नई दिल्‍ली, एएनआइ। भाजपा के मुख्‍य कार्यालय में मंगलवार शाम को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हो रही है। पीएम मोदी, भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह और अन्‍य नेता भाजपा दफ्तर पहुंच चुके हैं। मंगलवार रात लोकसभा और विधानसभा के उम्‍मीदवारों की घोषणा हो सकती है। इसमें पार्टी की पहली सूची को मंजूरी दी जाएगी। इस सूची में अधिकांश प्रत्याशी 11 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के चुनाव क्षेत्रों के हो सकते हैं। इस बीच छत्‍तीसगढ़ के भाजपा प्रभारी और महासचिव अनिल जैन ने कहा कि भाजपा के सभी वर्तमान 11 सांसदों को बदला जाएगा। केंद्रीय चुनाव समिति ने इसकी मंजूरी दी है।    

गोवा के मुख्‍यमंत्री मनोहर पर्रीकर के निधन के कारण भाजपा के उम्‍मीदवारों की घोषणा टल गई थी। इससे पहले 17 मार्च को मैराथन बैठक हो चुकी है, जिसमें कई राज्‍यों पर चर्चा हो चुकी है। 

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नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव नजदीक आने के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में 'संगठन महामंत्री' (महासचिव, संगठन) का पद महत्वपूर्ण हो गया है। संगठन महामंत्री का पद पार्टी के वैचारिक सलाहकार आरएसएस के साथ संबंधों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और विभिन्न स्तरों पर समन्वय स्थापित करता है। संगठन महामंत्री की सहायता राष्ट्रीय स्तर पर पांच संयुक्त महासचिवों (संगठन) द्वारा की जाती है। राज्य की भाजपा ईकाइयों में भी इसी अनुक्रम का पालन किया जाता है। भाजपा की हर राज्य इकाई में एक महासचिव (संगठन) के साथ दो-तीन संयुक्त महासचिव (संगठन) होते हैं।

भाजपा में महासचिव (संगठन) का पद राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ द्वारा नियुक्त 'प्रचारक' को सौंपा जाता है, जो दोनों संगठनों में सेतु की तरह कार्य करता है।

यह पद शक्तिशाली होता है और इसपर मौजूद व्यक्ति का प्रभाव दूसरे महासचिवों से ज्यादा माना जाता है।

पार्टी के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव व प्रक्ता सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी जनता से जुड़े होते हैं, जबकि महासचिव (संगठन) एक बैकरूम कमांडर की तरह होता है, जो पार्टी कार्य के प्रति समर्पित होता है। यह संगठनात्मक अंतर की पहचान करता है और जमीनी हकीकत को बताता है तथा लाइमलाइट से दूर रहता है।

सूत्र बताते हैं कि महासचिव (संगठन) आरएसएस के प्रति जवाबदेह होता है और यह प्रत्यक्ष तौर पर भाजपा अध्यक्ष के प्रति जवाबदेह नहीं होता।

भाजपा में महासचिव (संगठन) के पद पर वर्तमान में रामलाल है। उनके अधीन चार संयुक्त महासचिव (संगठन) हैं। इसमें वी.सतीश, सौदान सिंह, शिव प्रकाश व बी.एल.संतोष शामिल हैं।

रामलाल : ये लंबे समय से भाजपा महासचिव (संगठन) पद पर सेवा दे रहे हैं। रामलाल को इनके संगठनात्मक कौशल के लिए जाना जाता है। वह आरएसएस के साथ समन्वय करते हैं और कैडर और विचारधारा की प्रमुखता को बनाए रखने का काम देखते हैं। इस पद पर अतीत में सुंदर सिंह भंडारी, के.एन.गोविंदाचार्य, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व संजय जोशी रह चुके हैं।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रचारक रामलाल ने 2006 में संजय जोशी की जगह ली थी।

इस पद का महत्व एक उदाहरण से समझा जा सकता है। साल 2004 में भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी की एम.ए.जिन्ना पर टिप्पणी से जब विवाद हुआ तो आरएसएस ने उन पर इस्तीफे के लिए दबाव बनाया। लेकिन वह दृढ़ रहे।

भाजपा में ऐसा कोई नहीं था जो कोर कमेटी की बैठक में उनके इस्तीफे का प्रस्ताव दे। इस्तीफे का प्रस्ताव संजय जोशी द्वारा दिया गया, जो उस समय इस पद पर थे, जिस पर आज रामलाल हैं। आडवाणी को पार्टी प्रमुख पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

रामलाल को जमीन से जुड़ा माना जाता है। वह नियमित तौर पर संगठनात्मक बैठक करते हैं और पार्टी के शीर्ष नेताओं को फीडबैक देते हैं और राज्य इकाइयों को पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों की सूचना देते हैं।

उन्हें पार्टी कार्यकर्ताओं की आवाज माना जाता है और वह उनकी शिकायतों का निपटारा करते हैं। वह वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेदों को दूर करने के लिए भी कार्य करते हैं।

वी.सतीश : यह संगठन मंत्री (संयुक्त महासचिव (संगठन)) हैं और आंध्र प्रदेश के अलावा पश्चिमी क्षेत्र (राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र) के प्रभारी हैं। यह पूर्णकालिक आरएसएस कार्यकर्ता हैं और वह लोकसभा चुनाव में चार महत्वपूर्ण राज्यों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। सतीश का जन्म नागपुर में हुआ। उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों में एबीवीपी व आरएसएस के लिए कार्य किया है।

सतीश ने गुजरात में भी कार्य किया है और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और इसके अलावा आरएसएस नेता दत्तात्रेय होसबोले का करीबी माना जाता है।

शिव प्रकाश : पश्चिम बंगाल व पश्चिमी उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में मुख्य तौर पर संगठनात्मक मामलों की देखरेख कर रहे हैं।

उन्होंने अमित शाह के साथ 2014 के लोकसभा चुनाव में करीबी तौर पर कार्य किया है और उन्हें उनके कार्य के लिए पदोन्नति दी गई। उनके मार्गदर्शन में पश्चिम बंगाल में बीते विधानसभा चुनाव में भाजपा के वोट शेयर में सुधार हुआ और यह दो अंकों में पहुंच गया। वह समाजिक संयोजन व संगठनात्मक गड़बड़ियों को दूर करने के लिए पर्दे के पीछे काम करने वालों में से हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल में बूथ स्तर व जिला स्तर के लिए टीम की नियुक्ति करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सौदान सिंह : वह छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड के प्रभारी हैं और उन्हें छत्तीसगढ़ में अतीत में भाजपा की जीत का श्रेय दिया जाता है। सिंह वर्तमान में ओडिशा में व्यस्त हैं, जहां पार्टी अपने प्रदर्शन को बेहतर करने के लिए कठिन परिश्रम कर रही है।

बी.एल.संतोष : केमिकल इंजीनियरिंग से स्नातक संतोष भाजपा के दक्षिण भारत के मामलों को देख रहे हैं। उन्हें संगठनात्मक कौशल के लिए जाना जाता है। वह पार्टी की पकड़ को मजबूत करने के लिए नवीनतम संचार तकनीक का इस्तेमाल करते हैं।

--आईएएनएस

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नई दिल्ली: भाजपा ने मंगलवार को कहा कि उसका 'मैं भी चौकीदार' अभियान एक जन आंदोलन में बदल चुका है और एक करोड़ से अधिक लोगों ने चौकीदार बनने का संकल्प ले लिया है। पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संकल्प लेने वाले इन सभी से 31 मार्च को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए बातचीत करेंगे। भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मीडिया से कहा कि जहां एक तरफ यह आंदोलन आम आदमी के बीच लोकप्रिय हो रहा है, वहीं जमानत पर चल रहे लोग और विभिन्न कानूनी कार्रवाइयों का सामना कर रहे लोगों को इससे दिक्कत है।

उन्होंने कहा, "एक करोड़ से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ चुके हैं और अब यह एक जन आंदोलन बन चुका है। जनता के बीच यह लोकप्रिय हो रहा है, लेकिन कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं।"

प्रसाद ने कहा, "जो लोग अपने परिवारों सहित जमानत पर हैं, या जिनके पास कुछ छिपाने के लिए है, वे आंदोलन का विरोध कर रहे हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि चौकीदार धनी लोगों के लिए है। ये वही लोग हैं, जिन्होंने गरीबों से लगभग 12 लाख करोड़ रुपये लूटे हैं।"

उन्होंने कहा कि मोदी देशभर के उन लोगों से 31 मार्च को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए बातचीत करेंगे, जिन्होंने संकल्प लिया है।

उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव से पूर्व मोदी ने पिछले सप्ताह 'हैशटैग मैं भी चौकीदार' के साथ एक वीडियो ट्वीट किया था और भ्रष्टाचार, गंदगी व सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लड़ रहे हर किसी को चौकीदार कहा था।

इसके बाद भाजपा नेताओं ने ट्विटर पर अपने नाम के आगे चौकीदार जोड़ लिए।

--आईएएनएस

 

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चा ने मंगलवार को आम चुनाव के लिए 13 और उम्मीदवारों की सूची जारी की। इसमें दार्जिलिंग, आसनसोल और कोलकाता की सीटों के प्रत्याशी शामिल हैं। वाम मोर्चा ने राज्य की 42 संसदीय सीटों के लिए 25 प्रत्याशियों की पहली सूची 15 मार्च को जारी की थी।

हालांकि, कांग्रेस और वाम मोर्चा के बीच सीट बंटवारे पर बातचीत कुछ दिन पहले विफल हो चुकी है, लेकिन वाम मोर्चा ने उत्तरी मालदा, दक्षिण मालदा, जंगीपुर और बहरामपुर सीटों के लिए प्रत्याशियों के नामों की घोषणा नहीं की है। 2014 के आम चुनाव में इन सभी सीटों पर कांग्रेस विजयी रही थी।

--आईएएनएस

 

हैदराबाद: तेलंगाना में तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) को एक बड़ा झटका देते हुए वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद नामा नागेश्वर राव ने मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। तेदेपा पोलित ब्यूरो के सदस्य नागेश्वर राव कुछ समय से पार्टी के नेतृत्व से नाराज चल रहे थे।

हालिया विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेसनीत पीपुल्स गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में खम्मम विधासभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन वह हार गए थे।

उद्योगपति राव 2009 में खम्मम लोकसभा सीट से चुने गए थे। वह तब देश के सबसे अमीर सांसदों में से एक थे, जिन्होंने अपनी आय 338 करोड़ रुपये घोषित की थी। दिसंबर 2018 में उनकी कुल संपत्ति 113 करोड़ रुपये थी।

संभवत: यह महसूस करते हुए कि तेलंगाना में तेदेपा का कोई भविष्य नहीं है, उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय किया।

उन्होंने कुछ दिन पहले तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के अध्यक्ष और राज्य के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव से मुलाकात की थी।

वह टीआरएस में शामिल हो सकते हैं और अगले महीने खम्मम से पार्टी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं।

--आईएएनएस

 

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लखनऊ: राष्ट्रीय लोकदल(रालोद) के अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह मौजूदा लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर सीट से पार्टी के उम्मीदवार होंगे। जबकि उनके बेटे और पार्टी उपाध्यक्ष जयंत चौधरी बागपत संसदीय सीट से चुनाव लड़ेंगे।

रालोद की तरफ से मंगलवार को जारी बयान के अनुसार, मथुरा सीट से पार्टी ने कुंवर नरेंद्र सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और रालोद के बीच चुनाव पूर्व गठबंधन हुआ है। गठबंधन में सपा को 37, बसपा को 38 और रालोद को तीन सीटें मिली हैं। गठबंधन ने रायबरेली और अमेठी सीट पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारने का निर्णय लिया है। ये दोनों सीटें संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से संबंधित हैं।

--आईएएनएस

 

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लखनऊ: प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के संयोजक शिवपाल यादव ने मंगलवार को 30 लोकसभा उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। शिवपाल यादव खुद फिरोजाबाद से चुनाव मैदान में हैं। इस सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) ने रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव को अपना प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस ने जहां प्रत्याशी उतारे हैं, वहां शिवपाल ने भी उतार दिए हैं। इसलिए प्रसपा का कांग्रेस से गठबंधन के कयासों पर विराम लग गया है। शिवपाल ने अपनी सूची में जातिगत समीकरण का ध्यान रखा है।

पहली सूची में उन्होंने छह मुस्लिम और छह यादवों को टिकट दिया है, जबकि तीन ब्राह्मण उम्मीदवार को भी मैदान में उतारा है।

प्रसपा की सूची के मुताबिक, सहारनपुर से हाजी मोहम्मद उवेश, मुजफ्फरनगर से डॉ. ओमवीर सिंह, बिजनौर से चौधरी इलाम सिंह गुर्जर, मेरठ से डॉ. नासिर अली, बागपत से गजेंद्र सिंह बली, गाजियाबाद से सेवाराम कसाना, गौतमबुद्ध नगर से नावेद पठान, अमरोहा से मतलूब अहमद, फतेहपुर सीकरी से मनीषा सिंह, रामपुर से संजय सक्सेना, फिरोजाबाद से शिवपाल यादव, बरेली से कुमारी समन ताहिर और पीलीभीत से मोहम्मद हनीफ मंसूरी चुनाव मैदान में उतरे हैं।

इसी तरह हरदोई से फूलचंद्र वर्मा, मिश्रिख से अरुणा कुमारी कोरी, उन्नाव से सतीश कुमार शुक्ल, फरु खाबाद से उदयपल सिंह यादव, कानपुर से राजीव मिश्र, अकबरपुर से कप्तान इंद्रपाल सिंह पाल, मोहनलालगंज से गणेश रावत, बहराइच से जगदीश कुमार सिंह, कैसरगंज से धनंजय शर्मा, सुल्तानपुर से कमला यादव, अंबेडकरनगर से प्रेम निषाद, बस्ती से रामकेवल यादव, लालगंज से हेमराज पासवान, जौनपुर से डॉ. आर.एस. यादव, महाराजगंज से तनुश्री त्रिपाठी, राबर्ट्सगंज से त्रिवेणी प्रसाद खरवार और संभल से करन सिंह यादव को प्रसपा प्रत्याशी घोषित किया गया है।

--आईएएनएस

 

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) को लेकर प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi Boat Campaign) इन दिनों तीन दिवसीय गंगा यात्रा पर हैं. प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने मंगलवार को उत्तर के मिर्ज़ापुर में मां विंध्यवासिनी देवी (Vindhyavasini Devi Temple) के दर्शन किए. इस दौरान मंदिर के बाहर 'मोदी मोदी' के नारे सुने गए. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी इन दिनों तीन दिवसीय गंगा यात्रा पर हैं. प्रियंका गांधी (Priyanka GandhiVadra) ने सोमवार को प्रयागराज में लेटे हनुमान के दर्शन किए और विधिविधान से गंगा की आरती और पूजा की. इसके बाद क्रूज बोट से प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi News) की प्रयागराज से बनारस की तीन दिवसीय यात्रा शुरू हुई. 140 किलोमीटर का ये सफ़र 3 दिन चलेगा. इस दौरान प्रियंका गंगा के किनारे बसी बस्तियों में लोगों से मिल रही हैं और छोटी-छोटी सभाएं कर रही हैं.

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) ने अब तक कांग्रेस से गठबंधन (AAP-Congress Alliance) की उम्मीदें नहीं छोड़ी है. आम आदमी पार्टी (AAP) ने शरद पवार (Sharad Pawar) के जरिए कांग्रेस को तीन राज्यों में गठबंधन का प्रस्ताव भिजवाया है. सूत्रों के मुताबिक आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को यह प्रस्ताव भिजवाया है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी 5 और कांग्रेस 2 सीटों पर चुनाव लड़े, वहीं, पंजाब में आम आदमी पार्टी 3 और कांग्रेस को 10 सीटें दी जाएंगी. इसके अलावा हरियाणा में आम आदमी पार्टी-2 सीटों पर लड़ेगी, वहीं कांग्रेस को 4 और जेजेपी को 4 सीटें दी जाएंगी.

वहीं, दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस में गठबंधन (AAP-Congress Alliance) को लेकर शीला दीक्षित अभी भी अपने रुख पर कायम हैं. उन्होंने पार्टी आलाकमान को साफ-साफ कह दिया है कि कांग्रेस-आप का गठबंधन नहीं होना चाहिए. इससे कांग्रेस को नुकसान होगा. शीला दीक्षित ने इस मुद्दे पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक बैठक भी की. इस बैठक में निर्णय लिया गया कि वे पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलकर स्थिति साफ करने को कहेंगे. दूसरी तरफ, दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी गठबंधन के लिए मध्यस्थता की कोशिश भी शुरू हो गई है. एनसीपी प्रमुख शरद पवार सुबह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मिले हैं. इसके बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह से भी मुलाकात की है.

 पिछले सप्ताह पार्टी आलाकमान को लिखे गए पत्र में दीक्षित (Sheila Dikshit) और कार्यकारी अध्यक्ष हारून यूसुफ, दवेंद्र यादव और राजेश लिलोठिया ने गठबंधन पर कार्यकर्ताओं का मूड जानने के लिए फोन सर्वेक्षण पर विरोध जताया है. दिल्ली कांग्रेस के एक नेता ने बताया, ‘दीक्षित और कार्यकारी अध्यक्षों ने कांग्रेस प्रमुख से गुजारिश की है कि वह ‘आप' से गठबंधन नहीं करें क्योंकि यह आग चलकर पार्टी को नुकसान पहुंचाएगा.' साथ ही नेता ने कहा कि उन्होंने पार्टी की शक्ति ऐप के जरिए किए गए फोन सर्वेक्षण पर भी ऐतराज जताया है. यह सर्वेक्षण दिल्ली कांग्रेस के एआईसीसी प्रभारी पीसी चाको ने कराया है. सर्वेक्षण में दिल्ली कांग्रेस के करीब 52,000 कार्यकर्ताओं की राय मांगी गई थी कि क्या पार्टी को आप से गठबंधन करना चाहिए या नहीं.

कोलकाता: निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल की कांग्रेस इकाई को मंगलवार को पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा 23 मार्च को राज्य के मालदा जिले में जनसभा करने की अनुमति दे दी। कांग्रेस के एक नेता ने यह जानकारी दी। राहुल गांधी राज्य में पार्टी के लोकसभा चुनाव अभियान के तहत मालदा के चांचाल में एक जनसभा को संबोधित करने वाले हैं।

राज्य कांग्रेस नेता अमिताव चक्रवर्ती ने कहा, "मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) पश्चिम बंगाल ने 23 मार्च को मालदा के चांचाल में कोलोम बागान मैदान पर राहुल गांधी की जनसभा के लिए अनुमति दे दी है।"

इससे पहले कांग्रेस के एक दो-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात की थी और शिकायत की थी कि मालदा जिला प्रशासन गांधी की प्रस्तावित रैली के आयोजन को रोक रहा है।

--आईएएनएस

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