नई दिल्ली: आप खुद को ईमानदारी से पूछिए कि क्या आप ऐसा स्मार्टफोन खरीदेंगे जिसमें ना तो एंड्रोएड सपोर्ट सिस्टम और गूगल एप्स हैं और ना ही पहले से इंस्टाल किए गए फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम? यह स्थिति फिलहाल निकट भविष्य में हुआवेई (और उसका सब-ब्रांड ऑनर) के स्मार्टफोन्स के साथ दिख रही है, और अगर अगले दो-तीन तिमाहियों में कंपनी ने अपनी समस्या का समाधान नहीं किया तो उसे जल्दी ही नुकसान उठाना पड़ेगा।

चीनी कंपनी ने अपने स्मार्टफोन्स से एंड्रोएड हटाने के लिए हालांकि अपने ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) होंगमेंग को लांच करने का लक्ष्य बनाया है, लेकिन ओएस को को बाजार में आने और यूजर्स की स्वीकृति का इंतजार करना पड़ेगा जो सबसे नाजुक हिस्सा है।

यूजर्स के लिए सबसे जरूरी एप्स फेसबुक और व्हाट्सएप की अनुपस्थिति हुआवेई के लिए दोहरा झटका है।

वर्तमान में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी स्मार्टफोन कंपनी (यूरोप और एशिया जैसे गैर-अमेरिकी क्षेत्रों में शानदार वृद्धि पर आधारित) हुआवेई को आगे के कठिन रास्ते का एहसास हो गया है। निक्की एशियन रिव्यू की एक हालिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हुआवेई ने 2019 के बाद के छह महीनों में कुल स्मार्टफोन बिक्री में पूर्व के अनुमान से 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी दर्ज होने का पूर्वानुमान लगाया है।

आईडीसी के भारत और दक्षिण एशिया में डिवाइस और इकोसिस्टम के शोध निदेशक नवकेंदर सिंह के अनुसार, "हुआवेई के लगभग आधे स्मार्टफोन्स चीन के बाहर से आते हैं जो गूगल मोबाइल सर्विसेज (जीएमएस) के साथ एंड्रोएड पर चलता है।"

सिंह ने आईएएनएस से कहा, "चीन में एप्स का उसका अपना पारिस्थितंत्र है लेकिन यह सिर्फ चीन में लोकप्रिय है। उसके बाहर, लगभग सभी लोकप्रिय एप्स गूगल या अमेरिकी कंपनियों के हैं। ये एप्स इन दिनों प्रत्येक स्मार्टफोन यूजर की प्रमुख वरीयता हैं।"

उन्होंने कहा, "खुद के ओएस पर इन एप्स के बिना हुआवेई के लिए अपने फोन की मांग बढ़ाना बहुत मुश्किल काम है।"

अमेरिका और चीन में जारी व्यापार युद्ध में पिस रही चीनी कंपनी को अपनी प्रतिष्ठा को बचाने और नुकसान की भरपाई के लिए प्रयास कर रही है।

कंपनी इसके लिए भारतीय स्मार्टफोन बाजार पर उम्मीद लगाए है जिसमें 45 करोड़ स्मार्टफोन यूजर्स हैं और इसके आगे बढ़ने की क्षमता है।

--आईएएनएस

 

 

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मेनलो पार्क (केलिफरेनिया): 'मैं बहुत खुश हूं कि वह मर गई' या 'यही चीज वो पाना चाहती थी' जैसे संदेश अब आपके फेसबुक पेज पर नहीं दिखेंगे, क्योंकि सोशल नेटवर्किं ग दिग्गज अब उन यूजर्स के बारे में ऐसी भद्दी टिप्पणियों को हटा देगी, जिनका निधन हो चुका है और इसके लिए फेसबुक ने अपने सामुदायिक मानकों में सुधार किया है, ताकि दुखी परिवारों को अपने प्रियजन के यादगार प्रोफाइल पर कोई भद्दी टिप्पणी ना देखने को मिले।

फेसबुक अब ऐसे संदेशों को पोस्ट करने की अनुमति नहीं देगा, जिसमें मौत, बीमारी या किसी व्यक्ति को हुए नुकसान की प्रशंसा की जा रही है। इससे पहले 'मैं खुश हूं कि वह मर गई' जैसे संदेश फेसबुक के सामुदायिक मानकों का उल्लंघन नहीं करते थे, लेकिन फेसबुक ने अब नीतियों में परिवर्तन किया है।

फेसबुक की कंटेंट प्रबंधन टीम की सहायक प्रबंधन लौरा हर्नाडेज ने मेनलो पार्क स्थित कंपनी के विशाल मुख्यालय में फेसबुक पहले इंटरनेशनल प्रेस डे आयोजन में में कहा कि अब मृतक के परिवार का कोई भी सदस्य भद्दी टिप्पणियों की रिपोर्ट कर सकता है और फेसबुक उस पर कार्रवाई करेगा।

इससे पहले किसी के प्रोफाइल पर भद्दी टिप्पणियों पर केवल पीड़ित ही रिपोर्ट कर सकता था। किसी की मौत हो जाने पर अब उसकी तरफ से उसके परिजन भी रिपोर्ट कर सकेंगे।

फेसबुक इसके अलावा चर्चित लोगों की मौत होने पर खुद से उनके प्रोफाइल को ब्लॉक कर देगा।

--आईएएनएस

 

 

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सैन फ्रांसिस्को: लोगों के बीच वीडियोज के माध्यम से संबंधों को बढ़ावा देने के लिए सोशल नेटवर्किं ग दिग्गज फेसबुक अपने वीडियो-ऑन-डिमांड सेवा वॉच में नए खंडों का परीक्षण कर रही है।

कंपनी ने बुधवार को एक ब्लॉग पोस्ट में लिखा कि फेसबुक ने यह फैसला लांच के एक साल के अंदर ही वॉच के 72 करोड़ से अधिक मासिक सक्रिय यूजर्स और 14 करोड़ दैनिक यूजर्स के होने के बाद किया है, जो क्रमश: कम से कम 1 मिनट और 26 मिनट रोजाना वॉच देखते हुए बिताते हैं।

जिन नए खंडों का परीक्षण किया जा रहा है, उसमें दोस्तों के बीच लोकप्रिय वीडियोज के साथ साथ में देखने के अनुभव के लिए समर्पित खंड जैसे वॉच पार्टी, प्रीमियर्स और लाइव वीडियोज शामिल है।

फेसबुक के कंटेट प्लानिंग और रणनीति के प्रमुख मैथ्यू हेनिक और परियोजना निदेशक परेश राजवत ने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा, "वॉच के साथ हमारा लक्ष्य हर किसी को एक संपूर्ण वैयक्तिकृत अनुभव प्रदान करना है, जिसे वीडियो रचनाकारों और प्रकाशकों की व्यापक श्रेणी वाले हमारे वीडियोज के डीप लाइब्रेरी से मदद मिलेगी।"

दर्शकों को अधिक सामग्री मुहैया कराने के लिए सोशल नेटवर्किं ग दिग्गज ने वैश्विक ब्रांड्स और डिजिटल प्रकाशकों के साथ नवीनतम कंटेंट साझेदारी की है।

राजवत और हेनिक ने कहा, "हमारे फेसबुक वॉच ऑरिजिनल के अतिरिक्त, हम दुनिया भर के प्रकाशकों और रचनाकारों के साथ साझेदारी कर रहे हैं, ताकि वे फेसबुक वॉच पर समय-समय पर प्रासंगिक और मनोरंजक वीडियोज लेकर आएं।"

--आईएएनएस

 

 

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सैन फ्रांसिस्को: सोशल नेटवर्क की दिग्गज कंपनी फेसबुक अपने वीडियो चैट डिवाइस 'पोर्टल' का अपडेटेड वर्जन इस साल के अंत में लॉन्च करने की तैयारी में है।

द वर्ज ने सोमवार को एक रिपोर्ट में कहा कि फेसबुक के ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) और वर्चुअल रियलिटी (वीआर) के उपाध्यक्ष एंड्रयू बॉसवर्थ ने पुष्टि की कि कंपनी के पास पोर्टल से संबंधित चीजें अनावरण करने के लिए बहुत कुछ हैं।

बोसवर्थ के अनुसार, फेसबुक कुछ 'नए फॉर्म कारकों' को भी प्रकट करेगा, जिन्हें पोर्टल के साथ भेज दिया जाएगा।

रिपोर्ट में टेकक्रंच का हवाला देते हुए कहा गया कि 'नए रूप कारक' में 'रिप्ले' डिवाइस को शामिल किया जा सकता है। यह पोर्टल फर्मवेयर रिपॉजिटरी में दिखा है।

चेडर के अनुसार, 'रिप्ले' नामक उपकरण ग्राहकों को अपने टेलीविजन सेट के शीर्ष पर एक कैमरा संलग्न करने की अनुमति देगा, जो एक समर्पित वीडियो चैटिंग डिवाइस की जरूरत को खत्म करेगा।

डिवाइस को पहली बार नवंबर 2018 में लॉन्च किया गया था। छोटे डिवाइस की कीमत 199 डॉलर थी, वहीं बड़ा 'पोर्टल प्लस' क्रमश: 10 इंच डिस्प्ले और 15 इंच डिस्प्ले के साथ 349 डॉलर में उपलब्ध कराया गया था।

डिवाइस अमेजन के वॉयस असिस्टेंट एलेक्सा द्वारा भी संचालित होता है और फ्रंट कैमरे के साथ आता है।

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मुंबई: सोशल नेटवर्किं ग दिग्गज-फेसबुक ने मंगलवार को पहले इंटरेक्टिव गेम शो को लांच करने की घोषणा की, जिसका शीर्षक भारत में 'कॉनफेटी' है।

कंपनी ने एक बयान में कहा कि 12 जून से शुरू होने वाला यह इंटरेक्टिव शो बुधवार से रविवार तक फेसबुक के समर्पित वीडियो प्लेटफार्म - फेसबुक वॉच पर प्रसारित किया जाएगा।

इस इंटरेक्टिव गेम को सबसे पहले अमेरिका में लांच किया गया था। इसमें भागीदारों को पॉप कल्चर ट्रिविया से जुड़े सवालों का जवाब देना होता है और उन्हें रोजाना 3 लाख रुपये नकद पुरस्कार जीतने का मौका मिलता है।

फेसबुक के निदेशक और भागीदारी प्रमुख मनीष चोपड़ा ने कहा, "यह भारत में हमारा पहला आधिकारिक शो है और हम यह देखने के लिए उत्साहित हैं कि यह यूजर्स को बेहतर तरीके से संलग्न करने और समुदायों को फेसबुक पर असाधारण, इंटरैक्टिव वीडियो अनुभवों के साथ लाने में सक्षम करेगा।"

यह घोषणा मुंबई में आयोजित फेसबुक के सोशल एंटरटेनमेंट समिट से इतर की गई।

यह शो एक्सक्लूसिव रूप से फेसबुक वॉच पर प्रसारित होता है तथा यह शो कनाडा, यूके, मैक्सिको, थाईलैंड, वियतनाम और फिलीपींस सहित दुनिया के अन्य हिस्सों में पहले से ही उपलब्ध है।

--आईएएनएस

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सैन फ्रांसिस्को: अपनी क्रिप्टो स्टेबलकॉयन पहल पर आगे बढ़ते हुए फेसबुक अमेरिकी कमोडिटी और फ्यूचर्स ट्रेडिंग आयोग (सीएफटीसी) के साथ इस पर चर्चा करने जा रही है।

न्यूज पोर्टल कॉयन डेस्क की रिपोर्ट में कहा गया कि फाइनेंसियल टाइम्स के मुताबिक, सीएफटीसी के अध्यक्ष क्रिस्टोफर गियानकार्लो ने पुष्टि की है कि एजेंसी फेसबुक के साथ 'चर्चा के बेहद शुरुआती दौर' में है।

इस बैठक का लक्ष्य इस बात को समझना था कि क्या फेसबुक का क्रिप्टो स्टेबलकॉयन सीएफटीसी के नियामक के तहत आती है या नहीं। फेसबुक ने अपने क्रिप्टो स्टेबलकॉयन का नाम ग्लोबलकॉयन रखा है।

फेसबुक के प्रोजेक्ट लिब्रा के तहत बनाई जा रही क्रिप्टो-करेंसी का लक्ष्य अपने वैश्विक यूजर्स को सीमा पार मुद्रा को हस्तांतरित करने और ऑनलाइन खरीद करने में सक्षम बनाना है।

रिपोर्ट में कहा गया कि नियामक फेसबुक को बताएगा कि किस प्रकार वह धनशोधन रोकने के उपाय लागू करेगी और 'अपने ग्राहक को जाने' (केवाईसी) को लेकर कदम उठाएगी।

--आईएएनएस

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न्यूयॉर्क: फेसबुक और इंस्टाग्राम की नीतियों के संबंध में कलात्मक नग्नता पर सेंसरशिप के खिलाफ फेसबुक के न्यूयॉर्क मुख्यालय के बाहर लगभग 100 लोगों ने नग्न होकर प्रदर्शन किया।

सीएनएन की रपट के अनुसार, प्रदर्शनकारी रविवार तड़के ही सड़क पर नग्न होकर लेट गए।

'हैशवीदनिप्पल' नामक प्रदर्शन का आयोजन और इसकी फोटोग्राफी अंतर्राष्ट्रीय रूप से प्रसिद्ध अमेरिकी कलाकार स्पेंसर ट्यूनिक और नेशनल कॉलीजन अगेंस्ट्स सेंसरशिप (एनसीएसी) ने की।

विरोध प्रदर्शन में महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन 'ग्रैब दैम बाई द बैलट' के सदस्यों ने भी हिस्सा लिया।

संगठन ने एक बयान में कहा कि वह फेसबुक और इंस्टाग्राम के मानकों द्वारा महिला की कलात्मक नग्नता पर सेंसरशिप को चुनौती दे रहा है।

फेसबुक के स्वामित्व वाले इंस्टाग्राम और सीएनएन को इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

संगठन की संस्थापक डॉन रॉबर्टसन ने कहा कि शारीरिक 'सकारात्मकता के लिए महिलाओं और 2020 में महिला मतदाताओं को मतदान के लिए प्रोत्साहित करने' के लिए 'ग्रेब देम बाई द बैलट' की महिलाओं की कलात्मक नग्न तस्वीरें पोस्ट करने पर फेसबुक ने उसे सेंसर कर दिया था।

रॉबर्टसन ने कहा कि मातृ दिवस पर एक कविता के साथ एक नग्न पेंटिंग पोस्ट करने के बाद फेसबुक ने संगठन का विज्ञापन अकाउंट पूरी तरह बंद कर दिया है।

उन्होंने कहा कि नग्न महिला की कलात्मक तस्वीर पोस्ट करने के बाद उनका खुद का अकाउंट छह बार प्रतिबंधित किया जा चुका है।

सीएनएन के अनुसार, फेसबुक ने इस संबंध में माफी मांगी है और कहा कि ऐसा हुआ है तो गलत हुआ है, लेकिन रॉबर्टसन ने कहा कि उन्हें बाद में फिर से प्रतिबंधित कर दिया गया।

इंस्टाग्राम के नियमों के अनुसार, प्लेटफॉर्म पर नग्न तस्वीरें पोस्ट करने पर प्रतिबंध है।

फेसबुक ने कहा कि वह नग्नता या यौन क्रिया के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाता है, क्योंकि प्लेटफॉर्म पर कुछ लोग इस प्रकार की सामग्री को लेकर संवेदनशील हो सकते हैं।

--आईएएनएस

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नई दिल्ली: राजनीतिक पार्टियों ने 19 मई को हुए आम चुनाव के सातवें चरण तक में फेसबुक पर विज्ञापनों पर 27.23 करोड़ रुपये खर्च किए। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इसमें सबसे आगे रही।

भारत के लिए फेसबुक विज्ञापन लाइब्रेरी के नवीनतम डेटा के अनुसार अपना प्रचार करने के लिए 19 फरवरी से 19 मई तक राजनीतिक पार्टियों ने फेसबुक पर 1,24,094 विज्ञापन डाले।

फेसबुक पर जहां कांग्रेस ने 1.8 करोड़ रुपये के विज्ञापन दिखाए, वहीं भाजपा ने इससे 200 प्रतिशत अधिक चार करोड़ रुपये से ज्यादा विज्ञापन में खर्च किए।

तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), वाईएसआर कांग्रेस और बीजू जनता दल (बीजद) जैसी क्षेत्रीय पार्टियां भी सूची में शामिल हैं।

फेसबुक एड लाइब्रेरी एक डेटाबेस है जिसमें राजनीति से संबंधित विज्ञापन और फेसबुक या इंस्टाग्राम पर चलने वाले राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे शामिल रहते हैं।

राजनीतिक दलों के समर्थक और सहयोगी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सबसे अधिक खर्च करते हैं।

भारत के चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों से हटाए गए पोस्ट में सबसे अधिक फेसबुक ने 650 पोस्टों को हटाया।

फेसबुक द्वारा हटाई गई पोस्ट में से 482 राजनीतिक पोस्ट थीं जो चुनाव से 48 घंटे पहले के 'मौन काल' के समय की थीं।

फेसबुक ने कहा है कि वह भारत में हर रोज 10 लाख फर्जी अकाउंट हटा रहा है।

--आईएएनएस

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सैन फ्रांसिस्को: अपने 2 अरब 30 करोड़ यूजर्स के लिए फेसबुक अपने न्यूज फीड में फेरबदल कर रहा है।

इस फेरबदल के तहत यूजर्स उन दोस्तों को देख पाएंगे, जिन्हें वह सबसे ज्यादा देखना चाहते हैं और उन लिंक को देख पाएंगे जो प्लेटफॉर्म में सबसे ज्यादा उपयुक्त हैं।

फेसबुक ने उन पोस्टों के बारे में और अधिक संदर्भ प्राप्त करने के लिए सर्वेक्षण किया, जिन्हें लोग 'देखना चाहते हैं' और वे उन्हें 'किसके माध्यम से देखना चाहते हैं।'

सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी ने गुरुवार को देर रात एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, "हम अपने द्वारा किए गए सर्वेक्षणों के आधार पर दो रैंकिंग अपडेट की घोषणा कर रहे हैं: एक उन दोस्तों को प्राथमिकता देता है जिन्हें कोई व्यक्ति सबसे अधिक सुनना चाहता है और दूसरा उन प्राथमिकताओं को प्राथमिकता देता है जिन्हें कोई व्यक्ति सबसे सार्थक समझ सकता है।"

उदाहरण के लिए यदि किसी को एक ही फोटो में टैग किया जा रहा है, वह एक ही पोस्ट पर लगातार प्रतिक्रिया और टिप्पणी कर रहा है और एक ही स्थानों पर चेक-इन कर रहा है ऐसे में फेसबुक पैटर्न को देखेगा।

इन सभी बातों को फिर अपने एल्गोरिदम को सूचित करने के लिए इन पैटर्नो का उपयोग करेगा।

-- आईएएनएस

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सैन फ्रांसिस्को: फेसबुक ने 265 फेसबुक और इंस्टाग्राम अकांउट्स, फेसबुक पेज, ग्रुप और इवेंट्स को हटा दिया है, ये सारे इजरायल से थे और ये सारे फर्जी थे। 

फर्जी खाता बनाने वाली गतिविधि की शुरुआत इजराइल से हुई थी। धीरे-धीरे यह बुराई नाइजीरिया, सेनेगल, टोगो, अंगोला, नाइजर और ट्यूनीशिया, लैटिन अमेरिका और दक्षिण एशिया तक फैल गई।

फेसबुक पर साइबर सुरक्षा नीति के प्रमुख नथानिएल ग्लीचर ने एक बयान में कहा, "इस नेटवर्क के पीछे मौजूद लोग जाली अकाउंट्स का इस्तेमाल अपने पेज को चलाने, उसमें मौजूद सामग्रियों के प्रचार और लोगों की संगति को बढ़ाने के लिए करते थे।"

उन्होंने आगे कहा, "पेज के एडमिन और अकांउट के मालिक अक्सर ही राजनीतिक खबरों को पोस्ट करते थे, जिनमें विभिन्न देशों में चुनाव, उम्मीदवारों के विचार और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की आलोचना जैसी चीजें रहती थी।"

फेसबुक ने पाया कि इस तरह की गतिविधियां इजरायली संस्था आर्किमिडीज ग्रुप से जुड़ी हुईं हैं।

फेसबुक ने कहा कि इस संस्था और इसके अधीनस्थ सभी कंपनियों को फेसबुक से बैन कर दिया गया है।

इसके संस्था के कुल 265 अकांउट्स थे जिनमें से 65 फेसबुक अकांउट्स, 161 पेज, 23 ग्रुप, 12 इवेंट्स और चार इंस्टाग्राम अकांउट्स थे।

करीब 28 लाख अकांउट्स इनमें से एक या अधिक पेज को फॉलो करते थे और 5,500 अकांउट्स कम से कम इसके एक ग्रुप से जुड़े हुए थे और लगभग 920 लोग इसके एक या दो इंस्टाग्राम अकांउट्स के फॉलोअर्स थे।

--आईएएनएस

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