नई दिल्ली: ऐसे वक्त में जब भाजपा विरोधी मोर्चे की संभावना तलाशने के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के प्रतिनिधि चंद्रबाबू नायडू ने बसपा प्रमुख मायावती और सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की है, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कई करोड़ रुपये के शुगर मिल घोटाले में बसपा नेताओं की संलिप्तता की जांच में जुटी है।

सीबीआई की भ्रष्टाचार रोधी यूनिट की लखनऊ शाखा सरकारी चीनी मिल को औने-पौने दाम में निजी कंपनी को बेचने के मामले में जांच कर रही है। मायावती के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान इस शुगर मिल को बेचा गया था।

सूत्रों ने आईएएनएस से कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में दस्तावेजी सबूत जुटाए हैं और जल्द ही मायावती सरकार (2007-12) में शामिल रहे प्रमुख लोगों से पूछताछ की जा सकती है।

उत्तर प्रदेश सरकार में सचिव भगवान स्वरूप ने सीबीआई को चार अप्रैल को पत्र लिखकर शुगर मिल मामले की जांच तत्काल शुरू करने की बात कही है। राज्य सरकार ने 21 सरकारी शुगर मिल की बिक्री मामले की जांच की संस्तुति कर दी है। सीबीआई ने नौ अप्रैल को दस्तावेजों की जांच और इस मामले में 25 अप्रैल को त्वरित जांच के लिए मामला दर्ज किया है।

चुनाव के इस मौसम में त्रिशंकु लोकसभा की स्थिति बनी तो मायावती को एक किंगमेकर के तौर पर देखा जा रहा है। लेकिन अब सीबीआई के इस मामले में जांच आगे बढ़ाने से मायावती सहित बसपा के प्रमुख नेताओं पर जांच की तलवार गिर सकती है।

सूत्रों का कहना है कि इस घोटाले की सीबीआई जांच दो भागों में बंटी होगी। एक में निजी कंपनी द्वारा गलत दस्तावेज पेश कर कम दाम में शुगर मिल खरीदने पर केंद्रित होगी, वहीं दूसरे हिस्से में यूपी स्टेट शुगर कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा 21 शुगर मिल की बिक्री प्रक्रिया में आपराधिक नीयत पर जांच होगी। दूसरे भाग की जांच से मायावती और उनके सहयोगियों सतीश चंद्र मिश्रा पर असर हो सकता है। मिश्रा मायावती सरकार में अहम भूमिका निभाते रहे हैं।

बसपा हालांकि इस मामले में अपने पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर इन शुगर मिलों को बेचने का आरोप लगाती रही है। नसीमुद्दीन को मायावती ने 2017 में पार्टी विरोधी गतिविधियों में बर्खास्त कर दिया था।

--आईएएनएस

 

 

लखनऊ/नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के 23 मई को नतीजे आने से पहले गैर-भाजपा दलों के बीच एकजुटता बनाने बनाने की दिशा में भेंट-मुलाकात की कवायद शुरू हो चुकी है। 

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री व तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के मुखिया चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती से मुलाकात की।

समाजवादी पार्टी के कार्यालय में यहां उनके और अखिलेश यादव के बीच करीब 70 मिनट तक बातचीत चली। इस मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने ट्वीट के जरिए कहा, "माननीय मुख्यमंत्री श्री चंद्रबाबू नायडूजी का लखनऊ में स्वागत करना खुशी की बात है।"

नायडू इसके बाद मायावती के माल एवेन्यू स्थित आवास पहुंचे। बसपा के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्र भी वहां मौजूद थे।

मायावती ने गुलदस्ते के साथ नायडू का स्वागत किया, जबकि नायडू ने उनको एक पेटी आम का उपहार प्रदान किया। उन्होंने अखिलेश यादव को भी उपहार में आम दिए।

मायावती के साथ उनकी मुलाकात एक घंटा से अधिक समय तक चली।

दोनों नेताओं के के साथ अगल-अलग मुलाकता के दौरान माना जाता है कि नायडू ने दोनों नेताओं को इस के लिए मनाया होगा कि अगर भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिलता है तो उसे कैसे सत्ता से दूर रखा जाए।

सूत्रों ने बताया कि उन्होंने दोनों नेताओं को इस बात के लिए मनाया कि प्रस्तावित मोर्चे में उनके कद और सम्मान के साथ समझौता नहीं किया जाएगा।

नायडू दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के बाद लखनऊ पहुंचे थे।

उन्होंने सुबह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से उनके आवास पर मुलाकात की और फिर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार और लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव से चुनाव बाद के परिदृश्य में संभावित गठबंधनों के संबंध में चर्चा करने के लिए मुलाकात की।

उन्होंने मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी नेता सीताराम येचुरी, आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल से शुक्रवार को मुलाकात कर चुनाव के नतीजे आने के बाद गठबंधन की संभावनाओं को लेकर बातचीत की।

ऐसे विपक्षी नेताओं के साथ बातचीत कर, जो एक-दूसरे के साथ सहज नहीं हैं, नायडू स्पष्ट रूप से एक मध्यस्थ बन गए हैं।

उन्होंने शुक्रवार को कहा था कि उनके प्रतिद्वंद्वी के. चंद्रशेखर राव की अगुवाई वाली तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) सहित सभी पार्टियों का गैर-भाजपा महागठंबधन में स्वागत है।

तेदेपा प्रमुख ने शुक्रवार को चुनाव आयोग से भी मुलाकात की और उस पर पक्षपातपूर्ण और सरकार समर्थक होने का आरोप लगाया।

--आईएएनएस

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मीरजापुर: बहुजन समाज पार्टी(बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने शुक्रवार को भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि अब गठबंधन में फूट डालो राज करो की नीति नहीं चलेगी।

मायावती ने आज यहां एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "अखिरी चरण के चुनाव में भाजपा चिंतित है। इनकी सरकार जाने वाली है। इसीलिए इन्होंने गठबंधन को कमजोर करने के लिए भ्रम पैदा करने की कोशिश की है। इसमें इनको सफलता नहीं मिली है, जिससे ये दुखी हैं। अब गठबंधन में फूट डालो राज करो की नीति नहीं चलेगी। यह लंबा चलने वाला सामाजिक परिवर्तन का महागठबंधन है।"

उन्होंने कहा, "अब आखिरी चरण और बेहतर होगा, अब भाजपा परेशान है। इनके लटके चेहरे बता रहे हैं कि भाजपा एंड कंपनी के बुरे दिन 23 मई से आ रहे हैं। इसके बाद योगी के भी मठ जाने की तैयारी शुरू हो जाएगी।"

मायावती ने कहा, "मोदी ने पिछले लोकसभा चुनाव में गरीब, कमजोर व मध्यम वर्ग के लिए जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं हो सके। बड़े पूंजीपतियों व धन्ना सेठों को बचाने के लिए उनकी चौकीदारी करनी पड़ रही है। देश के किसान समस्याओं को लेकर दुखी हैं। आवारा जानवरों ने इनको और परेशान किया है। भाजपा सरकार में भी जातिवादी व पूंजीपति सोच की वजह से गरीबों, दलितों और आदिवासियों का कोई विकास नहीं हो सका है। पूरे देश में दलितों, आदिवासियों व पिछड़ों का आरक्षण का कोटा अधूरा है।"

उन्होंने कहा, "आजादी के बाद लंबे अरसे तक कांग्रेस बहुमत में रही, मगर देश का सही दिशा में विकास नहीं हो सका। कानून का भी लाभ दलितों और पिछड़ों को नहीं मिल सका। डॉ़ आंबेडकर ने कहा था कि सही मायनों में कानून का फायदा लेना है तो केंद्र में सत्ता की चाबी अपने हाथ में लेना होगा। इसके बाद बसपा का गठन हुआ और फिर सपा का गठन हुआ है। आज भाजपा जो कर रही है, उसके लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। केंद्र में आरएसएस वादी सांप्रदायिक व पूंजीवादी भाजपा भी सत्ता से दूर चली जाएगी।"

इस मौके पर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा, "देश ने पांच साल दिल्ली और दो साल उप्र का देखा है। लोगों ने तकलीफ और परेशानी झेली है। आप इसी दिन का इंतजार कर रहे थे कि कब मौका आएगा। माताएं-बहनें बैठी हैं, इनको पेंशन मिलती थी, जिसे सरकार ने छीन ली। भाजपा एक जवान से घबरा गई। चुनाव लड़ने नहीं दिया। सरकार जवाब नहीं देना चाह रही। उनके लिए बुलेट प्रूफ जैकेट चाहिए बुलेट ट्रेन नहीं।"

उन्होंने कहा, "आप प्रधानमंत्री के पड़ोसी जिले के लोग हैं, लेकिन विकास से दूर हैं। संविधान से आपको जो हासिल था, वह मंत्री और प्रधानमंत्री ने छीन लिया। नौकरी रोजगार जो मिलता था, वह नहीं मिल रहा।"

--आईएएनएस

 

 

वाराणसी: प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गुरुवार को बहुजन समाज पार्टी (सपा) की अध्यक्ष मायावती और समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संयुक्त रूप से एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने भविष्यवाणी की कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) केंद्र की सत्ता से बाहर चली जाएगी। 

मायावती ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले चुनाव में कमजोर लोगों को अच्छे दिन के सपने दिखाए, मगर एक भी वादा पूरा नहीं किया। देश के लोग बेहद नाराज हैं, इस कारण भाजपा केंद्र की सत्ता से बाहर चली जाएगी। भाजपा की चौकीदारी अमीरों के लिए है।"

उन्होंने कहा कि भाजपा की जातिवादी और सांप्रदायिक व पूंजीवादी सोच के कारण गरीबों दलितों पिछड़ों व मुस्लिमों का विकास नहीं हो सका है। उत्तर प्रदेश के किसान आवारा पशुओं से परेशान हैं। भाजपा सरकार ने उनके लिए कुछ नहीं किया।

मायावती ने कहा, "काशी को विकसित करने में स्वच्छता और बुनकरों की समस्याओं को दूर करने का जो वादा किया गया, वह भी पूरा नहीं हो सका है। पीएम ने यहां सैकड़ों प्राचीन मंदिरों को तुड़वाया है जिससे सैकड़ों परिवारों को दुख झेलना पड़ा। गंगा की सफाई देश का मुद्दा है, मगर लाखों-करोड़ों खर्च के बाद भी वह वादा पूरा नहीं हुआ। मोदी ने अपनी गंगा मैया से वादाखिलाफी की है। ऐसे लोगों को गंगा मैया जरूर सजा देगी।"

वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, "आप गिन लो, आज के बाद केवल सात दिन हैं और सात दिन बाद देश में एक नया प्रधानमंत्री होगा। इसलिए हम बनारस के अपने सभी लोगों से निवेदन करने आए हैं, अपील करने आए हैं कि जो जाने वाले हैं, उनका साथ न देकर जो आने वाले हैं, उनका साथ दें।"

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए कहा, "धार्मिक नगरी, सांस्कृतिक नगरी और धरती का सबसे पुराना शहर, यही तो वह शहर है जिसमें देश के प्रधानमंत्री ने कहा था, हम बनारस को क्योटो बना देंगे। बताओ हमारे बनारस के साथियों, हम वाराणसी में आए हैं या क्योटो में आए हैं। यदि क्योटो में नहीं आए हैं तो झूठ बोलने वाले से पीछा छुड़ाइए, देश को नया प्रधानमंत्री दीजिए, यही निवेदन करने आया हूं।"

--आईएएनएस

 

 

देवरिया/मऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती और समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को मऊ से बसपा प्रत्याशी अतुल राय को क्लीन चिट देते हुए कहा कि उनके ऊपर जान बूझकर फर्जी मुकदमा लादा गया है।

मायावती और अखिलेश ने यहां एक जनसभा में बसपा उम्मीदवार अतुल राय को क्लीन चिट देते हुए कहा कि उन्हें जबरन फंसाया जा रहा है, जबकि वह निर्दोष हैं। दोनों नेताओं ने कहा कि "पुलिस को उनकी गिरफ्तारी के लिए पीछे लगा दिया गया है। लेकिन इस जनसभा में उमड़ी भीड़ ने यह साबित कर दिया है कि बसपा प्रत्याशी को वह जिताकर उसके साथ न्याय करेगी।"

गौरतलब है कि एक युवती ने अतुल राय पर बहला-फुसलाकर शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया है। मामला दर्ज होने के बाद से अतुल राय फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी की कोशिश में जुटी है।

मायावती ने मऊ की सभा में भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला और कहा, "प्रधानमंत्री भाषण के दौरान अपनी जातियां बदल रहे हैं। कभी गरीब तो कभी फकीर और कभी पिछड़ी जाति के बताते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि वह जन्मजात अगड़े वर्ग के रहे हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो अति पिछड़ों का हक मारने के लिए अपनी जाति को पिछड़े में शामिल कर लिया, जो पूरी तरह से फर्जी है।"

उन्होंने कहा, "आजादी के बाद केंद्र व अधिकांश राज्यों में कांग्रेस की सरकार रही है, लेकिन इनकी गलत नीतियों के कारण इन्हें सत्ता से बाहर रहना पड़ा। इस बार भाजपा भी बाहर होने वाली है। इनकी नाटकबाजी व जुमलेबाजी नहीं चलने वाली है।"

इस मौके पर अखिलेश यादव ने कहा, "प्रधानमंत्री मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहते हैं। किसानों, नौजवानों, रोजगारों सहित बुनियादी सवालों पर बात नहीं करना चाहते। नोटबंदी ने देश को बर्बाद कर दिया। इन मुद्दों पर चर्चा नहीं करते।"

उन्होंने कहा, "यह सरकार दूसरों को बदनाम करने के लिए कुछ भी करती है। फर्जी मुकदमे लादती है। भाजपा सरकार में 30 लाख लोगों पर फर्जी मुकदमे लाद दिए गए हैं।"

देवरिया की सभा में मायावती ने कहा, "पूरे देश मे दलितों, आदिवासियों को आरक्षण देने का काम अधूरा है। केंद्र की सरकार ने बिना आरक्षण के ही इनसे वोट मांग रही है।"

मायावती ने कहा, "उत्तर प्रदेश में जितने चरण के चुनाव हुए हैं, उनमें वोट गठबंधन को ही अधिक मिले हैं। गोरखपुर में हम उपचुनाव में भाजपा को धूल चटाकर सीट जीत चुके हैं। आपकी यह भीड़ देखकर भाजपा घबराई हुई है। गुरु व चेले तो जा ही रहे हैं। योगी भी मठ में जाने वाले हैं।"

इस मौके पर अखिलेश ने कहा, "पहले चरण से जो वोट पड़ना शुरू हुआ है, हमें पूरा विश्वास है कि सातवें चरण तक प्रदेश से भाजपा का सफाया हो जाएगा। भाजपा अपने किए सभी वादे भूल गई। इनकी नींव झूठ व नफरत पर टिकी है। ये दीवार हम गिरा देंगे।"

--आईएएनएस

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग दलितों को गुमराह कर रहे हैं।

मायावती ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा, "मोदी सरकार दलित विरोधी है। भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले पांच साल में बसपा को बदनाम करने की हर कोशिश की, लेकिन विफल रहे क्योंकि उनका हिसाब खुली किताब की तरह है। भाजपा के लोग दलितों को गुमराह करने में लगे हुए हैं, इनके बहकावे में आने की जरूरत नहीं है।"

मोदी के बेनामी संपत्ति के आरोप के जवाब में मायावती ने कहा, "पीएम मोदी शालीनताओं को पार कर चुके हैं, वह बसपा को बहनजी की संपत्ति पार्टी कहने में घबराते नहीं हैं। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास जो कुछ भी है, वह शुभचिंतकों और समाज के लोगों ने दिया है और सरकार से कुछ भी छिपा नहीं है। सबसे ज्यादा बेनामी संपत्ति वाले लोग भाजपा से जुड़े हैं। इनका हिसाब-किताब कालीन के अंदर छिपा है।"

मायावती ने कहा कि मोदी सिर्फ कागजों पर ही ईमानदार नजर आते हैं, ठीक ओबीसी के दावे की तरह। मोदी वास्तव में कुछ और हैं और जनता के सामने कुछ और बनने की कोशिश करते हैं।

मायावती ने मोदी के 'दलित की नहीं दौलत की बेटी' के आरोप पर कहा कि यह उनका असली चेहरा दिखाता है जिनकी मानसिकता दलितों के प्रति घोर जातिवादी है। ये लोग सदियों से पीड़ित शोषित समाज को थोड़ा भी आगे बढ़ना नहीं देखना चाहते।

मायावती ने कहा, "मैं यूपी की चार बार मुख्यमंत्री रही हूं, लेकिन मेरी शानदार विरासत रही है। नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, उस समय का उनका शासनकाल भाजपा और देश की संप्रभुता पर एक काला धब्बा है, जबकि हमारी सरकार में उत्तर प्रदेश दंगों और अराजकता से मुक्त था।"

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बलिया में एक जनसभा के दौरान कहा था कि महामिलावटी लोगों के पास नामी और बेनामी संपत्तियों का अंबार लगा है। महामिलावटी लोगों ने राजनीति के नाम पर अपने और अपने रिश्तेदारों के लिए बंगले खड़े किए। एजेंसियां इसका हिसाब ले रही हैं।

--आईएएनएस

 

 

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि आरएसएस ने भी अब भाजपा का साथ छोड़ दिया है।

मायावती ने ट्विटर के माध्यम से लिखा, "पीएम श्री मोदी सरकार की नैया डूब रही है, इसका जीता-जागता प्रमाण यह भी है कि आरएसएस ने भी इनका साथ छोड़ दिया है व इनकी घोर वादाखिलाफी के कारण भारी जनविरोध को देखते हुए संघी स्वयंसेवक झोला लेकर चुनाव में कहीं मेहनत करते नहीं नजर आ रहे हैं, जिससे श्री मोदी के पसीने छूट रहे हैं।"

उन्होंने आगे एक और ट्वीट में कहा, "जनता को बरगलाने के लिए देश ने अब तक कई नेताओं को सेवक, मुख्य सेवक, चायवाला व चौकीदार आदि के रूप में देखा है। अब देश को संविधान की सही कल्याणकारी मंशा के हिसाब से चलाने वाला शुद्ध पीएम चाहिए। जनता ने ऐसे दोहरे चरित्रों आदि से बहुत धोखा खा लिया है अब आगे धोखा खाने वाली नहीं है।"

बसपा मुखिया ने कहा, "रोड शो व जगह-जगह पूजा-पाठ एक नया चुनावी फैशन बन गया है जिस पर भारी खर्चा किया जाता है। आयोग द्वारा उस खर्चे को प्रत्याशी के खर्च में शामिल करना चाहिए और यदि किसी पार्टी द्वारा उम्मीद्वार के समर्थन में रोड शो आदि किया जाता है तो उसे भी पार्टी के खर्च में शामिल किया जाना चाहिए।"

उन्होंने कहा, "साथ ही किसी भी उम्मीदवार को आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में चुनाव प्रचार पर बैन लगाने के दौरान यदि वह आम स्थान पर मन्दिरों आदि में जाकर पूजा-पाठ आदि करता है व उसे मीडिया में बड़े पैमाने पर प्रचारित किया जाता है तो उस पर भी रोक लगनी चाहिए। आयोग इस पर भी कुछ कदम जरूर उठाए।"

--आईएएनएस

 

 

गाजीपुर: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को यहां भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) पर निशाना साधा और कहा कि गठबंधन केंद्र के साथ योगी सरकार को भी हटाएगा।

यहां आयोजित 'सामाजिक न्याय से महापरिवर्तन' रैली को बसपा मुखिया मायावती, सपा मुखिया अखिलेश यादव और रालोद ने संयुक्त रूप से संबोधित किया।

मायावती ने कहा, "बसपा, सपा और रालोद गठबंधन के बाद से भाजपा की हालत खराब है। विरोधी कुछ भी बोलें, हमारा गठबंधन मजबूत है और आगे तक चलेगा। यह गठबंधन केंद्र के साथ योगी सरकार को भी हटाएगा।"

बसपा मुखिया ने कहा, "कांग्रेस के समय में लोग रोजगार के लिए पूर्वांचल से पलायन कर गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के गरीबों को अच्छे दिन दिखाने के वादे किए, उसका एक-चौथाई भी काम पूरा नहीं हुआ। सरकारी नौकरियों में कोटा अधूरा पड़ा हुआ है। पदोन्नति आरक्षण प्रदेश में प्रभावहीन है। आम चुनाव में भाजपा भी सत्ता से बाहर हो जाएगी, अब जुमलेबाजी काम नहीं आएगी, चौकीदार की नाटकबाजी इस बार नहीं चलेगी।"

मायावती ने जीएसटी को लेकर व्यापारियों की समस्याएं गिनाते हुए देश की अर्थव्यवस्था पर भी सवाल उठाया। देश की सीमाओं की सुरक्षा से लेकर आतंकी हमलों पर उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए इस सरकार से जनता को सावधान किया। भाजपा के घोषणा-पत्र को लेकर भी उन्होंने वार किए और चुनावी वादे पूरा न करने का आरोप लगाया।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, "यह चुनाव देश के भविष्य का चुनाव है। यह हमारे आपके भविष्य से जुड़ा हुआ है। यह देश बहुत नाजुक स्थिति में है। चायवाला बनकर आने वालों की चाय पांच साल में पता चल गया कैसी थी। अब चाय वाले चौकीदार बनकर आ गए हैं।"

उन्होंने कहा, "इन लोगों ने किसानों को धोखा दिया है। आज पांच साल और दो साल बीत गए मगर लागत भी नहीं मिली। जो आय बढ़ाना चाहते थे, उन्होंने किसानों को गरीब कर दिया। युवाओं से नौकरी छीनने का काम किया है। प्रधानमंत्री ने जो कहा उसका उलटा कर दिया।"

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने कहा, "देश के एक फीसद आबादी के प्रधानमंत्री हैं, हिसाब लगाइए आज दोगुना कर्जा देश पर हो चुका है। नोटबंदी से भरोसा दिया अच्छे दिन आएंगे, मगर कालाधन लेकर लोग भाग गए। हमारे किसान को चौकीदार बना दिया। भाजपा ने कहा कि स्लाटर हाउस बंद कर देंगे, मगर जानवर भी अब हेलिपैड पर शिकायत करना शुरू कर दिए हैं। अगर सांड से जान जाए तो किसके खिलाफ शिकायत करें। अगर कोई कानून नहीं तो मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं।"

-- आईएएनएस

 

 

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की नेता मायावती द्वारा निजी हमले करना दिखाता है कि वह किसी भी सार्वजनिक पद को संभालने के योग्य नहीं है।

जेटली ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है।

मंत्री ने ट्वीट कर कहा, "ममता दीदी-बंगाल में लोकतंत्र की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। विपक्षी कार्यकर्ताओं की हत्या की जा रही है, प्रत्याशियों पर हमले किए जा रहे हैं। मतदाता केंद्रों पर कब्जा किया जा रहा है और विपक्षी नेताओं को रैली करने की इजाजत नहीं दी जा रही।"

एक सामाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार में, मायावती ने प्रधानमंत्री पर निजी हमले किए और कहा कि उनसे दूसरों की बहनों और पत्नियों का सम्मान करने की उम्मीद नहीं की जा सकती, जब उन्होंने राजनीतिक फायदा उठाने के लिए अपनी पत्नी को ही छोड़ दिया।

जेटली ने ट्वीट कर कहा, "बहन मायावती-वह प्रधानमंत्री बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनकी गवर्नेस, नैतिकता, विचारधारा अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुकी है। उनका प्रधानमंत्री पर निजी हमला दिखाता है कि वह सार्वजनिक जीवन के लिए अयोग्य है।"

भाजपा ने भी बनर्जी पर अमित शाह के हेलीकॉप्टर को बंगाल में नहीं उतरने देने ओर जाधवपुर में रैली नहीं करने देने को लेकर निशाना साधा।

भाजपा मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि बनर्जी लोकतंत्र की हत्या कर रही है और लोग उन्हें बेलेट के जरिए माकूल जवाब देंगे।

जावड़ेकर ने कहा, "अमित शाह को जाधवपुर में रैली करनी थी। इस संबंध में इजाजत चार-पांच दिन पहले ले ली गई थी। प्रशासन ने बिना कोई कारण बताए रविवार रात 8.30 बजे इजाजत नामंजूर कर दी, उन्होंने भाजपा अध्यक्ष के हेलीकॉप्टर को भी यहां उतरने से इजाजत देने से मना कर दिया।"

उन्होंने चुनाव आयोग से इस पर संज्ञान लेने का आग्रह किया।

जावड़ेकर ने कहा कि बनर्जी इतनी व्याकुल हो गई हैं कि वह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सदस्यों के तौर पर देखती हैं।

--आईएएनएस

 

 

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लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कड़ा हमला बोला। मायावती ने कहा कि भाजपा के नेताओं की पत्नियां अपने पतियों को मोदी के करीब जाता देख बेहद घबरा जाती हैं।

मायावती ने आज यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बेहद गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुझे पता चला है, "भाजपा में खासकर विवाहित महिलाएं अपने पतियों को मोदी के करीब जाता देखा घबरा जाती हैं। वह सब यह सोचती हैं कि कहीं यह मोदी अपनी औरत की तरह ही हमको भी हमारे पतियों से अलग न करवा दे।"

बसपा मुखिया ने कहा, "भाजपा के लोग महिलाओं का सम्मान नहीं करते यहां तक कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए पीएम मोदी ने अपनी पत्नी को भी छोड़ दिया।"

उन्होंने कहा, "मोदी अगर राजनीतिक लाभ के लिए अपनी पत्नी को छोड़ सकते हैं तो फिर देश की मां व बहनों को वह कैसे न्याय दे सकते हैं। वह इनको कैसे सम्मान देंगे।"

मायावती ने कहा, "मोदी अब दलितों का वोट पाने के लिए उनके प्रति सहानुभूति दिखा रहे हैं, जबकि भाजपा शासित राज्यों में वह दलित उत्पीड़न पर कुछ भी नहीं बोलते।"

उन्होंने अलवर के गैंग रेप पर प्रधानमंत्री के शांत रहने पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यहां पर भी वह राजनीतिक लाभ लेने के प्रयास में हैं। वह इस कारण नहीं बोल रहे हैं क्योंकि उनको लगता है कि उनके वोट का नुकसान होगा।

उन्होंने कहा कि मोदी का दलित प्रेम नकली है, वह अलवर कांड की आड़ में घृणित राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने गुजरात के ऊना कांड में भी अपनी पार्टी के मुख्यमंत्री से इस्तीफा नहीं लिया और न ही रोहित वेमुला कांड में कैबिनेट मंत्री से इस्तीफा लिया था।

मायावती ने कहा कि अगर अलवर कांड के आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो राजस्थान सरकार से समर्थन वापस ले सकती हैं।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने कल एक रैली में मायावती पर निशाना साधा और कहा था कि अलवर में एक दलित बेटी का उत्पीड़न हुआ लेकिन मायावती ने अब तक राजस्थान सरकार से समर्थन वापस नहीं लिया। इस पर मायावती अपनी प्रतिक्रिया दे रही थीं।

--आईएएनएस