विहिप को देशद्रोहियों से सहानुभूति है तो खुलकर पैरवी करे : दिग्विजय
Monday, 07 October 2019 22:16

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भोपाल: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सीबीआई से पूछताछ करवाने की विहिप की मांग पर पलटवार करते हुए सोमवार को कहा कि अगर भाजपा और विहिप को देशद्रोहियों से सहानुभूति है तो वे उनकी खुलकर पैरवी करें। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ने पिछले दिनों ग्वालियर में एक कार्यक्रम में कहा था, "मध्यप्रदेश में भाजपा और बजरंग दल के कुछ लोग पाकिस्तानी खुफिया एजंेसी आईएसआई के लिए जासूसी करते पकड़े गए थे। इन लोगों को भाजपा के शासनकाल में जमानत मिल गई थी, जबकि इन पर देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए था।"

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दिग्विजय सिंह के इस बयान पर विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा, "बजरंग दल और भाजपा पर आईएसआई के लिए जासूसी करते हुए पकड़े जाने की टिप्पणी को लेकर सीबीआई को उनसे पूछताछ करनी चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा, "अगर उन्हें कुछ जानकारी है, तो केंद्रीय जांच एजेंसी को उनसे इस मामले में पूछताछ करनी चाहिए और इस दौरान अगर यह पता चले कि उन्होंने (दिग्विजय सिंह) कुछ गलत बयान दिया है, तो उन्हें दंडित किया जाना चाहिए।"

विहिप प्रमुख के इस बयान पर तंज कसते हुए दिग्विजय ने ट्वीट किया, "जिस सीबीआई पर यूपीए शासनकाल में भाजपा और विहिप को भरोसा नहीं था, मोदी राज्य में उन पर अटूट विश्वास क्यों हो गया? इसी प्रकरण में भाजपा शासनकाल में यह प्रकरण दर्ज हुआ था, भाजपा व बजरंग दल के 15 पदाधिकारी गिरफ्तार हुए थे।"

राज्य में खुफिया जानकारी पाकिस्तान से साझा करने के आरोप में कई युवा पकड़े गए थे। उसे लेकर सिंह ने एक अन्य ट्वीट मंे लिखा है, "भाजपा शासनकाल में ही उनकी जमानत हो गई। क्यों नहीं होती, जब भाजपा शासन ही उन्हें बचाने में लग गया था। विहिप को यदि नाराज ही होना है तो तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर होना चाहिए, जिन्होंने आईएसआई से पैसा लेकर पाकिस्तान के लिए जासूसी करते हुए उन्हें पकड़ा था।"

विहिप नेता के बयान को टैग करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने ट्वीट किया है और पूछा है, "अब बताइए, आईएसआई से पैसा लेकर पाकिस्तान के लिए जासूसी करना देशद्रोह है या नहीं? मैं इस प्रकरण में उन सभी देशद्रोहियों की जमानत निरस्त करवाकर सजा दिलवाने का सतत प्रयास करूंगा। यदि भाजपा और विहिप को उन देशद्रोहियों से सहानुभूति है तो वे उनकी खुलकर पैरवी करें। 'भारत माता की जय'।

--आईएएनएस

 

 

 

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