दिल्ली : मानकों के उल्लंघन की वजह से लगी आग
Sunday, 08 December 2019 19:26

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नई दिल्ली: अगर फैक्ट्री चलाने के लिए अग्नि सुरक्षा व दूसरे अनिवार्य मानकों का पालन किया गया होता तो दिल्ली में 43 लोगों की मौत टल सकती थी। यह बैग मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री दिल्ली के रानी झांसी रोड पर अनाज मंडी में चलाई जा रही थी, जहां रविवार की अल सुबह आग लगी।

दिल्ली फायर सर्विस (डीएफएस) के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

उन्होंने इस तरह की फैक्ट्रियों के आवासीय इलाकों में चलाने की इजाजत देने व कमियों के बावजूद इन्हें चलने देने को लेकर संबंधित अधिकारियों पर सवाल उठाए।

अधिकारियों ने आईएएनएस से नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर कहा कि यह उपहार सिनेमा के बाद दिल्ली के इतिहास में सबसे बड़ी आग की घटना है। उपहार सिनेमा हादसा, दक्षिण दिल्ली के ग्रीन पार्क में 13 जून 1997 में हुआ था, जिसमें 59 लोगों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा लोगों को चोटें आईं थी।

अधिकारी ने यह भी कहा कि फैक्ट्री ने सुरक्षा मानकों का 'उल्लंघन' किया और 'निकलने की कोई उचित व्यवस्था' नहीं थी।

अधिकारी ने कहा, "आवासीय कॉलोनियों में बहुत सी फैक्ट्रियां चल रही हैं और उनमें से ज्यादातर बिना लाइसेंस के काम कर रही हैं। इस तरह की फैक्ट्रियों में आग बुझाने के उपकरण भी नहीं हैं और आग से सुरक्षा के जरूरी मानकों का पालन भी नहीं है।"

अधिकारी ने कहा कि रानी झांसी मार्केट में बैग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में मरने वालों की संख्या ज्यादा नहीं होती अगर आग से सुरक्षा के मानकों का पालन किया गया होता और इसे खुली जगह पर बनाया गया होता, जो कि फैक्ट्री बाइलॉ के तहत जरूरी है।

अधिकारी ने कहा, "फैक्ट्री लंबे समय से इलाके में चल रही है, लेकिन इसमें फायर एग्जिट वे (रास्ता) नहीं है और दूसरे आग से बचने के मानकों का पालन नहीं है।"

फैक्ट्री में इस तरह की कोई भी सुविधा नहीं थी और फैक्ट्री में सो रहे मजदूरों को यह पता नहीं चल सका कि आग के रूप में मौत उन्हें अपनी जद में लेने वाला है। कुछ मजदूरों की मौत जलने की वजह से हुई तो कुछ की दम घुटने की वजह से।

इन हादसों के लिए कौन-कौन विभाग जिम्मेदार है इस पर अधिकारी ने कहा कि लाइसेंस विभाग, दिल्ली पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और दिल्ली नगर निगम की यह संयुक्त जिम्मेदारी है।

रानी झांसी रोड इलाके के भीड़भाड़ वाले बाजार में बैग मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री में रविवार को अल सुबह आग लग गई। इसमें 43 लोगों की मौत हो गई और दर्जन भर से ज्यादा लोग घायल हो गए। मृतकों में ज्यादातर 14 से 20 साल के बच्चे थे। आग सुबह करीब 5 बजे शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी।

--आईएएनएस

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