सैन फ्रांसिस्को: गूगल ने इस बात को माना है कि फर्जी व्यावसायिक प्रोफाइलें लोगों को गूगल मैप्स पर गुमराह कर रही हैं। कंपनी ने कहा है कि वह इसे लेकर काम कर रही है कि इस तरह की प्रोफाइल को ग्राहकों को गुमराह करने से पहले रोका जाए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गूगल मैप्स में लगभग 1 करोड़ 10 लाख झूठी लिस्टिंग और फोन नंबर हैं, जो प्रतिस्पर्धा वाले व्यवसायों के लिए परेशानियां पैदा करते हैं।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कंपनी ने कहा कि स्थानीय व्यापार स्कैमर्स एक दशक से अधिक समय से इंटरनेट के माध्यम से ऐसा करते आ रहे हैं।

गूगल मैप्स के उत्पाद निदेशक एथन रसेल ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, "इन वर्षो में हमने गूगल मैप्स में 20 करोड़ से अधिक स्थान जोड़े हैं और हर महीने हम लोगों को नौ अरब से अधिक बार व्यवसायों से जोड़ते हैं।"

कभी-कभी, व्यवसाय स्कैमर लाभ कमाने के लिए स्थानीय लिस्टिंग का लाभ उठाते हैं।

वे सेवाओं के लिए व्यवसाय के मालिकों से रुपये वसूल करते हैं, जो वास्तव में मुफ्त हैं।

उन्होंने कहा कि वह वास्तविक व्यवसायों के रूप में झूठे व्यवसायों को प्रस्तुत करके ग्राहकों को धोखा देते हैं।

--आईएएनएस

Published in टेक

नई दिल्ली: आप खुद को ईमानदारी से पूछिए कि क्या आप ऐसा स्मार्टफोन खरीदेंगे जिसमें ना तो एंड्रोएड सपोर्ट सिस्टम और गूगल एप्स हैं और ना ही पहले से इंस्टाल किए गए फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम? यह स्थिति फिलहाल निकट भविष्य में हुआवेई (और उसका सब-ब्रांड ऑनर) के स्मार्टफोन्स के साथ दिख रही है, और अगर अगले दो-तीन तिमाहियों में कंपनी ने अपनी समस्या का समाधान नहीं किया तो उसे जल्दी ही नुकसान उठाना पड़ेगा।

चीनी कंपनी ने अपने स्मार्टफोन्स से एंड्रोएड हटाने के लिए हालांकि अपने ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) होंगमेंग को लांच करने का लक्ष्य बनाया है, लेकिन ओएस को को बाजार में आने और यूजर्स की स्वीकृति का इंतजार करना पड़ेगा जो सबसे नाजुक हिस्सा है।

यूजर्स के लिए सबसे जरूरी एप्स फेसबुक और व्हाट्सएप की अनुपस्थिति हुआवेई के लिए दोहरा झटका है।

वर्तमान में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी स्मार्टफोन कंपनी (यूरोप और एशिया जैसे गैर-अमेरिकी क्षेत्रों में शानदार वृद्धि पर आधारित) हुआवेई को आगे के कठिन रास्ते का एहसास हो गया है। निक्की एशियन रिव्यू की एक हालिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हुआवेई ने 2019 के बाद के छह महीनों में कुल स्मार्टफोन बिक्री में पूर्व के अनुमान से 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी दर्ज होने का पूर्वानुमान लगाया है।

आईडीसी के भारत और दक्षिण एशिया में डिवाइस और इकोसिस्टम के शोध निदेशक नवकेंदर सिंह के अनुसार, "हुआवेई के लगभग आधे स्मार्टफोन्स चीन के बाहर से आते हैं जो गूगल मोबाइल सर्विसेज (जीएमएस) के साथ एंड्रोएड पर चलता है।"

सिंह ने आईएएनएस से कहा, "चीन में एप्स का उसका अपना पारिस्थितंत्र है लेकिन यह सिर्फ चीन में लोकप्रिय है। उसके बाहर, लगभग सभी लोकप्रिय एप्स गूगल या अमेरिकी कंपनियों के हैं। ये एप्स इन दिनों प्रत्येक स्मार्टफोन यूजर की प्रमुख वरीयता हैं।"

उन्होंने कहा, "खुद के ओएस पर इन एप्स के बिना हुआवेई के लिए अपने फोन की मांग बढ़ाना बहुत मुश्किल काम है।"

अमेरिका और चीन में जारी व्यापार युद्ध में पिस रही चीनी कंपनी को अपनी प्रतिष्ठा को बचाने और नुकसान की भरपाई के लिए प्रयास कर रही है।

कंपनी इसके लिए भारतीय स्मार्टफोन बाजार पर उम्मीद लगाए है जिसमें 45 करोड़ स्मार्टफोन यूजर्स हैं और इसके आगे बढ़ने की क्षमता है।

--आईएएनएस

 

 

Published in टेक

न्यूयार्क: अमेरिकी सरकार द्वारा अविश्वास जांच का सामना कर रहे गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई ने उन लोगों को आगाह किया है जो विनियमन के लिए प्रौद्योगिकी कंपनियों पर नियंत्रण करना चाहते हैं।

सीएनएन बिजनेस को दिए साक्षात्कार में पिचाई ने कहा कि उनकी कंपनी यूरोप में ऐसी परिस्थितियों से गुजर चुकी है, तो जांच उनके लिए कोई आश्चर्य की बात नहीं है।

पिचाई ने शुक्रवार को कहा, "कुछ अन्य कंपनियों के लिए यह जांच शायद नई हो।"

उन्होंने कहा, "जांच सही है, और हम इन चर्चाओं में रचनात्मक रूप से भाग लेंगे। मुझे चिंता है कि अगर आप इसका विनियमन करने के लिए हम पर नियंत्रण करते हैं तो कई अनपेक्षित परिणाम आएंगे।"

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अविश्वास के संभावित उल्लंघन के लिए अमेरिकी न्याय विभाग गूगल के खिलाफ मामला शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

फेसबुक जैसी बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों को विखंडित करने की बहस के बीच यह खबर आई।

साल 2010 में शॉपिंग सर्च रिजल्ट्स और विज्ञापनों की रैंकिंग के संबंध में यूरोपीय आयोग की अविश्वास शिकायत पर गूगल पर 2017 में 2.7 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया गया था।

--आईएएनएस

Published in टेक

वॉशिंगटन: गूगल के भारतीय मूल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई को लगता है कि इंग्लैंड एंड वेल्स में जारी आईसीसी विश्व कप-2019 के फाइनल में भारत और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने होंगी और इस मैच में भारत बाजी मारे ले जाएगा।

पिचाई ने यहां भारत और अमेरिका के शीर्ष कॉरपोरेट लोगों के बीच हुई समिट में कहा, "यह (विश्व कप फाइनल मैच) इंग्लैंड और भारत के बीच होना चाहिए। लेकिन आप आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बारे में कुछ नहीं कह सकते। यह दोनों भी अच्छी टीमें हैं।"

पिचाई ने साथ ही कहा कि जब वह अमेरिका आए तो यहां के लोकप्रिय खेल बेसबॉल में उन्होंने अपने हाथ आजमाए थे।

पिचाई ने कहा, "जब मैं यहां पहली बार आया था तब मैंने बेसबॉल सीखने की कोशिश की थी। मेरे लिए यह काफी चुनौतीपूर्ण था। मेरे पहले मैच में मैंने गेंद को अच्छा मारा था, लेकिन लोगों ने उसे सराहा नहीं।"

उन्होंने कहा, "जब आप क्रिकेट खेलते हैं तो आप हमेशा अपना बैट लेकर भागते हैं इसलिए मैंने बेसबाल में भी ऐसा किया लेकिन मुझे बाद में पता चला कि बेसबाल काफी मुश्किल है। तब मैंने सोचा कि मैं कई चीजों से तालमेल बैठा सकता हूं लेकिन मैं क्रिकेट ही खेलूंगा।"

पिचाई ने कहा, "क्रिकेट विश्व कप चल रहा है। यह बेहतरीन टूर्नामेंट है। मैं उम्मीद करता हूं कि भारत अच्छा करे लेकिन काफी कुछ दांव पर है।"

--आईएएनएस

Published in टेक

सैन फ्रांसिस्को: सर्च इंजन दिग्गज गूगल को उम्मीद है कि वह अपने पिक्सल सीरीज को दो नई पेशकशों -पिक्सल 4 और 4एक्सएल- के साथ अक्टूबर में अपडेट करेगी, लेकिन इसकी विस्तृत जानकारी पहले ही ऑनलाइन लीक हो गई है।

अफवाहों के मुताबिक, पिक्सल 4 डिवाइस पिछले हिस्से में एक स्कैवर कैमरा मॉड्यूल के साथ आएगा, जिसमें ड्युअल रियर कैमरा सेटअप होगा।

अब तक इस तरह के सेटअप वाला कोई दूसरा स्मार्टफोन बाजार में उपलब्ध नहीं है। फिलहाल बाजार में उपलब्ध सभी पिक्सल मॉडल्स में सिंगल कैमरा सेंसर लगे हैं।

अटकलों में यह भी बताया गया है कि इसमें या तो इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर होगा या सामने की तरफ 3डी फेस अनलॉक मॉड्युल होगा या दोनों ही होगा।

फोन के निचले हिस्से में दो एक्सटर्नल स्पीकर्स होंगे, जिनके बीच में यूएसबी-सी पोर्ट लगा होगा।

इसके अतिरिक्त, यह भी प्रतीत होता है कि पिक्सल डिवाइसेज में पिछले पिक्सल मॉडल्स की तरह कोई फ्रंट-फायरिंग स्पीकर्स नहीं होगा।

इस डिवाइस में स्नैपड्रैगन 855 चिपसेट होगा और यह आगामी एंड्रायड क्यू ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) पर आधारित होगा।

--आईएएनएस

Published in टेक

सैन फ्रांसिस्को: प्रदूषण पर नजर रखने के लिए एक बड़े प्रयास के तहत, गूगल वैज्ञानिकों के लिए वायु गुणवत्ता के आंकड़े जारी कर रहा है, जिसे उसने प्रोजेक्ट एयर व्यू के तहत अपनी स्ट्रीट व्यू कारों के साथ कैलिफोर्निया के बे एरिया और सेंट्रल वैली से एकत्र किया था।

एंडगैजेट की बुधवार की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई कि पिछले तीन वर्षो में ये डेटा जुटाए गए हैं, और इसमें वे माप भी शामिल हैं जो वाइन कंट्री क्षेत्र में जंगल की आग लगने के बाद और सेंट्रल वैली के कृषि क्षेत्रों से लिए गए थे।

गूगल ने पर्यावरण रक्षा कोष के एक प्रस्ताव के बाद सबसे पहले अपनी स्ट्रीट व्यू कारों को 2012 में ओकलैंड में वायु प्रदूषण सेंसर से लैस करना शुरू किया था।

कारों में इंटरनेट से जुड़े वायु गुणवत्ता सेंसर से ग्रीनहाउस गैस मीथेन, पार्टिकुलेट मैटर, ओजोन, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड समेत अन्य गैसों की माप लेकर आंकड़े एकत्र किए जाते हैं।

कंपनी के पास पहले से ही ह्यूस्टन, साल्ट लेक सिटी, कोपेनहेगन, एम्स्टर्डम और लंदन में इसी तरह की परियोजनाएं चल रही हैं।

2019 के अंत तक, सर्च इंजन दिग्गज ने एशिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका सहित अन्य महाद्वीपों के लिए प्रोजेक्ट एयर व्यू का विस्तार करने की योजना बनाई है।

इसके अलावा, कंपनी साल के अंत तक 50 और स्ट्रीट व्यू कारों को एयर क्वालिटी सेंसर से लैस करने की भी योजना बना रही है।

हालांकि यह पूरा डेटा सेट जनता के लिए उपलब्ध नहीं है, लेकिन वैज्ञानिकों को एक फॉर्म के माध्यम से पहुंच प्राप्त करने का अनुरोध करने के लिए कहा गया है।

--आईएएनएस

Published in टेक

सैन फ्रांसिस्को: अमेरिकी न्याय विभाग गूगल के खिलाफ एक मामला खोलने की तैयारियों में जुटा है, जोकि एकाधिकार उल्लंघनों से संबंधित है। द न्यूयॉर्क टाइम्स ने यह जानकारी दी है। 

यह ऐसे समय हुआ है, जब बहस चल रही है कि क्या बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों को तोड़कर छोटी-छोटी कंपनियों में बांट दिया जाना चाहिए।

द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है, "इस साल फरवरी में नई एंटीट्रस्ट टास्क की घोषणा की गई, जिसके बाद ट्रेड कमीशन ने गूगल की जांच में रुचि ली है। हाल के हफ्तों में आयोग ने कंपनी के बारे में न्याय आयोग में शिकायतें दर्ज कराई हैं। यह जानकारी मामले की जानकारी रखनेवाले विभाग के दो लोगों से मिली है।"

आयोग ने टेक दिग्गज के खिलाफ शिकायत दर्ज करानेवाली कंपनियों को न्याय विभाग के समक्ष शिकायत दर्ज कराने को कहा है।

यह गूगल के लिए नई बात नहीं है। कंपनी ने अतीत में एंटी ट्रस्ट मामलों में जांच का सामना किया है।

साल 2013 में गूगल ने कहा था कि वह अपने कारोबार के तौर तरीकों में बदलाव लाने जा रही है, जब उसने अमेरिकी संघीय व्यापार आयोग के समझ समझौता करने पर सहमति जताई थी।

--आईएएनएस

 

 

Published in टेक

सैन फ्रांसिस्को: गूगल ने मोबाइल का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए अपने सर्च इंजन में सुधार किया है।

मोबाइल उपभोक्ता अब यह अच्छे से समझ पाएंगे कि कौन सी जानकारी कहा से आ रही है और वे किसी चीज को ढूंढ़ रहे हैं।

गूगल के सीनियर इंटरेक्शन डिजाइनर जेमी लीच ने कहा, "वेबसाइट और उसके आइकन का नाम हर रिजल्ट कार्ड के टॉप पर दिखाई देगा, इससे हर रिजल्ट को एंकर करने में मदद मिलेगी ताकि आप अधिक आसानी से परिणामों के पेज को स्कैन कर सकें और तय कर सकें कि आगे क्या जानकारी चाहिए।"

अब जब उपयोगकर्ता किसी उत्पाद या सेवा की खोज करते हैं और गूगल एक महत्वपूर्ण विज्ञापन प्रदर्शित करता है, तो एक हाइलाइट किया गया विज्ञापन लेबल वेब एडरेस के साथ टॉप पर दिखाई देगा।

लीच ने कहा, "यह नया डिजाइन हमें रिजल्ट कार्ड को खोजने के लिए अधिक एक्शन बटन और उपयोगी प्रीव्यू जोड़ने की अनुमति देता है, जबकि इस दौरान आपको सभी वेब पेज के कंटेंट के बारे में भी जानकारी मिलेगी।"

यह रिडिजाइन सबसे पहले मोबाइलों पर आ रहा है और अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा।

--आईएएनएस

Published in टेक

नई दिल्ली: गूगल अपने प्लेटफॉर्म सर्च, यूट्यूब और गूगल असिस्टेंट के माध्यम से गुरुवार को चल रही मतगणना के रुझानों को लाइव प्रसारित कर रहा है।

कंपनी ने कहा है कि वह एंड्रॉयड, आईओएस और केएआईओ के उपभोक्ताओं को सर्च और गूगल अस्सिटेंट के माध्यम रुझानों को दिखा रही है।

नीलसन और चुनाव आयोग के जरिए कंपनी दोनों ही तरीकों से (राष्ट्रीय और क्षेत्रीय रूप) मतदान के परिणामों का लाइव प्रसारण कर रही है।

गूगल इंडिया और दक्षिण एशिया के सार्वजनिक नीति के निदेशक चेतन कृष्णस्वामी ने कहा, "यूट्यूब पर दिनभर 150 समाचार चैनल चुनाव परिणामों का लाइव प्रसारण कर रहे हैं।"

दूरदर्शन भी यूट्यूब पर उपयोगकर्ताओं के लिए समावेशी लाइव परिणाम के अनुभव लाया।

भारत के लोग 12 भाषाओं में प्रसारित हो रहे डीडी न्यूज के यूट्यूब चैनलों में लाइव वीडियो स्ट्रीम के लिए ट्यून कर सकते हैं।

गूगल ने कहा, "लाइव ऑडियो समाचार एआईआर यूट्यूब चैनल पर समाचार पर उपलब्ध है।"

--आईएएनएस

Published in टेक

सैन फ्रांसिस्को: गूगल आपके निजी जीमेल अकाउंट पर भेजी गई खरीद रिसीप्ट के माध्यम से आपके द्वारा की गई प्रत्येक ऑनलाइन खरीदारी पर नजर रखता है।

सीएनबीसी में शुक्रवार को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, यह जानकारी यूजर्स के लिए निजी वेब टूल के माध्यम से उपलब्ध है। कंपनी का दावा है कि वेब टूल आपके डाटा को गोपनीय रखता है।

गूगल ने हालांकि जोर देकर कहा कि वह इस जानकारी का उपयोग व्यक्तिगत विज्ञापन के लिए नहीं करता है।

कंपनी ने साल 2017 में कहा था कि वह जीमेल मैसेजों से इकट्ठे हुए डाटा का उपयोग व्यक्तिगत विज्ञापनों में करना बंद कर देगी।

गूगल ने द वर्ज से एक बयान में कहा, "आपको एक स्थान पर आपकी खरीदारी, बुकिंग या सब्सक्रिप्शन पर आसानी से निगरानी रखने में सहायता करने के लिए हमने एक व्यक्तिगत केंद्र बनाया है जिसे सिर्फ आप देख सकते हैं।"

कंपनी ने आगे कहा, "आप यह जानकारी कभी भी डिलीट कर सकते हो। हम आपको विज्ञापन देने के लिए आपके जीमेल अकाउंट से ईमेल रिसीप्ट और पर्चेज पेज पर कनफर्मेशन मैसेज समेत किसी भी जानकारी का उपयोग नहीं करते हैं।"

गूगल ने हालांकि यह नहीं कहा कि यह टूल कितने समय से एक्टिव है।

--आईएएनएस

Published in टेक