गाजियाबाद: भारतीय जनता पार्टी में भितरघात और पार्टी प्रत्याशी को हराने की साजिश का पर्दाफाश होते ही घमासान मच गया। भाजपा के 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' के महानगर सह संयोजक कुलदीप शर्मा ने स्वीकार किया कि वायरल हो रहा ऑडियो उनका है। साथ ही यह कहकर भी सनसनी फैला दी कि पूरे प्रकरण के सूत्रधार सांसद जनरल वीके सिंह के प्रतिनिधि संजीव शर्मा और उनके करीबी पप्पू पहलवान हैं। नामित पार्षद बनने के लिए रुपये नहीं देने पर साजिश रचते हुए ऑडियो वायरल की गई है। सांसद प्रतिनिधि संजीव शर्मा ने इसे महानगर अध्यक्ष मानसिंह गोस्वामी की साजिश बताया है। वहीं भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व महानगर अध्यक्ष अजय त्यागी ने दोनों पक्षों को जानने से ही इनकार कर दिया। वहीं, वीडियो के वायरल होने के बाद भाजपा में हड़कंप मचा हुआ है। 

हाल में वायरल एक ऑडियो ने जिले में भारतीय जनता पार्टी के संगठन और जनप्रतिनिधियों में चल रही खींचतान को हवा दे दी। बता दें कि वायरल ऑडियो में दो व्यक्तियों में हो रही बातचीत के दौरान भाजपा में घुसपैठ होने, पार्षद नामित कराने के नाम पर वसूली करने और पार्टी प्रत्याशी जनरल वीके सिंह को हराकर जश्न मनाने समेत कई ऐसी बातें दर्ज हैं। वायरल ऑडियो दैनिक जागरण पहुंची तो कल यानी रविवार के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई। दैनिक जागरण में भाजपा में भितरघात की खबर प्रमुखता से प्रकाशित होते ही घमासान मच गया। ऑडियो में जिस कुलदीप शर्मा नाम के शख्स का नाम उजागर हुआ है, वह कौन है? रविवार को दिन चढ़ते ही इसका भी पर्दाफाश हो गया।

भाजपा बेटी बचाओ-बेटी पढाओ के महानगर सह संयोजक कुलदीप शर्मा ने स्वीकार किया कि वायरल ऑडियो उनकी है। इन सबके बावजूद भाजपा बेटी बचाओ-बेटी पढाओ के महानगर संयोजक ने पूरे प्रकरण को साजिश बताते हुए यह कहकर सनसनी फैला दी कि इन सबके पीछे सांसद प्रतिनिधि संजीव शर्मा, उनके करीबी पप्पू पहलवान और भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व महानगर अध्यक्ष अजय त्यागी हैं।

भाजपा बेटी बचाओ-बेटी पढाओ के महानगर संयोजक कुलदीप शर्मा के मुताबिक, कुछ दिन पहले अजय त्यागी ने उनसे कहा कि सांसद प्रतिनिधि संजीव शर्मा और पप्पू पहलवान से कुलदीप शर्मा को नामित पार्षद बनवाने के लिए बात हो गई है। इसके लिए कुछ रुपये खर्च होंगे। दोनों के बीच बात भी हो गई, लेकिन फ्लैट की रजिस्ट्री के कारण अंतत: बात नहीं बन सकी। बात बिगड़ने के चलते ही सांसद प्रतिनिधि संजीव शर्मा ने साजिश के तहत जानकार से बात कराकर रिकार्डिंग कराई और ऑडियो वायरल की है।

गाजियाबाद: पूर्व थलसेना अध्यक्ष और सांसद वी. के. सिंह ने गुरुवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को गाजियाबाद में विपक्षी महागठबंधन से कोई खतरा नहीं है क्योंकि पार्टी ने इस क्षेत्र में काफी विकास कार्य करवाया है।

पूर्व सेनाध्यक्ष सिंह दूसरी बार गाजियाबाद से संसदीय क्षेत्र से चुनाव मैदान में हैं।

पत्नी के साथ यहां मतदान करने के बाद आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी गाजियाबाद समेत पूरे देश में विकास को तवज्जो दे रही है।

उन्होंने कहा, "2014 से ही मेरी और मेरी पार्टी की प्राथमिकता विकास, विकास और विकास की रही है। लोग इसे पसंद कर रहे हैं। मुझे पक्का विश्वास है कि लोग मेरे कामों को लेकर मुझे वोट देंगे।"

भाजपा प्रत्याशी ने कहा, "विपक्षी दलों के एकजुट होने के बावजूद मुझे या भाजपा को कोई खतरा नहीं है। गाजियाबाद के लोग विकास को लेकर वोट देते रहे हैं और वे ऐसा करते रहेंगे। क्या आपने विपक्षी उम्मीदवारों को इलाके के विकास की बात करते हुए कभी सुना है? "

पिछले लोकसभा चुनाव 2014 में सिंह ने यहां 5,67,260 मतों से जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 7,58,482 वोट मिले थे जबकि उनके निकटम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार राज बब्बर को 1,91,222 मत मिले थे।

सिंह ने कहा कि इस बार मतदाताओं की संख्या में इजाफा हुआ है, इसलिए जीत का अंतर भी बढ़ेगा।

इस बार आम आदमी पार्टी (आप), समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने साथ मिलकर सिंह के खिलाफ सपा उम्मीदवार सुरेश बंसल को चुनाव मैदान में उतारा है जबकि कांग्रेस की उम्मीदवार डॉली शर्मा चुनाव मैदान में है। पिछले लोकसभा चुनाव में सपा, बसपा और आप ने गाजियाबाद में अलग-अगल उम्मीदवार उतारे थे।

सिंह ने कहा कि वह 2014 में संसदीय चुनाव जीते थे, जबकि यहां के लोग उनके काम को ठीक से देख भी नहीं सके थे।

उन्होंने कहा, "इस बार लोगों ने मेरा काम देखा है और मैं समझता हूं कि वे खुश हैं। मुझे सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और मुझे दोबारा चुने जाने का पूरा विश्वास है। भाजपा वापस सत्ता में आ रही है।"

--आईएएनएस

 

 

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए गुरुवार को मतदान शुरू होने के तुरंत बाद केंद्रीय मंत्री व गाजियाबाद से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार जनरल वी. के. सिंह ने अपना वोट डाला।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार में विदेश राज्य मंत्री सिंह पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ राज नगर स्थित शिलर पब्लिक स्कूल में बने मतदान केंद्र गए और अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

सिंह फिर से चुनाव जीतने की जुगत में हैं और समाजवादी पार्टी-राष्ट्रीय लोक दल-बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन के उम्मीदवार सुरेश बंसल और कांग्रेस की उम्मीदवार डॉली शर्मा के साथ उनका मुकाबला है।

--आईएएनएस

नई दिल्ली: बालाकोट हवाई हमले में मारे गए आतंकियों की संख्या के विरोधाभासी दावों के बीच पूर्व सेना प्रमुख जनरल वी.के. सिंह ने बुधवार को आतंकियों की तुलना मच्छरों से की। इस मुद्दे पर विपक्ष ने हमलावर रुख अख्तियार किया हुआ है।

वी.के.सिंह ने एक ट्वीट में कहा, "रात 3:30 बजे मच्छर बहुत थे, तो मैंने हिट मारा।"

विदेश राज्य मंत्री ने कहा, "अब मच्छर कितने मारे, ये गिनने बैठूं, या आराम से सो जाऊं?"

पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल, मनीष तिवारी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित विपक्ष ने भारतीय वायु सेना के हवाई हमले में पाकिस्तान में मरने वाली की संख्या को लेकर सरकार के दावे पर सवाल उठाए थे।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने दावा किया था कि हवाई कार्रवाई में 250 से ज्यादा आतंकी मारे गए हैं।

वहीं भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी.एस धनोआ ने सोमवार को कहा था कि उनकी सेना लाशें नहीं गिनती है लेकिन वायुसेना ने अपने निशाने को भेदा है।

--आईएएनएस

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नई दिल्ली: विदेश राज्य मंत्री वी.के. सिंह ने सोमवार को बहामास के विदेश मंत्री फ्रेडरिक ए. मिशेल से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने दोनों नेताओं की तस्वीरें साझा करते हुए ट्वीट किया, "कैरिबियाई संपर्क मजबूत करते हुए विदेश राज्य मंत्री जनरल वी.के. सिंह ने बहामास के विदेश मंत्री फ्रेडरिक ए. मिशेल से मुलाकात की।"

मिशेल शनिवार को भारत के पांच दिवसीय दौरे पर पहुंचे।

उनकी मंगलवार को अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी, फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) तथा पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स से भी मुलाकात होने वाली है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस। 

 

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जयपुर: केंद्रीय मंत्री वीके सिंह शुक्रवार शाम दिए एक बयान से फिर विवादों में घिरे हैं। दरअसल जयपुर साहित्य सम्मेलन में फिल्म निर्माता करण जौहर की टिप्पणी पर इस पूर्व सेना प्रमुख की प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'जाकर उसकी पिटाई कर दो।'

जोधपुर दौरे पर आए जनरल (रिटायर्ड) सिंह से पत्रकारों ने जौहर के बयान पर जब दूसरी बार प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने कहा, 'जाकर उसकी पिटाई कर लो यार, तुम मेरे पीछे क्यों पड़ रहे हो।' सिंह ने कहा, 'हम करन जौहर की चर्चा क्यों कर रहे हैं, जाइए उससे बात कीजिए। कुछ जरूरी चीज हो तो मुझसे पूछिये। मैं यहां पार्टी कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने के लिए उनसे मिलने आया हूं।'

दरअसल 'अनसूटेबल ब्वॉय' सेशन में शोभा डे से बातचीत के दौरान करण ने कहा, 'आप मन की बात कहना चाहते हैं या अपनी निजी जिंदगी के राज खोलना चाहते हैं तो भारत सबसे मुश्किल देश है।' उन्होंने साथ ही कहा 'मुझे तो लगता है जैसे हमेशा कोई लीगल नोटिस मेरा पीछा करता रहता है। किसी को पता नहीं कब उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो जाए।' उन्‍होंने कहा, '14 साल पहले मैंने नेशनल एंथम के अपमान का केस को झेला है। अपना पर्सनल ओपिनियन रखना और डेमोक्रेसी की बात करना, ये दोनों ही मजाक हैं। हम फ्रीडम ऑफ़ स्पीच की बात करते हैं, पर अगर मैं एक सेलिब्रिटी होने के नाते अपनी राय रख भी दूं तो एक बड़ी कॉन्ट्रोवर्सी बन जाती है।' 

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नई दिल्ली: कांग्रेस ने पार्टी नेता मनीष तिवारी के उस दावे से रविवार को खुद को अलग कर लिया, जिसमें उन्होंने कहा है कि सेना की एक टुकड़ी के दिल्ली की तरफ कूच करने की विवादित खबर सही थी। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने यहां कहा, "जब सेना से संबंधित यह कथित घटना सामने आई थी, तब वरिष्ठ मंत्रियों ने भी इस पर स्पष्टीकरण दिया था, और अब मैं स्पष्ट कर रहा हूं कि आरोपों में रत्ती भर सच्चाई नहीं है।"

उन्होंने कहा, "वास्तव में उस वक्त भी स्पष्ट किया गया था कि सेना की कुछ टुकड़ियों की गतिविधियां रक्षा प्रणाली का अपरिहार्य व आवश्यक हिस्सा हैं। लेकिन इसके बारे में जो भी अन्य बातें सामने आ रही हैं, वह पूरी तरह गलत है।"

जब यह कथित घटना घटी, तब कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार सत्ता में थी। सेना की टुकड़ी को आगे बढ़ने का कोई भी आदेश देने से इंकार कर चुके तत्कालीन सेना प्रमुख वी.के.सिंह वर्तमान में नरेंद्र मोदी सरकार में विदेश राज्य मंत्री हैं।

पूर्व सेना प्रमुख ने मनीष तिवारी को रविवार को आड़े हाथ लिया।

सिंह ने उज्जैन में संवाददाताओं से कहा, "इन दिनों मनीष तिवारी के पास कोई काम नहीं है। बेहतर होगा, मैंने एक पुस्तक लिखी है, वह उसे पढ़ लें।"

पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे तिवारी ने कहा कि वह वी.के.सिंह की पुस्तक पढ़ना पसंद करेंगे, लेकिन वह यह वादा करें कि भविष्य में वह मेरी भी पुस्तक पढ़ेंगे।

तिवारी ने ये बातें शनिवार रात एक पुस्तक के लोकार्पण के मौके पर कही। जिस वक्त कथित घटना सामने आई थी, उस वक्त वह रक्षा मंत्रालय की स्थायी समिति के सदस्य थे।

उन्होंने कहा, "यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण लेकिन सच है। जहां तक मेरी जानकारी की बात है, तो यह घटना सच है।"

समाचार पत्र 'इंडियन एक्सप्रेस' में प्रकाशित एक रपट के मुताबिक, 16 जनवरी, 2012 को जिस वक्त सिंह ने अपनी जन्म तिथि के मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया था, खुफिया एजेंसियों ने नई दिल्ली के निर्देश पर हरियाणा के हिसार से एक मुख्य सैन्य इकाई द्वारा एक अप्रत्याशित व गैर-अधिसूचित गतिविधि की खबर दी थी।

कांग्रेस व सेना दोनों ने ही इस रपट को खारिज कर दिया था।

उस वक्त रक्षा मंत्रालय की स्थायी समिति के सदस्य रहे और वर्तमान में संसदीय मामलों के राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने रविवार को कहा कि इस मुद्दे पर समिति में कभी चर्चा भी नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि संसदीय समिति में हुई चर्चा को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

कोलकाता: मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कार्यकर्ताओं ने रविवार को यहां केंद्रीय मंत्री और पूर्व सेना प्रमुख वी.के. सिंह को काले झंडे दिखाए। 

माकपा कार्यकर्ताओं ने हरियाणा के सुनपेड़ गांव में दो दलित बच्चों की मौत से संबंधित सिंह के एक बयान के खिलाफ उन्हें काले झंडे दिखाए। सिंह ने इस मामले में कहा था कि हर घटना के लिए सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए। अगर कोई कुत्ते को पत्थर मार दे तो क्या इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी?

सिंह यहां अपनी आत्मकथा के हिंदी संस्करण का विमोचन करने के लिए आए थे। उन्हें हवाईअड्डे पर ही काले झंडे दिखाए गए।

माकपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सिंह को मंत्री पद से हटाने की मांग की है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस। 

 

Published in कोलकाता

नई दिल्ली: दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री वी.के. सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। लेकिन, दिल्ली पुलिस ने पूर्व सेनाध्यक्ष सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की। आम आदमी पार्टी हरियाणा के एक गांव में दलितों की हत्या पर सिंह के विवादास्पद बयान की वजह से उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराना चाहती थी। आप के एक प्रतिनिधिमंडल ने करोलबाग में सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) एस. सर्वानन से मुलाकात की और विदेश राज्यमंत्री जनरल वी.के.सिंह के खिलाफ अनुसूचित जाति और जनजाति अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का आग्रह किया।

पार्टी नेता आशुतोष ने कहा, "हमने उनसे (एसीपी) मामला दर्ज करने को कहा। उन्होंने कहा कि इसके लिए डीसीपी की इजाजत लेनी होगी। अफसर ने कहा कि वह पहले जांच करेंगे और उसके बाद मामला दर्ज करने के लिए डीसीपी से इजाजत लेंगे।"

आशुतोष ने कहा, "पुलिस ने सिंह के खिलाफ हमारी शिकायत ले ली।"

दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि सिंह के खिलाफ एक शिकायत मिली है।

हरियाणा के फरीदाबाद जिले के सुनपेड़ गांव में आग लगाकर दो बच्चों की हत्या कर दिए जाने के मामले में देश के पूर्व सेनाध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री सिंह ने कहा था कि हर घटना के लिए सरकार जिम्मेदार नहीं होती। कोई कुत्ते को पत्थर मार दे तो क्या इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी?

उनके इस अटपटे बयान पर हंगामे के बाद सिंह ने माफी मांग ली है। फिर भी विपक्ष ने उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग की है।

आशुतोष ने कहा कि पूर्व सेनाध्यक्ष सिंह का माफी मांगना भी राजनीति से प्रेरित है।

उन्होंने कहा, "सिंह ने दिल से माफी नहीं मांगी है। जब जीतन राम मांझी (बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री) ने माफी मांगने को कहा, तब मांगी। उन्होंने इस बयान से बिहार चुनाव में अपनी पार्टी को नुकसान होते देख माफी मांगी है।"

आशुतोष ने कहा कि दलित बच्चों की मौत पर बात करने के दौरान सिंह शिष्टाचार और संवेदनहीनता की सभी सीमाएं लांघ गए।

उन्होंने कहा, "सिंह के कैबिनेट में बने रहने का कोई मतलब नहीं है। उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए। हमने केंद्र सरकार की 'दिल्ली पुलिस' से अनुरोध किया है कि वह सिंह की हैसियत को न देखे, बल्कि जनभावना का ख्याल करते हुए सिंह के खिलाफ कार्रवाई करे।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

नई दिल्ली: दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को कहा कि पुलिस ने केंद्रीय मंत्री वी.के.सिंह के खिलाफ मामला दर्ज करने से मना कर दिया है। पार्टी हरियाणा के एक गांव में दलितों की हत्या पर सिंह के विवादास्पद बयान की वजह से उनके खिलाफ मामला दर्ज कराना चाहती थी। 

आप के एक प्रतिनिधिमंडल ने करोलबाग में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त से मुलाकात की और विदेश राज्यमंत्री जनरल वी.के.सिंह के खिलाफ अनुसूचित जाति और जनजाति अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने का आग्रह किया।

पार्टी नेता आशुतोष ने कहा, "हमने उनसे (अतिरिक्त पुलिस आयुक्त से) शिकायत दर्ज करने को कहा। उन्होंने कहा कि इसके लिए डीसीपी की इजाजत लेनी होगी। अफसर ने कहा कि वह पहले जांच करेंगे और उसके बाद मामला दर्ज करने के लिए डीसीपी से इजाजत लेंगे।"

हरियाणा के फरीदाबाद जिले के सुनपेड़ गांव में आग लगाकर दो बच्चों की हत्या कर दिए जाने के मामले में देश के पूर्व सेनाध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री सिंह ने कहा था कि हर घटना के लिए सरकार जिम्मेदार नहीं होती। कोई कुत्ते को पत्थर मार दे तो क्या इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी?

उनके इस अटपटे बयान पर हंगामे के बाद सिंह ने माफी मांग ली है। फिर भी विपक्ष ने उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग की है।

आशुतोष ने कहा कि पूर्व सेनाध्यक्ष सिंह का माफी मांगना भी राजनीति से प्रेरित है।

उन्होंने कहा, "सिंह ने दिल से माफी नहीं मांगी है। जब जीतन राम मांझी (बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री) ने माफी मांगने को कहा, तब मांगी। उन्होंने में इस बयान से बिहार चुनाव में अपनी पार्टी को नुकसान होते देख माफी मांगी है।"

आशुतोष ने कहा कि दलित बच्चों की मौत पर बात करने के दौरान सिंह शिष्टाचार और संवेदनहीनता की सभी सीमाएं लांघ गए।

उन्होंने कहा, "सिंह के कैबिनेट में बने रहने का कोई मतलब नहीं है। उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए। हमने केंद्र सरकार की 'दिल्ली पुलिस' से अनुरोध किया है कि वह सिंह की हैसियत को न देखे, बल्कि जनभावना का ख्याल करते हुए सिंह के खिलाफ कार्रवाई करे।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस। 

 

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