मुख्य सचिव के साथ मारपीट का मामला- 'आप' के दोनों विधायकों की जमानत अर्जी खारिज

मुख्य सचिव के साथ मारपीट के मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए आम आदमी पार्टी के दोनों विधायक अमानतुल्ला खान और प्रकाश जरवाल की जमानत याचिका दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने खारिज कर दी है. वहीं मुख्यमंत्री के सलाहकार वीके जैन ने सरकारी गवाह बनते हुए कोर्ट में गवाही दी है कि मुख्य सचिव के साथ मारपीट उनके सामने हुई थी. अदालत ने इस मामले में गिरफ़्तार आप विधायकों अमानतुल्लाह ख़ान और प्रकाश जारवाल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया था.

कोर्ट में अभियोजन पक्ष के वकील ने बहस के दौरान खुलासा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के सलाहकार वीके जैन सरकारी गवाह बन गए हैं और उनका कोर्ट और पुलिस के सामने बयान दर्ज हो गया है, जिसमें उन्होंने खुद कहा है, 'मैं मीटिंग के बीच में वॉशरूम गया और जब वापस लौट तो देखा कि एमएलए अमानतुल्लाह खान और प्रकाश ज़रवाल ने मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के घेरा हुआ है और वो उनके साथ मारपीट कर रहे हैं. उनका चश्मा भी नीचे गिर गया.' ​

हालांकि आम आदमी पार्टी ने कहा कि वीके जैन ने पुलिस के सामने कुछ और बयान दिया था, अब दूसरा बयान दबाव देकर दिलवाया गया है. वीके जैन के मुताबिक मीटिंग किसलिए बुलाई गई ये उन्हें भी नहीं पता था, लेकिन उन्होंने ही मुख्य सचिव को फोन कर मीटिंग में आने के लिए कहा था.