नई दिल्ली: अमेरिकी अभिनेता जॉर्डन पेले की हॉरर फिल्म 'अस' भारत में 29 मार्च को रिलीज होगी।

फिल्म की पटकथा और निर्देशन का काम जॉर्डन ने ही किया है।

मंकीपॉ प्रोडक्शंस में बनीं 'अस' में ऑस्कर विजेता ल्युपिटा न्योंगो एडीलेड विलसन नामक महिला के किरदार में नजर आएंगी जो अपने पति (विंस्टन ड्यूक) और दो बच्चों (शहादी राइट जोसेफ, इवान एलेक्स) के साथ समुद्र किनारे स्थित अपने घर लौटती है जहां उसका बचपन बीता था।

यह फिल्म हमशक्ल के मिथ पर आधारित है।

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फिल्मों, लघु फिल्मों और वेब मनोरंजन की दुनिया में काम का संतुलन बना रहीं अभिनेत्री दिव्या दत्ता का कहना है कि उन्हें अगर मौका मिला तो वह छोटे पर्दे के रिएलिटी टीवी शो की निर्णायक बनना पसंद करेंगी। दिव्या ने आईएएनएस से कहा, "मुझे नहीं लगता कि मैं टीवी शोज ज्यादा काम करूंगी।" साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि लेकिन, वह इसके लिए हमेशा के लिए ना भी नहीं कह रहीं।

उन्होंने कहा, "मैं अन्य प्लेटफार्मो पर काफी काम कर रही हूं। मैं अभी वेब शोज और लघु फिल्में कर रही हूं। वैसे मैं रिएलिटी शो जज करना चाहती हूं। मुझे लगता है कि यह मजेदार होगा..प्रतिभाशाली लोगों को प्रस्तुति देते देखना, कुछ अच्छी टिप्पणियां करना, मजा उठाना और वापस आ जाना।"

वह किस तरह के शोज जज करना चाहेंगी?

इस पर अभिनेत्री ने कहा, "जो मजेदार हो। यह नृत्य, संगीत या कॉमेडी हो सकता है। मुझे लगता है कि मैं एक शो जज करना पसंद करूंगी, यह ऐसी चीज है, जो मैंने पहले नहीं की।"

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अभिनेत्री भूमि पेडनेकर का कहना है कि ऐसा नहीं है कि वह यूं ही अचानक बॉलीवुड का हिस्सा बन गईं, वह हमेशा से एक अभिनेत्री ही बनना चाहती थीं। भूमि ने कहा, "मैं हमेशा से कलाकार बनना चाहती थी।"

उन्होंने बताया कि उन्होंने बहुत ही कम उम्र से काम करना शुरू कर दिया था और उन्हें विश्वास था कि आखिरकार वह ऐसा करने में कामयाब रहेंगी।

फिल्मों में प्रयास करने से पहले, भूमि यश राज फिल्म्स (वाईआरएफ) के कास्टिंग डायरेक्टर शानू शर्मा की सहायक थीं। यश राज फिल्म्स ने 'दम लगा के हईशा' का निर्माण किया था जिससे भूमि बतौर अभिनेत्री चर्चा में आईं।

भूमि ने स्टार वर्ल्ड पर प्रसारित होने वाले शो 'कॉफी विद करण' के एक एपिसोड में बॉलीवुड में अपनी शुरुआत के बारे में बात की।

उन्होंने कहा, "जैसे ही यह स्क्रिप्ट आई, मुझे नहीं पता था कि वे मेरा ऑडिशन ले रहे थे।"

वह नकली ऑडिशन के लिए सहमत हो गई।

उन्होंने कहा, "शानू ने मुझे करने के लिए चार दृश्य दिए और मैंने उन सभी को किया और ऑडिशन हुआ।"

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है जब 'दम लगा के हईशा' के मेरे निर्देशक शरत कटारिया को मेरा काम पसंद आया, तो उन्होंने मुझसे कहा कि ओह! तुम्हें पता है क्या, यह एक नकली ऑडिशन नहीं था। हम वास्तव में आपका ऑडिशन ले रहे थे।"

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अभिनेता आर. माधवन का कहना है कि फिल्म 'रॉकेट्री-द नंबी इफेक्ट' के लिए वैज्ञानिक व एयरोस्पेस इंजीनियर एस. नंबी नारायणन के लुक में ढलना उनके लिए 'दर्दभरी लंबी' प्रक्रिया रही। 

माधवन ने एक बयान में कहा, "यह प्रक्रिया दर्दभरी और लंबी रही..लुक पाने के लिए करीब दो दिन 14 घंटे कुर्सी पर बैठना पड़ा।" 

उन्होंने कहा, "शुरू में यह आसान मालूम पड़ा लेकिन बाद में एहसास हुआ कि यह कितना मुश्किल है।"

अभिनेता ने कहा कि सही लुक पाना निश्चित रूप से आधी जंग जीतने जैसा है। 

माधवन ने कहा, "लेकिन बाकी भी वास्तव में मुश्किल रहा क्योंकि मैं 70-75 के आसपास के उम्र के शख्स की भूमिका निभा रहा हूं। मिस्टर नंबी दिखने में अच्छे हैं और उनका अपना आकर्षण और करिश्मा है, तो उनके व्यक्तित्व और चाल-ढाल को अपनाने में मुझे करीब ढाई साल लग गए। यह इतना आसान नहीं था और शायद यह मेरे अब तक के सबसे मुश्किल लुक्स में से एक है।"

फिल्म की कहानी वैज्ञानिक के जीवन पर आधारित है। इसके इस साल के अंत में रिलीज होने की संभावना है। 

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अभिनेता शरमन जोशी ने निर्देशक राजकुमार हिरानी को एक ईमानदरार और निष्ठावान शख्स बताया। हिरानी पर एक महिला ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए शरमन कहते हैं कि वह हिरानी के साथ खड़े हैं और वह अत्यधिक निष्ठावान, चरित्रवान और सम्मानित शख्स हैं।

शरमन ने ट्वीट कर कहा, "राजू सर अत्यधिक निष्ठावान, चरित्रवान और सम्मानित शख्स हैं, जितने भी गुणों की कल्पना की जा सकती है, वे सभी उनमें हैं। मैं उनसे बहुत प्रेरित हूं और उनसे बहुत कुछ सीखा है। मैं बस यही कहना चाहता हूं कि सर, यह वक्त भी बीत जाएगा।"

रविवार को हफपोस्ट इंडिया के लेख के अनुसार, महिला ने दावा किया कि हिरानी ने मार्च और सितंबर 2018 के बीच इन छह महीने की अवधि के दौरान एक से अधिक बार उनका यौन उत्पीड़न किया। 

हिरानी ने इन सभी आरोपों का खंडन किया है।

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 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' के निर्देशक विजय रत्नाकर गुट्टे का कहना है कि कहानी के प्रत्येक हिस्से को प्रस्तुत करने के लिए सही कलाकारों का चयन मुश्किल काम था। गुट्टे ने एक साक्षात्कार में आईएएनएस से कहा, "मैंने फिल्म में कलाकारों के चयन में लगभग नौ महीने लगाए। चूंकि फिल्म वास्तविक किरदारों पर आधारित है और सभी लोग उन्हें जानते हैं, लिहाजा वे जनता के दिमाग में रहते हैं। एक फिल्म निर्देशक के रूप में, मुझे इसके लिए सही कलाकारों का चयन करना था। इस तरह के किरदार केवल अच्छे अभिनेता ही निभा सकते हैं।"

कास्टिंग टीम का शुक्रिया अदा करते हुए उन्होंने कहा, "हंसल मेहता और उनकी टीम, जो पिछले 20 वर्षो से इस व्यवसाय में हैं, ने मुझे उन कलाकारों के चयन में मदद की, जिन्हें मैं चाहता था। यह एक चुनौतीपूर्ण काम था। सबसे कठिन कास्टिंग संजय बारू की थी, जिसे अक्षय खन्ना ने निभाया है।"

फिल्म बारू द्वारा लिखी गई इसी नाम की पुस्तक पर आधारित है। इसमें अनुपम खेर ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की भूमिका निभाई है। इसके अलावा इसमें सुजैन बर्नर्ट, अहाना कुमरा और अर्जुन माथुर जैसे कलाकार भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं।

'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' शुक्रवार को रिलीज हुई है।

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'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' के निर्माता सुनील बोहरा का कहना है कि वे जानते थे कि इसे राजनीतिक प्रचार वाली फिल्म माना जाएगा, लेकिन वे इसके लिए भी सुनिश्चित थे कि यह फिल्म भारत में राजनीतिक सिनेमा के लिए 'गेम चेंजर' साबित होगी। बोहरा ने आईएएनएस को दिए अपने साक्षात्कार में कहा, "मेरे विचार से, जहां तक राजनीतिक सिनेमा की बात है, यह फिल्म एक 'गेम चेंजर' बनने वाली है। इसे लिखने में दो साल लगे, लगभग आधा साल बनाने में लगा लेकिन बहुत लंबे समय तक याद रहेगी, क्योंकि जिसमें सभी किरदारों को उनके वास्तविक नाम दिए गए हैं।"

यह फिल्म पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के वर्ष 2004 से 2008 तक मीडिया सलाहकार रहे संजय बारू के 2014 में लिखे इसी नाम के संस्मरण पर आधारित है। फिल्म में अभिनेता अनुपम खेर ने सिंह का किरदार निभाया है।

जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ट्विटर पर इसे अपनी टाइमलाइन पर शेयर किया है, वहीं कांग्रेस ने इसकी कथावस्तु पर आपत्ति जताई है।

आगामी लोकसभा देखते हुए फिल्म के प्रचार करने वाली फिल्म बनने की बातों पर बोहरा ने कहा, "मुझे पता है, और मैं जानता था कि यही होगा और सिनेमा में फिल्म आने के बाद सब स्पष्ट हो जाएगा। लोग मुद्दा उठाने की अपेक्षा फिल्म में हमारी कठिन मेहनत का सम्मान करेंगे।"

इससे पहले 'गैंग्स ऑफ वासेपुर', 'शाहिद', 'तनु वेड्स मनु' और 'मस्तराम' जैसी फिल्में बना चुके बोहरा ने कहा कि हर फिल्म में खतरा होता है।

भारत में राजनीतिक फिल्म के निर्माण के खतरे के सवाल पर उन्होंने कहा कि बिना खतरे के कोई भी फिल्म नहीं बन सकती। वे इसकी रिलीज के बाद मिलने वाली प्रतिक्रियाओं के लिए तैयार हैं। इसका निर्देशन विजय रत्नाकर गुट्टे ने किया है।

उन्होंने कहा, "प्रतिक्रियाएं होंगी। यह एक लोकतांत्रित देश है। अपनी राय रखने का सबको अधिकार है, और मुझे जो भी मिलेगा मैं उसका सम्मान करूंगा।"

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लेखक-निर्देशक विंता नंदा द्वारा दायर कथित दुष्कर्म मामले में अभिनेता आलोक नाथ को यहां एक अदालत ने शनिवार को अग्रिम जमानत दे दी। आधिकारिक सूत्र ने कहा कि यहां डिंडोशी की शहर दिवानी एवं सत्र न्यायालय ने नंदा की प्राथमिकी के बाद गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान करने वाली आलोक की याचिका पर सुनवाई की। नंदा ने दावा किया था कि आलोक नाथ ने 19 साल पहले उनके साथ दुष्कर्म किया था।

पीड़िता ने पिछले साल 17 अक्टूबर को ओशिवरा पुलिस थाने में नाथ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद आलोक नाथ ने दंडाधिकारी न्यायालय में नंदा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था।

आलोक ने पीड़िता द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया था और क्षतिपूर्ति के रूप में एक रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया था। इसके साथ ही उन्होंने नंदा से लिखित माफी की भी मांग की थी।

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अभिनेत्री तनुश्री दत्ता को भारत में 'मीटू मूवमेंट' की शुरुआत का श्रेय दिया जाता है, लेकिन वह इसे शुरू करने का श्रेय लेना नहीं चाहतीं। उनका कहना है कि मीडिया साधाराण शख्स को नायिका बना रहा है। तनुश्री ने 10 वर्ष पहले हुए यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई, जिसके बाद कई अन्य महिलाओं ने भी अपनी आपबीती सुनाई।

लेकिन अब वह अमेरिका लौटने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा, "मीडिया केवल एक साधारण व्यक्ति की आम यात्रा से बाहर निकाल उसे एक नायिका बना रही है। मैंने कुछ नहीं किया, केवल अपनी बात कही, जिसके माध्यम से समाज में कुछ बदलाव या जागरूकता आई।"

ऐसा नहीं है कि वह खुद को इस मूवमेंट से पूरी तरह से दूर कर रही है। उन्होंने कहा, "एक तरह से, मुझे उस घटना का बदला लेना था, जिसने मुझे अपने पेशेवर जीवन में कई साल पीछे धकेल दिया।"

लेकिन अब वह अमेरिका में अपने दैनिक जीवन में लौटना चाहती हैं।

तनुश्री ने कहा, "मैं अब वहां रहती हूं। मैं वैसे भी वापस जाने वाली थी। यह बाय डिफॉल्ट एक लंबी छुट्टी हो गई और मैं दोबारा आऊंगी। मेरा परिवार और बाकी सब याद आएंगे।"

उनका मानना है कि भारत में उनके बिना भी 'मीटू मूवमेंट' जारी रहेगा।

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 केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी अभिनेत्री जाह्नवी कपूर से मिलकर खुश हैं लेकिन उन्होंने कहा कि वह उस वक्त अचंभे में पड़ गईं, जब अभिनेत्री ने उन्हें आंटी कहा। पूर्व टीवी अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर गुरुवार को 'धड़क' स्टार के साथ एक बूमरैंग वीडियो साझा किया और कैप्शन दिया, "कोई मेरे इस क्षण को शूट कर दे जब लगातार आंटी कहने पर जाह्न्वी कपूर प्यारे तरीके से माफी मांगे और आप कहें- कोई बात नहीं बेटा।"

उन्होंने कुछ इस तरह के हैशटैग का प्रयोग किया : ये आज कल के बच्चे, आंटी किसको बोला और टोटल सियापा।

सोशल साइट पर स्मृति ईरानी के इस हास्य-विनोद भरे अंदाज को लोगों ने काफी पसंद किया।

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