पटना: लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में रविवार को राजधानी पटना निवासी एवं जन्म से सिर से आपस में जुड़ी दो बहनों सबा और फराह ने भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इस चुनाव में सबा और फराह ने अलग-अलग वोट डाले।

पटना के जिलाधिकारी कुमार रवि ने कहा, "जुड़वा को उनकी शारीरिक स्थिति के चलते उनकी अलग-अलग पहचान से वंचित नहीं किया जा सकता। उनका दिमाग अलग अलग है, अलग-अलग विचार और पसंद हैं। यही कारण है कि उन्हें अलग-अलग मत देने का अधिकार है। चुनाव आयोग ने दोनों को अलग-अलग मतदाता पहचान-पत्र जारी किए हैं।"

वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में दोनों के नाम एक ही मतदाता पहचान-पत्र पर थे और इसलिए उनका एक ही वोट माना गया था।

सबा और फराह आपस में जुड़ी जुड़वा हैं, जो पटना के समनपुरा क्षेत्र में रहती हैं। दोनों ने दीघा विधानसभा के समनपुरा के उर्दू प्राथमिक विद्यालय मतदान केंद्र पर वोट डाला। दोनों बहनें वोट डालकर काफी खुश दिखीं।

दीघा विधानसभा क्षेत्र की रहने वाली सबा और फराह को लेकर चुनाव आयोग ने ट्वीट भी किया।

चुनाव आयोग ने अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल से हैशटैग हैशटैग चुनावकीकहानियां पर लिखा, "यह सच्ची कहानी है पटना के दीघा विधानसभा क्षेत्र की जुड़वा बहनों सबा और फराह की, जिनके सिर जन्म से ही जुड़े हैं। आइए जानते हैं किस तरह उन्होंने अपने मतदान का फर्ज निभाया।"

पटना की रहने वाली सबा और फराह जन्म से ही सिर से एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। दोनों का शरीर तो अलग है, लेकिन सिर से वे एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। दोनों के ऑपरेशन को लेकर बहुत प्रयास हुआ, लेकिन चिकित्सकों ने इसे जटिलतम बताया, और एक की जान जाने की आशंका जताई। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने भी इन दोनों को अलग करने के लिए कराए जाने वाले ऑपरेशन से मना कर दिया था। बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को दोनों बहनों को पांच हजार रुपये महीना देने का निर्देश दिया था।

उल्लेखनीय है कि अभिनेता सलमान खान ने इन दोनों बहनों से राखी भी बंधवाई थी।

--आईएएनएस

 

 

Published in बिहार

गया: भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली बोधगया शनिवार को ैबुद्ध पूर्णिमा' के मौके पर हर ओर 'बुद्धम् शरणम् गच्छामि' की गूंज सुनाई दी। भगवान बुद्ध की 2563वीं जयंती के मौके पर महाबोधि मंदिर में बोधिवृक्ष के नीचे बौद्ध भिक्षुओं ने सुत्तपाठ किया।

इस अवसर पर बौद्ध धर्मावलंबियों ने भगवान की जीवनी पर आधारित मोहक झांकियां प्रस्तुत की।

जयंती समारोह की मुख्य अतिथि मगध प्रमंडल की आयुक्त तेनजिन नीमा विंध्येश्वरी ने कहा कि आज भी भगवान बुद्ध के संदेश प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा, "दुनिया में शांति का संदेश देनेवाले बुद्ध की ज्ञानस्थली पर बने महाबोधि मंदिर में जाकर हमें संकल्प लेने की जरूरत है कि विश्व में शांति और भाईचारा का प्रसार हो।"

बोधगया स्थित 80 फीट ऊंची बुद्ध प्रतिमा स्थल से महाबोधि मंदिर तक शांति मार्च निकाला गया। बोधगया की सड़कों पर निकले इस मार्च में विश्व के कई देशों के बौद्ध धर्मगुरु, बौद्ध धर्मावलंबी, श्रद्धालु, लामा एवं स्थानीय विभिन्न विद्यालयों के भारी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।

इस मौके पर बौद्ध धर्मावलंबियों ने भंते एवं बौद्ध भिक्षुओं को संघदान भी कराया।

उधर, पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुद्ध जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में प्रतिस्थापित बोधिवृक्ष की पूजा-अर्चना की, जो बौद्ध भिक्षुओं ने कराई।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर समस्त बिहारवासियों को बुद्ध पूर्णिमा की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन भी पटना के 'बुद्ध पार्क' में भगवान बुद्ध की प्रतिमा की पूजा-अर्चना की और उन्हें नमन किया। राज्यपाल को बोधगया से आए भंते डॉ़ वन्ना थारे एवं डॉ़ आनंद थेरो ने भगवान बुद्ध की पूजा कराई।

राज्यपाल टंडन ने भगवान बुद्ध की पूजा-अभ्यर्थना करते हुए बिहारवासियों और देशवासियों के कल्याण और समृद्धि की मंगलकामना की तथा विश्वास व्यक्त किया कि भगवान बुद्ध की कृपा से बिहार सहित संपूर्ण देश तेजी से प्रगति पथ पर अग्रसर होगा।

राज्यपाल ने पूजा के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आज सारे विश्व में भगवान बुद्ध के अनुयायी रहते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के सत्य, अहिंसा, प्रेम और करुणा के संदेश समस्त मनुष्यता के लिए प्रेरणादायी हैं। राज्यपाल ने कहा कि भगवान बुद्ध ने न केवल मनुष्य, बल्कि समस्त जीवों के प्रति करुणा और प्रेम रखने का संदेश दिया।

राज्यपाल ने कहा कि भगवान बुद्ध के जीवन-दर्शन से हमें प्रेम, बंधुत्व, त्याग, विनम्रता, सहजता, सदाशयता और मनोविकारों की परिशुद्धि की सत्प्रेरणा मिलती है।

--आईएएनएस

 

 

Published in बिहार

सासाराम: बिहार के रोहतास जिले के नौहट्टा थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात घर के बरामदे में सो रही मां और बेटी की बदमाशों ने सिर पर पत्थर मार कर हत्या कर दी। हत्या के कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है।

नौहट्टा के थाना प्रभारी कृपाशंकर साह ने शनिवार को बताया कि चौखड़ा गांव निवासी नरेश बिंद की पत्नी रेशमी देवी (45) और पुत्री राधिका कुमारी (13) रात को अपने घर के बाहर बरामदे में सोई हुई थीं। शनिवार सुबह बहू घर के अंदर से उठकर बाहर गई तो दोनों को खून से लथपथ पाया। इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।

साह ने बताया कि दोनों के सिर पर पत्थर से चोट लगने के निशान हैं। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सासाराम सदर अस्पताल भेज दिया है। हत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक के पति नरेश व उनका पुत्र कहीं बाहर गए हैं, उन्हें घटना की सूचना दे दी गई है।

--आईएएनएस

 

 

Published in बिहार

गया: बिहार के नक्सल प्रभावित गया जिले के लुटुआ जंगली इलाके में शनिवार तड़के पुलिस और प्रतिबंधित संगठन 'भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)' के नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस को गया और औरंगाबाद जिले के सीमा क्षेत्र पर लुटुआ थाना के जंगली इलाके में नक्सलियों के इकट्ठा होने की खबर मिली थी।

सूचना के आधार पर जिला पुलिस बल और केंद्रीय रिजर्व पुलिस (सीआरपीएफ) की कोबरा बटालियन के जवानों ने नक्सलियों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया।

इसी बीच नौगागढ़ गांव के निकट जंगल मे नक्सलियों ने पुलिस को देखते ही गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक नक्सली मारा गया।

गया के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार ने बताया कि मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया है। मारे गए नक्सली के पास से हथियार भी बरामद किया गया है।

उन्होंने कहा, "पुलिस अभी भी नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला रही है। मारे गए नक्सली की अभी तक पहचान नहीं हुई है।"

पुलिस सूत्रों ने और कुछ नक्सलियों को गोली लगने का दावा किया है।

--आईएएनएस

Published in बिहार

अररिया: बिहार के अररिया जिले के बैरगाछी सहायक थाना (ओपी) क्षेत्र में गुरुवार की रात एक महिला और उसके तीन बच्चों की गला रेतकर हत्या कर दी गई। पुलिस प्रथम दृष्टया हत्या का कारण भूमि विवाद बता रही है।

पुलिस के अनुसार, माधोपाड़ा गांव में गुरुवार देर रात एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या गला रेतकर कर दी गई।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, "माधोपाड़ा गांव निवासी आलम रात को घर से बाहर शौच के लिए गया हुआ था। इसी बीच कुछ लोग उसके घर में घुस आए और उनकी पत्नी तबस्सुम (30), बेटे समीर (4), बेटी आलिया (6) और बेटे शब्बीर (8) की गला रेत कर हत्या कर दी।"

शोर सुनने के बाद आसपास के लोग जब तक घर पहुंचते तब तक अपराधी कमरे की टूटी हुई खिड़की से भाग निकले।

अररिया के पुलिस उपाधीक्षक क़े डी़ सिंह ने शुक्रवार को बताया, "इस घटना के पीछे जमीन विवाद बताया जा रहा है। आलम का आरोप है कि जमीन विवाद के कारण से हत्या हुई है। हालांकि सिंह मृतका के पति की भूमिका को भी संदिग्ध बता रहे हैं।"

सिंह ने कहा कि पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। मृतक के पति के बयान के आधार पर बैरगाछी ओपी में हत्या की एक प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है, जिसमें गांव के ही चार लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

--आईएएनएस

 

 

Published in बिहार

बिहारशरीफ: बिहार के नालंदा जिले के अस्थावां थाना क्षेत्र में एक अज्ञात वाहन द्वारा मोटरसाइकिल को टक्कर मार देने की घटना में मोटरसाइकिल पर सवार तीन लोगों की मौत हो गई।

पुलिस के एक अधिकारी ने गुरुवार को यहां बताया कि दीपनगर थाना के देवधा गांव निवासी शम्भू पासवान, बिजली पासवान और सन्नी पासवान तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर बुधवार की देर रात वापस अपने गांव लौट रहे थे। तीनों राज मिस्त्री और मजदूर का काम करते थे। इसी बीच महमूदपुर गांव के समीप किसी अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी, जिससे तीनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए।

जख्मी हालत में तीनों को बिहारशरीफ सदर अस्पताल में लाया गया, जहां चिकित्सक ने शम्भू और बिजली को मृत घोषित कर दिया, जबकि सन्नी को गंभीर हालत में पटना रेफर कर दिया गया। पटना ले जाने के क्रम में उसकी भी रास्ते में मौत हो गई।

इस घटना से आक्रोशित लोगों ने देवधा गांव के पास रांची-बिहारशरीफ मार्ग जाम कर दिया और जमकर हंगामा किया। इस दौरान कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई। बाद में पुलिस उपाधीक्षक इमरान परवेज ने जामस्थल पर पहुंचकर लोगों को समझा-बुझाकर सड़क से हटाया। परवेज ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।

--आईएएनएस

 

 

Published in बिहार

सासाराम (बिहार): लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण में बिहार की आठ सीटों पर 19 मई को मतदान होना है। इसमें से एक सीट काराकाट में नेता से लेकर प्रत्याशी तक सभी मतदाताओं को रिझाने में जुटे हैं। शहरी नेता गंवई अंदाज में लोगों से मिल रहे हैं और उनके बातचीत का अंदाज आम बोलचाल की भाषा का हो गया है, परंतु इस क्षेत्र के मतदाता अभी तक कुछ भी खुलकर नहीं बोल रहे हैं।

कस्बों और गांवों में गेहूं की फसल काटकर अब बेरोजगार हो चुके किसान दिल्ली, पटना और क्षेत्र की राजनीति पर तो चर्चा करते हैं, परंतु इस क्षेत्र के शहरी इलाके में लोकसभा चुनाव पर लोग कम चर्चा कर रहे हैं।

'लहर' 'हवा' 'चेहरा' का असर भी गांव में देखने को मिल रहा है। राजपुर में करीब सभी प्रत्याशियों के चुनावी कार्यालय खुले हैं और प्रत्येक शाम इन्हीं कार्यालयों में अगले दिन के प्रचार के कार्यक्रम की तैयारी होती है। कस्बाई क्षेत्र राजपुर में कुछ स्थानों पर 'बड़े' नेताओं का असर जरूर दिखा।

राजपुर के निवासी छात्र रंजन कुमार जद (यू) कार्यालय के सामने मिले। चुनाव की चर्चा करने पर कहते हैं, "यह चुनाव तो मोदी जी (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) लड़ रहे हैं। सभी लोग उन्हीं पर देख रहे र्है।" प्रत्याशियों के संबंध में पूछने पर वह कहते हैं कि "प्रत्याशी का सवाल ही कहां है।"

अकोढीगोला में रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पेट भरने वाले ब्रजभूषण यहां से सटे बराढ़ी गांव के रहने वाले हैं। वह बड़ी मायूसी से कहते हैं, "यहां तो लोग अपनी ही मस्ती में डूबे हैं, कोई कुछ नहीं बोलता। कौन नेता को वोट देना है, कब देना है कोई कुछ नहीं बताता।"

ब्रजभूषण कहते हैं कि घर के कुछ लोग आए थे, तब बताया गया कि यहां चुनाव होने वाला है। वोट किसको देंगे के प्रश्न पर वह कहते हैं कि गांव वाले जहां कहेंगे दे देंगे। इसके तत्काल बाद वह कहते हैं, "अरे, वोट देने से क्या हो जाएगा?"

इधर, नवीनगर में भी पार्टियों के चुनावी कार्यालय खुले हैं। कार्यकर्ताओं में चुनाव को लेकर बहुत ज्यादा उत्साह है। कार्यकर्ता अपने नेताओं के प्रचार में लगे हैं। नवीनगर के लकड़ी व्यवसायी शिव सिंह कहते हैं, "यहां स्थानीय समस्या कोई मुद्दा नहीं है। यहां मुद्दा मोदी और जाति है। मुख्य मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और महागठबंधन के बीच है।"

उल्लेखनीय है कि कुशवाहा, यादव और राजपूत बहुल इस लोकसभा क्षेत्र में राजग प्रत्याशी उपेंद्र कुशवाहा और महागठबंधन के उम्मीदवार महाबली सिंह एक ही जाति के हैं।

काराकाट सीट पर 2014 में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के उपेंद्र कुशवाहा ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने राजद के कांति सिंह को हराया था। कुशवाहा को 42़ 9 फीसदी वोट मिले थे, जबकि कांति सिंह को 29़ 58 प्रतिशत मतों से संतोष करना पड़ा था।

इधर, इस क्षेत्र में डेहरी, विक्रमगंज और नवीनगर को शहर कहा जा सकता है। शहर में चुनावी चर्चा गांवों जैसी नजर नहंीं आई। डेहरी के बस पड़ाव पर मिले एक पान दुकानदार रंजीत साह कहते हैं कि "चुनाव से कुछ नहीं होने वाला। नेता जीत कर जाएंगे और फिर भूल जाएंगे। वह कहते हैं, "पिछली बार जो सांसद (उपेंद्र कुशवाहा) बने वे पाला बदल लिए और अब दूसरे को शिक्षा दे रहे हैं। उस समय वह हमलोगों से पूछने आए थे क्या?"

इसका जवाब खोजने के क्रम में डेहरी में प्रादेशिक मारवाड़ी मंच के अजय अग्रवाल कहते हैं, "लोकतंत्र के इस महापर्व में भले ही मतदाताओं को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करना चाहिए। डालमियानगर में रेल कारखाना खोलने, डेहरी व सोन नगर रेलवे स्टेशनों पर महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव, किसानों की उपज की खरीदारी के लिए उचित सरकारी व्यवस्था के नाम पर कई चुनाव हो चुके, परंतु अब तक तो कुछ नहीं हुआ।"

इस बीच अम्बा-नवीनगर मार्ग पर स्थित राजपुर गांव में एक पहाड़ी के करीब शाम में कुछ बच्चों की टोली लट्ट और गिल्ली-डंडा का खेल खेल रही थी तो कुछ युवक और अधेड़ उम्र के लोग गांजा के साथ शाम गुजार रहे थे। अजीत पासवान और रघुवंश सिंह कहते हैं, "वोट तो देबे करब, पर केकरा देब अभी फाइनल नइ होएल है।"

पिछले चुनाव में रालोसपा राजग के साथ थी, जबकि जद (यू) अकेले चुनाव मैदान में उतरी थी। इस चुनाव में स्थिति अलग है। रालोसपा महागठबंधन का हिस्सा है, जबकि जद (यू) राजग में है। राजनीतिक दलों के चुनावी कार्यालयों में कार्यकर्ता और नेता इसी आधार पर चुनावी गणित की गोटी फिट करने में लगे हैं।

इस संसदीय क्षेत्र से 27 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। रालोसपा की ओर से उपेंद्र कुशवाहा, राजग की ओर से महावीर सिंह, बसपा की ओर से राजनारायण तिवारी, समाजवादी पार्टी के टिकट पर घनश्याम तिवारी चुनावी मैदान में हैं। काराकाट संसदीय क्षेत्र में औरंगाबाद जिले के तीन और रोहतास जिले के तीन विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।

--आईएएनएस

 

 

Published in बिहार

गया: बिहार के नक्सल प्रभावित गया जिले के बाराचट्टी थाना क्षेत्र में मंगलवार को हथियारबंद नक्सलियों ने सड़क निर्माण में लगी एक पोकलेन मशीन और ट्रैक्टर को आग के हवाले कर दिया।

पुलिस के अनुसार, भलुआ गांव से बड़की चापी गांव तक सड़क निर्माण का कार्य चल रहा था। इसी दौरान रात को संखवा गांव के पास 20 की संख्या में आए नक्सलियों ने वहां लगे पोकलेन मशीन को आगे के हवाले कर दिया। नक्सलियों ने इस दौरान एक ट्रैक्टर में भी आग लगा दी, हालांकि वह मामूली रूप से ही जला।

सूत्रों का कहना है कि इस घटना को लेवी (रंगदारी टैक्स) की मांग को लेकर अंजाम दिया गया है।

गया के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार ने बुधवार को बताया कि घटना की सूचना के बाद पुलिस और अर्धसैनिक बल घटनास्थल पर पहुंची है और छानबीन में जुट गई है। नक्सलियों के खिलाफ क्षेत्र में छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।

--आईएएनएस

 

 

Published in बिहार

सीवान: बिहार के सीवान जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में सोमवार को एक यात्री बस के अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट जाने से सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 से ज्यादा लोग घायल हो गए। घायलों में चार लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

पुलिस के अनुसार, गोपालगंज से यात्रियों को लेकर सीवान आ रही एक बस सोमवार को अमलौरी के बीएड कॉलेज के पास अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक गड्ढे में जाकर पलट गई। इस दुर्घटना में घटनास्थल पर ही चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोगों ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

मुफस्सिल थाने के प्रभारी धर्मेन्द्र कुमार ने बताया कि बस का अगला टायर फट जाने के कारण चालक का बस पर नियंत्रण हट गया, जिससे बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना में 15 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिन्हें सीवान के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में चार की हालत गंभीर बताई जा रही है।

उन्होंने बताया, "मृतकों में बस का सह चालक जाकिर, कोमल कुमार, मंटू कुमार और निर्मला देवी शमिल हैं। मृतक सभी गोपालगंज जिले के बरईपट्टी गांव के बताए जा रहे हैं। अन्य मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।"

दुर्घटना के बाद बस का चालक फरार हो गया है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है।

--आईएएनएस

 

 

Published in बिहार

सीवान: बिहार के सीवान जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में सोमवार को एक यात्री बस के अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे पलट जाने से पांच लोगों की मौत हो गई जबकि 12 से ज्यादा लोग घायल हो गए। घायलों में पांच लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

पुलिस के अनुसार, गोपालगंज से यात्रियों को लेकर सीवान आ रही एक बस सोमवार को अमलौरी के बीएड कॉलेज के पास अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे एक गड्ढे में जाकर पलट गई। इस घटना में पांच लोगों की मौत हो गई जबकि 12 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।

मुफस्सिल थाना के प्रभारी धर्मेन्द्र कुमार ने बताया कि बस का अगला टायर फट जाने के कारण चालक का बस पर से नियंत्रण हट गया, जिससे बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। उन्होंने बताया कि सभी घायलों को सीवान के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में से पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है।

दुर्घटना के बाद बस का चालक फरार हो गया है। कुमार ने बताया कि मृतकों की अब तक पहचान नहीं हुई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है।

--आईएएनएस

Published in बिहार