स्वच्छता में छिपा है सुखमय जीवन का सार : शिवराज

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जीवन वही है, जो दूसरों के लिए जीया जाए। ऐसे प्रमाणिक जीवन का सबसे अच्छा मापदण्ड स्वच्छता है, और स्वच्छता में ही ईश्वर, स्वास्थ्य, सुंदरता, आनंद और प्रसन्नता है। मुख्यमंत्री ने यहां रविवार को पॉलिटेकि्न क चौराहे पर नगर निगम द्वारा आयोजित चाय पर चर्चा कार्यक्रम में नागरिकों से आह्वान किया कि भोपाल सहित पूरे प्रदेश को स्वच्छता सर्वेक्षण में 'नम्बर वन' बनाने के लिए सबका योगदान भी 'नम्बर वन' का होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने पॉलिटेकि्न क चौराहे पर झाड़ू लगाकर स्वच्छता अभियान में श्रमदान भी किया।

चौहान ने आगे कहा, "प्रदेश में स्वच्छता की प्रतियोगिता का वातावरण निर्मित हुआ है। प्रदेश के महानगरों और नगरों में कड़ी प्रतिस्पर्धा हो रही है। अच्छे कार्य के लिए प्रतियोगिता सार्थक और सुखद है। आस-पास का परिवेश, वातावरण, संस्थान स्वच्छ हो। यह अकेले नगर निगम और सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। यह हम सबका परम कर्तव्य है। नागरिकों के सहकार से ही स्वच्छता सुनिश्चित होगी।"

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता अभियान से देश में स्वच्छता के प्रति लोगों में जागरूकता आई है। पिछले वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण में चयनित 100 शहरों में मध्यप्रदेश के 22 शहर शामिल थे। पहला स्थान इंदौर का और दूसरा भोपाल का था। स्वच्छता अभियान से नया वातावरण निर्मित हुआ है। लोग इधर-उधर कूड़ा फेंकने में संकोच करने लगे हैं। कहीं भी कूड़ा फेंकने के बजाय उसे रखकर बाद में सही स्थान पर फेंकते हैं। जिम्मेदारी का यह भाव अत्यंत सुखद है।"