हैदराबाद: तेलंगाना में सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के अति आत्मविश्वास को लगता है लोकसभा चुनाव के परिणाम में एक झटका लगने वाला है, क्योंकि भाजपा और कांग्रेस दोनों दल चार-चार सीटों पर आगे चल रहे हैं। टीआरएस राज्य में क्लीन स्वीप की उम्मीद लगाए बैठी थी।

टीआरएस ने केंद्र में सरकार गठन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद लगाए बैठी थी, लेकिन वह सिर्फ आठ सीटों पर आगे चल रही है, जबकि उसकी सहयोगी आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के उम्मीदवार असदुद्दीन ओवैसी हैदराबाद में आगे चल रहे हैं।

टीआरएस अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता निजामाबाद में पीछे चल रही हैं, जिसपर उन्होंने 2014 में जीत दर्ज कराई थी। पार्टी के वरिष्ठ नेता विनोद कुमार भी करीमनगर से पीछे चल रहे हैं।

टीआरएस ने दिसंबर में विधानसभा चुनाव में भारी जीत दर्ज कराई थी, और उसे भरोसा था कि वह 16 सीटों पर जीत दर्ज कराएगी। उसने हैदराबाद सीट एआईएमआईएम के लिए छोड़ दी थी।

रुझानों से पता चलता है कि भाजपा और कांग्रेस चार-चार सीटों पर आगे चल रही हैं। दोनों पार्टियों ने टीआरएस के वोट में सेंध लगाई है।

119 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव में टीआरएस ने 88 सीटें जीती थी। पिछले दो महीनों में 11 कांग्रेस विधायकों ने टीआरएस का दामन थाम लिया था, जिसके बाद विधानसभा में उसकी संख्या 100 से ऊपर हो गई।

केसीआर ने उम्मीद लगा रखी थी कि उनकी पार्टी टीआरएस केंद्र में गैर भाजपा और गैर कांग्रेस सरकार के गठन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उनकी पार्टी के नेता उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार के रूप में पेश कर रहे थे।

केसीआर ने पिछले साल संघीय मोर्चे का प्रस्ताव रखा था और उन्होंने विभिन्न गैर राजग दलों के नेताओं के साथ कई बैठकें की थी।

केंद्र में एक प्रमुख भूमिका निभाने के उद्देश्य से केसीआर ने अपने बेटे के.टी. रामा राव को टीआरएस का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया था।

2014 में टीआरएस ने 11 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस ने दो सीटें जीती थी। भाजपा, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, तेलुगू देशम पार्टी और एआईएमआईएम ने एक-एक सीट जीती थी।

--आईएएनएस

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जहीराबाद (तेलंगाना): कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को तेलंगाना में लोगों से कहा कि तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) को दिया गया वोट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा और आरएसएस को जाएगा। 

यहां एक चुनावी जनसभा संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि टीआरएस और मोदी में गुप्त समझौता हुआ है।

उन्होंने कहा, "उनके बीच समझौता हुआ है। रिमोट कंट्रोल मोदी के हाथ में है।"

उन्होंने कहा कि टीआरएस ने विमुद्रीकरण और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को समर्थन दिया था और संसद में इसके सांसदों ने मोदी सरकार को पूरा समर्थन दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि टीआरएस अध्यक्ष व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने राफेल मुद्दे पर कुछ नहीं कहा।

उन्होंने कहा कि मोदी और केसीआर चुनाव से पहले एक-दूसरे की आलोचना कर नाटक कर रहे हैं, वास्तविकता में वे एक ही हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से सिर्फ कांग्रेस पार्टी लड़ रही है।

उन्होंने कहा, "यह दो विचारधाराओं की लड़ाई है। एक विचारधारा भारत को विभाजित कर रही, समुदाय और जाति को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा कर रही है ताकि सिर्फ 15-20 लोगों को सारा फायदा मिल जाए। वहीं, दूसरी विचारधारा ऐसे भारत की है जहां सभी के लिए जगह है और सभी सुरक्षित हैं।"

गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार में बेरोजगारी 45 सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई लेकिन उन्होंने इस पर एक भी शब्द नहीं कहा।

उन्होंने कहा, "चीन 24 घंटों में 50,000 रोजगार पैदा करता है और मोदी उन्हीं 24 घंटों में 27,000 भारतीय युवाओं का रोजगार छीनते हैं।"

नोटबंदी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मोदी ने काले धन से लड़ाई के नाम पर आम आदमी को कतारों में खड़ा कर दिया।

उन्होंने कहा, "मैं नहीं जानता कि इस इंसान के दिमाग में क्या आया। उन्होंने शाम आठ बजे से 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने की घोषणा कर दी। अर्थशास्त्रियों से पूछिए, वे कहेंगे कि यह पागलपन है।"

गांधी ने कहा कि मोदी चोरों के चौकीदार हैं जिन्होंने 15-20 लोगों को तीन लाख करोड़ का फायदा पहुंचाया है।

--आईएएनएस

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हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव ने शुक्रवार को दावा किया कि जब वह कांग्रेस के नेतृत्ववाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में मंत्री थे, उस दौरान भारत की ओर से 11 सर्जिकल स्ट्राइक किए गए थे।

राव वर्ष 2004 से 06 तक मनमोहन सिंह के मंत्रिमंडल में श्रम एवं रोजगार मंत्री थे। उन्होंने मिरयालगुडा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए यह खुलासा किया और वोट के लिए सर्जिकल स्ट्राइक को प्रचारित किए जाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की।

उन्होंने कहा, "जब मैं संप्रग सरकार में कैबिनेट मंत्री था, उस समय 11 सर्जिकल स्ट्राइक किए गए थे, लेकिन सेना से बाहर कभी इसे प्रचारित नहीं किया गया। वे सर्जिकल हमले सेना और हमारे द्वारा किए गए। ये सीमा पर किए गए।"

तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) प्रमुख ने यह बात मोदी के इस दावे कि पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक से 300 लोग मारे गए और जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के यह कहने कि एक चींटी तक नहीं मरा, के संदर्भ में कही।

तेलंगाना में मोदी की रैली के कुछ ही घंटों बाद अपनी पार्टी की रैली में उन्होंने 'राजनीतिक हिंदुत्व' के आह्वान को लेकर मोदी और भाजपा की निंदा की।

केसीआर ने कहा, "वे छद्म हिंदू हैं। हम असली हिंदू हैं। हममें भक्तिभाव है। उनका राजनीतिक हिंदुत्व है, जिसका मकसद केवल वोट बटोरना है।"

उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस लोगों को बताए कि वे देश में उपलब्ध जल संसाधन और बिजली का उपयोग करने में क्यों विफल रहीं। वे 70 साल देश पर राज करने के बावजूद वास्तविक समस्याएं हल करने में क्यों विफल रहीं।

राष्ट्रीय राजनीति में गुणवत्तापूर्ण बदलाव की अपनी चाहत को दोहराते हुए केसीआर ने भविष्यवाणी की कि केंद्र में अगली सरकार क्षेत्रीय पार्टियां बनाएंगी।

उन्होंने कहा, "भाजपा की अगुवाई वाला राजग 150 सीटों के आंकड़े को पार नहीं कर पाएगा और कांग्रेस 100 से ज्यादा सीटें नहीं ला पाएगी। चुनाव परिणाम 23 मई को आने के बाद इस देश पर क्षेत्रीय पार्टियां राज करेंगी।"

--आईएएनएस

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हैदराबाद: तेलंगाना में सत्तारूढ़ तेलुगू राष्ट्र समिति (टीआरएस) के समर्थन वाले तीन उम्मीदवार विधान परिषद चुनावों में हार गए हैं। चुनाव हारने वाले तीन उम्मीदवारों में राज्य विधानमंडल के उच्च सदन के दो निवर्तमान सदस्य हैं।

बुधवार सुबह शुरू हुई मतगणना के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री टी. जीवन रेड्डी करीमनगर-आदिलाबाद-निजामाबाद-मेडकग्रेजुएट्स चुनाव क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य निर्वाचित हुए।

जीवन रेड्डी ने अपने करीबी प्रतिद्वंदी टीआरएस के चंद्रशेखर गौढ़ को 39,430 वोटों से हराया।

प्रोग्रेसिव रिकग्नाइज्ड टीचर्स यूनियन (पीआरटीयू) के के. रघोतम रेड्डी ने कांग्रेस के समर्थन से करीमनगर-आदिलाबाद-निजामाबाद-मेडक शिक्षक चुनाव क्षेत्र पर जीत दर्ज की। उन्होंने टीआरएस के समर्थन वाले विधान परिषद के पूर्व सदस्य पतूरी सुधाकर रेड्डी को हराया।

टीआरएस समर्थित विधान परिषद के पूर्व सदस्य और प्रत्याशी पी. रविंदर भी नलगोंडा-खम्माम-वारंगल शिक्षक चुनाव क्षेत्र से हार गए। कांग्रेस और सीपीआई समर्थित यूनाइटेड टीचर्स फेडरेशन (यूटीएफ) के उम्मीदवार ए. नरसीरेड्डी ने यहां से जीत हासिल की है।

--आईएएनएस

 

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हैदराबाद: तेलंगाना में कांग्रेस की मुसीबतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा प्रकरण में पार्टी के एक अन्य विधायक ने सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) में शामिल होने का निर्णय किया है। खम्माम जिले की पालेरू विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले के. उपेंद्र रेड्डी ने टीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव से मुलाकात की और सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल होने की अपनी इच्छा से अवगत कराया।

उपेंद्र रेड्डी एक या दो दिनों में इस संबंध में घोषणा कर सकते हैं।

इससे एक दिन पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री सबिता इंद्रा रेड्डी ने टीआरएस अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव से मुलाकात की थी।

ऐसा माना जा रहा है कि राज्य के विधायक सबिता ने अपने बेटे कार्तिक रेड्डी के साथ टीआरएस में शामिल होने का मन बना लिया है।

इस माह चार कांग्रेस विधायक टीआरएस में शमिल हो चुके हैं। अगर सबिता और उपेंद्र रेड्डी भी टीआरएस में शामिल हो जाते हैं तो 119 सदस्यीय विधानसभा में विपक्षी पार्टी की संख्या घटकर 13 रह जाएगी।

--आईएएनएस

 

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नई दिल्ली: तेलंगाना में सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस), आंध्र प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल वाईएसआर कांग्रेस और ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) की 23 मई को लोकसभा चुनाव के नतीजों के ऐलान के बाद केंद्र सरकार के गठन में खास भूमिका हो सकती है। यह नतीजा सीवोटर-आईएएनएस के एक सर्वेक्षण में उभरकर सामने आया है। इसके मुताबिक चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को 264 सीटें मिल सकती हैं, जो कि केंद्र में सरकार बनाने के लिए बहुमत से आठ सीट कम है। दूसरी तरफ कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) को केवल 141 सीटें ही मिलने का अनुमान है।

सर्वेक्षण के मुताबिक, आंध्र में सत्तारूढ़ तेलुगू देशम पार्टी को 14 सीटें मिलने का अनुमान है। बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को 34 सीटों पर जीत मिल सकती है।

सीवोटर-आईएएनएस के सर्वेक्षण के मुताबिक, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, टीआरएस और बीजद को कुल मिलाकर 36 सीटें मिल सकती हैं। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी को आंध्र में 11 संसदीय सीट पर जीत मिल सकती है। बीजद को ओडिशा में नौ सीटें मिल सकती हैं। तेलंगाना में टीआरएस की आंधी चल सकती है और वह राज्य की कुल 17 लोकसभा सीटों में से 16 पर जीत हासिल कर सकती है।

इन तीनों दलों ने भाजपानीत और कांग्रेसनीत, दोनों गठबंधनों से समान दूरी बनाकर रखी हुई है। ऐसे में इनकी केंद्र सरकार के गठन में बेहद खास भूमिका हो सकती है।

इनमें से किसी एक का भी समर्थन राजग को बहुमत दिलाने के लिए पर्याप्त होगा, अगर सर्वेक्षण जैसी ही स्थिति रही तो। गैर भाजपा-गैर कांग्रेस दलों के अनौपचारिक तीसरे मोर्चे की भूमिका कुल मिलाकर खासा महत्वपूर्ण हो सकती है।

जनमत सर्वेक्षण के मुताबिक, राजग में शामिल जनता दल (युनाइटेड) और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) को बिहार में 20 सीटें मिल सकती हैं, जबकि महाराष्ट्र में शिवसेना को 14 निर्वाचन क्षेत्रों में जीत मिल सकती है।

--आईएएनएस

 

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हैदराबाद: तेलंगाना में विपक्षी कांग्रेस को एक और झटका लगा है, जब पार्टी विधायक बी. हरिप्रिया ने घोषणा की कि वह सत्ताधारी तेलंगाना राष्ट्र समिति टीआरएस में शामिल होंगी। इस महीने टीआरएस में शामिल होने वाली वह कांग्रेस की चौथी विधायक हैं।

हरिप्रिया भद्राद्रि कोठागुडम जिले की येल्लांडु सीट से विधायक हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने क्षेत्र के विकास के लिए टीआरएस में शामिल होने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वह विधानसभा से इस्तीफा देंगी और टीआरएस के टिकट पर फिर से चुनाव लड़ेंगी।

इसके पहले रेगा कांता राव और अत्राम सक्कू दो मार्च को टीआरएस में शामिल हो गए थे। दोनों विधायक जनजातीय समुदाय से हैं।

हरिप्रिया के पार्टी छोड़ने के बाद 119 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस विधायकों की संख्या 15 रह जाएगी।

हरिप्रिया का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब वरिष्ठ कांग्रेस नेता सबिता इंदिरा रेड्डी ने रविवार को टीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव से मुलाकात की।

यह मुलाकात मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के आवास पर हुई।

अविभाजित आंध्र प्रदेश में वाई.एस. राजशेखर रेड्डी की कैबिनेट में गृहमंत्री का पदभार संभाल चुकीं सबिता रेड्डी ने शर्त रखी है कि या तो उन्हें या उनके बेटे पी. कार्तिक रेड्डी को चेवेल्ला लोकसभा सीट से उतारा जाए।

मुख्यमंत्री और टीआरएस अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव उनकी मांग पर अंतिम फैसला लेंगे।

--आईएएनएस

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हैदराबाद: तेलंगाना में कांग्रेस के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि पार्टी की वरिष्ठ नेता और विधायक सबिता इंद्र रेड्डी सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) में शामिल हो सकती हैं। हैदराबाद के समीप रंगा रेड्डी जिले की प्रमुख नेता सबिता और टीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव के बीच रविवार को एक बैठक हुई। यह बैठक मजलिस-ए -इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के आवास पर हुई।

अविभाजित आंध्र प्रदेश में वाई.एस. राजशेखर रेड्डी की कैबिनेट में गृहमंत्री का पदभार संभाल चुकीं सबिता रेड्डी ने शर्त रखी है कि या तो उन्हें या उनके बेटे पी. कार्तिक रेड्डी को चेवेल्ला लोकसभा सीट से उतारा जाए।

मुख्यमंत्री और टीआरएस अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव उनकी मांग पर अंतिम फैसला लेंगे।

रेड्डी सात दिसंबर को हुए विधानसभा चुनाव में महेश्वरम विधानसभा सीट से निर्वाचित हुई थीं। हालांकि उनके बेटे ने राजेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र से टिकट नहीं मिलने के बाद चुनाव की पूर्व संध्या पर कांग्रेस छोड़ दी थी। कांग्रेस ने यह सीट अपनी सहयोगी तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) को दे दी थी।

पिछले सप्ताह कांग्रेस को उस वक्त तगड़ा झटका लगा, जब उसके तीन विधायक टीआरएस में शामिल हो गए। विपक्षी पार्टी के सदस्यों की संख्या 119 सदस्यीय विधानसभा में अब 16 रह गई है।

--आईएएनएस

 

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हैदराबाद: दिसंबर 2018 विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत को पीछे छोड़ते हुए तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) आगामी लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार में तेजी लाकर अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे है।

मुख्य राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है, हालांकि सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव बीते चार दिनों में संसदीय क्षेत्रों में सिलसिलेवार तैयारी बैठकों को संबोधित कर एक कदम आगे बढ़ा चुके हैं।

केटीआर नाम से प्रसिद्ध राव ने सात निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं की बैठकों को संबोधित किया। प्रत्येक क्षेत्र में उन्होंने 15 हजार से ज्यादा कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और पार्टी नेताओं के साथ चुनावी रणनीति पर चर्चा के लिए कुछ जगह पर रात में रुके भी।

अपने पिता और मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव द्वारा जिम्मेदारियां दिए जाने पर केटीआर 17 में से 16 लोकसभा सीटों के अपने लक्ष्य को हासिल करने को लेकर निश्चित नजर आ रहे हैं। टीआरएस ने हैदराबाद सीट अपने सहयोगी मजलिस-ए -इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) को दी है।

प्रत्येक बैठक में केटीआर कह रहे हैं कि तेलंगाना और टीआरएस के लिए 16 सीटों का क्या मतलब होगा। उन्होंने अनुमान लगाया कि राजग और कांग्रेस दोनों ही केंद्र में सरकार बनाने की स्थिति में नहीं होंगी, इसलिए उन्होंने लोगों से सभी टीआरएस उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने का आग्रह किया, ताकि पार्टी केंद्र में अगली सरकार के गठन में अहम भूमिका मिभा सके।

केटीआर आश्वस्त हैं कि चंद्रशेखर राव तय करेंगे कि अगला प्रधानमंत्री कौन होगा, क्योंकि वह टीआरएस व अन्य क्षेत्रीय दलों वाले संघीय मोर्चे के नेता हैं। वह वादा कर रहे हैं कि मोर्चा राष्ट्रीय राजनीति में गुणात्मक परिवर्तन लाएगा, क्योंकि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही अपने वादे पूरे करने में विफल रही हैं।

अपनी कल्याणकारी और विकास परियोजनाओं के साथ पूरे देश के लिए एक मॉडल के रूप में उभरे तेलंगाना का जिक्र करते हुए केटीआर ने उम्मीद जताई कि समान योजनाएं देश भर में लागू की जाएंगी।

केटीआर लोगों को बता रहे हैं कि अगर टीआरएस दिल्ली में शासन करने की स्थिति में हुई तो राज्य के लिए वह कैसे फायदेमंद साबित होगी। उन्होंने कहा, "राज्य को जरूरी फंड और परियोजनाएं मिलेंगी।"

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अभी तक एक-एक जनसभा को संबोधित किया है।

विधानसभा चुनाव में भाजपा को मात्र एक सीट मिली थी, जबकि कांग्रेस ने 18 सीटों पर कब्जा जमाया था। हालांकि पिछले सप्ताह उसके तीन विधायक सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल हो गए हैं।

दोनों राष्ट्रीय दल हालांकि उम्मीद कर रहे हैं कि लोकसभा के नतीजे अलग होंगे, क्योंकि यह चुनाव राष्ट्रीय मुद्दों पर लड़ा जाएगा।

--आईएएनएस

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हैदराबाद: तेलंगाना में तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) को झटका देते हुए तेदेपा के एक विधायक ने रविवार को तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) में शामिल होने का फैसला किया है। तेलंगाना में तेदेपा के दो विधायक है।

सानद्रा वेंकट वीरैया ने कहा कि वह टीआरएस सरकार द्वारा किए गए विकास व कल्याण कार्यक्रमों से प्रभावित हैं और इसलिए सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल होने का फैसला किया है।

वीरैया, खम्मम जिले के सथुपल्ली निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

वीरैया ने कहा कि यह फैसला उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की मर्जी व जिले के विकास के हित में लिया।

राज्य विभानसभा के 7 दिसंबर को हुए चुनावों में सथुपल्ली से लगातार तीसरी बार विजयी रहे वीरैया ने मुख्यमंत्री व टीआरएस अध्यक्ष के.चंद्रशेखर राव से शनिवार को मुलाकात की।

तेदेपा ने राज्य विधानसभा की 119 सीटों में सिर्फ दो सीटें जीती थीं। यह दोनों सीटें खम्मम जिले में है।

कांग्रेस के दो विधायकों के पार्टी छोड़ने व टीआरएस में शामिल होने के फैसले के एक दिन बाद वीरैया का निर्णय सामने आया है।

कांग्रेस के दोनों जनजतीय विधायकों रेगा कांता राव व अथराम सक्कू ने घोषणा की कि यदि जरूरी हुआ तो विधानसभा से इस्तीफा देंगे और अपने संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों से फिर चुनाव में उतरेंगे।

--आईएएनएस

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