नई दिल्ली: निवर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर चुनार गेस्ट हाउस में बिजली और पानी की आपूर्ति में कटौती करने पर लोकतंत्र को दबाने का आरोप लगाया। चुनार गेस्ट हाउस में उनकी बहन और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी को शुक्रवार की दोपहर हिरासत में लिया गया था। एक फेसबुक पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा, "चुनार गेस्ट हाउस में बिजली-पानी की आपूर्ति में कटौती की गई, जहां प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया गया था। प्रियंका सोनभद्र के पीड़ितों के परिवारों से मिलने जा रही थी। तानाशाह उत्तर प्रदेश सरकार लोकतंत्र को दबाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस इन दबाव की रणनीति से नहीं डरती है। पार्टी दलितों और आदिवासियों के लिए संघर्ष करती रहेगी।"

गौरतलब है कि प्रियंका को जिला प्रशासन ने शुक्रवार को सोनभद्र के मूर्तिया गांव में जाने से रोक दिया था। इसी समय से प्रियंका को चुनार गेस्ट हाउस में नजरबंद कर दिया गया। इसके बाद शनिवार को हालांकि पीड़ितों के परिवार खुद उनसे मिलने चुनार गेस्ट हाउस पहुंच गए।

--आईएएनएस

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मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र हत्याकांड के बाद घटनास्थल पर जाने के दौरान मिर्जापुर में रोकी गईं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार को मृतकों के परिजनों से मुलाकात करने के बाद वाराणसी के लिए रवाना हो गईं। यहां वे काशी विश्वनाथ तथा काल भैरव मंदिर में भगवान शिव के दर्शन कर शाम को दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी। चुनार गेस्ट हाउस में प्रियंका गांधी सोनभद्र कांड के पीड़ितों से मिलने की जिद पर धरने पर बैठी थीं। शनिवार को प्रिंयका ने परिजनों से मुलाकात की और फरि शीर्ष पुलिस अधिकारियों से बात कर धरना समाप्त कर दिया।

प्रियंका ने कहा, "मेरा मकसद पूरा हुआ। मुझे परिवारों से मिलना था, उनसे मिली और उनका हाल जाना।"

पीड़ित परिवार के मिलने के बाद प्रियंका ने कहा, "कांग्रेस अपनी तरफ से पीड़ितों की मदद करेगी। मृतक परिजनों को दस-दस लाख रुपये दिए जाएंगे और घायलों को भी सहायता राशि दी जाएगी।"

इसके बाद प्रियंका वाड्रा से वाराणसी के मंडलायुक्त व एडीजी ने गेस्ट हाउस के कमरे में कुछ देर वार्ता की, जिसके बाद प्रियंका का धरना समाप्त हो गया।

सोनभद्र नरसंहार के पीड़ित परिवार के सदस्यों से चुनार गेस्ट हाउस में मिलने के बाद प्रियंका वाड्रा ने उन्हें लेकर संवाददाता सम्मेलन किया।

प्रियंका गांधी ने कहा कि उप्र में कानून व्यवस्था ध्वस्त है। योगी सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। अधिकारियों को सोनभद्र का प्रकरण पहले से पता था, ऐसी घटना वहां नहीं घटनी चाहिए थी।

प्रियंका ने कहा कि सोनभद्र के वनवासियों की लड़ाई कांग्रेस लड़ेगी। भविष्य में वे नरसंहार के गांव उभ्भा भी जरूर जाएंगी।

प्रियंका ने मांग की, "मृतकों के परिवार को सरकार की तरफ से कम से कम 25-25 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाए। जिस जमीन पर वनवासी पीढ़ियों से काबिज हैं, उन्हें तत्काल कानूनी अड़चने दूर कर उनके नाम किया जाए। निदोर्षों पर लगाए मुकदमे भी वापस लिए जाएं।"

प्रियंका के संवाददाता सम्मेलन के दौरान उभ्भा गांव से आए पीड़ित रामराज, सुखवंती और रामधनी ने मीडिया को बताया कि उन्हें कई वर्षों से परेशान किया जा रहा है। कई मुकदमे कायम किए गए। गुंडा एक्ट तक लगाया गया।

उन्होंने कहा, "हम लोगों ने घटना से तीन दिन पहले ही घोरावल थाने को यह जानकारी दी थी कि जमीन कब्जा करने को लेकर ग्राम प्रधान का गुट हमला कर सकता है। बावजूद इसके ध्यान नहीं दिया गया और घटना हो गई। हम पर गोलियां चलाई गईं। जो गोली खाकर गिर गए थे उनको हिलाकर देखा गया कि जिंदा तो नहीं हैं, किसी पर शक हुआ तो उसे एक गोली और मारी गई। करीब 300 लोगों ने हमला किया था। इनमें 150 लोग विवादित जमीन पर आए थे जबकि करीब 150 नदी के पार खड़े थे। सभी लोगों को मुख्य आरोपित ग्राम प्रधान ट्रैक्टर में भरकर लाया था। उनके साथ बंदूकें, डंडा, गड़ासा आदि हथियार भी थे।"

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मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश): कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने यहां शनिवार को 24 घंटे के बाद अपने धरने को समाप्त किया और दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। प्रियंका ने यहां लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, "मैं वापस दिल्ली जा रही हूं क्योंकि पीड़ित परिवार से मिलने का मेरा उद्देश्य पूरा हो गया है। लेकिन मैं जल्दी ही वापस आऊंगी। मैं अपने भाई राहुल गांधी के निर्देशों के अनुसार यहां आई थी।"

वह काशी विश्वनाथ मंदिर और वाराणसी के काल भैरव मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद दिल्ली लौटेंगी।

मिर्जापुर के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) अनुराग पटेल ने शनिवार को यू-टर्न लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता जाने के लिए स्वतंत्र हैं क्योंकि उन्हें न तो हिरासत में लिया गया है और न ही गिरफ्तार किया गया है।

डीएम ने शुक्रवार रात प्रियंका को 50 हजार रुपये का निजी बॉन्ड देने को कहा, ताकि वह वहां से जा सकें।

सोनभद्र में बुधवार को भूमि विवाद को लेकर हुई झड़पों में 10 लोग मारे गए थे। प्रियंका पीड़ितों के परिवार के सदस्यों से मिलना चाहतीं थीं, लेकिन प्रशासन ने उन्हें रोका दिया और वह विरोध दर्ज करने के लिए धरने पर बैठ गईं।

इसके बाद शनिवार सुबह प्रियंका पीड़ितों के परिवार के सदस्यों से मिलीं, जो उनसे मिलने के लिए चुनार के गेस्ट हाउस में आए।

उन्होंने पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। प्रियंका ने वादा किया कि वह जल्द वापस लौटेंगी।

प्रियंका ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मारे गए लोगों के परिवार को दस-दस लाख रुपये देगी।

उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के सामने पांच मांगे भी रखीं : पीड़ितों के परिवार को 25-25 लाख रुपये की मदद दी जाए, सोनभद्र मामले में सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक ट्रायल हो, आदिवासियों के लिए भूमि दी जाए, प्रभावित परिवारों को सुरक्षा प्रदान की जाए और गांव के लोगों के खिलाफ जमीन के झगड़े को लेकर लगाए गए मामलों को वापस लिया जाए।

इससे पहले सोनभद्र जाने की इच्छा रखने वाले कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं को पुलिस ने वाराणसी के हवाई अड्डे पर हिरासत में ले लिया था। तृणमूल कांग्रेस के तीन सदस्य को भी हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया।

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चंडीगढ़: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शनिवार को उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा की अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक हिरासत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

सोनभद्र हिंसा के पीड़ितों के परिवारों से प्रियंका को नहीं मिलने देने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर रोक लगाकर नए स्तर तक गिर गई है।

कांग्रेस महासचिव एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका को शुक्रवार को हिरासत में लेते हुए सोनभद्र जाने से रोक लिया गया था। वह जमीन विवाद में 10 जनजातीय लोगों की गोली मारकर की गई हत्या के बाद पीड़ितों से मिलने जा रही थी।

अमरिंदर ने सरकार के कार्यों को मनमाना और दमनकारी करार देते हुए प्रियंका को हिरासत में लेने और उनके लोकतांत्रिक कर्तव्यों को निभाने से रोकने पर सवाल उठाया।

उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतांत्रिक प्रणाली में किसी भी राज्य सरकार को किसी भी व्यक्ति के मौलिक अधिकारों का दमन करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

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भोपाल: प्रदेश की कमलनाथ सरकार बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से गठबंधन करके फिर मुसीबतों में पड़ गई है। अल्पमत में गई सरकार को सहारा देने वाली दो बसपा विधायकों में एक के पति एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता की हत्या के मामले में वांछित हैं। शुक्रवार को विधानसभा में उनकी उपस्थिति के बाद हंगामा होने से सत्तारूढ़ को शर्मिदगी का सामना करना पड़ा।

बसपा विधायक रामबाई ठाकुर के पति गोविंद ठाकुर के खिलाफ पिछले चार महीनों से गिरफ्तारी वारंट होने के बावजूद वे विधानसभा परिसर में टहल रहे थे। उनकी गिरफ्तारी पर 25,000 रुपये का इनाम था। सरकार ने पिछले महीने उनकी गिरफ्तारी पर से इनाम हटा दिया जिसके बाद पार्टी तथा विपक्ष में असंतोष फैल गया।

चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस में शामिल होने वाले बसपा के पूर्व वरिष्ठ नेता देवेंद्र चौरसिया की लोकसभा चुनावों से पहले मार्च में हत्या कर दी गई थी।

विधानसभा में 114 विधायकों के साथ कांग्रेस सदन में 108 विधायकों वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से सिर्फ मामूली बढ़त पर है। चार निर्दलीय, बसपा के दो और समाजवादी पार्टी (सपा) के एक विधायक का कांग्रेस को समर्थन है।

सोमेश ने कहा, "मैंने अपने पिता की हत्या देखी है और अदालत में बयान दर्ज कराया है कि मेरे पिता की हत्या करने वालों में गोविंद सिंह ठाकुर शामिल हैं। अब मुझे लगता है कि मेरे पिता ने कांग्रेस में आकर गलती की थी।"

टीवी चैनलों पर ठाकुर के विधानसभा परिसर में टहलने के वीडियो आने के बावजूद गृह मंत्री बाला बच्चन अनभिज्ञता जताते हुए कहा, "हम मामले की जांच करेंगे।"

देवेंद्र चौरसिया की दमोह जिला के हट्टा गांव में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में ठाकुर और उनके साथी आरोपी हैं। ठाकुर ने इससे पहले मीडिया से कहा था कि वे घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे।

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नई दिल्‍ली: कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीली दीक्षित का शनिवार को 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. वे लंबे समय से बीमार थीं और उनका एस्कॉर्ट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था. वह साल 1998 से 2013 तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं. अस्पताल के डायरेक्टर अशोक सेठ ने कहा, 'डॉक्टरों की एक टीम ने शीला दीक्षित अच्छी तरह से देखभाल की थी. 3 बजकर15 मिनट उन्हें फिर से कार्डियक अरेस्ट हुआ. इसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था और दोपहर 3:55 बजे उनका निधन हो गया.'

शीला दीक्षित के निधन पर कांग्रेस पार्टी ने ट्वीट किया, 'हमें शीला दीक्षित के निधन के बारे में सुनकर खेद है. आजीवन कांग्रेस की सदस्य और तीन बार दिल्ली के सीएम के रूप में रहकर उन्होंने दिल्ली का चेहरा बदल दिया. उनके परिवार और दोस्तों के प्रति हमारी संवेदना है. इस दुख की घड़ी में ईश्वर उन्हें सामर्थ्य प्रदान करें'

 

मिर्जापुर (उप्र): कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सोनभद्र में 11 लोगों की हत्या के पीड़ितों से मिलने के लिए अड़ी रहीं। शुक्रवार की दोपहर में मिर्जापुर जिला प्रशासन ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पीड़ितों के घर जाने से रोके जाने के विरोध में प्रियंका गांधी और कांग्रेस के कई नेता धरने पर बैठ गए। वहीं प्रियंका को हिरासत में लिए जाने की जानकारी होने के बाद पूर्वाचल में सियासी सरगर्मी भी बढ़ गई है। सोनभद्र जाने को लेकर अड़ीं प्रियंका चुनार डाकबंगले में पूर्व विधायक ललितेश पति त्रिपाठी समेत कुछ पार्टी पदाधिकारियों के साथ मौजूद हैं।

प्रियंका का कहना है कि वह कुछ लोगों के साथ ही सही, लेकिन पीड़ितों से मिलने जरूर जाएंगी। वहां पहुंचे जिलाधिकारी अनुराग पटेल, पुलिस अधीक्षक अवधेश पांडेय, एसडीएम सत्य प्रकाश सिंह उन्हें सोनभद्र न जाने के लिए मनाने में जुटे हैं। वहीं डाक बंगले के बाहर कार्यकर्ताओं का भारी जमावड़ा भी शुरू हो गया है।

प्रशासन ने मौके पर भारी भीड़ को देखते हुए गेस्ट हाउस के प्रवेशद्वार को बंद कर दिया है। गेट पर ही कांग्रेस कार्यकर्ता सरकार के विरोध में नारेबाजी कर रहे हैं।

इस दौरान प्रियंका ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, "मेरी गिरफ्तारी का कोई भी कागज प्रशासन नहीं दिखा रहा है। राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है। अधिकार मांग रहे लोगों पर हमला किया गया, गोली चलाई गई। सोनभद्र में हुई जमीनी विवाद में हत्या में मारे गए लोगों के परिजनों से मुझे मिलने नहीं दिया जा रहा है।"

प्रियंका को मिर्जापुर की सीमा पर नारायणपुर के पास गिरफ्तार कर चुनार किला ले जाया गया है। उन्होंने कहा, "यहां से चाहे मुझे कहीं भी ले जाया जाए, लेकिन मैं पीड़ितों से मिले बिना नहीं लौटूंगी। सोनभद्र में धारा 144 लगने की स्थिति में मैं तीन लोगों के साथ परिजनों से मिलने वहां जाऊंगी, जिससे धारा 144 का उल्लंघन न हो सके।"

उन्होंने कहा कि सोनभद्र के घोरावल क्षेत्र में जमीनी विवाद में जिस तरह जनसंहार किया गया, उसकी कांग्रेस भर्त्सना करती है। जिन 11 लोगों की मौत हुई है, उनके परिजनों के पुनर्वास की व्यवस्था के साथ राज्य सरकार उन्हें मुआवजा दे।

हिरासत में लिए जाने के बाद चुनार गेस्ट हाउस पहुंची प्रियंका ने सबसे पहले एसडीएम से वारंट मांगते हुए पूछा, "बिना वारंट के आप मुझे कैसे यहां ले आए हैं?" इसके बाद अधिकारियों ने उन्हें निषेधाज्ञा लागू होने की बात कहकर समझाने की कोशिश की।

प्रियंका ने चुनार किले पर सीओ से कहा, "बिना वारंट के गिरफ्तारी नहीं होती है। यह तो किडनैपिंग है।" इसके बाद सीओ हितेंद्र कृष्ण ने कहा, "मैम, बगैर वारंट के भी गिरफ्तारी हो सकती है।"

इसके बाद प्रियंका को चुनार गेस्ट हाउस ले जाया गया। हालांकि, इस दौरान किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है।

धरने पर बैठीं प्रियंका ने कहा कि वह सोनभद्र में हुई झड़प में मारे गए लोगों के परिवार से मिलने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से जा रही थीं, लेकिन प्रशासन ने उन्हें रोक लिया।

इससे पहले, प्रियंका का काफिला वाराणसी ट्रॉमा सेंटर से जैसे ही मिर्जापुर के रास्ते सोनभद्र रवाना हुआ, नारायणपुर के पास उन्हें रोक दिया गया।

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बेतिया: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के रामनगर थाना क्षेत्र में अपराधियों ने शुक्रवार को कांग्रेस के एक नेता की गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। पुलिस के अनुसार, छवघरिया गांव निवासी कांग्रेस नेता मोहम्मद फखरूद्दीन खान को किसी व्यक्ति ने फोनकर उनके घर के समीप ही एक तालाब पर बुलाया और जब वह लौट रहे थे, उसी समय अज्ञात अपराधियों ने उन पर गोलीबारी कर दी। गोली लगने से घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी बाईक पर सवार होकर फरार हो गए।

पुलिस उपाधीक्षक अर्जुन लाल ने बताया कि हत्या के कारणों का अब तक पता नहीं पर पाया है, पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।

जान गंवाने वाले नेता की पत्नी नाजनीन खानम वर्तमान में रामनगर प्रखंड के सोहसा पंचायत की मुखिया हैं।

फखरूद्दीन इस साल हुए लोकसभा चुनाव में वाल्मीकिनगर क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी रहे थे। वह रामनगर विधानसभा क्षेत्र और नरकटियागंज विधानसभा क्षेत्र से भी लोक जनशक्ति पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल एवं कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके थे।

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नई दिल्ली: कांग्रेस ने शुक्रवार को अपनी नेता प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की निंदा की। प्रियंका को उस वक्त हिरासत में ले लिया गया, जब वह सोनभद्र जिले में जातिगत हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने जा रही थीं। कथित भूमि विवाद को लेकर गुर्जरों ने 17 जुलाई को गोंड समुदाय के 11 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने एक बयान में कहा कि योगी आदित्यनाथ के सत्ता संभालने के बाद से उत्तर प्रदेश में बढ़ते अपराध के खिलाफ प्रियंका गांधी आवाज उठाती रही हैं, इसलिए द्वेषपूर्ण भावना से उन्हें गिरफ्तार करवाया गया।

वेणुगोपाल ने कहा, "उत्तर प्रदेश सरकार का यह घमंडी व ढुलमुल रवैया राज्य में आपराधिक गतिविधियों को रोकने में उनकी नाकामी को उजागर कर रहा है। सरकार विपक्षी नेताओं को पीड़ित परिवारों तक पहुंचने से रोकने की कोशिश कर रही है और जनता से सच्चाई छिपाई जा रही है।"

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नई दिल्ली: कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने शीर्ष अदालत से 17 जुलाई के आदेश पर स्पष्टीकरण की मांग की जिसमें 15 बागी विधायकों को सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेने के विकल्प चुनने की अनुमति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शक्ति परीक्षण करने के संबंध में राज्यपाल हस्तक्षेप कर रहे हैं।

कुमारस्वामी ने कहा कि संविधान की 10वीं अनुसूची के साथ शीर्ष अदालत के हस्तक्षेप करने के फलस्वरूप राज्यपाल विश्वास मत हासिल करने के संबंध में दखल दे रहे हैं और विधानसभा को हुक्म दे रहे हैं।

याचिका में उन्होंने कहा, "विश्वास प्रस्ताव पर बहस इस समय चल रही है और सदन का सत्र चल रहा है। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया है कि बहस के आखिर में मतों का विभाजन होगा।"

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