कोलकाता: पाकिस्तान समर्थित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के मुखिया मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र में वैश्विक आतंकी के रूप में मान्यता देने के भारत के प्रयास में चीन द्वारा रोड़ा अटकाए जाने के विरोध में कंफेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने गुरुवार को अपने सदस्यों से देश में चीनी वस्तुओं का बहिष्कार करने का आह्वान किया है। कैट के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, "हम व्यापारियों से विशेषकर होली के त्योहार से पहले चीनी वस्तुओं को न खरीदने और न ही बेचने का आह्वान करने के लिए एक राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत कर रहे हैं।"

कैट ने अपने सदस्यों से विरोध के रूप में 19 मार्च को चीनी वस्तुओं को जलाने के लिए कहा है और सरकार से सभी चीनी आयात पर भारी शुल्क लगाने का आग्रह किया है।

खंडेलवाल ने कहा, "पाकिस्तान की भारत विरोधी गतिविधियों को संरक्षण देने के लिए चीन को सजा दी जानी चाहिए।"

--आईएएनएस

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नई दिल्ली: जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के मुखिया मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी के रूप में मान्यता देने के भारत के प्रयास में चीन द्वारा रोड़ा अटकाए जाने पर देश में चीनी वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाने की आवाज फिर से सुनाई देने लगी है। इस पहल में योगगुरु बाबा रामदेव और मेघालय के राज्यपाल तथागत रॉय ने ट्विटर पर मोर्चा संभाल लिया है।

पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक रामदेव ने गुरुवार को एक ट्वीट में कहा, "मसूद अजहर समर्थक चीन सहित जो भी देश और देश के अंदर लोग हैं, उनका हमें राजनैतिक, सामाजिक, आर्थिक तौर पर बहिष्कार करना चाहिए। चीन तो विशुद्ध रूप से व्यावसायिक भाषा ही समझता है, आर्थिक बहिष्कार युद्ध से भी ज्यादा ताकतवर है।"

जेईएम प्रमुख के खिलाफ प्रतिबंधों पर चीन द्वारा वीटो का प्रयोग किए जाने के तुरंत बाद मेघालय के राज्यपाल तथागत रॉय ने भी चीनी उत्पादों के बहिष्कार के लिए बिना देर किए सुर में सुर मिलाया।

उन्होंने ट्वीट कर कहा, "मसूद अजहर को प्रतिबंधित करने के संयुक्त राष्ट्र के कदम को साम्यवादी चीन ने चौथी बार रोका है। और सोचने वाली बात ये है कि जवाहरलाल नेहरू संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस चीन के लिए स्थायी सीट की मांग को लेकर जगह-जगह घूमे थे।"

चीन समर्थित कंपनियां भारत के स्मार्टफोन बाजार में कब्जा जमाए हुए हैं और उसने कई श्रेणियों में अपने उत्पाद उतार रखे हैं।

एक अन्य यूजर ने लिखा, "मैंने टिकटोक अनइनस्टॉल कर दिया है और मेरा प्रत्येक राष्ट्रवादी भारतीय से चीनी उत्पादों का बहिष्कार करने का आग्रह है, ताकि इन चीनी गद्दारों को एक अच्छा सबक सिखाया जा सके।"

--आईएएनएस

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बीजिंग: आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित कराने पर अड़ंगे का चीन ने बचाव किया है। चीन ने कहा कि इससे मसले का स्थायी हल निकालने के लिए संबंधित पक्षों, भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता होनी चाहिए। यह पूछे जाने पर कि चीन ने मसूद को वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने के कदम को एक बार फिर क्यों बाधित किया, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने कहा कि बीजिंग का फैसला समिति के नियमों के अनुसार है।

उन्होंने कहा कि चीन को वास्तव में यह उम्मीद है कि इस समिति के प्रासंगिक कदम संबंधित देशों की मदद करेंगे कि वे वार्ता एवं विचार-विमर्श करें और क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता के लिए और समस्या पैदा न हो। लु ने कहा कि जहां तक 1267 समिति में तकनीकी रोक की बात है, तो हमने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाया है कि समिति के पास मामले के अध्ययन के लिए उचित समय हो और संबंधित पक्षों को वार्ता और विचार-विमर्श के लिए समय मिल सके।

चीनी प्रवक्ता ने कहा कि सभी पक्षों के लिए स्वीकार्य समाधान ही इस मसले के स्थायी समाधान हो सकता है। चीन इस मामले से उचित तरीके से निपटने के लिए भारत समेत सभी पक्षों से बातचीत एवं समन्वय के लिए तैयार है। भारत ने मसूद को ग्लोबल आतंकवादी घोषित किए जाने के कदम को चीन की ओर से तकनीकी रूप से बाधित किए जाने के बाद निराशा जताई थी।

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वाशिंगटन: बालाकोट एयरस्ट्राइक में भारत के दावे के मुताबिक 200 आतंकियों के मारे जाने का आंकड़ा सही साबित होता दिख रहा है। अमेरिका में रह रहे गिलगित बालटिस्तान के एक्टिविस्ट सेंगी हसनान सेरिंग ने एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि इन आतंकियों के शव बालाकोट से खैबर पख्तूनख्वा ले जाए गए। वीडियो में स्थानीय उर्दू अखबारों में छपी ख़बर का हवाला दिया गया है। 

ट्विटर पर शेयर किए वीडियो के बारे में उन्होंने लिखा, 'भारत के एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों ने 200 से अधिक आतंकियों को दफनाने की बात कबूल की है। आतंकी मुजाहिद को अल्लाह से मिले विशेष सौगात की बात करते हुए कहा कि ये लोग पाकिस्तान सरकार के लिए दुश्मन के खिलाफ काम कर रहे थे। उनके परिवारों को सहयोग देने की बात की।' 

वीडियो में कुछ पाक अधिकारी लोगों से बात कर रहे हैं। इस दौरान वे रोते हुए बच्चों को चुप कराते भी देखे जा रहे हैं। इसी दौरान पीछे से किसी की आवाज आ रही है, जिसमें एक शख्स कह रहा है कि यह अल्लाह का करम है। हमारे 200 बंदों को यह मौका मिला। हालांकि, दैनिक जागरण इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। 

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इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) सहित प्रतिबंधित संगठनों के एक समूह को 'उच्च जोखिम' श्रेणी में डालने का फैसला किया है और फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की जरूरतों का पूरा करने के लिए उनकी गतिविधियों की निगरानी और फिर से जांच शुरू कर दी है। डॉन न्यूज की शनिवार की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय अपराधों के लिए पेरिस की वैश्विक निगरानी संस्था ने इन संगठनों के कम या मध्यम जोखिम वाली श्रेणी में होने पर चिंता व्यक्त करते हुए नाखुशी जताई थी और कहा था कि पाकिस्तान ने जेईएम, इस्लामिक स्टेट (आईएस), अल कायदा, जमात उद-दावा, फलह-ई-इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ), लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), हक्कानी नेटवर्क और तालिबान से जुड़े लोगों द्वारा पैदा किए गए आतंकी वित्तपोषण जोखिमों के प्रति उचित समझ प्रदर्शित नहीं की है।

जानकारी प्राप्त एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि अब इन सभी समूहों को 'उच्च जोखिम' संगठन करार दिया जाएगा और देश की सभी एजेंसियों व संस्थानों द्वारा इनकी अच्छी तरह से जांच की जाएगी। ये जांच इनके पंजीकरण से शुरू होगी और फिर संचालन, फंड जुटाने से लेकर बैंक खातों, संदिग्ध लेन-देन, सूचनाएं साझा करने और अन्य गतिविधियों की जांच की जाएगी।

इन संस्थानों में संघीय जांच एजेंसी, प्रतिभूति और विनिमय आयोग पाकिस्तान, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान, राष्ट्रीय भ्रष्टाचार रोधी प्राधिकरण, वित्तीय निगरानी इकाई शामिल हैं, जो इन गतिविधियों की जांच करेंगी।

उन्होंने कहा कि यह फैसला एफएटीएफ पर वित्त सचिव आरिफ अहमद खान के नेतृत्व वाली सामान्य परिषद की एक बैठक में लिया गया। यह बैठक निगरानी संस्था की बाध्यताओं को पूरा करने की सिलसिलेवार बैठकों के हिस्से के रूप में हुई थी।

खान ने एफएटीएफ की प्लेनरी की 18 से 22 फरवरी के दौरान हुई बैठकों व उसकी समूह समीक्षाओं के दौरान पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था।

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सहारनपुर के देवबंद से गिरफ्तार हुए जैश के दो आतंकी शाहनवाज और आकिब की पुलिस रिमांड अवधि खत्म होने के बाद मंगलवार को उन्हें जेल भेज दिया गया। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) के अपर पुलिस महानिदेशक असीम अरुण ने बताया कि आतंकियों ने जैश-ए-मोहम्मद के लिए भर्ती की बात कबूल की है।

उन्होंने बताया कि दोनों आतंकी जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल के कई आतंकियों के संपर्क में थे। आतंकियों के वर्चुअल नंबर का तकनीकी परीक्षण जारी है। साथ ही आतंकियों के बीबीएम चैट और व्हाट्सएप का डेटा भी इंटरसेप्ट किया जा रहा है।

अरुण ने बताया कि आतंकियों के संपर्को को एटीएस लगातार खंगाल रही है। एटीएस की टीम अगली रिमांड पर आतंकियों को काश्मीर ले जाएगी।

गौरतलब है कि एटीएस बीते दिनों सहारनपुर के देवबंद से दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया था। इसकी जानकारी प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह ने दी।

उन्होंने बताया कि आरोपियों के पास से 32 बोर की 2 पिस्टल और 30 जिंदा कारतूस मिले थे। दोनों के मोबाइल से जेहादी चैट्स मिले हैं।

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नई दिल्ली/इस्लामाबाद: पाकिस्तान के मंत्री शेख रशीद अहमद ने बुधवार को कहा कि उनका देश भारत के साथ जंग नहीं चाहता है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि दोनों देशों के बीच लड़ाई विश्व युद्ध से भी भयानक होगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने भारत के हवाई हमले की निंदा की है और माकूल जवाब देने की कसम खाई है।

भारत द्वारा मंगलवार को पाकिस्तान के बालाकोट स्थित आतंकी प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाए जाने और बुधवार के घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान के अधिकांश प्रमुख अखबारों में दोनों देशों में तनाव का पूरा हाल बयां किया गया है, जिसमें भारत पर क्षेत्र में असुरक्षा पैदा करने का आरोप लगाया गया है।

पाकिस्तान द्वारा भारत के दो विमानों को मार गिराने और दो पायलट को कब्जे में लेने का दावा करने के बाद शेख रसीद ने कहा, "पाकिस्तानी फियाजी (वायुसेना) ने अपना मान कायम रखा और कल (बालाकोट हमले) जो जश्न मना रहा था, उसे पता चल गया कि ऐसा भी हो सकता है।"

उन्होंने मीडिया से कहा, "हम जंग नहीं जाहते हैं। आईएसपीआर के महानिदेशक ने पहले ही पाकिस्तान की कार्रवाई और लक्ष्य के बारे में बता दिया है। भारत को अवश्य जान लेना चाहिए कि वह किसी प्रकार का कदम उठाता है तो उसका जवाब दिया जाएगा।"

डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, इंटर सर्विसिस पब्लिक रिलेशंस के महानिदेशक मेजर जनरल आसिफ गफूर ने एक सार्वजनिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तानी वायुसेना ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर छह निशाने लगाए। उन्होंने कहा कि यह जवाबी कार्रवाई नहीं, बल्कि हमारी दक्षता, क्षमता और इच्छाशक्ति का प्रदर्शन था।

उन्होंने कहा, "पाकिस्तान कोई जंग का माहौल पैदा नहीं कर रहा है।" उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सोच-समझ के साथ तनाव को दूर करना चाहता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान अमन चाहता है और भारत को यह समझने की जरूरत है कि जंग नीति की विफलता है।

गफूर ने यह भी कहा कि भारत के दो लड़ाकू विमानों ने एलओसी पार की, लेकिन उन्हें मार गिराया गया। एक भारत के नियंत्रण वाले कश्मीर के इलाके में और दूसरा पाकिस्तान के नियंत्रण वाले कश्मीर के हिस्से में गिरा।

उन्होंने इस बात से इनकार किया कि पाकिस्तानी वायुसेना के विमान एफ-16 को मार किया गया। उन्होंने कहा कि बुधवार के ऑपरेशन में ऐसे किसी विमान का इस्तेमाल नहीं किया गया।

रेलमंत्री शेख रसीद ने आरोप लगाया कि भारत का कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हताशा का परिचायक है। उन्होंने कहा कि वह पांच राज्यों के चुनाव में मिली हार से पूरी तरह निराश हैं और नारकीय युद्ध का सहारा ले रहे हैं।

उन्होंने कहा, "हमारे पास दूसरा विकल्प नहीं है। पाकिस्तान है तो हम हैं।"

डॉन की मुख्य खबर की सुर्खी थी- 'पाकिस्तान ने भारत को जवाब देने का संकल्प लिया, जगह और समय का चयन हम करेंगे।'

द नेशन ने अपने पूरे मुखपृष्ठ पर इसी से संबंधित खबरें प्रकाशित की।

उर्दू अखबारों की सुर्खियों में था-"भारत जवाब का इंतजार करे, वक्त और मुकाम हम तय करेंगे : पाकिस्तान।"

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नई दिल्ली: पुलवामा में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी लेने वाले जैश-ए-मोहम्मद पर कार्रवाई को लेकर दुनिया के बड़े देश आगे आए हैं. इनमें संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने बुधवार को प्रस्ताव दिया कि इस आतंकी संगठन को संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद ब्लैक लिस्ट करे. इसी संगठन ने पुलवामा में भारतीय अर्धसैनिक बल के काफिले पर हमला करने का दावा किया था. अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने 15 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति से मौलाना मसूद अजहर पर हर तरह के प्रतिबंध लगाने की मांग की है.त कहा है कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर पर हथियार और वैश्विक यात्रा से जुड़े प्रतिबंध लगाने के साथ उसकी परिसंपत्ति भी फ्रीज की जाएं. 

बता दें कि 14 फरवरी को पुलवामा में हुए एक आत्‍मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. हमले की जिम्‍मेदारी पाकिस्‍तान स्‍थ‍ित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद ने ली थी. भारत ने इसके अगले दिन ही सेना को खुली छूट देने की बात कही थी और पाकिस्‍तान से 'मोस्‍ट फेवरेट नेशन' दर्जा वापस ले लिया था. इसके बाद घाटी में हुए सर्च ऑपरेशन में जैश के कई आतंकवादी मारे गए थें. 26 फरवरी की रात में वायु सेना ने अपने असैन्‍य कार्रवाई में पाकिस्‍तान के बालाकोट स्‍थ‍ित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद के कैंप को ध्‍वस्‍त कर दिया था. भारत के इस कार्रवाई का पूरी दुनिया ने समर्थन किया.

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नई दिल्ली: भारत ने बुधवार को जम्मू एवं कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के करीब आए पाकिस्तान एयर फोर्स (पीएएफ) के एफ-16 को मार गिराया।

विमान पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के भीतर 3 किलोमीटर दूर गिरा। जैसे ही पीएएफ जेट विमान नियंत्रण रेखा के करीब आए भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों और साथ ही जमीन से की गई जवाबी कार्रवाई के कारण एफ-16 विमानों को लौटने पर मजबूर होना पड़ा लेकिन इससे पहले एफ-16 को मार गिराया गया।

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श्रीनगर: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को जम्मू एवं कश्मीर के अवंतीपुरा इलाके में जैश-ए-मोहम्मद के कुछ सक्रिय आतंकवादियों के घरों पर छापेमारी की। पुलिस सूत्रों ने यह कहा।

आतंकवाद रोधी एजेंसी ने राज्य पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के सहयोग से अंवतीपुरा में मुदासिर खान और मंजूर मलिक के घरों पर छापेमारी की।

एनआईए ने मरहमा गांव में सजाद अहमद के घर पर भी छापा मारा। अहमद ने 14 फरवरी को पुलवामा हमले को अंजाम देने वाले जेईएम के आत्मघाती हमलावर को अपनी कार मुहैया कराई थी। हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे।

एनआईए ने मंगलवार को भी शीर्ष अलगाववादी नेताओं मीरवाईज उमर फारूक और जेकेएलएफ प्रमुख यासिन मलिक के घरों समेत कई स्थानों पर छापेमारी की थी।

--आईएएनएस

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