नई दिल्ली: महाराष्ट्र के कद्दावर राजनेता शरद पवार ने जेट एयरवेज के कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि राज्य में चुनाव की समाप्ति के बाद वे उनके मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे।

नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता किरन पावसकर और ऑल इंडिया जेट एयरवेज ऑफिसर्स एंड स्टॉफ एसोसिएशन के अध्यक्ष किरन पावसकर ने मंगलवार को पवार से मुलाकात की और बंद पड़ी एयरलाइन के कर्मचारियों के मुद्दों से अवगत कराया।

पावसकर ने आईएएनएस को बताया कि जेट एयरवेज के बंद होने से ज्यादातर ब्रिटिश एयरवेज और सिंगापुर एयरलाइंस जैसी विदेशी एयरलाइंस को फायदा हो रहा है।

एनसीपी विधायक पावसकर ने कहा, "जिन मार्गो पर जेट की सेवाएं बंद हुई है, विदेशी एयरलाइंस ने उन मार्गो पर किराया बढ़ा दिया है। ये एयरलाइंस अपनी अर्थव्यवस्था की मदद कर रहे हैं। हमने शरद पवार साहेब के साथ बैठक में इन सभी मुद्दों को उठाया।"

नकदी के गंभीर संकट के बीच जेट एयरवेज ने पिछले हफ्ते अपना परिचालन बंद कर दिया था और इसके बाद कंपनी के 20,000 से ज्यादा कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटक गया है।

--आईएएनएस

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पणजी: गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मनोहर पर्रिकर के पुत्र ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार चुनावी लाभ के लिए उनके पिता के बारे में झूठी बातें कह रहे हैं।

पवार ने कहा था कि राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर असहमति के बाद पर्रिकर ने रक्षा मंत्री का पद छोड़ दिया था।

राजनीति के मैदान में नए शामिल हुए पर्रिकर के बड़े बेटे उत्पल पर्रिकर ने कहा कि उनके पिता ईमानदार व्यक्ति थे और राफेल सौदे के 'मुख्य शिल्पकार' थे।

उन्होंने पवार को लिखे एक पत्र में कहा, "आज वह हमारे बीच नहीं हैं, शायद इसीलिए आप उनके नाम का इस्तेमाल करते हुए झूठ बोलने की आजादी ले रहे हैं। यह भारतीय राजनीति में एक नया निम्न स्तर है। पवार साहब, एक वरिष्ठ और सम्मानित राजनेता होने के नाते भारत के लोग आपसे ऐसे बयान की उम्मीद नहीं कर रहे थे।"

पत्र की प्रति सोमवार को मीडिया के लिए जारी की गई।

पवार ने रविवार को एक बयान में आरोप लगाया था कि पर्रिकर को राफेल सौदा 'स्वीकार्य नहीं था', इसीलिए उन्होंने रक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।

पर्रिकर 2014 से 2017 तक रक्षा मंत्री रहे जिस दौरान भारत और फ्रांस की सरकारों के बीच राफेल लड़ाकू विमानों का सौदा तय हुआ।

उत्पल पर्रिकर ने पवार के बयान को 'राजनैतिक लाभ के लिए उनके पिता के नाम का इस्तेमाल कर सीधे सीधे झूठ' करार देते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण और असंवेदनशील करार दिया। उन्होंने परोक्ष रूप से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा गोवा में साल की शुरुआत में मनोहर पर्रिकर से की गई मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि उस मुलाकात का इस्तेमाल भी बाद में 'तुच्छ लाभों' के लिए किया गया।

उत्पल ने अपने पिता की बतौर मंत्री उपलब्धियों पर कहा, "उन्होंने कई ऐतिहासिक फैसले किए जिसके लिए वह हमेशा याद रखे जाएंगे। इनमें से एक राफेल का सौदा है जिसके वह मुख्य शिल्पकार थे।"

उत्पल ने यह भी कहा कि पवार का बयान 'उस दुर्भावनापूर्ण भ्रामक सूचना अभियान का हिस्सा है जिसका मकसद शायद सशस्त्र बलों की मजबूती में बाधा पैदा करना है।'

--आईएएनएस

 

 

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वर्धा (महाराष्ट्र): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) व इसके शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधा। मोदी ने उन पर दशकों तक किसानों की उपेक्षा करने व भ्रष्टाचार में संलिप्त होने का आरोप लगाया।

उन्होंने विशेष रूप से राकांपा अध्यक्ष शरद पवार, उनके भतीजे अजीत पवार व अन्य पर निशाना साधा और कहा कि गंभीर 'अंतर-पारिवारिक संकट' की वजह से पार्टी की पकड़ शरद पवार के हाथों से फिसल रही है।

मोदी ने कहा, "शरद पवार सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं। वह जो भी कुछ करते या बोलते हैं, गहन सोच विचार के बाद करते हैं। उन्होंने हाल ही में कहा था कि वह चुनाव लड़ेंगे, लेकिन अचानक पीछे हट गए। जिस व्यक्ति ने कभी सोचा था कि वह प्रधानमंत्री बन सकता है, उसने युद्ध शुरू होने से पहले ही लड़ाई का मैदान छोड़ दिया। यानी कि वह जानता है कि हवा किस तरफ बह रही है।"

उन्होंने कहा कि परिवार के भीतर चल रहे सत्ता के खेल में अजीत पवार की पार्टी पर पकड़ धीरे-धीरे मजबूत हो रही है, जिसने राकांपा के लिए बड़ी समस्या खड़ी की है, यहां तक कि इससे लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों को टिकट देने में भी समस्या हुई है।

बीते महीने पवार ने लोकसभा चुनाव लड़ने की योजना को बदल दिया और मावल निर्वाचन क्षेत्र से अपने बड़े पोते पार्थ अजीत पवार को नामांकित कर अगली पीढ़ी को अवसर देने का फैसला किया।

मोदी ने कहा, "केंद्र व राज्य में मंत्रियों के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान पवार परिवार ने सिंचाई परियोजनाओं, बुनियादी ढांचा, रियल्टी क्षेत्रों के जरिए हजारों करोड़ रुपये की लूट की। वे अब इन घोटालों को लेकर चिंतित हैं।"

उन्होंने कहा कि हजारों करोड़ रुपये के सिंचाई घोटालों की वजह से विदर्भ क्षेत्र में सूखे की स्थिति पैदा हुई है।

मोदी ने पवार पर विभिन्न बड़ी व छोटी सिंचाई परियोजनाओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा सरकार ने इस तरह के 99 अधूरे बांध कार्यो को पूरा किया है, जिसमें से 36 अकेले महाराष्ट्र में हैं।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि कांग्रेस-राकांपा की सरकार ने 2011 में मावल में प्रदर्शन कर रहे किसानों पर फायरिंग का आदेश दिया था, लेकिन भाजपा-शिवसेना सरकार ने जलयुक्त शिवर अभियान चलाया है, जिससे राज्य के पेयजल संकट को हल करने में सहायता मिल रही है।

मोदी ने पूर्वी महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के वर्धा में भाजपा के चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करते हुए पवार पर हमले किए। पवार के परिवार को राज्य में सबसे बड़े राजनीतिक परिवार के तौर पर माना जाता है।

इससे पहले मोदी ने खुद को 'शौचालयों का चौकीदार' कहे जाने पर 'गर्व' जताया था। उन्होंने कहा कि 'कांग्रेस की गाली उनके लिए गहने की तरह है।'

कांग्रेस के एक नेता की कथित टिप्पणी में उनकी तुलना शौचालय के चौकीदार के साथ किए जाने का जिक्र करते हुए मोदी ने इससे राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि वह लाखों महिलाओं के स्वाभिमान व गरिमा के संरक्षक हैं, जो अपने घरों में शौचालय नहीं होने से शर्मिदगी का सामना करतीं थीं।

मोदी ने कहा, "मुझे करोड़ों महिलाओं की इज्जत का संरक्षक बन कर खुशी व गर्व है, जिन्हें सूर्योदय से पहले शौचालय के लिए बाहर जाना पड़ता है और इसके लिए फिर शाम होने तक इंतजार करना पड़ता है।"

उन्होंने कहा, "मेरा अपमान कर कांग्रेस ने सफाई कार्यकर्ताओं का अपमान किया है जो दशकों से शौचालयों को साफ करने का श्रम कर रहे हैं। यह उनके लिए हंसी का विषय हो सकता है, लेकिन मैं इसके बारे में पूरी तरह से गंभीर हूं।"

मोदी ने कहा कि वह वर्धा की पवित्र भूमि पर आकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं, जिसकी महात्मा गांधी, आचार्य विनोबा भावे, बाबा आमटे व अन्य ने शोभा बढ़ाई है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी, रामदास अठावले व भाजपा के पूर्वी महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र से लोकसभा उम्मीदवार मौजूद रहे।

--आईएएनएस

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नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) के लिए दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस में गठबंधन (AAP- Congress Alliance) को लेकर शीला दीक्षित अभी भी अपने रुख पर कायम हैं. उन्होंने पार्टी आलाकमान को साफ-साफ कह दिया है कि कांग्रेस और आप का गठबंधन नहीं होना चाहिए. इससे कांग्रेस को नुकसान होगा. शीला दीक्षित ने इस मुद्दे पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक बैठक भी की. इस बैठक में निर्णय लिया गया कि वे पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलकर स्थिति साफ करने को कहेंगे. दूसरी तरफ, दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी गठबंधन के लिए मध्यस्थता की कोशिश भी शुरू हो गई है. एनसीपी प्रमुख शरद पवार सुबह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मिले हैं. इसके बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह से भी मुलाकात की है.

पिछले सप्ताह पार्टी आलाकमान को लिखे गए पत्र में दीक्षित (Sheila Dikshit) और कार्यकारी अध्यक्ष हारून यूसुफ, दवेंद्र यादव और राजेश लिलोठिया ने गठबंधन पर कार्यकर्ताओं का मूड जानने के लिए फोन सर्वेक्षण पर विरोध जताया है. दिल्ली कांग्रेस के एक नेता ने बताया, ‘दीक्षित और कार्यकारी अध्यक्षों ने कांग्रेस प्रमुख से गुजारिश की है कि वह ‘आप' से गठबंधन नहीं करें क्योंकि यह आग चलकर पार्टी को नुकसान पहुंचाएगा.' साथ ही नेता ने कहा कि उन्होंने पार्टी की शक्ति ऐप के जरिए किए गए फोन सर्वेक्षण पर भी ऐतराज जताया है. यह सर्वेक्षण दिल्ली कांग्रेस के एआईसीसी प्रभारी पीसी चाको ने कराया है. सर्वेक्षण में दिल्ली कांग्रेस के करीब 52,000 कार्यकर्ताओं की राय मांगी गई थी कि क्या पार्टी को आप से गठबंधन करना चाहिए या नहीं.

हाल ही एक रिपोर्ट आई थी कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की अनिश्चितताओं के बीच कांग्रेस पार्टी का एक अंदरूनी सर्वे कांग्रेस नेताओं को रुख बदलने में अहम भूमिका निभा सकता है. एनडीटीवी को सूत्रों ने बताया कि इस सर्वे में भाजपा को 35 फीसदी वोटों के साथ आम आदमी पार्टी और कांग्रेस से आगे दिखाया गया है. इस सर्वे को पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी और दिल्ली प्रमुख शीला दीक्षित देख चुके हैं.

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मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकपा) ने गुरुवार को लोकसभा चुनावों के लिए अपने गठबंधन के एक साथी स्वाभिमानी शेतकारी संगठन के एक उम्मीदवार और लक्षद्वीप से एक उम्मीदवार समेत 12 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की। राज्य पार्टी अध्यक्ष जयंत पाटिल ने हालांकि मावल लोकसभा सीट से उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की, जहां से अजीत पवार के बेटे पार्थ के चुनाव लड़ने की संभावना है।

वहीं पार्टी ने माढ़ा सीट के लिए भी उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की। इस संसदीय सीट पर मौजूदा सांसद विजय सिंह मोहिते-पाटिल और उनके बेटे रंजीत सिंह के बीच सीट को लेकर जबरदस्त खींचातानी चल रही है, जहां रंजीत सिंह ने टिकट नहीं मिलने पर भाजपा में जाने की धमकी दी है।

उन्होंने कहा, "आने वाले कुछ दिनों में बाकी बचे दो सूचियों की घोषणा की जाएगी, हालांकि पार्टी कुछ सीटों को लेकर कांग्रेस से बातचीत भी कर रही है।"

--आईएएनएस

 

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मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने सोमवार को जहां 2019 लोकसभा चुनाव की दौड़ से बाहर रहने की घोषणा की, वहीं पार्टी उनके भतीजे अजीत पवार के बेटे पार्थ पवार को मेवाल संसदीय सीट से अपना उम्मीदवार बना सकती है। बी-कॉम से स्नातक पार्थ(28) के पिता अजीत अनंतराव पवार राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

लोकसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों और गठबंधन को अंतिम रूप देने और इस मुद्दे पर चर्चा के लिए बारामती में पार्टी कार्यकारणी की बैठक हुई जिसके बाद पवार ने यह घोषणा की।

--आईएएनएस

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मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष शरद पवार महाराष्ट्र के मढ़ा निर्वाचन क्षेत्र से 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। पार्टी सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने कहा कि इसकी आधिकारिक घोषणा बहुत जल्द की जाने की उम्मीद है। इससे सप्ताह भर से चल रही अटकलों पर विराम लग जाएगा।

हालांकि, राकांपा के एक राज्यसभा सदस्य ने कहा कि 'पवार की लोकसभा के उम्मीदवारी पर अभी फैसला नहीं किया गया है।' लेकिन, राज्य के एक वरिष्ठ नेता ने स्पष्ट तौर पर आईएएनएस से इसकी पुष्टि की।

शरद पवार (78) तीन बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। वह केंद्र में रक्षा व कृषि मंत्री भी रहे हैं।

वर्तमान में पवार राज्यसभा सदस्य हैं। यह घटनाक्रम पवार के बीते दो सालों में बार-बार 'चुनावी राजनीति' छोड़ने की व पार्टी में अगली पीढ़ी को मौका देने की इच्छा जाहिर करने के बाद आया है। लेकिन, बीते सप्ताह उन्होंने फिर से चुनावी क्षेत्र में वापसी के संकेत दिए।

--आईएएनएस

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लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार को हटाने के विपक्ष के लक्ष्य को पाने के लिए सभी राज्यों में दो तरह के गठजोड़ होंगे, एक तो 'संपूर्ण एकता' और दूसरा 'संभव एकता'। 

यादव ने आईएएनएस से साक्षात्कार में कहा कि अतीत में गठबंधन सरकार के प्रधानमंत्री का नाम आमतौर से लोकसभा चुनाव के बाद उभर कर सामने आता था और ऐसा ही आने वाले लोकसभा चुनाव के बाद होगा।

शरद यादव ने कहा कि अखिल भारतीय स्तर पर विपक्ष का गठबंधन काम करता नहीं दिख रहा है, ऐसे में राज्य आधारित गठजोड़ होंगे।

शरद यादव ने कहा, "संपूर्ण एकता हो सकती है और संभव एकता हो सकती है। प्रयास संपूर्ण एकता के लिए है लेकिन अगर यह संभव नहीं हुआ तो फिर संभव एकता होगी।" 

शरद यादव ने माना है कि कई राज्यों में विपक्षी दलों के अपने-अपने दावों के कारण पूर्ण एकता हासिल करना मुश्किल है।

तीन राज्यों से लोकसभा चुनाव जीत चुके पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश में गठबंधन करने का सही फैसला लिया है। यह भाजपा को चुनौती देने की दिशा में बड़ा कदम है।

शरद यादव ने कहा है कि पश्चिम बंगाल और केरल जैसे राज्यों में पूर्ण एकता हासिल करना मुश्किल है लेकिन जो भी हो, विपक्षी पार्टियां भाजपा को हराने के लिए एकजुट होंगी।

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु, महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों में विपक्षी पार्टियां आसानी से पूर्ण एकता हासिल कर सकती हैं। 

सात बार लोकसभा चुनाव जीत चुके शरद यादव ने कहा कि देश की जनता ने तय कर लिया है कि अब भाजपा को आने वाले चुनाव में बाहर का रास्ता दिखाना है। उन्होंने कहा, "पहली प्राथमिकता भाजपा को हराना है। सरकार गठन पर बाद में फैसला हो जाएगा।"

शरद यादव ने कहा है कि 1977, 1990, 1996 और 2004 में गठबंधन व अन्य सरकारें बनीं लेकिन तब भी पहले से प्रधानमंत्री उम्मीदवार के बारे में पता नहीं था। इस बार भी भाजपा चुनाव में हारती है तो प्रधानमंत्री चुनना मुश्किल नहीं होगा। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि लोकसभा में लोगों को मजबूत सरकार और मजबूर सरकार के बीच में से किसी एक को चुनना होगा, इस पर यादव ने कहा कि इस तरह के नारों का कोई अर्थ नहीं है। लोग ही अंत में संप्रभु प्राधिकारी हैं।

उन्होंने कहा है कि ऐसी सरकार से देश को कोई लाभ नहीं है, जो अपने आप को मजबूत सरकार बोलती है लेकिन 'संविधान के तहत काम नहीं करती है।' 

शरद ने कहा कि मोदी सरकार देश की जनता में फूट डाल रही है, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण कर रही है और लोगों से किए अपने वादों को पूरा करने में असफल रही है।

बिहार में लोकतंत्रिक जनता दल विपक्षी महागठबंधन का हिस्सा है।

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जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्व नेता शरद यादव ने यहां शनिवार को अस्पताल में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद से मुलाकात की और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ निजी टिप्पणी करने के लिए खेद जताया। उन्होंने मीडिया से कहा, "हां, मैंने उनका बयान देखा। मेरा उनसे परिवारिक रिश्ता है। अगर मेरे शब्दों से उन्हें दुख हुआ है, तो मैं खेद जताता हूं। मैं उन्हें इस बाबत पत्र भी लिखूंगा।"

शरद यादव ने बुलंदशहर हिंसा के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर और एक नागरिक के मारे जाने की निंदा की।

उन्होंने कहा, "बुलंदशहर की घटना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। भीड़ द्वारा एक पुलिसकर्मी को पीट-पीट कर मार डालना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है।"

उन्होंने कहा, "बीते साढ़े चार सालों में, प्रतिवर्ष दो करोड़ नौकरी देने जैसे अन्य कई वादों को भाजपा सरकार ने नहीं निभाया।"

यादव ने कहा, "25 पार्टियां, जो एक साथ आई हैं, वे मौजूदा सरकार को 2019 में बाहर का रास्ता दिखाएंगी।"

यह पूछे जाने पर कि लालू प्रसाद और उनके बीच क्या बातचीत हुई? उन्होंने कहा, "हमने राजनीति से संबंधित बातचीत की, लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।"

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देश की प्रमुख जांच एजेंसी सीबीआई को कथित रूप से 'बंधक' बनाए जाने को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने सोमवार को कहा कि इससे देश को भारी नुकसान होगा और इसके विनाशकारी परिणाम सामने आएंगे। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को निष्पक्ष जांच करने की एक स्वतंत्र संस्था बताते हुए शरद पवार ने कहा कि इसके शीर्ष अधिकारियों को मध्यरात्रि को हटाया जाना देश के खराब दशा में जाने का पूर्वसूचक है।

राकांपा की महिला शाखा की रैली को संबोधित करते हुए पवार ने कहा, "यह साफ है कि सरकार चाहती है कि हर चीज उसकी मर्जी से, उसके तय की गई दिशा में चले। वर्तमान स्थिति यही दिखाती है।"

उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का संविधान, न्यायापालिका के प्रति सम्मान या देश के नियम या लैंगिक समानता वगैरह में कोई विश्वास नहीं है।

पवार ने कहा, "सबरीमाला मंदिर के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने महिलाओं के पक्ष में आदेश दिया, लेकिन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सवाल उठाया कि शीर्ष अदालत कैसे इस तरह का फैसला दे सकती है? इस तरह की सोच वाले लोगों को सत्ता की बागडोर सौंपना खतरनाक है।"

पवार ने भाजपा पर लैंगिक समानता के प्रति सम्मान या यहां तक कि शीर्ष अदालत के फैसले का सम्मान न करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना सरकार बने लगभग चार साल पूरे हो गए, लेकिन जनहित में एक भी फैसला नहीं लिया गया है, राज्य गंभीर जलसंकट की चपेट में है।"

--आईएएनएस

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