दिल्ली: डिजिटल पेमेंट कंपनी पेटीएम ने गुरुवार को सीआरपीएफ वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष मनु भटनागर को 47 करोड़ रुपये का चेक सौंपा। यह पैसा सीआरपीएफ ब्रेवहार्ट्स के लिए प्राप्त योगदानों से एकत्रित किया गया है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि 14 फरवरी को सीआरपीएफ जवानों पर हुए हमले के बाद पेटीएम ने धन एकत्रित करने की यह मुहिम शुरू की। 15 फरवरी से लेकर 10 मार्च तक 20 लाख से ज्यादा पेटीएम प्रयोक्ता आगे आए और उन्होंने रक्षा बलों के साथ अपनी एकजुटता प्रदर्शित करते हुए योगदान किया।

धन एकत्रित करने के लिए पेटीएम ने सीआरपीएफ वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन के साथ सहयोग किया और अपने उपभोक्ताओं को सुविधा दी कि वे पेटीएम मोबाइल एप और वेबसाइट के जरिए योगदान दें जिसे सीडब्ल्यूए के धनकोष में जमा कराया जा सके। 80जी के तहत कर लाभ लेने के लिए पेटीएम उपभोक्ताओं को सिर्फ अपना नाम और पैन कार्ड नंबर दर्ज करना था। एप के जरिए किया गया सारा दान ट्रांजैक्शन फीस से मुक्त था।

पेटीएम के सीओओ किरन वासीरेड्डी ने कहा, "इस हमले में शहीद हुए जवानों और उनके परिवारों के साथ हमारी प्रार्थनाएं हैं।"

--आईएएनएस

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नई दिल्ली: पेटीएम का एंड्रायड एप अब 11 भाषाओं को सपोर्ट करता है, जिसमें प्रमुख भारतीय भाषाएं और अंग्रेजी शामिल है। ब्रांड का स्वामित्व रखने वाली कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस लि. ने बुधवार को यह घोषणा की। कंपनी ने एक बयान में कहा कि इस कदम के साथ ही पेटीएम ने अपनी भाषाई पहुंच का विस्तार किया है और भारत की पहली ऐसी डिजिटल पेमेंट कंपनी बन गई है जो अपने एप पर सबसे ज्यादा भाषाओं का विकल्प दे रही है।

कंपनी का कहना है कि अपने पांच वर्षों के परिचालन में पेटीएम करीब 88 प्रतिशत भारतीय गांवों तक पहुंच चुकी है और इसके 60 प्रतिशत से ज्यादा उपभोक्ता छोटे और मझोले शहरों से हैं। 11 भाषाओं के इस नए जुड़ाव से, पसंदीदा डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म के तौर पर पेटीएम की स्थिति और ज्यादा पुख्ता होगी।

कंपनी ने बताया कि पेटीएम के 35 प्रतिशत से अधिक उपभोक्ता अपनी प्रादेशिक भाषा में एप को इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। पेटीएम पर अंग्रेजी के बाद हिंदी सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली भाषा है, इसके बाद गुजराती, तेलुगू, मराठी, बांग्ला, तमिल व कन्नड़ भाषाओं का नंबर आता है।

पेटीएम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक एबॉट ने कहा, "आज करोड़ों भारतीय अपनी रोजाना की जरूरतों के लिए पेटीएम का उपयोग कर रहे हैं और इसे अपनाने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। हम लोगों को पहले से ज्यादा भाषाई विकल्प दे रहे हैं और ग्राहकों के लिए सुविधा में बढ़ोतरी कर रहे हैं। अपने एप पर सभी भारतीय भाषाओं को उपलब्ध कराने के लिए हमने कड़ी मेहनत की है, हमने हर चीज को शब्दश: अनुवादित नहीं किया है बल्कि सही संदर्भ को प्रस्तुत किया है जिसकी उपभोक्ताओं ने बहुत सराहना की है।"

--आईएएनएस

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ऑनलाइन प्लेटफार्म पेटीएम मनी ने बुधवार को घोषणा की कि निवेशक अब पेटीएम मनी एप के जरिए अपने सभी म्यूचुअल फंड निवेशों के प्रदर्शन पर निगाह रख सकते हैं, और यह सुविधा निशुल्क प्रदान की जा रही है। निवेशकों को अपनी कंसॉलिडेटिड अकाउंट स्टेटमेंट (जो कार्वी फिनटैक से हासिल होगी) को पेटीएम मनी पर अपलोड करके कुछ ही मिनटों में पेटीएम मनी ऐप के जरिए अपने निवेश पोर्टफोलियो का प्रदर्शन देख पाएंगे। कंपनी ने एक बयान में कहा कि भारतीय म्यूचुअल फंड निवेशक एएमसीए बैंक, सलाहकार और वितरक के जरिए निवेश करते आ रहे हैं लेकिन उन्हें यह सुविधा नहीं मिल पाती की वे एक ही जगह पर अपने निवेश का प्रदर्शन देख पाएं। इस चुनौती का समाधान अब पेटीएम मनी लेकर आया है जिसके जरिए अब 1.80 करोड़ से अधिक मौजूदा म्यूचुअल फंड निवेशक रोजाना एक ही जगह पर अपने निवेश पोर्टफोलियो के प्रदर्शन की निगरानी कर सकेंगे चाहे उन्होंने किसी भी माध्यम से निवेश किया हो।

पेटीएम मनी के पूर्ण कालिक निदेशक प्रवीण जाधव ने कहा, "हमें पेटीएम मनी प्रयोक्ताओं से बहुत से आग्रह और फीडबैक प्राप्त हुए की उनके बाहरी निवेश को हमारे प्लैटफार्म पर लाया जाए। इससे निवेशक एक ही जगह पर अपने सभी निवेशों पर निगाह रख सकेंगे और इससे उन्हें निवेश संबंधी फैसले लेने में भी मदद मिलेगी। अपनी इन्वैस्टर फस्र्ट फिलोसॉफी के मुताबिक यह सुविधा पेश करने की हमें बेहद खुशी है।"

कंपनी ने कहा कि पेटीएम मनी तेजी से अपने उत्पाद और प्रौद्योगिकी में नयापन ला रहा है ताकि म्यूचुअल फंड निवेश का अनुभव बेहतर और आसान बने। कंपनी ने 34 असैट मैनेजमेंट कंपनियों के साथ गठबंधन करके म्यूचुअल फंड उद्योग के 94 प्रतिशत से अधिक एयूएम को कवर कर लिया है।

--आईएएनएस

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अलीबाबा और सॉफ्टबैंक द्वारा समर्थित पेटीएम ने शुक्रवार को कहा कि उसके प्लेटफार्म पर यूनीफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) लेन-देन में पिछले छह महीनों में 600 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। पेटीएम ब्रांड का स्वामित्व रखनेवाली कंपनी वन97 कम्यूनिकेशंस लि. ने कहा कि अक्टूबर में उसके प्लेटफार्म पर 17.9 करोड़ यूपीआई लेन-देन दर्ज किए गए।

पेटीएम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक एबोट ने कहा, "पेटीएम भीम यूपीआई का व्यापक रूप से इस्तेमाल बढ़ना उत्साहजनक है। इसका इस्तेमाल विभिन्न सेवाओं के लिए किया जाता है, जिसमें मोबाइल रिचार्ज, बिजली और पानी बिल का भुगतान, मेट्रो रिचार्ज और ऑफ लाइन स्टोर्स पर इस्तेमाल शामिल है।"

पेटीएम ने सितंबर में 13.7 करोड़ यूपीआई लेन-देन दर्ज किया था, यूपीआई लेन-देन में पेटीएम अग्रणी है, जिसकी बाजार हिस्सेदारी 33 फीसदी है। 

कंपनी ने कहा कि उसके प्लेटफार्म पर किए जाने वाले आधे से ज्यादा लेनदेन पेटीएम यूपीआई के माध्यम से किए जाते हैं।

वहीं, ऑफलाइन दुकानों में किए जानेवाले यूपीआई लेन-देन में पेटीएम की बाजार हिस्सेदारी 80 फीसदी से अधिक है।

--आईएएनएस

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डिजिटल पेमेंट की सुविधा मुहैया कराने वाली अग्रणी कंपनी, पेटीएम ने केरल में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए एक सप्ताह के अंदर अपने 12 लाख उपभोक्ताओं से 30 करोड़ रुपये इकट्ठा किए। कंपनी ने बुधवार को यह जानकारी दी। पेटीएम के प्रमोटर वन97 कम्यूनिकेशन ने यहां एक बयान में कहा, "हमने मंगलवार तक पूरे देश से 30 करोड़ रुपये प्राप्त किए, एक सप्ताह पहले 15 अगस्त को इसके लिए लोगों से योगदान देने की अपील की गई थी।"

राहत कोष के लिए दी गई सहायता पूरी तरह कर मुक्त है। लोग 'केरल मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष' में इसके एप या वेबसाइट के जरिए सहयोग कर सकते हैं।

राहत कोष के लिए योगदान पेटीएम एप या वेबसाइट के जरिए किया जा सकता है।

--आईएएनएस

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भारतीय स्वामित्व वाली, नियंत्रित और घरेलू कंपनी होने का दावा करते हुए प्रमुख भुगतान कंपनी पेटीएम ने गुरुवार को कहा कि वह अपने उपभोक्ताओं की जानकारी किसी संस्था या इकाई को नहीं देती है और ना ही किसी विदेशी इकाई को इसका उपयोग करने की अनुमति देती है। चीनी ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा द्वारा पेटीएम की बड़ी हिस्सेदारी लेने के बाद पेटीएम बुधवार को राज्यसभा में मनोनीत सांसद नरेंद्र जाधव द्वारा जताई गई राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे की आशंका जताने पर जवाब दे रही थी। पेटीएम ने कहा कि उसने इसके जवाब में एक गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) के लाइसेंस के लिए आवेदन किया है।

कंपनी ने कहा, "उपभोक्ताओं की जानकारी से संबंधित अपने दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए आज पेटीएम की स्वामित्व वाली कंपनी वन97 कम्यूनिकेशन लिमिटेड ने गुरुवार जोर दिया कि कंपनी अपने किसी भी उपभोक्ता की जानकारी कभी किसी तीसरी एजेंसियों, हितधारकों, निवेशकों या किसी विदेशी कंपनी को नहीं देती है।

कंपनी के अनुसार, "पेटीएम अपने उपभोक्ताओं की जानकारी सुरक्षित रखने के लिए एक कदम आगे चलते हुए उनकी सारी जानकारी भारत में स्थित सर्वरों में संरक्षित करती है। कंपनी उपभोक्ता की निजता और सुरक्षा का सम्मान करती है।"

पेटीएम ने कहा कि वह भारतीय स्वामित्व वाली, भारत में नियंत्रित और घरेलू कंपनी है। कंपनी के अनुसार वह उसके किसी निवेशक या किसी विदेशी इकाई को उपभोक्ताओं की जानकारी नहीं देती है।

बयान के अनुसार, "हमारे उपभोक्ताओं की पूरी जानकारी का उपयोग और संरक्षण भारत में ही होता है और इसकी कोई जानकारी किसी विदेशी इकाई को नहीं दी जाती है। उपभोक्ताओं की निजी जानकारी की संप्रभुता के मामले में यह पूर्ण रूप से भारतीय स्वामित्व वाली और भारतीय उपभोक्ताओं वाली कंपनी है।"

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भारतीय ई-कॉर्मस पेमेंट सिस्टम और डिजिटल वॉलेट कंपनी पेटीएम की कैशबैक स्कीम में करोड़ों रुपए के वारे-न्यारे हुए। बुधवार (18 जुलाई) को इससे जुड़ा खुलासा हुआ उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने किया। एसटीएफ ने इस संबंध में चार लोगों की गिरफ्तारियां भी की हैं। आरोपियों में पेटीएम कंपनी के कर्मचारी भी शामिल हैं।

दिखाए फर्जी ट्रांजैक्शंसः आरोप है कि ये चारों लोग डिजिटल रूप से करोड़ों रुपए के फर्जी लेन-देन दिखाकर उपभोक्ताओं को दिए जाने वाले 10 फीसदी कैशबैक में बड़े स्तर पर घोटाला कर रहे थे। यूपी एसटीएफ ने इस मामले को लेकर जारी की गई विज्ञप्ति में कहा कि लखनऊ के महानगर और विकासनगर स्थित वैल्यू प्लस स्टोर के शोरूम में धांधली की जा रही थी। जानकारी पर कार्रवाई के रूप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया।

इन धाराओं में मामला दर्जः आरोपियों की पहचान विनोद कुमार, विक्की अस्थाना, मोहम्मद फिरोज और अखिलेश कुमार के रूप में की गई है। इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 419, 420, 467, 471 व सूचना प्रौद्योगिकी की धारा 66सी और 66डी के अंतर्गत साइबर अपराध थाना लखनऊ में मामला दर्ज कराया गया है।

पहले भी हुई थी धांधलीः साल 2016 में भी पेटीएम में धोखाधड़ी से जुड़ा मामला सामने आया था, तब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के पास उसकी शिकायत हुई थी। कंपनी का कहना था कि बीते दिनों तकरीबन 26 मामले सामने आए, जिनमें कंपनी के दस्तावेजों संग छेड़खानी की गई थी। वरिष्ठ अधिकारियों ने उस मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की थी। जांच रिपोर्ट उसके कुछ दिन बाद सीबीआई के हवाले की गई थी, जिस पर पड़ताल की गई।

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 मुंबईकर अब पेटीएम के जरिए भी डब्बावाला भोजन के लिए भुगपान कर सकेंगे। पेटीएम पेमेंट्स बैंक ने मुंबई के डब्बावाला एसोसिएशन के साथ मिलकर नकदी में भुगतान की समस्या को दूर करने के मद्देनजर भागीदारी में काम करने का फैसला लिया है। पेटीएम पेमेंट्स बैंक की प्रबंध निदेशक व सीईओ रेणु सत्ती ने कहा, "मुंबई के डब्बावाला ने विश्वस्तरीय सप्लाई चेन मैनेजमेंट की मिसाल स्थापित कर दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। हमें खुशी है कि हम उनके मजबूत नेटवर्क को अपना पेटीएम क्यूआर कोड व बैंकिंग सेवा मुहैया करा रहे हैं। इस भागीदारी का लाभ दो लाख से ज्यादा मुंबईकरों को मिलेगा, जो पेटीएम के जरिए अब डब्बावालों को भुगतान कर पाएंगे।"

उन्होंने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि मुंबई में डब्बावालों का एक मजबूत नेटवर्क है, जो रोजाना दो लाख मुंबईकरों को घर का पका भोजन डिलीवर करते हैं। डब्बावाला एसोसिएशन से करीब 5,000 डब्बावाले जुड़े हैं, जो अब पेटीएम क्यूआर कोड के जरिये अपने उपभोक्ताओं से भोजन के बदले में भुगतान स्वीकार कर पाएंगे। साथ ही, पेटीएम पेमेंट्स बैंक में बैंक अकाउंट्स खोलकर वे बैंकिंग के साथ ही अन्य वित्तीय सेवाओं का लाभ भी उठा सकेंगे।

डब्बावाले बैंकिंग आउटलेट्स 'पेटीएम का एटीएम' में जाकर व्यक्तिगत बैंकिंग का लाभ उठा सकते हैं। जहां वे नकदी जमा कर सकते हैं और निकाल भी सकते हैं। बचत खाते की जमा पर उनको 4 प्रतिशत ब्याज मिलेगा और धन प्रबंधन खाते की जमा पर व्याज दर 6.85 प्रतिशत मिलेगा। मुंबई के डब्बावाला के साथ-साथ पेटीएम इकोसिस्टम में बैंक का मिशन देश की 50 करोड़ आबादी को मुख्य धारा की अर्थव्यवस्था में लाना है।

डब्बावाला एसोसिएशन की ओर से कहा गया कि नकदी स्वीकार करना थोड़ा मुश्किल हो रहा था, लेकिन अब पेटीएम क्यूआर-बेस्ड मोबाइल पेमेंट्स से इस समस्या का हल हो गया है। एसोसिएशन ने कहा, "भारत तेजी से डिजिटल फस्र्ट इकोनॉमी की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में हम भारत के सबसे बड़े डिजिटल बैंक से जुड़कर बेहद उत्साहित महसूस कर रहे हैं।"

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पेटीएम इस दिवाली 'दिवाली गोल्ड सेल' लेकर आई है, जिसमें ग्राहक धनतेरस पर गोल्डफेस्ट प्रोमो कोड का प्रयोग करके कम से कम 10,000 रुपये की खरीदारी पर 3 फीसदी अतिरिक्त पेटीएम गोल्ड पा सकते हैं। कंपनी ने बुधवार को यह घोषणा की। 

कंपनी ने बयान में कहा कि पेटीएम गोल्ड फ्लेक्सिबिलिटी, सुरक्षा और पारदर्शिता प्रस्तुत करता है, जिससे यह बचत के पसंदीदा विकल्प के रूप में उभर रहा है। चूंकि अब ज्यादा से ज्यादा नए ग्राहक 1 रुपया तक की छोटी रकम में शुद्ध सोना खरीदने व उसे संग्रहित करने की सहूलियत को समझ रहे हैं, इसलिए कंपनी अब इस माह धनतेरस व दिवाली के दौरान पेटीएम गोल्ड बिक्री में 5 गुना वृद्धि की उम्मीद कर रही है। 

उपभोक्ता पेटीएम गोल्ड में भारत की एकमात्र अंतर्राष्ट्रीय रूप से मान्यता प्राप्त रिफाइनरी एमएमटीसी-पीएएमपी से 1 रुपया की कम कीमत में 24के 999.9 शुद्ध सोना खरीद सकते हैं और इसे सुरक्षित, 100 फीसदी बीमाकृत लॉकर्स में मुफ्त में संग्रहित कर सकते हैं। ग्राहक लाइव मार्केट की कीमत पर अपना सोना एमएमटीसी-पीएएमपी को बेच सकते हैं या सोने के सिक्कों के रूप में इसकी डिलिवरी अपने घर पर पा सकते हैं।

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पेटीएम ईकॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व वाले पेटीएम मॉल ने सोमवार को कहा कि उसकी 'मेरा कैशबैक सेल' के दौरान 10 शहरों के 75 से ज्यादा दुकानदारों ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा की बिक्री की। कंपनी अपने 30,000 मजबूत साझेदार रिटेलर समुदाय से इस आने वाले फेस्टिव सेल के दौरान बिक्री में 5 गुना वृद्धि की उम्मीद करती है क्योंकि उन्होंने उनके दैनिक व्यापार में तकनीक स्थापित की है, जिस वजह से वे चौबीसों घंटे ऑर्डर लेने में सक्षम हुए हैं। 

ये विक्रेता विभिन्न वर्गों के रेज से हैं और बंगलुरू, दिल्ली/एनसीआर, चेन्नई, मुंबई व हैदराबाद जैसे महानगरों के साथ ही जयपुर, अहमदाबाद और विशाखपट्नम व अन्य जैसे छोटे शहरों से हैं।

कंपनी के क्यूआर कोड्स ने साझेदार रिटेलर्स को उनके ऑफलाइन स्टोर में ग्राहकों के लिए समेकित रूप से उत्पाद खोजने और भुगतान करने की सुविधा देकर त्योहारी की मौजूदा भीड़ को मैनेज करने में भी सहयोग दिया हैं। इन रिटेलर्स ने ज्यादा भीड़ और ऑर्डर हासिल करने के लिए अपने ऑफलाइन मार्केटिंग कैम्पेन में पेटीएम मॉल के क्यूआर कोड का भरपूर फायदा उठाया है।

पेटीएम मॉल के सीओओ अमित सिन्हा ने कहा, हम अपने व्यापारिक साझेदारों के साथ काम करके और अपने संपूर्ण व्यापार का विकास करने की ओर सहयोग करके गौरवान्वित हैं। यह एक लेवल प्लेइंग का निर्माण करेगा, क्योंकि यह विश्वसनीय छोटे दुकानदारों को ऑनलाइन बेचने और उस रिटेल समावेश की लहर को बढ़ावा देने में सक्षम करेगा, जो देश के हर हिस्से को छुएगी।

पेटीएम मॉल ने हाल ही में पूरी हुई अपनी चार दिवसीय 'मेरा कैशबैक सेल' में एक प्रोत्साहजनक प्रतिक्रिया दर्ज की है। अब यह ऑनलाइन व ऑफलाइन में सहज रिटेल अनुभव प्रस्तुत करने के लिए अपने साझेदार रिटेलर्स के संयोजन से स्मार्टफोन्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, एपेरल व होम एप्लाइंसेज में इस बिक्री को जारी रखे हुए है। ये बिक्री पेटीएम मॉल ?रिटेल साझेदारों के ऑनलाइन व ऑफलाइन आउटलेट्स में क्षेत्र विशेष ऑफर देंगी; जिससे ग्राहक आने वाले क्षेत्रीय त्योहारों के पहले ही इस प्रकार के ऑफर पाने में सक्षम होंगे।

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