नई दिल्‍ली: मतगणना के दौरान हिंसा की संभावना को देखते हुए गृहमंत्रालय सतर्क हो गया है। गृहमंत्रालय ने इसी के मद्देनजर सभी राज्‍यों के मुख्य सचिवों और डीएसजीपी को अलर्ट रहने के लिए कहा है। गृहमंत्रालय ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में कानून और शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा है।

बता दें कि सात चरणों में चले लोकसभा चुनाव के नतीजे कल यानी गुरुवार को आएंगे। मतों की गिनती 23 मई को है, इसलिए गृहमंत्रालय को ऐसा अंदेशा है कि इस दौरान हिंसा भड़क सकती है। इस बार लोकसभा चुनाव में इवीएम पर रार मची हुई है। कई विपक्षी दल अनेकों बार चुनाव आयोग से लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं।

मतगणना से पहले कई पार्टियों ने इवीएम और वीवीपैट में गड़बड़ी की आशंका लेकर और साथ ही हर विधानसभा में कम से कम 50 फीसद से ज्‍यादा पर्चियों को मिलान करनेे की मांग की। इस मांग के ठुकराए जाने के बाद से ही कई नेता तीखे बयान दे रहे हैं। इसी के मद्देनजर गृहमंत्रालय को स्‍ट्रॉग रूम की सुरक्षा और अन्‍य किसी प्रकार की हिंसा से निपटने के लिए सतर्कता अलर्ट जारी करना पड़ा। गृहमंत्रालय ने साफ किया है कि मतगणना वाले स्‍थल पर सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार का समझौता नहीं करना पड़े।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और महागठबंधन के घटक रालोसपा के सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा ने मंगलवार को एक्जिट पोल के नतीजे से नाराजगी जताते हुए कहा कि भाजपा रिजल्ट लूटने की कोशिश कर रही। उसके इस रवैये से सड़कों पर खून बहेगा। कुशवाहा ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि रिजल्ट लूट की कोई कोशिश हुई तो हथियार भी उठाने से परहेज नहीं करेंगे। जनता का आक्रोश संभल नहीं पाएगा।

भभुआ के पूर्व विधायक और लोकसभा चुनाव में बक्सर लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार रामचंद्र यादव ने कैमूर ईवीएम मामले में हथियार लहराते हुए प्रेस कान्फ्रेंस किया। उन्‍होंने कहा कि लोकतंत्र के लिए हथियार उठाना पड़े तो उठाऊंगा। रिजल्ट फेवर में नहीं आने पर अब लड़ना पड़ेगा, अब चुप बैठने से काम नहीं चलेगा। उनके इस बयान का वीडियो वायरल हो रहा है।

 

 

 

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नई दिल्ली: आम चुनाव 2019 के गुरुवार को आने वाले नतीजे में कुछ लोकसभा सीटों पर कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है, जो राजग और संप्रग दोनों प्रमुख गठबंधनों के लिए अहम साबित हो सकती है।

इंडिया टुडे-एक्सि माई इंडिया एग्जिट पोल के अनुसार, करीब 78 ऐसी सीटें हैं, जहां वोटों का अंतर तीन फीसदी से भी कम रह सकता है।

इन सीटों पर कांटे की टक्कर रह सकती है, जो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) या संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के पक्ष में हवा का रुख मोड़ सकती है।

एग्जिट पोल के अनुसार, 37 ऐसी सीटें हैं, जहां राजग को बढ़त मिल सकती है। इनमें से 33 सीटें भाजपा से जुड़ी हैं।

वहीं, 17 ऐसी सीटें हैं, जहां संप्रग को बढ़त मिल सकती है। इनमें से 13 सीटें कांग्रेस से जुड़ी हैं।

इसके अलावा 16 ऐसी सीटें हैं, जहां क्षेत्रीय दलों की जीत का मार्जिन तीन फीसदी से भी कम है। इनमें से उत्तर प्रदेश की सात सीटें समाजवादी पार्टी (सपा)-बहुजन समाज पार्टी (बसपा)-राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) महागठबंधन से जुड़ी हैं, जबकि आंध्रप्रदेश की तीन सीटें वाईएसआर कांग्रेस से और तेलंगाना की एक सीट तेलंगाना राष्ट्र समिति से जुड़ी हैं।

एग्जिट पोल के मुताबिक, आठ अन्य सीटें ऐसी हैं, जहां वोटों की साझेदारी का मार्जिन काफी कम है।

यह कहना मुश्किल है कि कांटे की टक्कर वाली इन सीटों पर कौन-सी पार्टी जीत हासिल कर पाएगी। हालांकि तमाम एग्जिट पोल यही बता रहे हैं कि चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली पार्टी के रूप में उभरकर आएगी। लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि लोकसभा में इसे अपने बल पर बहुमत प्राप्त होगा।

आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में भाजपा भले ही प्रमुख दावेदार न हो, लेकिन उत्तर प्रदेश में इसका सपा-बसपा-रालोद महागठबंधन के साथ और पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के साथ सीधी टक्कर है।

--आईएएनएस

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नई दिल्ली: नई लोकसभा के सदस्यों को पहले की तरह अब फाइव स्टार होटल में रहने की सुविधा नहीं मिलेगी। लेकिन उनके लिए वेस्टर्न कोर्ट और दिल्ली स्थित राज्यों के अतिथि गृहों में व्यवस्था की जाएगी।

लोकसभा महासचिव स्नेहलता श्रीवास्तव ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, "नए सांसदों को हरसंभव सहायता मुहैया कराने के लिए अन्य व्यापक सुविधाओं के साथ-साथ लगभग 300 कमरों की भी व्यवस्था की गई है, ताकि दिल्ली पहुंचने पर उन्हें किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।"

उन्होंने कहा, "नव-निर्वाचित सदस्यों को वेस्टर्न कोर्ट और इसके नव-निर्मित एनेक्सी और विभिन्न राज्यों के भवनों में समायोजित किया जाएगा।"

--आईएएनएस

 

 

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फिरोजाबाद: प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने बुधवार को यहां कहा कि वह फिरोजाबाद से चुनाव जीत रहे हैं। उनके बिना केंद्र में किसी की सरकार नहीं बनेगी।

शिवपाल ने पत्रकारों से बातचीत में एग्जिट पोल को खारिज कर दिया और कहा कि मतगणना होनी है तो एग्जिट पोल का कोई मतलब नहीं रह जाता।

ईवीएम की विश्वसनीयता और कई स्थानों पर ईवीएम मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह चुनाव आयोग का काम है, वह इस मामले को देखे।

उन्होंने कहा, "सभी की स्थिति गुरुवार दोपहर 12:00 बजे तक स्पष्ट हो जाएगी। दोपहर में रुझान आने शुरू हो जाएंगे और कुछ परिणाम आ भी जाएंगे। जब परिणाम आने ही हैं तो एग्जिट पोल का कोई मतलब नहीं रह जाता।"

गौरतलब है कि सैफई परिवार की सबसे बड़ी प्रतिष्ठा की लोकसभा सीट फिरोजाबाद पर बुधवार को शिवपाल सिंह यादव ने डेरा जमा दिया। मतगणना से पहले शिवपाल शिकोहाबाद पहुंचे और पार्टी कार्यालय में उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं में जोश का संचार किया।

ज्ञात हो कि फिरोजाबाद से समाजवादी पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव और शिवपाल के बीच कड़ा मुकबला है। इन दोनों के अलावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के डॉक्टर चंद्रसेन जादौन भी मैदान में हैं और दो निर्दलीय उम्मीदवार भी हैं।

--आईएएनएस

 

 

नई दिल्ली: मतगणना से एक दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को एग्जिट पोल को फर्जी करार दिया और पार्टी कार्यकर्ताओं से पार्टी में विश्वास बनाए रखने का आग्रह करते हुए सतर्क रहने के लिए कहा।

राहुल ने ट्वीट किया, "अगले 24 घंटे महत्वपूर्ण हैं। सतर्क और चौकन्ना रहें। डरे नहीं। आप सत्य के लिए लड़ रहे हैं । फर्जी एग्जिट पोल के दुष्प्रचार से निराश न हों। खुद पर और कांग्रेस पार्टी पर विश्वास रखें, आपकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी।"

अधिकांश एग्जिट पोल के अनुमानों में लोकसभा चुनाव में भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन की सरकार बनने की बात कहे जाने के दो दिन बाद राहुल की यह टिप्पणी सामने आई है।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को कहा था कि एग्जिट पोल सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल कम करने के लिए हैं और कार्यकर्ताओं को स्ट्रांग रूम और मतगणना केंद्रों के पास सर्तक रहने के लिए कहा था।

सात चरण का मतदान 19 मई को संपन्न हो गया। मतों की गिनती गुरुवार को होगी।

2014 में अपमानजनक हार का सामना करने वाली कांग्रेस ने 542 में से केवल 44 सीटें ही जीती थी लेकिन इस बार सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को इसने कड़ी टक्कर दी है।

--आईएएनएस

 

 

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नई दिल्ली: कॉरपोरेट डेटा सेवा प्रदाता जउबा कॉर्प और कॉरपोरेटडीआईआर पर एक सर्च से सामने आया है कि चुनाव आयुक्त अशोक लवासा की पत्नी नोवेल सिंघल लवासा एक दर्जन से अधिक कंपनियों के निदेशक मंडल में हैं।

नोवेल को चार बिजली कंपनियों के बोर्ड में एक ही दिन नियुक्त किया गया था। अशोक लवासा भी बिजली मंत्रालय में कुछ साल तक विशेष सचिव के रूप में काम कर चुके हैं। अपने लंबे करियर में लवासा ने गृह, वित्त मंत्रालयों में सेवा देने के अलावा राज्य स्तर पर भी कई भूमिकाओं को निभाया है।

बिजनेस डेटा फर्म कॉरपोरेटडीआईआर के मुताबिक, नोवेल सिंघल लवासा एक ही दिन 14 सितम्बर, 2016 को रीसाट्ज माईसोलर 24 प्राइवेट लि., वेलस्पन सोलर टेक प्राइवेट लि., वेलस्पन एनर्जी राजस्थान प्राइवेट लि. और वेलस्पन सोलर पंजाब प्राइवेट लि. में नियुक्त की गईं थीं।

आधा दर्जन अन्य ऊर्जा कंपनियों के अलावा नोवेल लवासा बलरामपुर चीनी मिल्स लि. की भी निदेशक हैं।

नोवेल सिंघल लवासा का डॉयरेक्ट आइडिंटिफिकेशन नंबर (डीआईएन) 07071993 है।

--आईएएनएस

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नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ बड़े संकट में फंस सकते हैं। पिछले महीने उनके सहयोगियों के यहां आयकर के छापे के बाद उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार कमलनाथ के परिवार द्वारा संचालित प्रसिद्ध आईएमटी संस्थान के खिलाफ एक जांच शुरू करने जा रही है। हाल ही में उनके भतीजे रातुल पुरी से वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में ईडी ने पूछताछ की थी।

भाजपा ने कमलनाथ के आईएमटी कॉलज पर फर्जी तरीके से गाजियाबाद के मध्य 15 एकड़ प्रमुख जमीन हथियाने का आरोप लगाया है।

भाजपा नेता राजेंद्र त्यागी के अनुसार, यह जमीन सरकार द्वारा संचालित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) की है। त्यागी की शिकायत पर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखा है, जिसमें आईएमटी कॉलेज को फर्जी तरीके से करोड़ों रुपये की जमीन आवंटित किए जाने की जांच शुरू करने के लिए कहा गया है।

आईएमटी की वेबसाइट से पता चलता है कि इस प्रतिष्ठित संस्थान की स्थापना कमलनाथ के पिता महेंद्र नाथ ने 1970 के दशक में की थी। मौजूदा समय में आईएमटी कॉलेज के पास देश में निजी बी स्कूलों में उच्च रैंकिंग प्राप्त है।

शिकायतकर्ता और गाजियाबाद के कॉर्पोरेटर राजेंद्र त्यागी ने आईएएनएस से कहा कि उनके पास दस्तावेजी सबूत हैं, जिससे साबित होता है कि आईएमटी ने सीसीएसयू की जमीन हड़पी है।

त्यागी ने कहा, "दस्तावेज बताते हैं कि आईएमटी को यूपीएसआईडीसी ने 1973 में राजेंद्रनगर एक्सटेंशन में एक जमीन आवंटित की थी। इसी जमीन पर संस्थान स्थापित होना था। हालांकि यूपीएसआईडीसी के भूखंड पर आईएमटी का दूरवर्ती अध्ययन केंद्र स्थापित है, जबकि आईएमटी का मुख्य परिसर पास की एक जमीन पर स्थित है, जिसका स्वामित्व सीसीएसयू के एल.आर. डिग्री कॉलेज के पास है।"

आईएएनएस ने आईएमटी के निदेशक के कार्यालय की एक महिला अधिकारी को फोन पर संपर्क किया, लेकिन उन्होंने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

इस बीच कमलनाथ के एक घनिष्ठ सहयोगी ने आईएएनएस से कहा कि भाजपा नेता द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं और आईएमटी भूमि सौदा मामले की उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जांच शुरू करना कमलनाथ परिवार को प्रताड़ित करने के लिए है।

पिछले महीने कमलनाथ से जुड़े प्रवीण कक्कड़ और राजेंद्र मिगलानी के यहां भोपाल और मध्य प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों और दिल्ली-एनसीआर में स्थित उनके कुछ परिसरों में आयकर विभाग ने छापे मारे थे।

बाद में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड सीबीडीटी ने बताया था कि आईटी ने इन छापों के दौरान 281 करोड़ रुपये मूल्य की बेनामी संपत्ति का खुलासा किया था।

--आईएएनएस

 

 

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के परिणाम आने से दो दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने यहां पार्टी मुख्यालय में मंगलवार को केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की।

यह मुलाकात शाह द्वारा द अशोक होटल में आयोजित रात्रिभोज से कुछ घंटे पहले हुई। रात्रिभोज के दौरान संभावित चुनाव परिणाम और चुनाव बाद के परिदृश्य पर चर्चा हुई।

बैठक में जिन मंत्रियों ने हिस्सा लिया, उसमें राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, स्मृति ईरानी, प्रकाश जावड़ेकर, राधामोहन सिंह, पीयूष गोयल, गिरिराज सिंह, मुख्तार अब्बास नकवी, चौधरी बीरेंद्र सिंह, उमा भारती और लोक जनशक्ति पार्टी के राम विलास पासवान तथा शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल शामिल थे।

शाह ने यह बैठक देश की सेवा के लिए मंत्रियों को धन्यवाद देने के लिए बुलाई थी।

--आईएएनएस

 

 

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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह द्वारा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेताओं को मंगलवार को दिए गए रात्रिभोज में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी शिरकत की।

कुछ ही घंटे पहले शिवसेना प्रवक्ता ने कहा था कि ठाकरे रात्रिभोज में शामिल नहीं होंगे।

लोकसभा चुनाव के नतीजों के ऐलान से दो दिन पहले दिए गए इस रात्रिभोज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए।

इससे पहले दिन के समय शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने सीएनएन न्यूज18 से कहा था कि ठाकरे रात्रिभोज में नहीं जाएंगे और पार्टी के राज्यसभा सांसद सुभाष देसाई इसमें पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे।

राउत ने कहा था, "भाजपा अध्यक्ष ने उद्धवजी को निमंत्रण भेजा है और उनसे फोन पर भी बात की है, लेकिन वह नहीं जा रहे हैं। सुभाष देसाई रात्रिभोज में जाएंगे।"

उन्होंने चुनाव नतीजे से पहले इस तरह की मुलाकातों पर सवाल उठाते हुए कहा था, "जब तक नतीजे नहीं आ जाते और तस्वीर साफ नहीं हो जाती, हम दिल्ली में क्या करेंगे?"

रात्रिभोज में जनता दल (युनाइटेड) के नीतीश कुमार, अकाली दल के प्रकाश सिंह बादल और लोक जनशक्ति पार्टी के राम विलास पासवान पहुंचे।

रात्रिभोज पर बैठक से पहले मोदी और शाह ने केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्यों से मुलाकात की और बीते पांच साल में उनकी सेवाओं के लिए धन्यवाद दिया।

--आईएएनएस

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नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश और बिहार में चुनाव आयोगों के स्ट्रॉन्ग रूप में रखे गए ईवीएम को बदले जाने के आरोपों के बाद मंगलवार को एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। लेकिन चुनाव आयोग ने आरोप को 'निराधार' और 'तुच्छ' बताया है।

कुछ वीडियो वायरल होने के बाद ईवीएम को बदले जाने के आरोप सामने आए। वीडियो में खुलेआम ईवीएम को खुले ट्रकों में ले जाते हुए देखा जा सकता है।

दावा किया गया था कि ये ट्रक उत्तर प्रदेश और बिहार के चुनाव आयोग के सुरक्षित कमरों में जा रहे थे।

एक वीडियो को लेकर दावा किया गया कि वह उत्तर प्रदेश के चंदौली लोकसभा क्षेत्र का है। बहुत सारी ईवीएम एक कमरे के अंदर रखी हुई हैं, जिन्हें देखा जा रहा है। क्लिप में कुछ लोगों को दिखाया गया है, जो स्पष्ट रूप से समाजवादी पार्टी के समर्थक हैं। जिसके बाद सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

छेड़छाड़ के कथित आरोपों से इनकार करते हुए चुनाव आयोग ने आरोपों को 'निराधार' और 'तुच्छ' बताया।

भारत चुनाव आयोग (ईसीआई) ने एक बयान में कहा, "वोटिंग मशीनों को पूरी सुरक्षा के साथ पार्टियों के उम्मीदवारों के सामने सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है।"

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के बारे में जानकारी साझा करते हुए, आयोग ने कहा कि "उम्मीदवारों द्वारा मतदान वाले ईवीएम सुरक्षित कमरे पर नजर रखने" के बारे में एक मुद्दा था, जिसे ईसीआई के निर्देशों को बताकर हल कर लिया गया था।

ईसीआई ने कहा है कि "ईवीएम उचित सुरक्षा और प्रोटोकॉल में रखे गए हैं।"

आयोग ने कहा कि चंदौली के सकलडीहा विधानसभा क्षेत्र से बिना उपयोग वाली अतिरिक्त ईवीएम को नवीन मंडल स्थल लाया गया था। जहां उन्हें सुरक्षित अलग कमरों में रखा गया।

जिला मतदान अधिकारी नवनीत सिंह चहल ने कहा, "सकलडीहा तहसील में 35 बिना उपयोग किए हुए ईवीएम को रखा गया था। उन्हें रविवार को नहीं लाया जा सका था। इसलिए उन्हें सोमवार को सकलडीहा से दूसरी जगह लाया गया।"

--आईएएनएस

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