पटना: लोकसभा चुनाव के छठे चरण के मतदान के बाद बिहार की सियासत में 'लेटर-वॉर' शुरू हो गई है।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने बुधवार को एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर निशाना साधा।

वहीं, इसके जवाब में नीतीश की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) ने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद को पत्र लिखकर पलटवार किया।

तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरते हुए पत्र में कहा, "लोकतांत्रिक मूल्यों एवं जनादेश का अनादर कर जनता की नजरों में आप आदर-सम्मान खो चुके हैं। जनता द्वारा जगह-जगह पर निरंतर आपका विरोध यह दर्शाता है कि आप जनता के लिए कितने अप्रिय हो गए हैं लेकिन मेरे लिए आप अब भी अतिप्रिय हैं।"

उन्होंने आगे लिखा, "चाचा जी आप कह रहे थे कि मेरे पिता चाहे कितनी भी कोशिश कर लें जेल से बाहर नहीं आ सकते। आप उन्हें जेल से बाहर नहीं आने देंगे। आपके स्वयं को सर्वोच्च न्यायालय से भी ऊपर समझ कर फैसला सुनाने के पीछे कौन सी नई साजिश है ये तो मुझे नहीं पता लेकिन बिहार की क्या विडंबना है ये मुझे पता है।"

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी ने मुजफ्फरपुर बालिका आवासगृह मामले में नीतीश को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "नीतीश चाचा, ये आपके शासन की सबसे बड़ी विडंबना है कि गरीब लोगों और वंचितों की आवाज उठाने वाले आज जेल में बैठे हैं और आप मुजफ्फरपुर में मासूम बच्चियों के साथ हुए घिनौने कांड में संलिप्त अपने दुलारे और चेहते आरोपी ब्रजेश ठाकुर के साथ केक काट रहे हैं, वो आपकी चुनावी रैलियों का संचालन कर रहा होता है।"

उन्होंने कहा कि बिहार जानता है कि धोखे से मतदाता का वोट हड़पने वाला चोर दरवाजे से आज बिहार की कुर्सी पर बैठा है और मतदाताओं को झूठे सपने दिखाकर उसका जीवन तबाह करने वाला आज देश की कुर्सी पर बैठा है।

तेजस्वी ने दावा करते हुए कहा कि जिस बिजली और सड़क की बात नीतीश कुमार कर रहे हैं वह 2004 से 2014 के बीच संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार में रेलमंत्री रहे राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और ग्रामीण विकास मंत्री रघुवंश बाबू के कारण नसीब हुआ। उन्होंने विकास कार्यो के लिए बिहार को असीमित फंड दिलवाए।

उन्होंने कहा, "बहरहाल, आप ये भी कह रहे थे कि जेल से चिट्ठी लिखने वाले अगर जेल से बाहर आए तो लालटेन वाले दिन लौट आएंगे। आप बहुत घर-घर बल्ब जलाने का दावा करते हैं ना? चाचा जी आज हम बताते हैं आपके इस दावे की हकीकत क्या है।"

उन्होंने कहा कि बिहार में गांवों में घर-घर बिजली पहुंचाने के 'इंफ्रास्ट्रक्चर'का काम पहले ही शुरू हो चुका था।

दूसरी तरफ, जद (यू) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने तेजस्वी के पत्र का जबाव देते हुए राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को पत्र लिखा।

नीरज ने पत्र में कहा, "आप (लालू) तो राजकोष के खजाने को लूटने जैसे घृणित कार्य करने के कारण जेल चले गए परंतु आपके चरवाहा स्कूल का प्रभाव आपके पुत्र पर पड़ गया। आपने बेटे को ज्ञान नहीं दिया परंतु आपका बेटा अपने 'ज्ञान का आतंक' फैला रहा है। आपने अपने छोटे बेटे को उच्च शिक्षा नहीं दी और राजनीति में भी अधर में छोड़कर चले गए। आपके बेटे के बयान के कारण जगहंसाई हो रही है।"

उन्होंने कहा, "राजद के शासनकाल में बिहार में सड़क और बिजली की स्थिति क्या थी, सभी को पता है। अब ऐसे बयानों से जगहंसाई हो रही है। अगर ऐसा है तो राजद के शासनकाल में सड़कों और बिजली का आंकड़ा जारी करें।"

विधान पार्षद नीरज ने कहा, "मुजफ्फरपुर मामले में बिहार सरकार ने ही सीबीआई जांच की बात की है। इसके बाद भी अगर आपके बेटे (तेजस्वी) के पास सबूत हैं, तो सर्वोच्च न्यायालय में जाकर उसे सबूत देना चाहिए। वैसे, आपके बेटे तो महिलाओं के अपमान के लिए चर्चित हैं।"

उन्होंने कहा, "विधायक राजबल्लभ यादव नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहे हैं, परंतु अभी तक उसे पार्टी से नहीं निकाला गया बल्कि उसके परिवार के सदस्य को आपकी पार्टी ने नवादा से टिकट देकर पुरस्कार दिया।"

उन्होंने आगे लिखा, "आपका बेटा अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के आरोपी को तो पीए बनाकर रखता है और दूसरों को प्रवचन दे रहा है।"

--आईएएनएस

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पटना: लोकसभा चुनाव के छठे चरण में रविवार को बिहार की आठ सीटों पर मतदान हो रहा है। इस दौरान राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बिहार के लोगों के नाम एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है। इधर, सत्तारूढ़ जद (यू) ने भी इस पत्र के जवाब में बिहारवासियों को पत्र लिखकर तेजस्वी पर कटाक्ष किया है।

तेजस्वी ने बिहारवासियों के नाम लिखे पत्र में जेल में बंद अपने पिता लालू प्रसाद के लिए खेद जताते हुए कहा है कि उन्हें साजिशन इस चुनाव में प्रचार से दूर रखा गया। उन्होंने बिहार की जनता का पिता की अनुपस्थिति में उनका समर्थन करने के लिए धन्यवाद करते हुए राजद के लिए वोट की अपील भी की है।

तेजस्वी ने अपने पत्र में बिहार के मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लेकर केंद्र सरकार और उसकी नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा है कि साम्प्रदायिक ताकतों से उनकी लड़ाई अभी भी जारी है।

उन्होंने लिखा है, "एक नया बिहार बनाने में आपने जो बढ़-चढ़ कर मेरा साथ दिया है, उससे मुझे भी शक्ति मिली है कि अपनी हर एक सांस को बिहार की सेवा के लिए समर्पित करूं। हर उस इंसान के दुख दर्द को दूर करूं, जो नीतीश-मोदी राज के नकारेपन का शिकार हुआ है।"

इस पत्र को उन्होंने ट्विटर पर भी साझा किया है।

तेजस्वी ने कहा, "हम सब साथ मिलकर इस अन्यायी सत्ता को जड़ से उखाड़ेंगे, अत्याचारी अन्धेरे को घर में घुसकर हटाएंगे, पर हिंसा से 'तीर' चलाकर नहीं, प्यार से 'लालटेन' जलाकर।" उन्होंने लोगों को राजद को जिताने की अपील की।

तेजस्वी के इस पत्र के कुछ ही देर बाद जद (यू) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी बिहार के लोगों के नाम पत्र लिखकर तेजस्वी पर निशाना साधा।

नीरज ने पत्र में कटाक्ष करते हुए तेजस्वी को अनुकंपा की राजनीति करने वाला बताते हुए कहा कि परिवारवाद की राजनीति करने वाले अनुकंपा पर राजनीति में आए नेता अब बिहार के लोगों को पत्र लिख रहे हैं, परंतु इस पत्र में भी अपनी 'लालटेन' की लौ से 'हाथ', 'पंखा', 'नौका' को लगता है 'जला' दिए हैं। यही कारण है कि पत्र में वह केवल अपनी ही पार्टी राजद को विजयी बनाने की अपील कर रहे हैं। महागठबंधन के अन्य दलों को भूल गए।

उन्होंने पत्र में लिखा है, "बिहार की महान जनता आप सबों को बिजली मिल रही होगी, इस कारण लालटेन की जरूरत समाप्त हो गई है। वैसे भी लालटेन बिहार के लिए भ्रष्टाचार, उन्माद, अवैध संपत्ति का प्रतीक बनकर रह गई है।"

उन्होंने आगे लिखा है, "इमानदारी की 'झोपड़ी' में रहकर वीर पुरुष 'तीर' थामे 'कमल' खिलाने को आतुर है, परंतु अवैध तरीके से अर्जित भवनों में तो दम घुटता है। अनुकंपा की राजनीति करने वालों को चारा घोटाले में सजा काट रहे अपने पिता जी से यह पूछना चाहिए कि आखिर बिहार में शिक्षण-प्रशिक्षण विद्यालय क्यों बंद करवा दिए थे?"

पत्र के माध्यम से नीरज ने सलाह दी है, "आप जैसे पुत्र को जेल में बंद अपने पिता की सेवा की चिंता करनी चाहिए, क्योंकि मेवा आप खाइएगा तो सेवा कौन करेगा?"

उन्होंने आगे कहा है, "बिहारवासियों देश के नवनिर्माण, भ्रष्टाचारमुक्त देश और राज्य बनाने के लिए एक मजबूत और इमानदार नेता की जरूरत है। मजबूत राष्ट्र और विकसित राष्ट्र की ओर देश बढ़ चला है, अब बिहार के लोग उस 'जंगलराज' को कभी नहीं आने देंगे।"

--आईएएनएस

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पटना: बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल (युनाइटेड) के नेता गुलाम रसूल बलियावी नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित किए जाने के अपने बयान पर पार्टी में ही अकेले पड़ गए हैं। जद (यू) के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने बलियावी के बयान को फालतू और निर्थक बताया है।

जद (यू) के प्रदेश अध्यक्ष सिंह ने शुक्रवार को कहा कि बलियावी का यह बयान व्यक्तिगत हो सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार कई बार कह चुके हैं कि नरेंद्र मोदी ही हमारे प्रधानमंत्री के प्रत्याशी हैं, तो ऐसे बयानों का क्या मतलब?

बलियावी ने गुरुवार को यहां एक क्षेत्रीय न्यूज चैनल से कहा था कि इस बार चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी को बहुमत नहीं मिल रहा है, इसलिए नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित किया जाना चाहिए।

जद (यू) महासचिव गुलाम रसूल बलियावी ने कहा था, "इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को बहुमत नहीं मिल रहा है। इसलिए नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री उम्मीदवार के रूप में पेश करना चाहिए।"

इधर, जद (यू) के प्रधान महासचिव क़े सी़ त्यागी कहते हैं कि जद (यू) राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का हिस्सा है और राजग के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी हैं।

उल्लेखनीय है कि इस बयान के बाद से विपक्ष राजग पर कटाक्ष कर रहा था।

--आईएएनएस

 

 

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पटना: लोकसभा चुनाव के सात चरणों में से पांच चरणों का मतदान संपन्न हो जाने के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल जनता दल (युनाइटेड) नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री बनाने की मांग फिर से उठाने लगा है।

बिहार जद (यू) के नेता गुलाम रसूल बलियावी ने यहां गुरुवार को एक क्षेत्रीय समाचार चैनल से कहा कि इस बार चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी को बहुमत नहीं मिलने जा रहा है, इसलिए नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित किया जाना चाहिए।

जद (यू) नेता और राज्यसभा के पूर्व सांसद गुलाम रसूल बलियावी ने कहा, "इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी को बहुमत नहीं मिल रहा है, इसलिए नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री उम्मीदवार के रूप में पेश किया जाना चाहिए।"

बलियावी के इस बयान के बाद भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा के विधायक नितिन नवीन ने कहा कि मुख्यमंत्री और जद (यू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार सहित सभी नेता मोदी को प्रधानमंत्री बनाने की बात कर रहे हैं, ऐसे में बलियावी का यह अलग राग अपनाना कई इशारे करता है।

उन्होंने विरोधियों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि बलियावी को अगर कहीं और जाने की इच्छा है तो उन्हें स्पष्ट कहना चाहिए। नवीन ने दावा करते हुए कहा कि यह बलियावी के अपने दिमाग की उपज है।

जद (यू) नेता के बयान पर विपक्ष ने भी तंज कसा। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने चुटकी लेते हुए कहा, "अब भाजपा ही बताए कि उनके गठबंधन में कौन प्रधानमंत्री पद का चेहरा है। नीतीश कुमार भाजपा की पीठ में छुरा घोंपने को तैयार बैठे हैं।"

--आईएएनएस

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पटना: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद की पत्नी राबड़ी देवी ने बुधवार को एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और उन्हें 'जल्लाद' कहा है। इधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (युनाइटेड) ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि राजद नेताओं के ऐसे ही बयानों के कारण बिहार बदनाम हुआ है।

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को 'दुयरेधन' कहे जाने के संबंध में पत्रकारों द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में राबड़ी ने कहा, "उन्होंने (प्रियंका) 'दुयरेधन' बोलकर गलत किया। दूसरी भाषा बोलनी चाहिए थी। वो सब तो जल्लाद हैं, जल्लाद। जो जज और पत्रकार को मरवा देते हैं, उठवा लेते हैं, ऐसे आदमी का मन और विचार कैसे होंगे, खूंखार होंगे।"

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (युनाइटेड) के नेताओं को 'नाले का कीड़ा' बताया।

राबड़ी देवी ने कहा, "प्रधानमंत्री जिस तरह की भाषा अपना रहे हैं, नाली के कीड़े हैं सब। जद (यू) और भाजपा वाले सब नाली के कीड़े हैं। साल 2014 में वो विकास लेकर आए थे और देश का विनाश करके जा रहे हैं।"

राबड़ी के इस बयान को लेकर बिहार की सियासत गर्म हो गई है। भाजपा और जद (यू) ने राबड़ी के इस बयान की कड़ी निंदा की है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय ने कहा, "चुनाव में राजद अपनी हार को देखते हुए तिलमिला गया है। इस कारण ऐसे बयान दिए जा रहे हैं। ऐसे बयानों की राजनीति में कोई जगह नहीं।"

जद (यू) के वरिष्ठ नेता और प्रधान सचिव क़े सी़ त्यागी ने राबड़ी के इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा, "राजद के कुकृत्यों और ऐसे बयानों से ही बिहार देश और विदेशों में बदनाम हुआ है। बयान का जवाब देने के लिए भी मेरे पास उपयुक्त शब्द नहीं हैं।"

उल्लेखनीय है कि राबड़ी देवी ने मंगलवार को भी इशारों ही इशारों में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को नरभक्षी कहा था।

राबड़ी ने ट्वीट किया था, "बिहार आते ही तड़ीपार की जीभ दांतों से बाहर निकलकर भटकने लगती है। नरभक्षियों को पता नहीं क्यों पाकिस्तान से प्यार है? बिहार में हार देख पाकिस्तान में पटाखे फोड़ने की बात करता है। 2015 में नीतीश के मुख्यमंत्री बनने की खुशी में फोड़वा रहा था। बेशर्म लोग काम के नाम पर वोट क्यों नहीं मांगते?"

--आईएएनएस

 

 

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पटना: राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) की बेटी व पाटलिपुत्र संसदीय सीट से प्रत्‍याशी मीसा भारती (Misa Bharti) को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने विवादित बयान दिया है। जदयू के प्रवक्‍ता संजय सिंह ने मीसा की तुलना रावण की बहन शूपर्णखा से की है। इस बयान के बाद बिहार की राजनीति फिर गरमा गई है। महागठबंधन के नेताओं ने इसके लिए जदयू पर पलटवार किया है।

विदित हो कि सोमवार को मीसा भारती ने कहा था कि बड़ी बहन होने के नाते उनके लिए सभी भाई-बहन एक समान हैं, लेकिन लालू प्रसाद यादव के उत्तराधिकारी तेजस्‍वी यादव ही हैं। मीसा का यह बयान तेज प्रताप के उस बयान के खिलाफ है, जिसमें उन्‍होंने खुद को 'दूसरा लालू' बताया था। हाल ही में मीसा भारती के चुनाव प्रचार के दौरान राबड़ी देवी की मौजूदगी में तेज प्रताप के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगे थे। साथ ही बीते दिन तेजस्‍वी के साथ चुनाव प्रचार में जाने के लिए हेलीकॉप्‍टर में जगह नहीं मिलने से तेज प्रताप की नाराजगी भी चर्चा में है। जदयू प्रवक्‍ता ने अपना बयान इन घटनाओं के संदर्भ में दिया है।

जदयू प्रवक्‍ता संजय सिंह ने कहा है कि मीसा भारती की भूमिका लालू परिवार में शूपर्णखा की तरह है। जिस तरह शूपर्णखा प्राचीन काल में रावण व विभीषण के बीच झगड़ा लगाती थी, उसी तरह मीसा इन दिनों तेज प्रताप व तेजस्‍वी के बीच में झगड़ा लगातीं हैं। वे दोनों भाइयों के झगड़े की आग में घी डालतीं हैं।

जदयू प्रवक्‍ता के बयान पर महागठबंधन के नेताओं ने पलटवार किया है। राजद के विजय प्रकाश ने कहा कि राजद में सीता व राधा पैदा लेती हैं, न कि शूपर्णखा। दरअसल, जदयू ही राक्षसी समाज है। वह जनादेश का अपमान कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) व राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) की गोद में जा बैठा है।
हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा (HAM) सुप्रीमो व पूर्व मुख्‍यमंत्री जीतनराम मांझी ने कहा कि किसी महिला के बारे में ऐसा कहना पूरे महिला समाज का अपमान है। इसके लिए जदयू को माफी मांगनी चाहिए। 
कांग्रेस के प्रवक्‍ता प्रेमचंद मिश्रा ने जदयू के बयान को अशोभनीय बताया। साथ ही यह भी कहा कि महिलाओं के बारे में एसी टिप्‍पणी जदयू को भारी पड़ेगी। कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने कहा कि किसी की निजी जिंदगी में दखल देना अशोभनीय है।

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पटना: बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) ने शुक्रवार को चुनाव आयोग को पत्र लिखकर जेल में बंद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद पर कई आरोप लगाए और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

जद (यू) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखकर कहा कि जेल में रहते हुए लालू प्रसाद ने जेल नियमों का उल्लंघन किया है। पत्र में लिखा गया है कि लालू प्रसाद भ्रष्टाचार के मामले में रांची के होटवार जेल में बंद है और स्वास्थ्य कारणों से रिम्स, रांची के पेइंग वार्ड में इलाजरत हैं।

पत्र के अनुसार, कुमार ने कहा कि जेल मैनुअल में स्पष्ट है कि इन्हें केवल परिजनों से मिलना है। लालू से मिलने के लिए सप्ताह में केवल एक दिन (शनिवार) निश्चित है, जिसके लिए अदालत से आदेश लेना पड़ता है।

जद (यू) नेता ने कहा, "लालू एक पार्टी के अध्यक्ष भी हैं और लोकसभा चुनाव में अपने हस्ताक्षर से ही टिकट भी बांटे हैं। क्या टिकट बांटने में उन्होंने हस्ताक्षर करने के लिए अदालत से आदेश लिया था? अगर नहीं तो उनके द्वारा बांटे गए टिकट पर चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के नामांकन को अवैध घोषित किया जाना चाहिए।"

उन्होंने चुनाव आयोग से यथोचित कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि नियम है कि जेल में बंद व्यक्ति को राजनीतिक बातें नहीं करनी है, परंतु लालू प्रसाद का केवल राजनीतिक हस्तियों से मिलना स्पष्ट करता है कि राजनीतिक उद्देश्य से ही ऐसे लोगों से मुलाकात किया गया है।

विधान पार्षद नीरज ने पत्र में कहा, "लालू प्रसाद विभिन्न धाराओं में दोषी पाए गए हैं। वे अपराधिक मामले में दोषसिद्घ अपराधी हैं, ना कि किसी जन आंदोलन के नेता हैं। लालू प्रसाद लगातार सोशल मीडिया पर भी अपने विचार रखते हैं, जिससे चुनाव प्रभावित किया जा रहा है।"

उन्होंने कहा कि अगर उनका ट्विटा हैंडल कोई दूसरा व्यक्ति चला रहा है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि वे अपना विचार जेल से किसे बता रहे हैं।

नीरज ने कहा कि चुनाव प्रभावित करने वाले सोशल साइटों पर दिए गए लालू प्रसाद के बयान गंभीर हैं, इस कारण आदर्श चुनाव आचार संहिता बनाए रखने के लिए कारगर कार्रवाई की जानी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि लालू चारा घोटाला के कई मामलों में दोषी पाए जाने के बाद रांची की एक जेल में बंद हैं। स्वास्थ्य कारणों से वे इन दिनों रांची के रिम्स में भर्ती हैं।

--आईएएनएस

 

 

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पटना: राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की किताब (गोपालगंज टू रायसीना) को लेकर राजनीतिक विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला लालू के बेटे व बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव के बयान का है। तेजस्‍वी ने कहा है कि जनता दल यूनाइटेड (जदयू) सुप्रीमो नीतीश कुमार बिहार में राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार बनाने के छह महीने के भीतर अपनी पार्टी के कांग्रेस में विलय के लिए तैयार हो गए थे। छह महीने में ही उनका भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से मोहभंग हो गया था। तेजस्‍वी के बयान के बाद इस मामले में सियासत फिर गरमा गई है।

तेजस्‍वी के आरोप पर जदयू महासचिव केसी त्‍यागी ने कहा कि पार्टी के किसी अन्‍य दल के साथ विलय या महागठबंधन में जाने की कोई बात नहीं थी। खास बात यह है कि तेजस्‍वी के आरोप का महागठबंधन के घटक दल कांग्रेस ने भी खंडन कर दिया है। बिहार कांग्रेस के प्रवक्‍ता प्रेमचंद मिश्र ने ऐसी किसी जानकारी से इनकार किया है।

इसके पहले शुक्रवार को लालू प्रसाद यादव की पत्‍नी व पूर्व मुख्‍यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा था कि प्रशांत किशोर जदयू की महागठबंधन में वापसी व नीतीश्‍ा कुमार को प्रधानमंत्री प्रत्‍याशी घोषित करने के प्रस्‍ताव के साथ उनके आवास पर पहुंचे थे। राबड़ी ने यहां तक कहा कि उस 'कबूतर' (प्रशांत किशोर) को उन्‍होंने घर से निकाल दिया था।

 

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सीवान: बिहार के सीवान के महादेवा आउट पोस्ट (ओपी) क्षेत्र से बुधवार को अगवा 13 वर्षीय छात्र का शव पुलिस ने गुरुवार को बरामद किया है। अपहरणकर्ताओं ने छात्र के परिजनों से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, जनता दल (युनाइटेड) के पूर्व नेता दिवंगत सुरेंद्र सिंह पटेल और जिला पंचायत की पूर्व पार्षद सुनीता पटेल के अगवा पुत्र राहुल का शव मुफस्सिल थाना क्षेत्र से गुरुवार को बरामद किया गया है।

सीवान के पुलिस अधीक्षक नवीन चंद्र झा ने बताया कि अगवा छात्र राहुल का शव चौंवर क्षेत्र से बरामद किया गया है। राहुल की हत्या गला रेतकर की गई है। उन्होंने बताया कि आश्ांका व्यक्त की जा रही है कि अपहरणकर्ताओं ने डर के कारण राहुल की हत्या की कर दी होगी।

उन्होंने बताया कि सुरेंद्र सिंह पटेल का बेटा राहुल केंद्रीय विद्यालय सीवान का छात्र था। बुधवार को अपहरणकर्ताओं ने राहुल का उस समय अपहरण कर लिया था, जब वह स्कूल से पढ़कर वापस अपने घर आ रहा था।

राहुल के परिजनों ने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने फोन कर 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग की थी, तब परिजनों द्वारा इसकी सूचना पुलिस को दी गई।

पुलिस अधीक्षक झा ने बताया, "जिस मोबाइल फोन से फिरौती की रकम मांगी गई थी, उसे बरामद कर लिया गया है तथा इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।"

बड़हरिया निवासी सुरेंद्र सिंह पटेल की भी 2005 में हत्या कर दी गई थी।

--आईएएनएस

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पटना: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व विधायक और बिहार के पूर्व मंत्री सुनील कुमार पिंटू ने बुधवार को यहां जनता दल (युनाइटेड) की सदस्यता ग्रहण की। सदस्यता ग्रहण करने के बाद ही उन्हें सीतामढ़ी लोकसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का उम्मीदवार घोषित कर दिया गया।

पटना में एक संवाददाता सम्मेलन में मुंगेर से प्रत्याशी और बिहार के मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने सुनील कुमार पिंटू को जद (यू) की सदस्यता दिलाते हुए कहा कि पिंटू सीतामढ़ी से राजग के उम्मीदवार होंगे।

उल्लेखनीय है कि जद (यू) ने डॉ. वरुण कुमार को सीतामढ़ी से प्रत्याशी बनाया था परंतु उन्होंने बाद में चुनाव लड़ने में असमर्थता जताते हुए पार्टी को एक पत्र लिखा था, जिसे पार्टी ने मंजूर कर लिया।

पिंटू चार बार विधायक और मंत्री रह चुके हैं।

अपनी जीत के प्रति आश्वस्त पिंटू ने कहा कि हम राजग उम्मीदवार के तौर पर लोकसभा से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि पहले से भी चुनाव की तैयारियां पार्टी द्वारा चल रही थी।

बिहार में लोकसभा चुनाव के सभी सात चरणों में मतदान होना है। सीतामढ़ी में पांचवें चरण यानी 6 मई को वोट डाले जाएंगे।

बिहार में राजग में शामिल भाजपा और जद (यू) 17-17 और लोजपा छह सीटों पर चुनाव लड़ रही है। बिहार में लोकसभा की कुल 40 सीटें हैं।

--आईएएनएस

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