नई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय ने दुष्कर्म के आरोपी और समाजवादी पार्टी (सपा)-बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रत्याशी अतुल राय को शुक्रवार को राहत देने से इनकार कर दिया।

वह उत्तर प्रदेश की घोसी लोकसभा सीट से सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी हैं।

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प्रयाग: समाजवादी पार्टी (सपा) ने शुक्रवार को इलाहाबाद और फूलपुर संसदीय सीटों के प्रत्याशियों के लिए रोडशो करके अपनी ताकत दिखाई। इस दौरान सपा से कन्नौज की प्रत्याशी डिंपल यादव और धर्मेंद्र यादव तथा अभिनेत्री जया बच्चन भी मौजूद रहीं।

इस दौरान हजारों की संख्या में सपा समर्थक और स्टार प्रचारकों को देखने के लिए कड़ी धूप में लोगों की सड़कों के दोनों ओर भीड़ जुटी रही।

सिविल लाइंस स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया की प्रतिमा स्थल पर उन्हें नमन करने के बाद शुरू हुआ रोडशो शहर उत्तरी, पश्चिमी व दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में घूमा।

ट्रक पर सवार स्टार प्रचारकों ने जगह-जगह माइक से लोगों का अभिवादन किया और लोगों से वोट देने की अपील भी की।

इस दौरान डिंपल यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और कहा, "मोदी का जनता में कोई जादू नहीं है, वह काला जादू करके सबको गुमराह कर रहे हैं। अगर मोदी ने विकास किया है तो वह उसके नाम पर चुनाव क्यों नहीं लड़ रहे हैं? प्रदेश में गठबंधन की आंधी चल रही है, जिससे भाजपा घबरा गई है।"

उन्होंने कहा, "मोदी पांच साल में न युवाओं को रोजगार दे पाए, न किसानों को खाद, बीज, बिजली व सिंचाई के लिए पानी। नोटबंदी से आम आदमी को और जीएसटी लगाकर व्यापारियों को प्रताड़ित किया है। मोदी ने अनुसूचित व पिछड़ी जातियों, अल्पसंख्यकों को बांटकर सिर्फ अपना राजनीतिक हित साधा है।"

राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने कहा, "मैं प्रयागराज की बहू हूं। डिंपल मेरी बहू है। दो बहुओं का सम्मान करते हुए आप गठबंधन के प्रत्याशी को वोट देकर जिताएं। मैं 1984 के चुनाव में अपने पति अमिताभ बच्चन के लिए चुनाव प्रचार करने आई थी। जैसा माहौल मैंने उस समय देखा था, ठीक वैसा ही उत्साह आज देखने को मिला है।"

सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि केंद्र में गठबंधन के समर्थन के बिना कोई सरकार नहीं बन पाएगी।

इस दौरान इलाहाबाद लोकसभा सीट के प्रत्याशी राजेन्द्र पटेल और फूलपुर लोकसभा सीट के पंधारी यादव भी मौजूद रहे।

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श्रास्वती: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने गुरुवार को समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा, बसपा जैसी पार्टियों ने जब प्रदेश में शासन किया तब ये लोग समाज के नहीं, जातियों के काम में मस्त रहे।

अमित शाह ने यहां एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "सपा, बसपा जैसी जातिवादी-परिवारवादी पार्टियों ने वषों तक यूपी में शासन किया। सपा की सरकार आती थी तो एक जाति के काम होते थे, बसपा की सरकार आती थी तो दूसरी जाति के काम होते थे। समाज के काम नहीं होते थे। भाजपा की सरकार आई तो सबका साथ-सबका विकास हुआ है।"

उन्होंने कहा कि सपा-बसपा की सरकार में भू-माफिया गरीबों की जमीन हड़प लेते थे। योगी सरकार में भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर गरीबों की जमीन को संरक्षित किया गया है।

शाह ने कहा, "दस साल तक केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी और प्रदेश में सपा-बसपा सरकार थी। जवानों के सिर काट दिए जाते थे। पाकिस्तान में उन्हें ले जाकर अपमानित किया जाता था लेकिन मौनी बाबा (पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह) कुछ नहीं कहते थे। पुलवामा में हमला हुआ देश में गुस्सा, निराशा और हताशा थी। पाकिस्तान ने सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी। पाकिस्तान को लगा मोदी सर्जिकल स्ट्राइक करेंगे, मोदी भी 56 इंच की छाती वाले हैं उन्होंने वायु सेना को बुलाकर बालाकोट में एयर स्ट्राइक करा दी।"

उन्होंने कहा, "श्रास्वती लोकसभा क्षेत्र में हमारी सरकार ने मुद्रा योजना के तहत करीब 75 हजार युवाओं को ऋण, उज्जवला योजना के तहत एक लाख माताओं को गैस सिलेंडर, 32,000 से ज्यादा शौचालय बनाने का काम, करीब एक लाख किसानों को किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिया है।"

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र में जब सोनिया-मनमोहन की सरकार थी तो उन्होंने उत्तर प्रदेश को तीन लाख 30 हजार करोड़ रुपये दिए थे। मोदी जी पूर्ण बहुमत के साथ प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने उप्र को 10 लाख 27 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा की धनराशि दी है।

उन्होंने कहा, "हमारे लिए देश की सुरक्षा सवरेपरि है। अगर पाकिस्तान से गोली आएगी तो हमारे यहां से गोला जाएगा, ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा। हमारी सरकार ने सबका साथ-सबका विकास के मंत्र को आगे बढ़ाते हुए बिना किसी की जाति और धर्म पूछे सभी का विकास करने का काम किया है।"

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की कौशांबी लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र कुंडा में समाजवादी पार्टी ने बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाया है। पार्टी ने दावा किया कि कम से कम 50 मतदान केंद्रों पर बूथ पर कब्जा किया गया।

समाजवादी पार्टी का एक दल राजेंद्र चौधरी के नेतृत्व में अपनी शिकायत लेकर मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय पहुंचा।

उन्होंने कहा, "हमने शिकायत दर्ज कराई है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सत्तारूढ़ी पार्टी सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है।"

चौधरी ने निर्वाचन आयोग पर निष्पक्षता से काम नहीं करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, "सत्तारूढ़ी पार्टी सत्ता के लिए लोकतंत्र की हत्या करने का प्रयास कर रही है और इसके लिए राज्य की मशीनरी का दुरुपयोग हो रहा है। मतदाताओं को परेशान किया जा रहा है। बहुत से मतदान केंद्रों पर, खासकर जहां अल्पसंख्यक और गरीब लोग हैं, वहां पानी की सुविधा नहीं है। कुछ जगहों पर मतदाताओं को वापस भेज दिया गया।"

कुंडा निर्दलीय विधायक व जनसत्ता पार्टी के अध्यक्ष राजा भैया का विधानसभा क्षेत्र है। उनके दो उम्मीदवार कौशांबी और प्रतापगढ़ सीट से मैदान में हैं।

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प्रतापगढ़: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि बुआ और बबुआ का साथ सिर्फ 23 मई तक ही है। 

योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "उत्तर प्रदेश में हमसे मुकाबला करने उतरे लोगों का साथ सिर्फ 23 मई तक का है। 23 मई को बुआ बोलेंगी गुंडों का सरताज है बबुआ और बबुआ बोलेगा भ्रष्टाचार की प्रतिमूर्ति है बुआ।"

उन्होंने कहा, "पिछले पांच वर्षों में देश में जो विकास कार्य हुए वो अभूतपूर्व हैं। भारत को दुनिया की महाशक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए फिर एक बार मोदी सरकार।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के काम की आज न सिर्फ भारत के पड़ोसी देश बल्कि विश्व के दिग्गज नेता भी सराहना कर रहे हैं। इसके साथ ही देश के गरीब व पीड़ित को भी हर स्तर पर न्याय मिला है।

इस दौरान उनके साथ मंच पर पीलीभीत से सांसद और सुल्तानपुर की प्रत्याशी केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी व प्रतापगढ़ से प्रत्याशी विधायक संगमलाल गुप्ता मौजूद रहे।

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कौशांबी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सपा, बसपा और कांग्रेस पर बुधवार को यहां निशाना साधा, और कहा कि पिछले चुनाव में सपा-बसपा, जो दुश्मन थे वे आज बचने के लिए 'तुम मुझे बचाओ मैं तुम्हें बचाऊं' का खेल खेल रहे हैं।

मोदी ने यहां एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "अभी कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश में जो दो काली जैकेट पहनकर घूम रहे थे, वे दोनों आज एक-दूसरे के दुश्मन बन गए हैं। कर्नाटक में सरकार बनने के दिन गठबधंन वालों ने हाथ मिलाए थे, लेकिन बेंगलुरू से दिल्ली आते-आते ही ये एक-दूसरे के जानी दुश्मन बन गए। पिछले चुनाव में सपा-बसपा, जो दुश्मन थे वे आज बचने के लिए 'तुम मुझे बचाओ मै तुम्हें बचाऊं' का खेल खेल रहे हैं। इन सब का यही हाल है।"

उन्होंने कहा, "महामिलावटी लोग जातिवाद, वंशवाद को बढ़ावा देने वाले हैं। ये वही लोग हैं, जिनके लोग या तो बेल पर हैं या जेल में। क्या ऐसे लोग देश का भला कर सकते हैं?"

मोदी ने कहा, "मैंने सभी जातियों के लिए काम किया है। सब जातियां मेरी हैं। जैसे नमक के बिना खाना नहीं बनता, वैसे नमक की तरह हर जगह फैल जाना, हर एक का भला करना, यही मेरा काम है। देश का भला जाति के आधार पर रेवड़ियां बांटकर नहीं होगा।"

उन्होंने कहा कि इस चुनाव की एक विशेषता है कि कई साल तक देश में राज करने वाली कांग्रेस जिसके पास कई संसाधन हैं, वह सबसे कम सीटों पर लड़ रही है।

मोदी ने कहा, "जब सरकार बदलती है, नीयत बदलती है, तब कैसा परिणाम आता है, वह प्रयागराज के कुंभ मेले ने इस बार दिखा दिया है। कुंभ के मेले ने दिखा दिया है। पहले कुंभ मेले में अखाड़ों के बीच लड़ाइयों की खबरें आती थीं, इस बार सबने मिल-जुलकर कुंभ को सफल बनाया। पहले कुंभ का मेला होता था तो भ्रष्टाचार की बातें सामने आती थीं। इस बार कुंभ का मेला हुआ तो शान से माथा ऊंचा हो गया, भ्रष्टाचार का एक भी आरोप इस बार कुंभ में नहीं लगा। इस बार कुंभ की चर्चा सफाई को लेकर हुई। उप्र ने दुनिया को बता दिया कि वे व्यवस्था को बनाने वाले हैं।"

मोदी ने कहा, "जब पंडित नेहरू प्रधानमंत्री थे तो वह एक बार कुंभ मेले में आए थे। तब पंचायत से पार्लियामेंट तक कांग्रेस की सरकार थी। तब अव्यवस्था के कारण कुंभ में भगदड़ मच गई थी, हजारों लोग मारे गए थे, लेकिन पंडित नेहरू पर कोई दाग न लग जाए, उसके लिए यह खबर दबा दी गई। उस समय की मीडिया ने भी उन खबरों को दिखाने की हिम्मत नहीं जुटाई थी, उन परिवारों को, जिन्होंने अपनों को खोया था, उन्हें एक रुपया नहीं मिला। यह सिर्फ भगदड़ नहीं थी, भगदड़ के बाद जो हुआ वह असंवेदनशीलता का जुल्म था।"

मोदी ने कहा, "कुंभ में जिन लोगों ने सफाई की, उनके लिए मेरे मन में बहुत सम्मान रहा। उन लोगों ने कुंभ में सफाई के प्रति लोगों की सोच बदल दी। इन सफाई करने वाले भाइयों-बहनों के पैर धोकर मुझे जो पुण्य मिला है, वह मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।"

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वाराणसी: सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के बर्खास्त सिपाही तेज बहादुर यादव के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ने के मंसूबों पर पानी फिर गया है। तेज बहादुर का नामांकन रद्द हो गया। इसकी जानकारी उन्होंने स्वयं दी।

निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी किए गए दो नोटिसों का जवाब देने तेज बहादुर यादव बुधवार को अपने वकील के साथ निर्वाचन अधिकारी से मिलने पहुंचे। जिसके बाद निर्वाचन अधिकारी तेज बहादुर के नामांकन पत्र को खारिज कर दिया।

तेज बहादुर ने पत्रकारों से कहा, "मेरा नामांकन गलत तरीके से खारिज किया गया है। इस ज्यादती के लिए मैं सर्वोच्च न्यायालय जाऊंगा। नामांकन रद्द करने के लिए सरकार की तरफ से जिलाधिकारी पर दबाव बनाया गया है। मैं पूर्वाह्न् 11 बजे तक अपना स्पष्टीकरण जमा करने गया और मेरा नामांकन यह कहकर रद्द कर दिया गया कि मैंने 11 बजे तक अपने साक्ष्य जमा नहीं किए। ये बिल्कुल तानाशाही रवैया है।"

उन्होंने कहा कि वह इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

बताया गया है कि चुनाव आयोग ने नामांकन के वक्त सेना से बर्खास्तगी का पत्र नहीं लगाने को तेज बहादुर का नामांकन रद्द करने को आधार बनाया है।

जिला निर्वाचन कार्यालय से निकले तेज बहादुर और सपा नेताओं ने कहा कि हाईकमान के आदेश पर सर्वोच्च न्यायालय जाने का फैसला किया जाएगा।

नामांकन पत्र के नोटिस के जवाब देने के दौरान तेज बहादुर के समर्थकों और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक हुई, जिसके बाद पुलिस ने तेज बहादुर के समर्थकों को कचहरी परिसर से बाहर कर दिया।

वहीं, अब नए समीकरण के तहत शालिनी यादव सपा की तरफ से चुनावी मैदान में मोदी को टक्कर देंगी।

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वाराणसी: उत्तर प्रदेश की वाराणसी लोकसभा सीट से सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी तेजबहादुर यादव के नामांकन में गलत जानकारी को लेकर पेंच फंस गया है। इसे लेकर चुनाव आयोग ने उन्हें मंगलवार को नोटिस जारी किया है।

बीएसएफ से बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव ने पहले निर्दलीय फिर सपा के चुनाव चिन्ह पर नामांकन किया है। एक नामांकन-पत्र में उन्होंने बताया था कि उन्हें भ्रष्टाचार के कारण सेना से बर्खास्त किया गया था, लेकिन दूसरे नामांकन में उन्होंने इसकी जानकारी नहीं दी थी।

मंगलवार को पर्चो की जांच के बाद जिला निर्वाचन कार्यालय ने तेजबहादुर को नोटिस जारी करते हुए एक मई तक जवाब देने का समय दिया है।

जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया, "नामांकन के दौरान उन्होंने एक शपथ-पत्र में बताया था कि उन्हें भ्रष्टाचार के कारण सेना से बर्खास्त किया गया था। लेकिन दूसरे नामांकन में उन्होंने इसकी जानकारी नहीं दी थी। मंगलवार को पर्चो की जांच के बाद तेजबहादुर को नोटिस जारी किया गया, और उन्हें एक मई तक जवाब देने का समय दिया है।"

सपा महानगर अध्यक्ष आर. के. जायसवाल ने बताया कि जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से बुधवार सुबह 10 बजे तक का समय दिया गया है।

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अतर्रा (बांदा): उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को यहां अपनी पार्टी के प्रत्याशी के समर्थन में आयोजित एक चुनावी जनसभा में कहा कि "सपा-बसपा का गठबंधन 'महापरिवर्तन' और विचारों का का गठबंधन है, और केन्द्र की सत्ता में आने पर यह गठबंधन गरीबों को न्याय दिलाने का काम करेगा।"

अखिलेश ने अपने भाषण की शुरुआत में ही ब्राह्मण वर्ग की दुखती रग में हाथ रखा और कहा, "भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पता नहीं कौन-सी मिलावट की है कि उसने संसद में उत्कृष्ट उपस्थिति के लिए पहचाने जाने वाले अपने सांसद भैरों प्रसाद मिश्रा का टिकट काट दिया।"

भाजपा नेताओं द्वारा सपा-बसपा-रालोद गठबंधन को बार-बार 'महामिलावटी' कहे जाने पर अखिलेश ने कहा, "सपा-बसपा गठबंधन 'महापरिवर्तन' और विचारों का गठबंधन है। केन्द्र की सत्ता में आने के बाद यह गठबंधन उन गरीबों को न्याय देगा, जो न्याय से वंचित रह गए हैं। सपा और बसपा की सरकार में बुंदेलखंड का विकास हुआ है, लेकिन भाजपा सरकार ने तो विधवाओं और वृद्धों का पेंशन तक छीन लिया है।"

अखिलेश ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा, "हमने छात्रों को लैपटॉप दिए, ताकि वे आधुनिक पढ़ाई कर सकें। लेकिन वर्तमान सरकार के मुखिया इसलिए लैपटॉप नहीं दे रहे, क्योंकि उन्हें खुद लैपटॉप चलाना नहीं आता है।"

उन्होंने कहा, "यहां का नौजवान रोजगार के अभाव में पलायन कर रहा है। जब हम सरकार में थे, तब शिक्षामित्रों, आंगनबाड़ियों, अनुदेशकों और आशा बहू समेत तमाम रोजगार सृजित किए थे। प्रधानमंत्री नौजवानों को पकौड़ा बनाने की सलाह देते हैं, ताकि विदेशों से आने वाले तेल की खपत हो और उनके अपने लोगों को फायदा हो।"

उन्होंने कहा, "पांच साल केन्द्र के और दो साल प्रदेश सरकार के पूरे होने के बाद भी काबिल सरकारों ने बुंदेलखंड के विकास के लिए कुछ नहीं किया। उपलब्धि के तौर देखा जाए तो बांदा का मेडिकल कॉलेज बसपा सरकार में बनना शुरू हुआ था और सपा सरकार में पूरा हुआ है। अब भाजपा की सरकार में चिकित्सक तक नहीं तैनात किए जा रहे।"

उन्होंने अपनी सरकार के कार्यकाल की तमाम योजनाएं गिना कर गठबंधन प्रत्याशी श्यामाचरण गुप्ता को जिताने की अपील की और कहा कि भाजपा नेताओं के भाषण शौचालय से शुरू होते हैं और शौचालय पर ही खत्म हो जाते हैं, जबकि इनके बनवाए शैचालयों में पानी तक का इंतजाम नहीं है।

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लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) ने बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेजबहादुर यादव को सोमवार को वाराणसी संसदीय सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। तेजबहादुर पहले प्रधानमंत्री के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे।

सपा ने पहले इस सीट पर शालिनी यादव को टिकट दिया था। लेकिन नामांकन के आखिरी दिन पार्टी ने तेज बहादुर को टिकट देकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।

सोमवार दोपहर बाद सपा की ओर से आधिकारिक तौर पर बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेजबहादुर यादव को वाराणसी से सपा का टिकट दे दिया गया। इस बाबत सपा के आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से जानकारी भी दोपहर बाद साझा की गई।

तेजबहादुर सपा समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल करने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार पहुंचे, और उन्होंने अपना नामांकन दाखिल किया।

गौरतलब है कि नौ जनवरी, 2017 को हरियाणा के रेवाड़ी के तेज बहादुर यादव ने सेना में परोसे जा रहे भोजन को सार्वजनिक कर पूरे देश का माहौल सर्दियों में गरमा दिया था। यादव ने कुछ विडियो पोस्ट किए थे, जिनमें सिर्फ हल्दी और नमक वाली दाल और साथ में जली हुई रोटियां दिखाते हुए खाने की गुणवत्ता पर उन्होंने सवाल उठाए थे। वीडियो में उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान से सटी नियंत्रण रेखा समेत कई स्थानों पर इस प्रकार का खाना दिया जाता है और कई बार जवानों को भूखे पेट सोना पड़ता है।

वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और बीएसएफ से मामले पर विस्तृत रपट मांगी थी। इस बीच तेजबहादुर ने वीआरएस के लिए आवेदन किया था, जिसे स्वीकार नहीं किया गया। बल्कि उन्हें निर्देश दिया गया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, वह बीएसएफ नहीं छोड़ सकते। इसके विरोध में तेज बहादुर राजौरी स्थित मुख्यालय में भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। 19 अप्रैल को तेज बहादुर को बीएसएफ से बर्खास्त कर दिया गया। उन पर सीमा सुरक्षा बल का अनुशासन तोड़ने को लेकर जांच की गई थी।

बर्खास्त किए जाने के बाद तेजबहादुर ने फौजी एकता न्याय कल्याण मंच नामक एक एनजीओ बनाया, और अब वह वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं।

वाराणसी में अंतिम चरण में 19 मई को मतदान होना है, और मतों की गिनती 23 मई को होगी।

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