वेलिंगटन: न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिका अर्डर्न ने गुरुवार को देश में हथियारों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि देश में सैन्य शैली की सेमी-ऑटोमेटिक हथियारों(एमएसएसए) और असॉल्ट राइफलों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

इससे एक सप्ताह पहले यहां की दो मस्जिदों पर एक आस्ट्रेलियाई व्यक्ति द्वारा किए गए हमले में 50 लोगों की मौत हो गई थी।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, न्यूजीलैंड सरकार ने ऐसे कई सामग्रियों पर भी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है जो निम्न क्षमता के सेमी-ऑटोमेटिक हथियारों के निर्माण में सक्षम है और जिससे नरसंहार किया जा सकता है।

सभी उच्च क्षमता वाले मैगजीनों के अलावा एमएसएसए बना सकने वाले बंदूकों के सभी कलपुर्जो पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा।

अर्डर्न ने भरोसा जताया कि न्यूजीलैंड की बड़ी आबादी इस बदलाव का समर्थन करेगी। प्रतिबंध स्थानीय समयनुसार अपरान्ह तीन बजे लगाया गया।

विपक्षी नेशनल पार्टी ने एमएसएसए हथियारों पर प्रतिबंध की प्रशंसा की है। नेता सिमोन ब्रिज ने इस बात से सहमति जताई कि लोगों को सैन्य शैली की ऑटोमेटिक हथियारों का इस्तेमाल करने की कोई जरूरत नहीं है।

समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार सोशल मीडिया पर नफरत से जुड़े संदेशों को रोकने के लिए भी कदम उठाएगी।

--आईएएनएस

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रोम: स्कूली बच्चों को ले जा रही एक बस का उसके चालक ने अपहरण कर लिया और इटली के मिलान के निकट उसमें आग लगा दी। बस में 51 बच्चे सवार थे। बीबीसी की बुधवार की रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों को बस के पीछे की खिड़की को तोड़कर बचा लिया गया। इस घटना में कोई बुरी तरह से घायल नहीं हुआ।

चालक (47) को गिरफ्तार कर लिया गया। वह मूल रूप से सेनेगल का रहने वाला है।

चालक ने कथित तौर पर कहा था, "कोई भी जिंदा नहीं बचेगा।"

मिलान के मुख्य अभियोजक फ्रांसेस्को ग्रीको ने कहा, "यह एक चमत्कार है, यह एक नरसंहार हो सकता था।"

बस में सवार एक शिक्षक ने कहा कि संदिग्ध इटली की प्रवासी नीति को लेकर नाराज लग रहा था।

जब संदिग्ध स्कूल बस में चाकू लेकर बच्चों को डरा रहा था तो एक लड़के ने अपने माता-पिता को कॉल किया, जिन्होंने पुलिस को सूचना दी।

रिपोर्ट के अनुसार, पेट्रोल बस के चारों तरफ छिड़क दिया गया था, लेकिन पुलिस बस के पिछले खिड़की को तोड़कर बच्चों को आग की लपटों में फंसने से पहले बचा लिया।

--आईएएनएस

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बीजिंग: बीजिंग में भारत के राजदूत विक्रम मिश्री ने कहा कि भारत चीन के बेल्ट एंड रोड पहल का हिस्सा नहीं हो सकता है, क्योंकि इसमें इसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के अहम सरोकारों को नजरंदाज किया गया है।

बीजिंग अप्रैल में दूसरे बेल्ट एंड रोड फोरम का आयोजन करने वाला है। चीन में भारत के राजदूत विक्रम मिश्री ने चीन की सरकारी मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि नई दिल्ली कार्यक्रम का विरोध करते हुए दूसरी बार इससे अलग रहेगा।

चीन की बेल्ट एंड रोड पहल का मकसद सड़कों, राजमार्गो, समुद्री मार्गो, व पत्तनों के विशाल नेटवर्क के जरिए यूरोप, एशिया और अफ्रीका को जोड़ना है। इसकी अहम परियोजनाओं में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) भी शामिल है, जो जम्मू-कश्मीर से गुजरता है।

नई दिल्ली ने 2017 में यह कहते हुए बेल्ट एंड रोड फोरम में हिस्सा नहीं लिया था कि इससे उसकी क्षेत्रीय संप्रभुता का उल्लंघन होता है।

चीन के ग्लोबल टाइम्स से बातचीत में मिश्री ने भारत का रुख स्पष्ट किया। उनसे पूछा गया था कि नई दिल्ली ने बेल्ट एंड रोड पहल की संकल्पना को जटिल क्यों बना दिया है।

उन्होंने कहा, "सही बात यह है कि हमरा कोई गुप्त नजरिया नहीं है और बीआरआई पर हमारा रुख स्पष्ट व एकनिष्ठ है और हमने संबंधित प्राधिकरणों को इस संबंध में बता दिया है।"

मिश्री ने कहा, "भारत संपर्क मजबूत करने के लिए वैश्विक आकांक्षा को साझा करता है और यह हमारे आर्थिक व कूटनीतिक पहलों का अभिन्न हिस्सा है।"

उन्होंने कहा, "हम खुद अपने क्षेत्र और उससे बाहर संपर्क की कई परियोजनाओं पर कई देशों व अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों के साथ काम कर रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "हालांकि हमारा मानना है कि संपर्क परियोजनाएं अवश्य अंतर्राष्ट्रीय मानकों, सुशासन व नियमों के आधार पर सार्वभौमिक रूप से मान्य हों।"

--आईएएनएस

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अस्ताना: कासिम-जोमार्ट तोकायेव ने बुधवार को कजाकिस्तान के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। इसके पहले मंगलवार को नूरसुल्तान नजरबायेब (78) ने 30 साल के शासन बाद राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था।

तोकायेव ने इस मध्य एशियाई देश का नेतृत्व सीनेट के अध्यक्ष के रूप में संभाला और उन्होंने संसद के दोनों सदनों के एक आम सत्र में शपथ ग्रहण किया।

राष्ट्रपति ने कहा, "मैं कजाकिस्तान के लोगों की सेवा का संकल्प लेता हूं, संविधान का सख्ती से पालन करूंगा, नागरिकों के अधिकारों और उनकी आजादी की गारंटी दूंगा और कजाकिस्तान गणराज्य के राष्ट्रपति की उच्च जिम्मेदारी को ईमानदारी के साथ निभाऊंगा।"

कजाक संविधान के अनुसार, तोकायेव अप्रैल 2020 तक देश के राष्ट्रपति रहेंगे, जब नजरबायेब का कार्यकाल समाप्त होने वाला है।

अपने उद्घाटन भाषण में 65 वर्षीय कजाक नेता ने कहा कि नजरबायेब का इस्तीफे का निर्णय वैश्विक और ऐतिहासिक महत्व के एक राजनीतिज्ञ के रूप में उनकी महानता का एक संकेत है।

उन्होंने कहा, "कजाकिस्तान गणराज्य अपनी सभी उपलब्धियों और सफलताओं, और खासकर अपनी पवित्र आजादी का श्रेय नूरसुल्तान अबिशेविच नजरबायेब को देता है।"

--आईएएनएस

 

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इंस्तानबुल: तुर्की के डेनीजली प्रांत के असिपयाम जिले में बुधवार को 5.5 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। घटना में फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने डिजास्टर एंड इमरजेंसी मैनेजमेंट प्रसीडेंसी के हवाले से कहा कि भूकंप स्थानीय समयनुसार पूर्वाह्न् 9.34 बजे आया।

एजेंसी ने कहा कि भूकंप के बाद 4.8 और 2.1 तीव्रता के नौ झटके महसूस किए गए।

डिस्ट्रिक्ट मेयर हुलुसी सेवकन ने कहा कि क्षेत्र में किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं है। कुछ इमारत हालांकि ढह गए हैं और कुछ क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

--आईएएनएस

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केनबरा: ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मोरीसन ने बुधवार को क्राइस्टचर्च हमले के बाद तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन द्वारा ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को ताबूत में वापस भेजने की धमकी देने के लिए उनकी आलोचना की है। स्कॉट मोरीसन ने ऑस्ट्रेलियाई ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (एबीसी) से कहा कि एर्दोगन का बयान बहुत अपमानजनक है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, उन्होंने कहा कि वे ऑस्ट्रेलिया में तुर्की राजदूत को तलब कर इस पर सफाई मागेंगे।

मोरीसन ने एबीसी को बताया, "मुझे यह बयान बहुत अपमानजनक लगा और मैं तुर्की के राजदूत को बुलाऊंगा तथा इन मुद्दों पर चर्चा करूंगा।"

एक ऑस्ट्रेलियाई युवक ब्रेंटन टरांट (28) ने 15 मार्च को न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में दो मस्जिदों में गोलीबारी कर 50 लोगों की हत्या कर दी थी। इस पूरी वारदात को उसने फेसबुक पर लाइव भी किया था।

--आईएएनएस

 

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बीजिंग: चीन ने मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से कहा कि वह कश्मीर के पुलवामा में आत्मघाती हमले को लेकर पाकिस्तान पर निशाना न साधे। इसके साथ ही उसने दोहराया कि संकट के समय में वह पाकिस्तान के साथ खड़ा रहेगा और पूरी मजबूती से इसकी क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का समर्थन करेगा।

चीन के विदेश मंत्री वांग यी और पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने पुलवामा हमले पर चर्चा की, जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे और जिसने भारत-पाकिस्तान के रिश्तों को बेहद तनावपूर्ण बना दिया है।

कुरैशी ने वांग से कहा कि "इस हमले के बाद कश्मीरियों के मानवाधिकारों का उल्लंघन बढ़ गया है।"

कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान पहले भी और अब भी भारत से संबंध बेहतर करना चाहता है और संवाद के लिए तैयार है।

दोनों विदेश मंत्री बीजिंग में चीन-पाकिस्तान रणनीतिक संवाद के तहत मिले और यह मुलाकात चीन द्वारा जैश-ए-मुहम्मद सरगना मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव को चौथी बार बाधित करने के एक हफ्ते बाद हुई।

जैश ने पुलवामा आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस हमले के बाद पाकिस्तान पर अपने यहां मौजूद आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई का अंतर्राष्ट्रीय दबाव काफी बढ़ गया है।

वांग ने कहा, "इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि दुनिया में या क्षेत्र चीजें किस तरह बदलती हैं, चीन पूरी मजबूती से पाकिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता, आजादी व सम्मान के साथ खड़ा रहेगा।"

वांग ने कहा कि एक शांतिपूर्ण और स्थायित्वपूर्ण दक्षिण एशिया, इलाके के सभी देशों के हित में है।

उन्होंने कहा, "चीन तनाव को कम करने के लिए उठाए गए कदमों पर पाकिस्तान की सराहना करता है। हम पाकिस्तान और भारत से संयम बरतने और मुद्दों का समाधान शांतिपूर्ण ढंग से करने का आह्वान करते हैं।"

--आईएएनएस

 

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मॉस्को: कजाकिस्तान के राष्ट्रपति नूरसुल्तान नजरबायेव ने तीस साल तक सत्ता में रहने के बाद मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सोवियत यूनियन से कजाकिस्तान की आजादी के बाद से ही नजरबायेव (78) देश के राष्ट्रपति पद पर रहे। उन्होंने पहले से रिकार्ड किए गए एक टेलीविजन संबोधन में अपने इस्तीफे का ऐलान किया।

नजरबायेव ने अपने चौंकाने वाले संबोधन में कहा, "मैं राष्ट्रपति के रूप में अपनी ड्यूटी को अब समाप्त कर रहा हूं।" उन्होंने कहा कि यह फैसला उनके लिए 'आसान नहीं रहा।'

नजरबायेव ने कहा कि उनके बचे कार्यकाल तक संसद के ऊपरी सदन के स्पीकर कासिम-जोमार्त तोकाएव कार्यवाहक राष्ट्रपति की भूमिका निभाएंगे।

यह ऐलान नजरबायेव द्वारा कजाकिस्तान सरकार को बर्खास्त करने के कुछ हफ्ते के बाद आया है। उन्होंने अर्थव्यवस्था की स्थिति में सुधार नहीं ला पाने के लिए यह कदम उठाया था।

सोवियत संघ के 1991 में विघटन के बाद से इस तेल संपन्न देश पर नजरबायेव की सख्त पकड़ रही। इस बात के अनुमान लगाए जा रहे थे कि नजरबायेव हो सकता है कि राष्ट्रपति पद छोड़ दें लेकिन किसी और तरीके से वह सत्ता पर अपनी पकड़ बरकरार रखेंगे।

नजरबायेव की अधिनायकवादी सत्ता आर्थिक सुधारों के लिए तो जानी जाती है, लेकिन साथ ही विरोधियों की आवाज दबाने और लोकतांत्रिक सुधारों का प्रतिरोध करने के लिए भी जानी जाती रही है।

--आईएएनएस

 

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न्यूयॉर्क: इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट के 2019 के विश्वव्यापी निर्वाह व्यय (कॉस्ट आफ लिविंग) सर्वेक्षण के मुताबिक पेरिस, सिंगापुर और हांगकांग दुनिया के सबसे महंगे शहरों में शामिल हैं। जबकि, रहने के लिहाज से दिल्ली, चेन्नई और बेंगलुरू सबसे सस्ते शहरों में शामिल हैं। 'सीएनएन' ने सालाना सर्वेक्षण के हवाले से कहा कि सूची में शीर्ष पर (महंगे होने की दृष्टि से) तीन शहर पेरिस, सिंगापुर और हांगकांग हैं।

इस सर्वे में 133 शहरों में 150 चीजों की कीमत का आंकलन किया गया।

स्विट्जरलैंड का ज्यूरिख चौथे स्थान पर है। स्विट्जरलैंड का ही जेनेवा और जापान का शहर ओसाका पांचवे स्थान पर हैं।

दक्षिण कोरिया का सियोल, डेनमार्क का कोपेनहेगन और अमेरिका का न्यूयॉर्क संयुक्त रूप से सातवें स्थान पर हैं।

सबसे महंगे शहरों में 10वा स्थान अमेरिका के लॉस एंजिल्स और इजरायल के तेल अवीव का है।

दुनिया के सबसे सस्ते शहरों में कराकस (वेनेजुएला), दमिश्क (सीरिया), ताशकंद (उज्बेकिस्तान), अलमाटी (कजाकिस्तान), कराची (पाकिस्तान), लागोस (नाइजेरिया), ब्यूनस आयर्स (अर्जेटीना) और भारत के शहर बेंगलुरू, चेन्नई और दिल्ली शामिल हैं।

--आईएएनएस

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जकार्ता: इंडोनेशिया के पापुआ प्रांत में बाढ़ और भूस्खलन में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 89 हो गई है। वहीं 73 लापता लोगों के लिए तलाशी व बचाव अभियान मंगलवार को भी जारी है। समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, आपदा प्रबंधन(बीएनपीबी) के प्रवक्ता सुतोपो पुर्वो नुग्रोहो ने कहा कि आपदा में लगभग 6,800 लोग विस्थापित हुए हैं और करीब 160 अन्य घायल हो गए हैं।

89 मृतकों में से 82 सेनताई और इसके आस-पास के इलाके के हैं। यहां शनिवार रात सात घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ आ गई थी।

वहीं सात अन्य लोग प्रांत की राजधानी जयापुरा में भूस्खलन की घटना में मारे गए।

बाढ़ से 350 इमारतों, आठ शैक्षणिक संस्थानों, दो चर्चो, एक मस्जिद और तीन पुलों को क्षति पहुंची है।

--आईएएनएस

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