नई दिल्ली: घरेलू यात्री कारों की बिक्री में गिरावट जारी है। जून महीने में इसमें 24.07 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। उद्योग क्षेत्र पर निगाह रखने वाले विशेषज्ञों के अनुसार, जीएसटी के कारण उच्च लागत, कम मांग और पर्याप्त तरलता की कमी इसका मुख्य कारण है।

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स (एसआईएएम) के अनुसार, घरेलू बाजार में यात्री कार की बिक्री जून 2018 के दौरान बेची गई 183,885 कारों के मुकाबले 139,628 कारों पर आ गई है।

अन्य यात्री वाहनों में भी भारत में बिकने वाले यूटिलिटी वाहनों की संख्या जून 2019 में 0.99 फीसदी घटकर 72,917 रह गई। पिछले महीने कुल 13,187 वैन बेची गई। इसमें जून-2018 के मुकाबले 18.7 फीसदी की कमी दर्ज की गई।

कुल मिलाकर, यात्री वाहन की बिक्री जून में 17.54 फीसदी घटकर 273,748 वाहनों के मुकाबले 225,732 वाहन रह गई है।

--आईएएनएस

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नई दिल्ली/मुंबई: सुस्त बिक्री और ऊंची लागत से जूझ रहे देश के ऑटो सेक्टर में नई भर्तियां बहरहाल रुक गई हैं। उद्योग से जुड़े लोगों को आशंका है कि इस सेक्टर में आगे छटनी की भी नौबत आ सकती है। वाहनों की मांग घटने से ऑटो सेक्टर फिलहाल मंदी के दौर से गुजर रहा है और ऊंची ब्याज दर के कारण दबाव में है।

ऑटो सेक्टर को नौकरियां देने वाला एक बड़ा सेक्टर होने के कारण विनिर्माण क्षेत्र की रीढ़ माना जाता है।

मांग घटने से मूल उपकरण विनिर्माता उत्पादन में कटौती करने को बाध्य हैं और उन्होंने नई भर्तियां रोक दी हैं।

ऑटो सेक्टर में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर 3.7 करोड़ लोगों को रोजगार मिलता है। इस सेक्टर में सुस्ती के कारण इससे जुड़े उद्योग मसलन रबड़, इस्पात और ऑटो रिटेल पर भी बुरा प्रभाव पड़ा है।

उद्योग से जुड़े लोगों ने आईएएनएस को बताया कि नई भर्तियों पर रोक लगी हुई है और यही स्थिति आगे भी बनी रही तो इस उद्योग में छटनी की भी नौबत आ सकती है।

ग्रांट थॉर्नटन इंडिया के पार्टनर वी. श्रीधर ने कहा, "सुस्ती के कारण अल्पकालिक बंदी की नौबत आ गई है, जिसके कारण अस्थाई रोजगार रोजगार पर प्रभाव पड़ा है और स्थाई कर्मचारी भी इससे प्रभावित हो सकते हैं।"

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस के अध्यक्ष आशीष हर्षराज काले ने कहा, "नई भर्तियां रुकी हुई हैं और सुस्ती के कारण कुछ लोग बेरोजगार भी हुए हैं, क्योंकि सेक्टर बुरी तरह प्रभावित हुआ है।"

उद्योग फिलहाल आगामी बजट 2019-20 में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती के साथ-साथ प्रोत्साहन पैकेज की राह देख रहा है।

--आईएएनएस

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नई दिल्ली: घरेलू यात्री कारों की बिक्री में कमी मई में भी जारी रही। इस खंड में 26.03 फीसदी की गिरावट रही।

उद्योग के पर्यवेक्षकों के अनुसार, कम मांग व उच्च ब्याज लागत से इसकी खरीद पर असर पड़ा।

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स (सियाम) के अनुसार, घरेलू बाजार में यात्री कारों की बिक्री मई 2018 के दौरान बेची गई 199,479 यूनिटों से घटकर 147,546 यूनिट रही।

यात्री वाहनों के अन्य उप-खंडों में भारत में बेचे जाने वाले उपयोगिता वाहनों की संख्या मई 2019 में 5.64 प्रतिशत घटकर 77,453 यूनिट हो गई, जबकि 14,348 वैन पिछले महीने बेची गईं थी, जो 2018 से 27.07 फीसदी कम थीं।

समग्र यात्री वाहन की बिक्री मई में 20.55 फीसदी घटकर 301,238 यूनिट से 239,347 यूनिट रही।

--आईएएनएस

 

 

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नई दिल्ली: वाहन दिग्गज जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) और बीएमडब्ल्यू समूह ने इलेक्ट्रिक वाहनों और संबंधित प्रौद्योगिकी के विकास के लिए साझेदारी की है। जेएलआर की मालिक टाटा मोटर्स द्वारा नियामकीय फाइलिंग में यह जानकारी दी गई है।

फाइलिंग में कहा गया है, "जगुआर लैंड रोवर और बीएमडब्ल्यू समूह ने आज पुष्टि की है कि वे अगली पीढ़ी के इलेक्ट्रिक ड्राइव यूनिट्स (ईडीयूज) विकसित करेंगे, जिससे विद्युतीकरण की प्रौद्योगिकियों के विकास में मदद मिलेगी, जो मोटर वाहन उद्योग के एसीईएस (ऑटोनोमस, कनेक्टेड, इलेक्ट्रिक, शेयर्ड) भविष्य का केंद्रीय भाग होगा।"

कंपनी ने कहा कि यह सहयोग दोनों कंपनियों के विद्युतीकरण के ज्ञान और विशेषज्ञता पर आधारित होगा।

टाटा मोटर्स ने फाइलिंग में कहा है, "जगुआर लैंड रोवर और बीएमडब्ल्यू समूह के विशेषज्ञों की एक टीम दोनों भागीदारों की विशिष्ट जरूरतों के मुताबिक इडीयू का विकास करेगी, ताकि दोनों अपने-अपने उत्पादों में इसका प्रयोग कर सकें।"

कंपनी ने कहा, "इलेक्ट्रिक ड्राइविंग यूनिट्स या वाहनों का निर्माण दोनों भागीदार अपनी-अपनी फैक्ट्रियों में करेगी। जगुआर लैंड रोवर अपने वोल्वरहैंप्टन स्थित इंजन मैनुफैक्चरिंग केंद्र (ईएमसी) में इसका उत्पादन करेगी।"

जगुआर लैंड रोवर इंजीनियरिंग के निदेशक निक रोगर्स ने कहा कि एसीईएस में बदलाव वाहन उद्योग 'सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव' होगा और उपभोक्ताओं की इलेक्ट्रिक वाहनों में रुचि और उद्योग में इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्माण धीरे-धीरे गति पकड़ रही है।

उन्होंने कहा, "बीएमडब्ल्यू समूह के साथ हमारी चर्चा में यह स्पष्ट था कि दोनों कंपनियों की अगली पीढ़ी की ईडीयू की जरूरतों को देखते हुए यह भागीदारी पारस्परिक रूप से लाभकारी होगी।"

--आईएएनएस

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लखनऊ: सहारा इंडिया परिवार ने मंगलवार को यहां घोषणा की कि वह 'सहारा इवोल्स' ब्रांड नाम के तहत ऑटोमोबाइल क्षेत्र में उतरेगी। यह भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की सबसे बड़ी श्रंखला लांच करेगी।

सहारा इवोल्स के उत्पाद पोर्टफोलियो में इलेक्ट्रिक स्कूटर, मोटरसाइकिल, तिपहिया वाहन और माल ढुलाई वाहन शामिल होंगे।

कंपनी बैटरी चार्जिग-कम-स्वैपिंग स्टेशन का एक नेटवर्क भी लांच करेगी। लखनऊ से शुरू होकर सहारा इवोल्स द्वितीय और तृतीय श्रेणी के शहरों में चरणबद्ध तरीके से इस वित्त वर्ष के अंत तक अपनी पारस्थितिकी विकसित करेगी।

कंपनी ने कहा कि अगले वित्त वर्ष में पूरे भारत में उत्पाद और सेवाएं लांच की जाएंगी।

कंपनी ने कहा कि सहारा इवोल्स के इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाने का खर्च 20 पैसे प्रति किलोमीटर होगा, जो पेट्रोल वाहनों के दो रुपये प्रति किलोमीटर खर्च से काफी कम है।

सहारा परिवार के अध्यक्ष सुब्रत राय ने कहा, "पहली बार हम भारत में एक पूर्ण इलेक्ट्रिक वाहन पारस्थितिकी पेश कर रहे हैं। सतत और पर्यावरण अनुकूल परिवहन के साधन देश के कच्चे तेल आयात के बोझ को घटाने तथा हमारी भावी पीढ़ी को लाभ पहुंचाने के लिए समय की मांग हैं।"

--आईएएनएस

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मुंबई: जर्मन लक्जरी कार मैन्युफैक्च रर ऑडी की लोकप्रिय कॉम्पैक्ट लक्जरी सिडैन ऑडी ए3 ने भारत में अपने पांच वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर कंपनी ने इस मॉडल की एक खास कीमत की घोषणा की है। ऑडी ए3 सिडैन अब भारत में 28,99,000 रुपये की शुरुआती कीमत से उपलब्ध है।

कंपनी ने एक बयान में कहा कि वर्ष 2014 में भारत में लांच होने के बाद से ऑडी ए3 सिडैन ने डिजाइन, टेक्नोलॉजी और कॉम्पैक्ट आकार में ड्राइविंग डायनमिक्स में ऑडी की विशेषज्ञता को दर्शाया है। इससे पहले ये गुण ऑडी ब्रांड की फुल-साइज लक्जरी कारों में ही प्रदर्शित होते थे। ऑडी ए3 ने तुरंत युवा और स्टाइलिश उपभोक्ताओं को ऑडी परिवार की ओर आकर्षित किया और तब से यह इस सैगमेंट की सबसे कामयाब कारों में से एक बन चुकी है।

--आईएएनएस

 

 

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मुम्बई: एमजी मोटर ने बुधवार को भारत की पहली इंटरनेट कार लॉन्च की। इसमें 50 से ज्यादा कनेक्टेड फीचर्स हैं। भारत की पहली 48 वी हाइब्रिड एसयूवी के तौर पर एमजी हेक्टर 19 एक्सक्लूसिव फीचर्स के साथ आएगी।

कंपनी ने कहा कि भारत में 10 लाख किलोमीटर तक चलाकर टेस्ट करने के बाद ही कंपनी के गुजरात स्थित हलोल प्लांट पर इसी महीने की शुरूआत में इसका उत्पादन शुरू किया गया है।

एमजी मोटर इंडिया के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक राजीव चाबा ने कहा, "भारत की पहली इंटरनेट कार एमजी हेक्टर को उच्च स्तरीय लोकलाइजेशन के साथ बनाया गया है। अंदर से बाहर तक यह फीचरों से युक्त है। एमजी की यह भारत में पहली पेशकश है, इस वजह से हेक्टर हमारी प्रतिबद्धताओं को प्रदर्शित करती है जो भारतीय ग्राहकों को सर्वश्रेष्ठ कार उपलब्ध कराने की है।"

कंपनी ने कहा कि इसके अंदर इंटरनेट तो है ही, हेक्टर में मौजूद अगली पीढ़ी की आईस्मार्ट टेक्नोलॉजी सेग्मेंट-बेस्ट 10.4 इंच टचस्क्रीन के साथ सुरक्षित, कनेक्टेड और मजेदार अनुभव देने का वादा करती है। हेक्टर में माइल्ड-हाइब्रिड आ*++++++++++++++++++++++++++++र्*टेक्च र के तौर पर एक सुविधाजनक फीचर है, जो 48-वोल्ट लिथियम-आयन बैटरी के जरिये संचालित होता है। ईंधन-क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ उत्सर्जन कम करने की दिशा में यूनिट में एनर्जी स्टोर होती है और यह 20 एनएम तक अतिरिक्त टॉर्क रेजिस्टेंस देता है।

एमजी मोटर इंडिया अगले कुछ हफ्तों में 50 शहरों में फैले अपने 120 आउटलेट के विस्तारित नेटवर्क के जरिए हेक्टर का शिपमेंट शुरू करेगी। कार निर्माता का लक्ष्य इस साल सितंबर तक अपने नेटवर्क को बढ़ाकर 175 आउटलेट करना है।

हेक्टर के लिए प्री-ऑर्डर अगले महीने से शुरू होंगे। इसकी तारीखें अगले कुछ हफ्तों में घोषित होंगी।

कंपनी ने हाल ही में भारत में लंबी अवधि तक रहने की प्रतिबद्धता के हिस्से के तौर पर गुड़गांव में स्थित अपने ब्रांड-न्यू कॉर्पोरेट कार्यालय को बनाने पर 150 करोड़ रुपए का निवेश किया है।

-- आईएएनएस

 

 

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नई दिल्ली: देश की प्रमुख वाहन विनिर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने सोमवार को कहा कि उसने देश में अपना 300वां व्यावसायिक वाहन बिक्री केंद्र खोला है।

मारुति सुजुकी इंडिया के कार्यकारी निदेशक (मार्केटिंग व सेल्स) शशांक श्रीवास्तव ने एक बयान में कहा, "हमारे कर्मिशियल चैनल नेटवर्क में विस्तार ग्राहकों के साथ समायोजन का प्रमाण है।"

उन्होंने कहा, "हमारे बिक्री नेटवर्क में विस्तार के अलावा, मारुति सुजुकी अपने सर्विस नेटवर्क में भी विस्तार कर रहा है। देश के 1,780 शहरों में 3,630 सर्विस सेंटर हो चुके हैं, जिससे व्यावसायिक वाहन क्रेताओं का विश्वास बढ़ेगा।"

कंपनी की ओर से जारी बयान के अनुसार, तीन साल से भी कम समय में 300 बिक्री केंद्र खोले गए गए हैं, जोकि देशभर में 230 शहरों में मौजूद हैं।

--आईएएनएस

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नई दिल्ली: अप्रैल में यात्री कारों की बिक्री में 19.93 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चर्स (सियाम) के अनुसार, यात्री कारों की बिक्री घरेलू बाजार में गिरकर 160,279 यूनिट हो गई, जबकि अप्रैल 2018 में 200,183 यूनिट की ब्रिकी हुई थी।

यात्री वाहनों के दूसरे उप-खंडों में अप्रैल 2019 में भारत में बेचे जाने वाले उपयोगिता वाहनों की संख्या 6.67 प्रतिशत घटकर 73,854 यूनिट रह गई, जबकि पिछले महीने 13,408 वैन की बिक्री हुई थी, जो 2018 से 30.11 फीसदी कम है।

समग्र रूप से यात्री वाहन की बिक्री अप्रैल में 17.07 प्रतिशत घटकर 298,504 यूनिट से 247,541 यूनिट हो गई।

--आईएएनएस

 

 

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नई दिल्ली/मुंबई: आने वाले दिनों में यात्री वाहनों में डीजल की खपत कम हो सकती है, लेकिन मल्टी युटिलिटी और स्पोर्ट्स युटिलिटी वाहनों के लिए अभी डीजल की मांग बनी रहेगी।

उद्योग जगत के जानकार बताते हैं कि पेट्रोल और डीजल चालित वाहनों के दाम में अंतर बीएस-6 मानक लागू होने के बाद छोटी कारों और कंपैक्ट युटिलिटी सेगमेंट में ज्यादा देखने को मिलेगा।

एमजी मोटर इंडिया के अध्यक्ष और एमडी राजीव चाबा ने कहा, "मौजूदा डीजल मॉडल में बीएस-6 इंजन लगाना महंगा हो सकता है।"

उन्होंने कहा कि एमजी 2020 और उसके बाद अपने ग्राहकों को डीजल का विकल्प देने को प्रतिबद्ध है।

नया उत्सर्जन मानक एक अप्रैल, 2020 से लागू होगा।

पिछले महीने पैसेंजर कार विनिर्माता मारुति सुजुकी ने कहा कि अगले साल नया मानक लागू होने के बाद वह एक अप्रैल, 2020 से डीजल वाली कार बेचना बंद कर देगी।

इसके कुछ दिन बाद टाटा मोटर्स ने कहा कि बीएस-6 लागू होने पर इसका अनुपालन खर्चीला हो जाएगा, जिससे मध्यम श्रेणी के डीजल मॉडल की मांग कम हो जाएगी। कम क्षमता का नया इंजन बनाना उचित नहीं होगा, क्योंकि इसकी लागत ज्यादा होगी।

आईसीआरए के उपाध्यक्ष व सह-प्रमुख (कॉरपोरेट रेटिंग्स) आशीष मोदानी ने कहा, "डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों के दाम में अंतर कम होने से कार खरीदने वाले कीमतों को लेकर काफी जागरूक होते हैं। पिछले दो साल में डीजल कार धारकों की संख्या में वृद्धि हुई है और बीएस-6 लागू होने पर इसमें और इजाफा होगा।"

दुनियाभर में डीजल का उपयोग व्यावसायिक वाहनों, यांत्रिक उपकरण और अन्य भारी वाहनों में होता है।

--आईएएनएस

 

 

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