बार्सिलोना: मर्सिडीज टीम के ब्रिटिश चालक लुइस हेमिल्टन ने रविवार को सर्किट डी बार्सिलोना पर स्पेनिश ग्रां प्री रेस जीत लिया।

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, हेमिल्टन ने अपने टीम साथी और पोल पोजीशन से रेस की शुरुआत करने वाले वालटेरी बोटास से आगे निकलकर पहला स्थान हासिल किया। रेड बुल के चालक मेक्स वर्सटेपन को तीसरा स्थान मिला।

इस जीत के बाद हेमिल्टन ने अब बोटास से फिर से विश्व चैंपियनशिप का खिताब वापस ले लिया है। हेमिल्टन की यह 76वीं करियर जीत है। इसके अलावा उनकी यह सीजन की तीसरी जीत है।

--आईएएनएस

 

 

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नई दिल्ली: भारतीय खिलाड़ी बार-बार डोपिंग के मामले में इसलिए फंस जाते हैं क्योंकि उन्हें और उनके प्रशिक्षकों को प्रतिबंधित दवाओं के बारे में जानकारी नहीं होती। इस समस्या से पार पाने के लिए भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने एक सिस्टम को लाने का फैसला किया है जिसके अंतर्गत पहलवानों समते उनके प्रशिक्षकों को भी प्रतिबंधित दवाओं के बारे में शिक्षित किया जाएगा।

आईएएनएस से बात करते हुए डब्ल्यूएफआई के सहायक सचिव विनोद तोमर ने कहा कि महासंघ उन प्रशिक्षकों को प्रतिबंधित दवाओं के बारे में बताना चाहते हैं जो राष्ट्रीय कैम्प से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि शायद पूरे देश को कवर कर पाना कठिन हो, लेकिन महासंघ उन जगहों को कवर करने का प्रयास करेगा जो शीर्ष स्तरीय पहलवान प्रदान करते हैं।

तोमर ने कहा, "अध्यक्ष (डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह) इसके बारे में राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) के साथ बातचीत कर रहे हैं। हम लोकसभा चुनाव के बाद इसके लिए एक कार्यक्रम बनाएंगे।"

महासंघ ने शुक्रवार को राष्ट्रीय कैम्प में मौजूद प्रशिक्षकों को बताया कि अगर कैम्प या अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के दौरान कोई खिलाड़ी डोप टेस्ट फेल करता है तो उन्हें भी अंजाम भुगतना पड़ सकता है।

डब्ल्यूएफआई ने एक बयान में कहा, "महासंघ ने फैसला किया है कि अगर राष्ट्रीय कैम्प और अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप के दौरान किसी भी पहलवान के डोप टेस्ट के परिणाम सकारात्मक पाए जाते हैं, तो न केवल खिलाड़ी बल्कि कैम्प में मौजूद प्रशिक्षकों को भी दंडित किया जाएगा।"

तोमर ने कहा, "महासंघ ने एक कैम्प लगाया और उसके बाद, कोच को जिम्मेदारी लेनी चाहिए। पहलवान प्रशिक्षकों की देखरेख में ही रहता है। इसलिए जब कोई पहलवान डोपिंग में फंस जाता है, तब कोच भी खिलाड़ी के जितना ही जिम्मेदार होता है। महासंघ की जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि संयुक्त विश्व कुश्ती (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) से प्राप्त होने वाले जुर्माने का भुगतान किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि ऐसी स्थिति दोबारा न बने।"

यूडब्ल्यूडब्ल्यू क नियम कहते है कि अगर कोई भी खिलाड़ी एक आधिकारिक टूर्नामेंट या संयुक्त विश्व कुश्ती कैलेंडर के दौरान डोपिंग के मामले में फंसता है तो उसके राष्ट्रीय महासंघ को जुर्माने के तौर पर 20,000 स्विस फ्रांक्स का भुगतान करना होगा।

--आईएएनएस

 

 

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जैसलमेर: टीम स्पार्की गैराज के अभिषेक मिश्रा ने डेजर्ट स्टॉर्म रैली में शुक्रवार को एएसएस-6 चरण के बाद तीसरे दिन का अंत पहले स्थान पर रहते हुए किया है।

तीसरे दिन सम्राट यादव ने अपनी कार टोयोटा फॉर्च्यूनर और लाहप्का सेरिंग ने अपनी कार पोलारिस एटीवी से शानदार प्रदर्शन कर अच्छी वापसी करते हुए दूसरा और चौथा स्थान हासिल किया।

सम्राट (सहचालक कुणाल कश्यप, 03:00:44) और सेरिंग (सह-चालक वेणू रमेशकुमार, 02:53:46) एक्सट्रीम कैटेगरी में सुबह अच्छा प्रदर्शन करते हुए सबसे अच्छे समयों में से एक समय निकालने में सफल रहे।

उन्होंने एपीआरसी चैम्पियन और जीत के प्रबल दावेदार माने जा रहे टीम महिंद्रा के गौरव गिल को भी पीछे छोड़ दिया। गौरव ने दिन की शुरुआत दूसरे स्थान के साथ की थी, लेकिन वह अपने प्रदर्शन में गिरावट के कारण तीसरे दिन का अंत आठवें स्थान से साथ कर पाए। गौरव के लिए आज का दिन खराब रहा। उन्होंने सुबह के चरण में 04:09:26 घंटे का समय निकाला।

मौजूदा विजेता मिश्रा ने अपनी शानदार क्लास का प्रदर्शन जारी रखा और 02:49:49 घंटे का समय निकाला। उनकी टीम स्पार्की के कप्तान एवीएस गिल भी शानदार फॉर्म में रहे और एक स्थान आगे बढ़ते हुए तीसरे स्थान पर आ गए।

मोटो कटेगरी में टीवीएस रेसिंग के एड्रियन मेटगे और होंडा मोटरस्पोर्ट्स के सीएस संतोष के बीच श्रेष्ठता की जंग जारी रही। एड्रियन लीड बनाए रखे हुए थे और संतोष बड़ी तेजी से उनके पीछे लगे हुए थे।

फ्रांस के मेटगे 02.46.40 समय के साथ एसएस-6 पार करने में सफल रहे लेकिन इसके बावजूद वह पहला स्थान पाने में सफल रहे और संतोष सुबह का सबसे अच्छा समय (02.44.30) निकालते हुए दूसरे स्थान पर रहे। टीवीएस टीम के ही अब्दुल वाहिद तनवीर ने 02.45.56 समये के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।

ऐसे में जबकि तापमान 50 डिग्री के करीब पहुंचता दिख रहा था, 8 और बाइकर्स और चार और चालक (एक्सट्रीम कटेगरी) में रेस छोड़ने पर मजबूर हुए।

--आईएएनएस

 

 

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रियो डी जनेरियो: ब्राजील के रियो डी जनेरियो में अगले साल ब्राजील ग्रांप्री-2020 फॉर्मूला-1 रेस का आयोजन किया जाएगा।

बीसीसी ने ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो के हवाले से गुरुवार को इसकी जानकारी दी। ब्राजील में साओ पाउलो ही 1990 के बाद से फॉर्मूला-1 रेस का आयोजन करता आ रहा है। लेकिन अब रियो डी जनेरियो में भी इस रेस का आयोजन किया जाएगा।

बोलसोनारो ने कहा कि 2020 में होने वाले ब्राजील ग्रांप्री रेस के लिए नए सर्किट का निर्माण किया जाएगा।

राष्ट्रपति ने रियो में सेना समारोह के एक कार्यक्रम के दौरान कहा, "नए सर्किट के निर्माण में कम से कम छह से सात महीने का समय लगेगा।" उन्होंने साथ ही कहा कि जनता के पैसों के बिना ही नए ट्रैक का निर्माण किया जाएगा।

बोलसोनारो ने इस दौरान नए ट्रैक के निमार्ण को लेकर एक समझौता ज्ञापन भी हस्ताक्षर किया। जिस जगह पर नए सर्किट का निर्माण किया जाएगा, उस स्थान को पहले भी रियो ओलंकिप के लिए इस्तेमाल किया जा चुका है।

ब्राजील, दक्षिण अमेरिका का एकमात्र ऐसा देश है, जो ग्रांप्री रेसों का आयोजन करता है।

--आईएएनएस

 

 

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बीकानेर: मौजूदा विजेता अभिषेक मिश्रा ने अपने अनुभव का परिचय देते हुए डेजर्ट स्टॉर्म रैली के दूसरे दिन गुरुवार का अंत अपनी श्रेणी में बढ़त के साथ किया।

द टीम स्पार्कीज गैरेज के इस रेसर ने एक्स्ट्रीम कैटेगरी में अपने सह-चालक श्रीकांत गौड़ा के साथ मिलकर पहले दिन का अंत शीर्ष स्थान के साथ करने वाले सनी सिद्धू को पीछे छोड़ दिया और कुल 03:22:46 घंटे के समय के साथ आगे निकल गए।

महिंद्रा एडवेंचर टीम के सिद्धू अपने सह-चालक अश्विन नाइक के साथ पहले दिन दमदार फॉर्म में थे लेकिन दूसरे दिन गर्मी के कारण उनकी कार और उनको काफी परेशनी हुई और एसएस-4 के बाद उन्हें दिक्कत होने लगी।

उनकी टीम के गौरव गिल और उनके सह-चालक मूसा शरीफ ने दूसरे दिन की शुरुआत चौथे स्थान के साथ की थी। दूसरे दिन गौरव को दिक्कतें तो हुईं लेकिन वह अपने दम पर दूसरा स्थान हासिल करने में सफल रहे। उन्होंने एसएस-4 में 01:10:11 का रिकार्ड समय निकाला। उन्होंने कुल 03:25:46 घंटे का समय लिया। सम्राट यादव अपने सह-चालक कुणाल कश्यप के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

टीवीएस रेसिंग के फ्रांस के एड्रियान मेटगे ने मोटो कैटेगरी में अपना वर्चस्व दिखाया और 02:03:34 के घंटे का कुल समय निकाल पहले स्थान पर कब्जा जमाया। दूसरे स्थान पर हीरो मोटरस्पोर्ट के भारत के स्टार बाइकर सीएस संतोष रहे। संतोष ने 02:11:20 घंटे का समय निकाला।

एनड्यूरे कैटेगरी में अंकुर चौहान ने अपने सह-चालक प्रकाश एम के साथ मिलकर दूसरे दिन का अंत पहले स्थान के साथ किया। आठ चरणों के बाद वह 13 मिनट 38 सेकेंड की पेनाल्टी के साथ पहला स्थान हासिल करने में सफल रहे। दूसरे स्थान पर दीपक सचदेवा (सह-चालक जापजोत सिंह ढिंगरा) और कप्तान अभिलाष सिंह ( सह-चालक आशीष अग्रवाल) रहे।

मोटो कैटेगरी में आठ प्रतिस्पर्धी और एक्स्ट्रीम कैटेगरी में चार प्रतिस्पर्धी रेगिस्तान की गर्मी के सामने ठंड़े पड़ गए।

जीत के प्रबल दावेदार माने जा रहे संजय अग्रवाल (सह-चालक स्मिथा एन) की मारूति विटारा शुरुआत के बाद गर्मी और कुछ तकनीकी खराबी के कारण ज्यादा दूर तक नहीं जा सकी।

41 किलोमीटर की एसएस-1 मोटो और एक्स्ट्रीम कैटेगरी की शुरुआत नूरसार गांव से हुई थी। एसएस-2 में 46 किलोमीटर रेस की शुरुआत राजासार गांव से हुई थी। एक्स्ट्रीम स्टेज के चालकों ने रात की स्टेज में भी हिस्सा लिया और केलान गांव से 41 किलोमीटर की दूरी तय की।

--आईएएनएस

 

 

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मुंबई: वर्ष 2017 के राष्ट्रीय चैंपियन आरोह रवींद्र ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अजमेरा इंडीकार्टिग सीरीज में जीत हासिल कर ली।

टीम रायो रेसिंग के राइडर रवींद्र ने रेस-1 और रेस-3 में जीत दर्ज के साथ ही रेस-2 में तीसरा स्थान हासिल किया।

वार्षिक कार्टिग सीरीज में देश के विभिन्न हिस्सों से करीब 500 से अधिक प्रतिभागियों ने इसके लिए अपना नामांकन कराया था।

प्रो जूनियर वर्ग में अंतर्राष्ट्रीय अनुभवी शैर्य कपानी ने अपने तीनों में शानदार जीत हासिल की।

प्रो कैडेट के सात से 12 वर्ष की आयु वर्ग में रैडन समरवेल ने तीनों रेस अपने नाम की। पुणे के निर्वाण चंदना और नाइजेल शाजु को दूसरा स्थान मिला।

एमेच्योर वर्ग में जैमी शॉ और इंटर स्कूल वर्ग में राघव वैश्ननवी चैंपियन बनने में सफल रहे। मुंबई के मीहिर पटेल को प्रतिष्ठित अक्षय पाटिल मेमोरियल ट्रॉफी प्रदान की गई।

--आईएएनएस

 

 

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कुआलालम्पुर: सौरव घोषाल एशियाई स्क्वॉश चैम्पियनशिप का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं।

वर्ल्ड नंबर-10 सौरव ने रविवार रात यहां हुई एशियाई स्क्वॉश चैम्पियनशिप का पुरुष एकल खिताब अपने नाम किया।

टॉप सीड सौरव ने 42 मिनट तक चले फाइनल मुकाबले में वल्र्ड नंबर-4 लीयो यु चुन मिंग को 11-9, 11-2, 11-8 के सेटों में हराया।

सौरव के अलावा मौजूदा चैंपियन जोशना चिनप्पा ने भी खिताब जीतकर महिला एकल का अपना खिताब बरकरार रखा है। जोशना ने महिला एकल के फाइनल में वल्र्ड नंबर-11 हांगकांग की एनी एयू को 11-5, 6-11, 11-8, 11-6 से हराकर खिताब बरकरार रखा।

चेन्नई की जोशना ने भी मात्र 42 मिनट में ही यह खिताबी मुकाबला अपने नाम कर लिया।

32 वर्षीय जोशना नौ बार की चैंपियन मलेशिया की निकोल डेविड के बाद यह खिताब बरकरार रखने वाली पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं।

एशियाई स्क्वॉश महासंघ (एएसएफ) के अध्यक्ष डेविड मुई ने विजेता खिलाड़ियों को एएसएफ चैलेंज ट्रॉफी प्रदान किया।

--आईएएनएस

 

 

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वॉरसॉ (पोलैंड): भारत के मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए यहां हुए 36वें फेलिस्का स्टाम इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में दो स्वर्ण समेत कुल छह पदक अपने नाम किए।

मनीष कौशिक और गौरव सोलंकी ने अपने-अपने भारवर्ग में रविवार को यहां स्वर्ण पदक जीते।

कौशिक ने दमदार प्रदर्शन किया। 23 वर्षीय भारतीय मुक्केबाज ने 60 किलोग्राम भारवर्ग में हुए एक कड़े मुकाबले में मोरक्को के मोहम्मद हामोउत को 4-1 से पराजित किया।

22 वर्षीय सोलंकी भी 52 किलोग्राम भारवर्ग में फॉर्म में नजर आए। उन्होंने इंग्लैंड के विलियम कॉली को सर्वसम्मति से 5-0 से शिकस्त दी। सोलंकी ने पिछले वर्ष हुए राष्ट्रमंडल खेलों में भी स्वर्ण जीता था।

दूसरी ओर, 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले मोहम्मद हुसामुद्दीन को इस प्रतियोगिता में रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

हुसामुद्दीन को 56 किलोग्राम वर्ग के फाइनल मैच में रूस के मुहम्मद शेखोव के खिलाफ 1-4 से हार झेलनी पड़ी।

इसके अलावा, तीन मुक्केबाजों ने कांस्य पदक जीते। अर्जुन अवॉर्ड जीत चुके मंदीप झांग्रा को 69 किलोग्राम भारवर्ग में रूस के वादिम मुसाएव ने 5-0 से मात दी।

संजीत को 91 किलोग्राम भारवर्ग में हुए सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के डेविड नीका ने हराया। 64 किलोग्राम भारवर्ग में हुए करीबी मुकाबले में अंकित खटाना को पोलैंड के डेमियन दुर्काज के खिलाफ 2-3 से हार झेलनी पड़ी।

--आईएएनएस

 

 

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नई दिल्ली: एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के अग्रणी मुक्केबाज अमित पंघल ने अपने कोच अनिल कुमार का नाम इस साल द्रोणाचार्य अवार्ड के लिए न भेजे जाने पर गहरी निराशा जाहिर की है और कहा है कि उनके कोच के साथ अच्छा बर्ताव नहीं हुआ है।

भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) ने पंघल के कोच को नजरअंदाज कर मंगलवार को संध्या गुरंग और शिव सिंह के नाम द्रोणाचार्य अवार्ड के लिए भेजे हैं। पंघल और गौरव बिधुड़ी के नाम अर्जुन पुरस्कार के लिए भेजे गए हैं।

पंघल ने द्रोणाचार्य अवार्ड के नांमाकन पर निराशा जाहिर करते हुए आईएएनएस से कहा, "मुझे लगता है कि मेरे कोच अनिल कुमार का नाम द्रोणाचार्य अवार्ड के लिए भेजा जाना चाहिए था। वह मेरे कोच हैं और इल नाते उनके प्वाइंट्स सबसे ज्यादा हैं। उनका नाम पिछली बार भी नहीं भेजा गया था और इस बार भी उनका नाम नहीं हैं। यह गलत हुआ है।"

उन्होंने कहा, "द्रोणाचार्य अवार्ड के लिए किसी और के नाम की सिफारिश कर दी गई है। ऐसे व्यक्ति का नाम भेजा गया है, जिनके प्वाइंट्स कम हैं। लेकिन मेरे सर (कोच) के प्वाइंटस ज्यादा हैं तो उनके नाम नहीं भेज रहे हैं।"

द्रोणाचार्य अवार्ड के लिए नामित की गईं संध्या बीते एक दशक से महिला टीम के साथ रही हैं। वहीं, शिव सिंह तीन दशक से कोचिंग कर रहे हैं।

एशियाई खेलो में स्वर्ण और राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाले पंघल ने कहा, "मैंने शुरुआत से ही अनिल सर के साथ रहकर कोचिंग की है और उनके मार्गदर्शन में कई सारे पदक जीते हैं। द्रोणाचार्य अवार्ड दो तरीके से मिलते हैं। एक तो कोच के प्रदर्शन के आधार पर और दूसरा उनके शिष्य के प्रदर्शन के आधार पर। मेरा प्रदर्शन अबतक का सर्वश्रेष्ठ रहा है और इसका श्रेय मेरे कोच को जाता है। मेरे प्रदर्शन के आधार पर मेरे कोच के अंक सबसे अधिक हैं लेकिन बीते साल की तरह इस साल भी उन्हें नजरअंदाज किया।"

उन्होंने कहा, "मैंने अबतक जो भी उपलब्धि हासिल की है, उसका श्रेय मेरे कोच अनिल सर को ही जाता है। लेकिन उन्हें सम्मान नहीं मिल रहा हैं, जिनके वह हकदार हैं।"

पंघल ने कहा कि जिस शिव सिंह को द्रोणाचार्य अवार्ड के लिए नामांकित किया है, वह बेशक लम्बे समय से कोच रहे हैं लेकिन अभी उनके अंक मेरे कोच के अंक से कम हैं और इस लिहाज से मेरे कोच का हक ज्यादा बनता है।

--आईएएनएस

 

 

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नई दिल्ली: भारत की अग्रणी महिला निशानेबाज अपूर्वी चंदेला ने 10 मीटर एअर राइफल वैश्विक रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है।

भारत की ही अंजुम मोदगिल ने इसी कटेगरी में दूसरा स्थान हासिल किया। अंजुम को बीजिंग में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप में मिश्रित टीम का स्वर्ण जीतने पर रैंकिंग में यह उछाल मिली है।

अपूवी ने इस साल फरवरी में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में 252.9 अंकों के साथ सोना जीता था और इसके साथ वह टोक्यो ओलम्पिक 2020 के लिए कोटा भी हासिल करने में सफल रही थीं।

भारत के अब तक छह निशानेबाज टोक्यो का टिकट हासिल कर चुके हैं।

2018 एशियाई खेलों में 10 मीटर एअर राइफल स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाली अपूर्वी ने ट्विटर पर अपनी इस सफलता की खुशी जाहिर करते हुए लिखा, "आज अपने शूटिंग करियर में वर्ल्ड नम्बर-1 बनने का श्रेय हासिल किया। यह मेरे करियर का एक मील का पत्थर है।"

--आईएएनएस

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