लखनऊ: फिल्म 'सुपर-30' उत्तर प्रदेश में भी टैक्स फ्री कर दिया गया है। सुपर-30 कांचिंग संस्थान के संस्थापक आनंद कुमार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर इस बायोपिक को टैक्स फ्री करने का अनुरोध किया था। आनंद कुमार ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। योगी ने आनंद कुमार के जीवन पर बनी फिल्म की सराहना की। 'सुपर-30' उत्तर प्रदेश से पहले बिहार व राजस्थान में मनोरंजन कर से मुक्त (टैक्स फ्री) की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फिल्म दृढ़निश्चय तथा शानदार 'विल पावर' का एक बेहतरीन उदाहरण है। इसमें दिखाया गया है कि तमाम मुश्किलों के बावजूद सफलता हासिल की जा सकती है। हमें ऐसी फिल्मों से प्रेरणा लेनी चाहिए और समाज के युवाओं को शिक्षा के महत्व को लेकर जागरूक किया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि यह फिल्म पटना में गरीब बच्चों को गणित की कोचिंग देकर आईआईटी की प्रवेश की तैयारी कराने वाले आनंद कुमार के जीवन पर बनी है। इसमें मशहूर अभिनेता ऋतिक रोशन ने आनंद का किरदार निभाया है।

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सोनभद्र हत्याकांड के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। योगी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस घटना की नींव 1955 में ही पड़ गई थी, जब कांग्रेस की सरकार थी। योगी के मुताबिक सोनभद्र के विवाद के लिए 1955 और 1989 की कांग्रेस सरकार दोषी है।

उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत की जमीन को 1955 में आदर्श सोसाइटी के नाम पर दर्ज किया गया था। इस जमीन पर वनवासी समुदाय के लोग खेती-बाड़ी करते थे। बाद में इस जमीन को किसी व्यक्ति के नाम 1989 में कर दिया गया। 1955 में कांग्रेस की सरकार थी।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, "मैंने खुद डीजीपी को निर्देश दिया है कि वो व्यक्तिगत रूप से इस मामले पर नजर रखें। इस जमीन पर काफी समय से विवाद था और एक कमेटी इस मामले की जांच साल 1952 से करेगी।"

उन्होंने कहा कि एसडीएम घोरावल, सीओ घोरावल, एसओ घोरावल सहित हल्का और बीट के सभी सिपाही निलंबित कर दिए गए हैं। साथ ही इस जमीनी विवाद की जांच अपर मुख्य सचिव राजस्व को सौंप दी गई है।

उन्होंने कहा, "इम मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है।"

योगी ने कहा, "दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सोनभद्र में हुई हत्या की जांच कमिटी करेगी। जो भी दोषी हैं, उनको छोड़ा नहीं जाएगा। मामले से संबंधित मुख्य आरोपी सहित 27 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच के बाद जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"

गौरतलब है कि बुधवार को गांव प्रधान यज्ञदत्त ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर करीब 200 लोगों को लेकर घोरावल थाना इलाके के उम्भा गांव पहुंचे। उन लोगों के पास गंड़ासे और अवैध तमंचे थे। प्रधान ट्रैक्टरों से खेत की जबरन जुताई करवाने लगा। इस पर ग्रामीणों ने विरोध किया तो प्रधान के समर्थकों ने उन पर हमला कर दिया। इस दौरान 10 लोगों की मौत हो गई थी और 2 दर्जन से अधिक लोग घायल हैं।

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लखनऊ: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कहा कि वह राज्य के उनके दौरे के दौरान किए गए सुरक्षा प्रबंधों की सराहना करती हैं। प्रियंका गांधी ने पत्र में लिखा, "प्रदेश में मेरे दौरे के दौरान सरकार द्वारा किए गए सुरक्षा प्रबंध सराहनीय हैं, लेकिन मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि आप सुरक्षा का दायरा कम से कम रखें ताकि लोगों को मेरे कारण असुविधा का सामना न करना पड़े।"

उन्होंने आगे अनुरोध किया, "प्रदेश में मेरे दौरे के वक्त ट्रैफिक नहीं रोका जाए। मैं नहीं चाहती कि मेरी वजह से आम जनता को तकलीफ हो।"

प्रियंका गांधी ने खुद को जनता का सेवक बताते हुए कहा कि उनकी यात्रा के दौरान प्रशासन व पुलिस विभाग द्वारा होने वाले इंतजाम की वह सराहना करती हैं।

प्रियंका ने लिखा, "पिछले दिनों मेरी और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की रायबरेली की यात्रा के दौरान स्थानीय प्रशासन और पुलिस के 22 वाहन काफिले में शामिल थे। इस कारण जनता और कार्यकर्ताओं को काफी परेशानी हुई। दिल्ली और अन्य राज्यों में भी मेरी सुरक्षा का इंतजाम है, जिसमें मात्र एक सुरक्षा वाहन मेरे साथ चलता है। इससे किसी को आपत्ति भी नहीं होती है।"

प्रियंका गांधी वाड्रा ने पत्र में लिखा, "मैं जनता की सेवक हूं। इस वजह से मेरे कारण जनता को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। दिल्ली व अन्य राज्यों में मेरी वजह से कभी ट्रैफिक नहीं रोका जाता है, क्योंकि मैं इस प्रथा के खिलाफ हूं।"

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार होने के संकेत मिल रहे हैं। स्वतंत्र देव के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों की माने तो विधानमंडल सत्र के बाद योगी सरकार का पहला विस्तार हो सकता है। दो दिनों पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिल्ली गए थे। यहां अमित शाह के घर पर बैठक हुई। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष भी मौजूद रहे। इस बैठक में उप्र मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर चर्चा हुई है। इस विस्तार में किसका नाम बढ़ाना है और किसका पत्ता कटा, इस बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगा।

लोकसभा चुनाव में मंत्रियों की भूमिका देखते हुए विस्तार में कुछ राज्य मंत्रियों को तरक्की देकर कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। वहीं कैबिनेट मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव कर कुछ का कद बढ़ाया जा सकता है। विस्तार में कुछ नए चेहरों को भी मौका मिलना तय है।

प्रदेश में अधिकतम 60 सदस्यीय मंत्रिमंडल बनाया जा सकता है। मार्च 2017 में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनी सरकार में मुख्यमंत्री सहित 47 मंत्रियों ने शपथ ली थी। इस ढंग से देखा जाए तो मंत्रिमंडल में 13 स्थान पहले से ही खाली थे।

इसके अलावा ओमप्रकाश राजभर को बर्खास्त किया जा चुका है, जबकि रीता बहुगुणा जोशी, सत्यदेव पचौरी व एसपी सिंह बघेल सांसद निर्वाचित होने के बाद मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दे चुके हैं। स्वतंत्रदेव सिंह को भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उनका त्यागपत्र देना भी तय है। भाजपा में एक पद, एक व्यक्ति का सिद्घांत लागू होगा। स्वतंत्रदेव के त्यागपत्र देने के बाद मौजूदा मंत्रिमंडल में पांच स्थान खाली हो जाएंगे।

सूत्रों के अनुसार विस्तार में सभी क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देकर सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण दुरुस्त किए जाएंगे। रिक्त हुए पांच स्थानों सहित 10-12 लोगों को मंत्री बनाया जा सकता है।

भाजपा के सूत्र बताते हैं कि इस बार के विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन का ख्याल रखा जाएगा। पिछली बार अकेले लखनऊ से ही उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा समेत 5 लोग मंत्रिमंडल में रखे गए। किसी गुर्जर नेता को मंत्री नहीं बनाया गया। संगठन में अच्छा काम करने वाले दो-तीन नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।

इसके साथ ही जिन मंत्रियों का प्रदर्शन अच्छा नहीं है उन्हें बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है।

भाजपा प्रवक्ता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने कहा, "मंत्रिमंडल का विस्तार करना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है, जब उनको जरूरत होगी, तब वह अपने हिसाब से तय करेंगे। बाकी यह विषय हमारे नेतृत्व का है। वही लोग यह तय करेंगे।"

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सांसद-विधायक कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत में पुलिस कांस्टेबल सत्यप्रकाश यादव की हत्या का मामला खारिज कर दिया गया है। इसके साथ अदालत ने योगी आदित्यनाथ की ओर उनके विपक्षी तलज अजीज पर कराए गए क्रास केस के तहत मुकदमा चलाने की मांग भी खारिज कर दी है। इस मामले में सीजेएम महराजगंज ने पहले ही परिवाद खारिज कर दिया था। दोनों पक्षों ने सीजीएम के फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल की थी।

याचिका खारिज करते हुए विशेष अदालत के न्यायाधीश पवन तिवारी ने कहा, "सीजेएम महराजगंज का आदेश विधि, तथ्यों एवं प्रक्रिया के तहत सही है, इसमें कोई त्रुटि नहीं है।"

इससे पूर्व न्यायालय में दोनों पक्षों के वकीलों ने कहा कि उन्होंने एक-दूसरे के खिलाफ गलतफहमी में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस जांच में मामला झूठा पाया गया। इसलिए निगरानी का निस्तारण कर दिया गया।

ज्ञात हो कि 20 साल पुराने इस मामले में योगी आदित्यनाथ के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था। सीबीसीआईडी ने इस मामले में फाइनल रिपोर्ट पहले ही दे दी थी, फाइनल रिपोर्ट को पिछले साल सीजेएम कोर्ट ने भी सही माना था। उसके बाद सीजेएम के आदेश को प्रयागराज की विशेष सांसद-विधायक अदालत में चुनौती दी गई थी। विशेष अदालत ने भी सीजेएम के आदेश को सही मानते हुए याचिका खारिज कर दी।

गौरतलब है कि 11 फरवरी 1999 में महराजगंज में कब्रिस्तान की एक जमीन को लेकर योगी आदित्यनाथ और तलज अजीज के बीच विवाद हुआ था। विवादित स्थल पर पेड़ लगाए गये थे, जिसे दूसरे पक्ष ने कब्रिस्तान की जमीन बताते हुए अपना दावा ठोंक दिया। इसी मामले को लेकर तलज अजीज की एक जनसभा हो रही थी। उस दौरान योगी का काफिला वहां से गुजरा और दोनों पक्षों के समर्थकों में मार-पीट हो गयी। दोनों ओर से गोलियां भी चली जिसमें तलज अजीज के गनर सत्यप्रकाश यादव की मौत हो गयी थी।

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडे की जगह भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राज्य के उप-मुख्यमंत्री रह चुके पांडे को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने के बाद इस नियुक्ति की जरूरत पड़ी।

54 वर्षीय सिंह राज्य में पार्टी के ओबीसी चेहरे रहे हैं और अपने संगठनात्मक कौशल के लिए जाने जाते हैं।

वह कुर्मी जाति से आते हैं। उनकी नियुक्ति को भाजपा द्वारा कुर्मियों को लुभाने के कदम के रूप में देखा जा रहा है, जो राज्य में प्रभावशाली पिछड़ी जातियों में से एक है।

पार्टी की कोशिश ओबीसी समाज में अपनी पकड़ को मजबूत करना है, जिन्होंने राज्य विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भाजपा का जोरदार समर्थन किया था।

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने सोमवार को कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, दोनों से उनके व्यक्तिगत तौर पर बहुत अच्छे संबंध हैं। राज्यपाल राजभवन में अपने पांच वर्ष पूरे होने पर पांचवें वर्ष का कार्यवृत्त मीडिया के सामने रखा। उन्होंने कहा कि उप्र सवरेत्तम प्रदेश बनने की राह पर है। इसमें उन्होंने 'सेतुबंध के समय गिलहरी' जैसा योगदान देने की कोशिश की है।

राम नाईक ने कहा, "मेरे अखिलेश यादव व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों से व्यक्तिगत तौर पर बहुत अच्छे रिश्ते हैं।" पिछली अखिलेश सरकार व मौजूदा योगी सरकार के बीच बेहतर कौन? इस सवाल का जवाब देने से हालांकि उन्होंने इनकार कर दिया।

राज्यपाल ने कहा, "दोनों मेरी सरकारें हैं। दोनों का मैं संरक्षक की भूमिका में रहा हूं। पर, यह मैं तय नहीं कर सकता। यह जनता तय करती है।"

नाईक ने कहा कि कुष्ठ रोगियों के लिए निर्वाह भत्ता बढ़ाने का अनुरोध उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से किया था। इसे उन्होंने मान लिया। इसी मुद्दे पर उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहा कि कुष्ठ रोगियों को मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण में मकान दिलवाएं। इसे मुख्यमंत्री योगी ने स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा कि हाल के सालों में पहले के मुकाबले उन्हें कम पत्र मिले हैं। इससे संकेत है कि लोगों के काम सरकार में होने लगे हैं।

राज्यपाल ने बताया कि इस वर्ष उन्होंने 5,257 नागरिकों से तथा पांच वर्ष में कुल 30,225 नागरिकों से राजभवन में भेंट की। पांचवें वर्ष में राजभवन में 37,107 पत्र जनता ने विभिन्न माध्यमों से प्रेषित किए, जिन पर राजभवन द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की गई, जबकि पांच वर्ष में कुल प्राप्त पत्रों की संख्या 2,10,643 है।

उन्होंने राजभवन में 54 सार्वजनिक कार्यक्रमों, लखनऊ में 165 सार्वजनिक कार्यक्रमों, लखनऊ से बाहर प्रदेश में 100 सार्वजनिक कार्यक्रमों और उत्तर प्रदेश से बाहर 25 सार्वजनिक कार्यक्रमों में सहभाग किया।

राज्यपाल ने अपने कार्यकाल की अवधि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गत पांच वर्ष में अब तक वह राजभवन में 219 सार्वजनिक कार्यक्रमों, लखनऊ में 955 सार्वजनिक कार्यक्रमों, लखनऊ से बाहर उत्तर प्रदेश में 536 कार्यक्रमों, उत्तर प्रदेश से बाहर कुल 147 कार्यक्रमों में सम्मिलित हुए हैं ।

उन्होंने बताया कि कुलाधिपति के रूप में 26 विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह में वे सम्मिलित हुए हैं, जबकि प्रदेश में स्थापित दो निजी विश्वविद्यालयों या संस्थाओं के दीक्षांत समारोह में भी उन्होंने भाग लिया है।

राज्यपाल ने कहा कि उच्च शिक्षा में सुधार लाना उनकी पहली प्राथमिकता रही है और इसके लिए उन्होंने प्रथम वर्ष से ही विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए थे तथा वर्ष में दो कुलपति सम्मेलन भी आयोजित किए जा रहे हैं। इस वर्ष शैक्षिक सत्र 2018-19 में दीक्षांत समारोहों में कुल 12,78,985 छात्र-छात्राओं को विभिन्न पाठ्यक्रमों की उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें से 7,14,764 यानी 56 प्रतिशत छात्राओं ने उपाधियां अर्जित की हैं। कुल 1,741 पदकों में 1,143 यानी 66 प्रतिशत पदकों पर छात्राओं ने कब्जा किया है।

नाईक ने कहा कि विगत वर्षो में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए उठाए गए कदमों के फलस्वरूप आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि उपाधि प्राप्तकर्ताओं में छात्राओं का अनुपात जहां वर्ष 2015-16 के दौरान 40 प्रतिशत था, वहीं शैक्षिक सत्र 2018-19 के दौरान यह स्तर बढ़कर 56 प्रतिशत पर पहुंच गया है।

राज्यपाल ने बताया कि वह जिन संस्थाओं के पदेन अध्यक्ष है, पांचवें वर्ष में उनकी छह बैठकों की अध्यक्षता भी उन्होंने की है। कार्यवृत्त की अवधि में 24 पत्र राष्ट्रपति को, 29 पत्र प्रधानमंत्री, 131 पत्र उपराष्ट्रपति एवं केंद्रीय मंत्रियों को, 329 पत्र मुख्यमंत्री तथा 210 पत्र प्रदेश के मंत्रियों को उन्होंने प्रेषित किए हैं।

उन्होंने बताया कि पांच वर्ष में कुल 116 पत्र राष्ट्रपति को, 199 पत्र प्रधानमंत्री को, 551 पत्र उपराष्ट्रपति एवं केंद्रीय मंत्रियों को, 1,623 पत्र मुख्यमंत्री को तथा 634 पत्र प्रदेश के मंत्रियों को उनके द्वारा लिखे गए हैं।

राज्यपाल ने बताया कि उन्हें एक वर्ष में प्रदेश के बाहर आयोजित कार्यक्रमों में जाने के लिए कुल 73 दिन स्वीकृत हैं। वर्ष 2018 में वह 40 दिन (55 प्रतिशत) और वर्ष 2019 में अब तक नौ दिन (12 प्रतिशत) प्रदेश के बाहर गए थे। इस अवधि में उन्होंने 25 कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया।

उन्होंने बताया कि राज्यपाल को 20 दिन का वार्षिक अवकाश उपभोग करने की अनुमति है। पांचवें कार्यवृत्त की अवधि में उन्होंने मात्र तीन दिन का अवकाश चिकित्सकों की सलाह पर एहतियात के तौर पर 'पेस मेकर' लगवाने के लिए लिया था। इस प्रकार कुल पांच वर्ष में देय 100 दिन के अवकाश के सापेक्ष उन्होंने कुल 22 दिन (2014-15 में 10 दिन, 2015-16 में 9 दिन एवं 2018-19 में 3 दिन) का अवकाश लिया है।

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मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां रविवार को कहा कि शुकतीर्थ का काशी, अयोध्या और मथुरा की तरह विकास किया जाएगा। योगी आदित्यनाथ तीर्थनगरी शुकतीर्थ में वीतराग स्वामी कल्याणदेव की 15वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने शुकतीर्थ मंदिर के दर्शन किए और शुकतीर्थ में आधुनिक भागवत कथा भवन के मंडल का लोकार्पण किया। योगी ने पर्यटन विभाग की 20 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास करते हुए कहा कि जिस तरह काशी, अयोध्या और मथुरा का विकास हो रहा है, उसी तर्ज पर शुकतीर्थ का भी विकास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने योजनाओं के शिलान्यास के बाद ट्रस्ट के लोगों को संबोधित कहा कि भारत ने अपनी अस्मिता अब तक साधु-संतों के कारण बचाई रखी है। उन्होंने अपने संबोधन में भागवत महापुराण का उल्लेख भी किया। योगी ने कहा कि पूरब से पश्चिम तक लोक कल्याण के काम हो रहे हैं। मुजफ्फरनगर का इतिहास बहुत पुराना है और भागवत भूमि से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि यहां साधनों के अभाव के बावजूद श्रद्धालुओं का तांता लगता था। शुकदेव तीर्थ 5000 साल पुराना आस्था का केंद्र है। सरकार के साथ आमजन के सहयोग की भी जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस बार कांवड़ यात्रा कुंभ की तर्ज पर संपन्न कराई जाएगी और शांति और सौहार्दपूर्ण तरीके से कांवड़िये यात्रा निकालेंगे।

योगी ने कहा, "विकास के वे आयाम, जिन्हें हम समयबद्ध तरीके से पूरा कर पाएं, उसे हम आगे बढ़ा रहे हैं। मूल स्वरूप से छेड़छाड़ किए बगैर वहां विकास करना हमारा लक्ष्य है।"

मुख्यमंत्री ने गौ संरक्षण का जिक्र करते हुए कहा, "हमने गौ सुरक्षा के लिए निर्देश दिए हैं।" योगी ने कहा कि आम जनता कांवड़ियों का अतिथि की तरह स्वागत करें। उन्होंने किसानों की समस्याओं का निवारण करने का आश्वासन भी दिया।

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि मथुरा में जन्माष्टमी का भव्य आयोजन किया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों से कहा कि यदि आप ऐसा करने में सक्षम रहे, तो हमारे सभी पर्व और त्यौहार स्थानीय न होकर वैश्विक हो जाएंगे। ब्रज तीर्थ विकास बोर्ड के पदाधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री योगी ने कहा, "अयोध्या में दीपोत्सव, काशी में देव दीपावली और विंध्यांचल की नवरात्रि की तरह मथुरा में जन्माष्टमी भी भव्य तरीके से आयोजित की जानी चाहिए। ऐसा करने से देश-विदेश के पर्यटक यहां खिंचे चले आएंगे, इससे पर्यटन की संभावनाओं में चार चांद लग जाएंगे। स्थानीय लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार भी मिलेगा।"

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा, "जन्माष्टमी पर भगवान श्री कृष्ण से संबंधित मथुरा के सभी स्थानों पर रोशनी के लिए रंगीन एलईडी लाइट लगवाएं। मंदिरों, घरों और सड़कों पर भी इसी तरह व्यवस्था करें।"

उन्होंने कहा, "निर्णय तेजी से लेते हुए काम की गुणवत्ता और मानक को बनाए रखते हुए हर हाल में इसे समय पर पूरा करें। गुणवत्ता सुनिश्चित कराने के लिए हर काम की थर्ड पार्टी मनीटरिंग भी कराएं।"

योगी ने कहा, "तीर्थ स्थानों से पूरी दुनिया को संदेश जाता है, इसलिए वहां कि साफ-सफाई, पर्यटकों की मूलभूत सुविधाओं और सुरक्षा को प्राथमिकता पर रखें। तीर्थ स्थानों पर पॉलीथिन के प्रतिबंध को प्रभावी तरीके से लागू करें। प्लास्टिक या पॉलीथिन में बिकने वाले उत्पादों पर प्रतिबंध लगाएं, साथ ही लोगों को पॉलीथिन, प्लास्टिक और थर्माकॉल के खतरे के प्रति जागरुक करें।"

उन्होंने प्रदेश स्तरीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा, "राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं। प्रत्येक जिले के लिए एक विशिष्ट योजना तैयार करें।"

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यमुना एक्सप्रेस-वे हादसे के चार दिन बाद गुरुवार को सड़क सुरक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे हादसे का दोष सिर्फ चालकों के मत्थे मढ़कर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। योगी ने लोकभवन में अधिकारियों से कहा कि जनता के जीवन के साथ समझौता कतई सहन नहीं होगा। परिवहन विभाग में युद्ध स्तर पर सुधार की आवश्यकता है। हादसे सिर्फ चालकों के मत्थे मढ़कर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते।

उन्होंने कहा कि कंडम बसें और डग्गामार वाहनों को स्क्रैप कर दिया जाए। अन्य प्रदेशों से आने और जाने वाली बिना परमिट की बसों को प्रदेश से गुजरने की अनुमति न दें। जो भी कानून का उल्लंघन करे, उससे पूरी सख्ती से निपटें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलाधिकारी अपने जिलों में सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों के साथ हर माह बैठक करें और उसकी समीक्षा हर महीने मुख्य सचिव करें। हर तीन महीने सड़क सुरक्षा को लेकर सूचना विभाग, परिवहन विभाग और यातायात विभाग व्यापक अभियान चलाए। ओवर स्पीड को रोकने की व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रम्बल स्ट्रिप हर 15 किलोमीटर पर होना चाहिए। हाइवे पेट्रोलिंग वाहन, डायल 100 और एम्बुलेंस के कर्मचारियों को सही ढंग से प्रशिक्षण दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी वाहन चालकों का मेडिकल चेकअप, लाइसेंस की जांच, उनकी पूरी स्क्रीनिंग और चालकों के स्टेयरिंग पर बैठने से पहले और गंतव्य तक पहुंचने पर उनका ब्रेथ एनेलाइजर टेस्ट कराया जाए। रात में 400 किलोमीटर तक या उससे ज्यादा चलने वाली बसों में दो ड्राइवर रहें। अधिकारियों एवं मंत्रियों के चालकों का भी मेडिकल चेकअप हो।

मुख्यमंत्री ने बैठक में मौजूद जेपी इन्फ्राटेक के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा, "प्रदेश सरकार आपकी कंपनी को गलत कार्य करने की इजाजत नहीं दे सकती। टोल आप वसूलते हैं, तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी आपकी जिम्मेदारी है। आईआईटी-दिल्ली द्वारा बताए गए सुरक्षा के सभी 13 सुझावों का पालन करिए। यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी के अधिकारी इस बात को सुनिश्चित करें, अगर मानकों का पालन नहीं हो रहा है तो कंपनी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें।"

मुख्यमंत्री स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी खासे चिंतित दिखे। उन्होंने कहा कि जिन मारुति वैन, टैम्पो को रिजेक्ट कर दिया जाता है, उन्हें स्कूल में चलाया जा रहा है। रिक्शों पर बच्चे लटक कर स्कूल जाते हैं। स्कूल का वाहन चलाने वाले सभी चालकों की मेडिकल जांच के साथ ही पुलिस सत्यापन कराएं। स्कूली वाहनों का नियमित फिटनेस टेस्ट सत्र शुरू होने से पहले हो जाना चाहिए। इनके लिए जरूरी हो तो छुट्टी के दिन भी आरटीओ कार्यालय खोलें। जो भी वाहन फिटनेस पास हो, उनको ही सड़क पर चलने की अनुमति दी जाए।

योगी ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग यह सुनिश्चित करे कि कोई हादसा होने पर 10-15 मिनट के भीतर वहां पर घायलों के लिए जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों। जितने भी ट्रॉमा सेंटर हैं, वे चलने चाहिए, इनमें आथरेपेडिक सर्जन की व्यवस्था हो।

--आईएएनएस