अरविंद केजरीवाल की AAP सरकार के तीन साल: कितने वादे पूरे, कितने अधूरे...

नई दिल्ली: दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार  को आज तीन साल पूरे हो गए हैं यानी अब आप सरकार के पास 2 साल या 40% समय बचा है और 60% समय निकल चुका है. ऐसे में ये देखना जरूरी है कि इस सरकार ने अपने वादों में से कितने पूरे किए और कितने अभी अधूरे रहे हैं.


1. आधे दाम पर बिजली-400 यूनिट तक बिजली के दाम केजरीवाल सरकार ने आते ही पूरे किए लेकिन ये सब्सिडी के ज़रिए चल रहा है. यानी बिजली कंपनियों को उनके मन मुताबिक रेट ही बिजली के मिल रहे हैं. हालांकि CAG की एक ड्राफ्ट रिपोर्ट में सामने आया कि बिजली वितरण कंपनियां ग्राहकों से 8 हज़ार करोड़ फालतू वसूले बैठी हैं लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट ने बिजली वितरण कंपनियों के CAG ऑडिट पर रोक लगा दी. बिजली कंपनियों के CAG ऑडिट का मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित है.


2. मुफ़्त पानी- बीस हज़ार लीटर हर महीने हर घर को पानी केजरीवाल सरकार मुफ़्त दे रही है. ये वादा सरकार बनते ही पूरा हुआ और आज भी जारी है.

3. स्वास्थ्य- दिल्ली सरकार ने 160 मोहल्ला क्लीनिक अब तक चालू किये हैं जिनको एक हज़ार तक करने का वादा है. मोहल्ला क्लिनिक मॉडल की सराहना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई है. 5 साल में 30,000 नए बेड जोड़ने का वादा था. कुछ नए अस्पतालों का निर्माण चल रहा है जबकि पहले बने अस्पतालों में सिस्टम में सुधार आया आया है. हालांकि अब भी अस्पतालों में दवाएं ना मिलने की शिकायत आ रही हैं.

4. कच्ची कॉलोनी का नियमितीकरण- वादे के मुताबिक सरकार बनने के एक साल के भीतर अनाधिकृत कॉलोनी या कच्ची कॉलोनी में रहने वालों को उनके घर या ज़मीन का मालिकाना हक मिलना था. लेकिन कॉलोनी नियमित नहीं हुई इसलिए किसी को मालिकाना हक नहीं मिला.

5. सार्वजनिक परिवहन- वादे के मुताबिक 5 साल में 5 हज़ार बसें सार्वजनिक परिवहन के लिए दिल्ली में लायी जाएंगी यानी 3 साल में औसत 3 हज़ार बसें होनी चाहिए थी लेकिन कोई खास प्रगति इस क्षेत्र में नहीं हुई.

6. शिक्षा- दिल्ली सरकार के मौजूदा स्कूल में 5,695 नए क्लासरूम का निर्माण हुआ है. दिल्ली सरकार ने कुछ नए प्रयोग भी किये हैं लेकिन उनका नतीजा अभी दिखाई नहीं दिया है.

7. सीसीटीवी कैमरा- पूरी दिल्ली में सीसीटीवी कैमरा लगाने का वादा था. अभी पहले चरण में 1.4 लाख सीसीटीवी कैमरा लगाने का ठेका भारत इलेक्ट्रॉनिक्स को मिला है.

8. मुफ्त WiFi- मुफ्त WiFi का वादा अभी अधूरा है. कोई खास प्रगति नहीं हुई.

9. महिला सुरक्षा दल- महिलाओं की सुरक्षा के लिए दस हज़ार होमगार्ड की संख्या वाला महिला सुरक्षा दल बनाने का वादा था. वादा अधूरा है.
 
10. 20 नए कॉलेज- 20 नए कॉलेज बनाने का वादा था, अभी तक किसी एक की भी चर्चा नहीं.
 
11. पक्की नौकरी का वादा- कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की नौकरी पक्की करने का वादा था और ये वादा अधूरा है. 17 हज़ार गेस्ट टीचर की नौकरी पक्की करने के लिए बिल लाये लेकिन एलजी ने बिल खारिज कर दिया.

12. 8 लाख नई नौकरियां- वादे के मुताबिक आम आदमी पार्टी सरकार को 5 साल में 8 लाख नई नौकरी पैदा करनी थी. कोई खास प्रगति नहीं. हालांकि जॉब फेयर के ज़रिए कुछ हज़ार लोगों को नौकरी दिलवाई गई हैं.
 
13. जनलोकपाल- इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी का जन्म हुआ. ये बिल दिल्ली विधानसभा में पास हुए 2 साल हो गए लेकिन इसका क्या हुआ कुछ जानकारी नहीं.

14. स्वराज- इसके तहत जनता अपने फैसले मोहल्ला सभा के ज़रिए खुद करेगी. ये बिल विधानसभा से पास हुए 2 साल हो गए, बिल का क्या स्टेटस है पता नहीं.
 
15. बिजली वितरण कंपनियों में प्रतिस्पर्धा लाएंगे- ये वादा था कि ग्राहकों को ये अधिकार देंगे कि वो किस बिजली कंपनी से बिजली लेना चाहते ये वो खुद चुन सकते हैं. इससे बिजली वितरण कंपनियों में प्रतिस्पर्धा आएगी. इस क्षेत्र में कुछ नहीं हुआ.

16. दिल्ली को सोलर सिटी बनाएंगे- इसके तहत आम लोगों, उद्योगों, सोसाइटी को छूट वगैरह देकर इनको सौर ऊर्जा की तरफ़ शिफ्ट करने की कोशिश करेंगे. केवल दिल्ली सचिवालय में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल देखा गया. दिल्ली सरकार ने सौर ऊर्जा को प्रमोट करने के लिए कोई योजना चलाई हो उसकी जानकारी नहीं.

17.  सबको पानी की सप्लाई- इस क्षेत्र में आप की सरकार ने काफ़ी काम किया है. बहुत से इलाकों में आप की सरकार आने के बाद जीवन में पहली बार पानी आया है लेकिन अभी बहुत से इलाक़ों में पानी आना बाकी है.

18. यमुना सफ़ाई- यमुना को साफ़ करके चमकाने का वादा था, लेकिन यमुना आज भी वैसी ही है जैसी पहले थी.

19. उच्च शिक्षा गारंटी योजना- उच्च शिक्षा के लिए लोन लेने वाले छात्रों को शिक्षा लोन मिलेगा जिसमें गारंटर सरकार होगी. ये वादा पूरा हुआ, योजना चालू है.

20. प्राइवेट स्कूल की फीस रेगुलेट- इसके लिए सरकार विधानसभा में बिल लाई जो आज तक केंद्र सरकार से पास नहीं हुआ. हालांकि DDA की ज़मीन पर बने स्कूल के मामले में सरकार को कामयाबी मिली. इन स्कूलों की फ़ीस बढ़ाना या बढ़ी फीस वापस करना सरकार के नियंत्रण से हुआ. हाई कोर्ट के आदेश पर दूसरे स्कूलों को मजबूरन बढ़ाई गई और वसूली गई फीस वापिस करनी पड़ी.

21. नर्सरी दाखिले में पारदर्शिता- सरकार बिल भी लाई और कैबिनेट के फैसले के ज़रिए निजी स्कूल पर नकेल कसने की कोशिश की लेकिन कोर्ट ने सरकार का फैसला पलट दिया.

22. रीटेल में FDI नहीं- इस वादे पर दिल्ली सरकार कायम है.

23.सुरक्षा बटन- हर मोबाइल में एक सुरक्षा बटन लगाने का वादा था. अगर कोई महिला किसी मुसीबत में होगी तो वो जैसे ही इस बटन को दबाएगी तो पुलिस के पास संदेश जाएगा और वो उस महिला को बचाने पहुंच जाएगी. इसकी कोई चर्चा नहीं.

24. ऑटो सिस्टम में सुधार- इसको सुधारने के लिए ऐलान तो खूब हुए लेकिन आज भी दिल्ली के ऑटोवाले मीटर से नहीं चलते और चलने से मना कर देना आम बात है.

25. लास्ट माइल कनेक्टिविटी- इसके तहत सारे पब्लिक ट्रांसपोर्ट को एक सूत्र में जोड़ने का वादा था. इस पर अब काम शुरू हुआ है. 250 डीटीसी और क्लस्टर बसों में दिल्ली मेट्रो कार्ड से टिकट का भुगतान करने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू हुआ है.

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