पटना: बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने गुरुवार को कहा कि निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर लगाम लगाए।

उन्होंने कहा कि आज जो पश्चिम बंगाल में हो रहा है, ठीक उसी तरह बिहार में भी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के लालू प्रसाद और उनकी पत्नी राबड़ी देवी के राज में मतदानकेंद्र लूट, चुनावी हिंसा, गरीब, कमजोर वर्ग के मतदाताओं को मतदान से रोकने आदि के कारण आयोग को पूरे के पूरे संसदीय व विधानसभा क्षेत्रों का चुनाव रद्द कर पुनर्मतदान कराना पड़ता था।

सुशील मोदी ने कहा कि उस समय तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त टी़ एऩ शेषन की सख्ती से राजद के मतदान केंद्र लुटेरों व गुंडों पर लगाम लगा था। आज पश्चिम बंगाल में भी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की गुंडागर्दी के खिलाफ आयोग को वैसी ही सख्ती बरतने की जरूरत है।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, "मतदान केंद्र लूट और चुनावी हिंसा के डेढ़ दशकीय दौर में बिहार में जहां 641 लोग मारे गए थे, वहीं छपरा, पूर्णिया और दो-दो बार पटना संसदीय क्षेत्र तथा दानापुर विधान सभा क्षेत्र के संपूर्ण मतदान को रद्द कराना पड़ा था। धांधली और मतदान केंद्र लूट की शिकायतों के बाद वर्ष 1990 के बिहार विधानसभा चुनाव में 1,239, वर्ष 1995 में 1,668 और वर्ष 2000 में हुए विधानसभा चुनाव में 1,420 मतदान केंद्रों पर चुनाव आयोग को पुनर्मतदान का निर्णय लेना पड़ा था।"

भाजपा नेता ने आगे कहा, "टीएमसी और ममता बनर्जी की तरह तब बिहार में भी राजद-कांग्रेस के लोग चुनावी हिंसा, धांधली, मतदान केंद्र लूट को नजरअंदाज कर आयोग के पुनर्मतदान के निर्णयों के विरोध में खड़े रहते थे। आयोग की कड़ी कार्रवाई से न केवल राजद के मतदान केंद्र लुटेरों पर नकेल कसा, बल्कि हिंसा का दौर भी थमा।"

आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल के हालात के मद्देनजर एक दिन पहले चुनाव प्रचार रोकेजाने को सही बताते हुए मोदी ने कहा, "यह अप्रत्याशित नहीं है। आयोग की कार्रवाई का यह पहला कदम हो सकता है, मगर उसकी सख्ती और आम मतदाताओं की जागरूकता का बिहार की तरह बंगाल में भी असर होगा।"

--आईएएनएस

 

 

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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने एक दिन पहले कोलकाता में अपने रोड शो के दौरान समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़े जाने के मामले में बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के 'गुंडों' को जिम्मेदार ठहराया।

शाह ने भाजपा मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, "देश भर में छह चरणों में चुनाव संपन्न हो चुका है लेकिन हिंसा की घटनाएं सिर्फ पश्चिम बंगाल में हो रही हैं।"

उन्होंेने कहा, "(मुख्यमंत्री) ममता बनर्जी भाजपा पर राज्य में हिंसा फैलाने का आरोप लगा रही हैं। वह केवल 42 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, लेकिन भाजपा पूरे देश में चुनाव लड़ रही है। बंगाल को छोड़कर और कहीं भी हिंसा की घटना होने की खबर नहीं है। इसका मतलब कि तृणमूल हिंसा के लिए जिम्मेदार है।"

शाह ने कहा कि उनके रोड शो के दौरान तीन हमले हुए लेकिन राज्य पुलिस महज मूक दर्शक बनी रही।

उन्होंने बनर्जी पर सहानुभूति हासिल करने के प्रयास में विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया।

शाह ने कहा, "कॉलेज का गेट बंद था और भाजपा कार्यकर्ता बाहर थे। तृणमूल के गुंडे अंदर से पथराव कर रहे थे। यह ममता बनर्जी द्वारा सहानुभूति हासिल करने के लिए एक साजिश और नाटक है। वोट बैंक हासिल करने के लिए प्रतिमा तोड़ना स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि तृणमूल कांग्रेस इस चुनाव में बुरी तरह से हार रही है।"

उन्होंने कहा, "इन सबसे साबित होता है कि तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने प्रतिमा को तोड़ा।"

शाह ने यह भी दावा किया कि वह मंगलवार को कोलकाता में सीआरपीएफ की मौजूदगी के कारण बच गए।

उन्होंने तस्वीरें दिखाते हुए कहा, "अगर वहां सीआरपीएफ नहीं होती तो मेरे लिए वहां से सही सलामत आ पाना मुश्किल होता।"

--आईएएनएस

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कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के बाद राज्य के एक कॉलेज में हुई गुंडागर्दी और बंगाली दार्शनिक विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ने के मामले में तृणमूल कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को चुनाव आयोग से मुलाकात करेगा।

पार्टी के पदाधिकारियों ने यह जानकारी दी।

ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने ट्वीट किया, "तृणमूल संसदीय दल, जिसमें सांसद डेरेक ओ ब्रायन, मनीष गुप्ता, नदीमुल हक शामिल हैं, कोलकाता में शाह के रोड शो के बाद बंगाल की धरोहर पर हुए हमले के मामले में 15 मई को चुनाव आयोग से मिलना चाहता है। भाजपा के बाहरी गुंडों ने आगजनी की और विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ दी।"

इससे पहले, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हमले की निंदा की थी और कहा था कि जांच कराई जाएगी।

बनर्जी ने कॉलेज का दौरा करने के बाद कहा, "यह एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और पूरे कॉलेज में तोड़फोड़ की गई। ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ दी गई। मैंने कोलकाता में कभी भी ऐसी राजनीतिक हिंसा नहीं देखी।"

--आईएएनएस

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नई दिल्‍ली: भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कोलकाता में रोड शो के दौरान हुई हिंसा में तृणमूल कांग्रेस समर्थकों का हाथ बताया। उन्‍होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस अपनी सत्‍ता बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है, कल यदि सीआरपीएफ नहीं होती तो मेरे लिए वहां से बचकर निकलना मुश्किल था। मेरे बहुत कार्यकर्ता मारे गए हैं, मुझ पर हमला स्वभाविक है। उन्‍होंने कहा कि इस लोकसभा चुनाव में हम पूर्ण बहुमत का आंकड़ा पार कर चुके हैं, हम 300 से अधिक सीटें जीतने जा रहे हैं। 

 

कोलकाता में मंगलवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान पथराव, आगजनी, लाठीचार्ज की घटनाएं हुईं। शाह जिस वाहन पर सवार थे, उस पर डंडे फेंके गए और भाजपा समर्थकों पर पथराव किया गया। भाजपा ने इस हिंसा के पीछे तृणमूल का हाथ बताया है। हिंसा में दोनों पक्षों के कई लोग जख्मी हो गए हैं। घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी व कोलकाता पुलिस आयुक्त राजेश कुमार विद्यासागर कॉलेज पहुंचे और हालात का जायजा लिया। 

इससे पहले छठे चरण में आठ सीटों पर मतदान के दौरान घाटल से भाजपा प्रत्‍याशी भारती घोष पर हमला किया गया था। एक अन्‍य घटना में इसी चरण की वोटिंग के दौरान प्रदेश भाजपा अध्‍यक्ष दिलीप घोष पर भी हमले की कोशिश की गई थी। गौर करने वाली बात यह है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों की 713 कंपनियां और  कुल 71 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बावजूद हिंसा की घटनाएं थम नहीं रही हैं। 

पश्चिम बंगाल में भाजपा अध्‍यक्ष के रोड शो के दौरान हुई हिंसा पर भाजपा नेता एवं महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने कहा कि ममता जी आम चुनावों में अपनी हार को नजदीक देखकर हताश हो गई हैं। इसी कारण वह लोकतंत्र की हत्‍या कर रही हैं। मैं निर्वाचन आयोग (Election Commission) से अपील करता हूं कि वह राज्‍य में स्‍वतंत्र एवं निष्‍पक्ष चुनाव कराए। 

 

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कोलकाता: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोडशो पर यहां मंगलवार को कथित रूप से तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद (टीएमसीपी) के कार्यकर्ताओं ने पत्थर फेंके। इसके बाद कॉलेज स्ट्रीट के पास हिंसा भड़क उठी, जिसमें तीन बाइकों को आग के हवाले कर दिया गया।

शाह ने बाद में तृणमूल पर अपनी रैली में ईंट व पत्थर फेंकने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, "मेरी रैली के दौरान दो जगहों पर अशांति पैदा की गई। तृणमूल के समर्थकों ने हिंसा भड़काने का प्रयास किया और हम पर ईंट व पत्थर फेंके।"

टीएमसीपी कार्यकर्ता कलकत्ता विश्वविद्यालय के गेट पर काले झंडों के साथ जमा थे।

जैसे ही रोडशो वहां से गुजरा, उन्होंने अमित शाह के खिलाफ नारे लगाए और काले झंडे दिखाए। आरोप है कि उन्होंने रोडशो पर ईंट व पत्थर फेंके। भाजपा समर्थकों ने भी कथित रूप से विश्वविद्यालय छात्रों पर ईंटें फेंकी।

कलकत्ता विश्वविद्यालय के अलावा विद्यासागर कॉलेज के पास भी झड़प हुई। कॉलेज के पास तीन दोपहिया वाहनों को फूंक दिया गया।

आरोप है कि भाजपा समर्थकों ने कॉलेज के रिसेप्शन काउंटर को तोड़ दिया और कॉलेज के छात्रों पर ईंट, पत्थर और कांच की बोतलें फेंकीं।

--आईएएनएस

 

 

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कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उपाध्यक्ष विनय सहस्रबुद्धे ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर विफल और दिवालिया होने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कहा वर्ष 2016 में विधानसभा चुनाव में पार्टी ने जो वादे किए थे, उनमें से करीब 70 फीसदी पूरे नहीं हुए। 

भाजपा की पब्लिक पॉलिसी रिसर्च सेंटर के सर्वेक्षण का हवाला देते हुए भाजपा नेता ने कहा कि बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति मौजूदा सरकार में खराब हो गई है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में मानव तस्करी और विदेशी नागरिकों द्वारा किए जाने वाले अपराध शीर्ष पर हैं।

उन्होंने कहा, "प्रदेश सरकार से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 2016 में तृणमूल कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणापत्र में 112 वादे किए, जिनमें 77 वादे पूरे नहीं हुए।"

--आईएएनएस

 

 

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर जिले में पूर्व आईपीएस अधिकारी और भाजपा प्रत्याशी भारती घोष की एक जनसभा के दौरान तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। पुलिस ने इस घटना की जानकारी शनिवार को दी।

पुलिस के अनुसार, इसमें तृणमूल के दो कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं, लेकिन कुछ अनाधिकारिक सूत्रों ने कहा है कि इस मुठभेड़ में दोनों पक्षों के कुल 16 सदस्य घायल हो गए हैं।

घाटाल लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में भारती घोष का मुकाबला तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी फिल्म स्टार सह सांसद दीपक (देव) अधिकारी से है। यहां 12 मई को मतदान होना है।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "भारती घोष के साथ भाजपा के कार्यकर्ता शुक्रवार को बैकुंठपुर के एक धार्मिक स्थल पर जमा हुए। वे लोगों के बीच साड़ी, टोपी वगैरह बांट रहे थे। जब तृणमूल के कार्यकर्ताओं ने उनका पीछा किया तब दोनों के बीच झड़प हो गई।"

पुलिस ने कहा कि अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआरआई दर्ज कर ली गई है। साथ ही वितरित की जा रही सामग्री भी जब्त कर ली गई है।

धार्मिक स्थल, स्थल निम्बार्क मठ के एक सदस्य ने कहा कि शाम के वक्त प्रार्थना के समय लोग यहां एकत्रित हुए थे, लेकिन स्थिति तब बिगड़ गई, जब सात बजकर चालीस मिनट पर भारती घोष यहां पहुंचीं।

भारती ने आरोप लगाया, "जिन लोगों ने हमारे साथ दुर्व्यवहार किया है, हमारे वाहनों को नुकसान पहुंचाया है और पत्थरबाजी की है, पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया है। जब मैंने उनसे कहा कि पत्थर फेंके जाने की वजह से मेरे सिर पर चोट आई है तो पुलिस ने मुझे सिर्फ अंदर बैठने को कहा।"

भारती घोष ने कहा कि लोग इन सभी अन्यायों का उचित जवाब देंगे।

--आईएएनएस

 

 

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस के चार सांसदों द्वारा घोषित की गई कुल संपत्ति 103 फीसदी बढ़कर 40.59 करोड़ हो गई हैं। इनकी संयुक्त संपत्ति पिछली बार 19.91 करोड़ रुपये थी। यह चारों सांसद पश्चिम बंगाल के लोकसभा चुनाव में फिर किस्मत आजमा रहे हैं और इनके क्षेत्रों में छठे चरण में मतदान होना है। 

इस बीच, बिष्णुपुर निर्वाचन क्षेत्र के निवर्तमान सांसद और अब इस सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार सौमित्र खान ने अपनी संपत्तियों में बीते पांच सालों में काफी बढ़ोतरी की घोषणा की है।

सौमित्र खान को तृणमूल से पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए निष्कासित कर दिया गया था।

उन्होंने अपने हलफनामे में 86.57 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है। उन्होंने 2014 में 11.97 लाख रुपये की संपत्ति घोषित की थी।

तृणमूल के चार सांसदों में जो इस बार फिर से चुनाव लड़ रहे हैं, पार्टी के घाटल के उम्मीदवार व बंगाली फिल्म स्टार दीपक अधिकारी की संपत्ति 108 फीसदी बढ़कर 31.73 करोड़ रुपये हो गई है। इससे पहले उनकी संपत्ति 15.24 करोड़ रुपये थी। सत्तारूढ़ पार्टी के वरिष्ठ नेता व कांथी सांसद शिशिर अधिकारी ने अपनी संपत्ति 3.39 करोड़ रुपये दिखाई है। इसमें 74 फीसदी का इजाफा हुआ है। अधिकारी ने 2014 में 1.95 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी।

पश्चिम बंगाल इलेक्शन वॉच द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि तृणमूल के पुरुलिया के सांसद मृगांको महतो की संपत्ति पिछले पांच वर्षों में 91 प्रतिशत बढ़कर 1.7 करोड़ रुपये हो गई है। तृणमूल के तामलुक के सांसद दिबेंदु अधिकारी की संपत्ति 3.77 करोड़ हो गई है। दिबेंदु 2016 में हुए उपचुनाव में विजयी हुए थे। तब उनकी संपत्ति 1.84 करोड़ की हुआ करती थी।

तामलुक से ही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रत्याशी शेख इब्राहीम अली की संपत्ति 61.55 फीसदी घटकर 4.12 लाख रह गई है। 2014 में इनके पास 10.73 लाख की संपत्ति थी।

--आईएएनएस

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बांकुरा/पुरुलिया (पश्चिम बंगाल): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर राज्य में कोयला खदानों में माफिया राज को स्थापित करने और खदान श्रमिकों को उनके पारिश्रमिक से वंचित करने का आरोप लगाया।

आरोपों पर जवाब देते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री एक भी प्रत्याशी पर आरोप को सिद्ध कर देते हैं तो वह राज्य की सभी 42 सीटों से अपने प्रत्याशियों के नामांकन वापस ले लेंगी।

बांकुरा में एक रैली में मोदी ने कहा, "आप सभी अच्छी तरह से जानते हैं कि कैसे कोयला खदानों में तृणमूल का माफिया राज बढ़ा है। तृणमूल के नेता पैसे कमा रहे हैं और आम खदान श्रमिक अपने पारिश्रमिक से वंचित हैं।"

इसके बाद पुरुलिया में एक सभा में मोदी ने कहा, "लोगों ने लोकतंत्र के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी, उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।"

उन्होंने कहा, "पुरुलिया प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न है। आप लोग काले सोने पर बैठे हो। अभी तक सभी सरकारों ने यहां माफिया राज को बढ़ावा दिया है। वास्तव में, तृणमूल सरकार ने माफिया को अपनी गतिविधियों का हिस्सा बना लिया है।"

उन्होंने कहा कि जब कोई राजनीतिक पार्टी घुसपैठियों, माफियाओं, गुंडों और बदमाशों के लिए राजनीति करती है तब उसे आदिवासियों के लिए अपनी जिम्मेदारी का अहसास नहीं होता।

उन्होंने कहा, "यही पश्चिम बंगाल में हो रहा है। जब भी मोदी इस अराजकता पर बोलता है, दीदी नाराज हो जाती हैं।"

ममता बनर्जी ने इन बातों का करारा जवाब दिया।

बनर्जी ने एक रैली में कहा, "अपने कहा कि तृणमूल के प्रत्याशी कोयला माफिया हैं। मैं आप को चुनौती देती हूं। मैं राज्य की सभी 42 लोकसभा सीटों से अपने प्रत्याशियों के नामांकन वापस ले लूंगी अगर आप हमारे किसी एक प्रत्याशी पर भी इन आरोपों को साबित करके दिखा दें।"

उन्होंने कहा कि कोयला केंद्र सरकार के अधीन आता है और भाजपा नेता कोयला लेनदेन के एजेंट बन गए हैं।

उन्होंने मोदी को चेताया, "मेरे पास एक पेन ड्राइव है, अगर इसे सार्वजनिक कर दिया तो सारे कोयला माफियाओं और गाय की तस्करी के सारे दस्तावेज बाहर आ जाएंगे।"

मोदी ने कहा, "दीदी को चिट फंड पीड़ितों, पढ़े लिखे बेरोजगार युवाओं, रोज उत्पीड़ित होती महिलाओं, राज्य सरकार के कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के अनुसार महंगाई भत्ता और वेतन नहीं देने पर उनके प्रकोप के बारे में चिंता करनी चाहिए।"

मोदी के अनुसार, ममता को काली-सरस्वती-दुर्गा-राम भक्तों के क्रोध के बारे में चिंता करनी चाहिए, जिन्हें डर के बीच पूजा करनी पड़ती है।

--आईएएनएस

 

 

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बैरकपुर (पश्चिम बंगाल): तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार और पूर्व रेलमंत्री दिनेश त्रिवेदी को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार अर्जुन सिंह से कड़ी चुनौती मिल रही है।

क्षेत्र में 35-40 फीसदी मतदाता ऐसे हैं जो बंगाली नहीं हैं। ऐसे में आक्रामक और धुआंधार प्रचार कर रहे भाजपा उम्मीदवार अर्जुन सिंह एक अच्छे विकल्प के रूप में सामने आ रहे हैं।

हालांकि अनुभवी त्रिवेदी ने भाटपारा से तृणमूल के पुराने विधायक सिंह को तवज्जो नहीं देते, जो बाद में भाजपा में शामिल हो गए।

त्रिवेदी ने कहा, "लोग बंदूक की जगह कलम को चुनेंगे। कोई भी ऐसे माफिया के लिए वोट नहीं करेगा, जिस पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की लगभग सभी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज हो। चुनाव विकास के लिए होते हैं और लोग हमारी पार्टी द्वारा राज्य में किए गए विकास के मुद्दे पर हमें वोट करेंगे।"

उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 में लोगों ने माकपा उम्मीदवार तरित बरन तोपदार को हराकर 'जबरन वसूली और माफिया राज' के खिलाफ उन्हें जिताया था। वर्ष 2014 में उनके द्वारा किए गए विकास कार्य को देखकर यह सीट लोगों ने उन्हें इनाम के तौर पर दी थी।

इससे पहले दशकों से यह सीट माकपा का गढ़ रही। 2009 में त्रिवेदी ने यहां से छह बार के सांसद रहे तोपदार को 56,000 वोटों के बड़े अंतर से हराकर इस पर कब्जा किया था।

त्रिवेदी ने 2012 में अपने प्रस्तावित यात्री किराया वृद्धि पर पार्टी के भीतर एक दरार के बाद रेल मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।

2014 के चुनाव में त्रिवेदी ने माकपा की सुभाषिनी अली को दो लाख से अधिक मतों के अंतर से हराकर सीट बरकरार रखी। बीजेपी के उम्मीदवार, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी रुमेश कुमार हांडा तीसरे स्थान पर रहे।

2014 में तृणमूल के पदाधिकारी और त्रिवेदी की सीट के कार्यवाहक प्रभारी अर्जुन सिंह ने कहा, "मैं 200 प्रतिशत आश्वस्त हूं कि मैं यह चुनाव जीत रहा हूं क्योंकि तृणमूल ने मेरे निर्वाचन क्षेत्र से त्रिवेदी को मैदान में उतारा है। वह यहां लोकप्रिय नहीं हैं। लोग शायद ही उन्हें जानते हैं। जब मैं तृणमूल में था, तो मैंने उनकी जीत सुनिश्चित की। मुझे लगता है कि त्रिवेदी इस बार तीसरे स्थान पर रहेंगे। माकपा दूसरे स्थान पर होगी।"

राजनीतिक विश्लेषक बिमल शंकर नंदा ने महसूस किया कि पिछली बार त्रिवेदी की जीत में सिंह की भूमिका थी क्योंकि उनके पास 'एक जन-आधार और मजबूत संगठनात्मक ताकत' है।

उन्होंने आईएएनएस से कहा, "जब तृणमूल राज्य में 2006 के विधानसभा चुनाव में हार गई थी तब उपचुनाव में भाटपारा से अर्जुन सिंह ने जीत हासिल की थी। अर्जुन निश्चित तौर पर एक करिश्माई नेता हैं, उन्होंने 2014 के चुनावों में तृणमूल की जीत सुनिश्चित की थी।"

--आईएएनएस