तीन महीने से वे हमारे द्वारा आहूत की गई बैठकों में आने से इंकार कर रहे हैं, और किसी भी निर्देश का पालन करने से भी। क्या आपने देश के किसी भी हिस्से में IAS अधिकारियों के काम करना छोड़ देने के बारे में सुना है? मैंने एलजी से गिड़गिड़ाकर कहा, दिल्ली के खिलाफ यह बदले की कार्रवाई बंद कीजिए, लेकिन साफ है कि वह अपने बॉस के आदेश पर काम कर रहे हैं। अब मेरे पास यह (धरना) करने के अलावा कोई चारा नहीं बचा था, और मैं यहां से नहीं जाने वाला।’

बता दें कि दिल्ली के इतिहास में यह पहली बार है जब मुख्यमंत्री और उनके कैबिनेट के सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर उपराज्यपाल के दफ्तर में रात गुजारी हो। वहीं दूसरी ओर दिल्ली प्रदेश भाजपा ने केजरीवाल कैबिनेट के इस धरने की आलोचना करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र का मजाक है।