नई दिल्ली: तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के चार राज्यसभा सांसद गुरुवार को भाजपा में शामिल हो गए। तेदेपा सांसद वाई. एस. चौधरी, सी.एम. रमेश, टी.जी. वेंकटेश और जी. मोहनराव ने राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू से मुलाकात की और तेदेपा से अपने इस्तीफे सौंपे।

वेंकैया नायडू को संबोधित अपने पत्र में इन सांसदों ने कहा कि वे नरेंद्र मोदी के शानदार नेतृत्व से प्रेरित और उत्साहित हुए हैं और अपने समूह का विलय भाजपा में कर रहे हैं।

भाजपा के राज्यसभा सांसद भूपेंद्र यादव ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "तेदेपा के राज्यसभा के चार सदस्यों ने दिन में एक बैठक कर भाजपा में विलय का फैसला किया।"

इन सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने कहा कि यह सांसद लंबे समय से आंध्र प्रदेश के विकास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गतिमान नेतृत्व के साथ होना चाह रहे थे। उन्होंने कहा कि चारों सांसद जमीन से जुड़े नेता हैं और यह आंध्र में भाजपा को मजबूत बनाने में मददगार होंगे।

--आईएएनएस

 

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद ओम बिड़ला ने बुधवार को उन्हें सर्वसम्मति से 17वीं लोकसभा का अध्यक्ष चुनने पर राजनीतिक पार्टियों का शुक्रिया अदा किया और निष्पक्षता के साथ अपने कर्तव्य के निर्वहन के लिए प्रतिबद्धता जताई। बिड़ला ने अपने संक्षिप्त भाषण में कहा, "यह पद निष्पक्ष है और यह निष्पक्ष बने रहने के लिए है।"

उन्होंने कहा कि उनका कार्य सदन को निष्पक्ष तरीके और नियमों के साथ चलाना है।

बिड़ला ने कहा, "हमारे सामने कई चुनौती है और साथ ही लोगों की अपेक्षाएं हैं। हमें लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना है।"

उन्होंने कहा कि सरकार ने लोगों से जनादेश प्राप्त किया है, इसलिए उसे लोगों की आकांक्षाओं और विश्वास पर खरा उतरना चाहिए।

अध्यक्ष ने सदस्यों से लोगों से संबंधित मुद्दों को उठाने के लिए कहा और उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार उसका संतोषजनक जवाब देगी।

बिड़ला ने प्रोटेम स्पीकर वीरेंद्र कुमार को दो दिनों तक सदन का संचालन अच्छे से करने के लिए उनका शुक्रिया अदा किया।

--आईएएनएस

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल के कूच बिहार जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की युवा शाखा के कार्यकर्ता की मंगलवार को हत्या कर दी गई। राज्य में चुनाव के बाद से हिंसा जारी है। भाजपा ने राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

भाजपा ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट में लिखा, "भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ता 28 वर्षीय आनंद पाल की मंगलवार को कूच बिहार जिले के नताबारी इलाके में तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने बेरहमी से हत्या कर दी।"

इसमें आगे कहा गया, "क्या (मुख्यमंत्री) ममता बनर्जी में कोई दया नहीं है? यह बंगाल के इतिहास का सबसे काला दौर है।"

कुछ दिन पहले, भाजपा ने दावा किया कि एक अन्य पार्टी कार्यकर्ता सरस्वती दास की बंगाल के बशीरहाट में हत्या कर दी गई थी।

यह घटना उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखली में तृणमूल और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़पों के बाद हुईं जहां कम से कम दो भाजपा और एक तृणमूल कार्यकर्ता मारे गए थे।

--आईएएनएस

जयपुर: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कोटा से सांसद ओम बिड़ला के समर्थक मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष के रूप में उनके नामांकन का जश्न मनाने के लिए उनके घर के बाहर जमा हो गए। कई समर्थकों ने उनके आवास पर भी पटाखे फोड़े। 57 वर्षीय बिड़ला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े होने के कारण छात्र राजनीति में काफी सक्रिय रहे थे।

वह सांसद के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान लोकसभा अध्यक्ष का पद संभालने वाले पांचवें नेता होंगे।

बिड़ला ने 12वीं, 13वीं और 14वीं राजस्थान विधानसभाओं के लिए 2003, 2008, 2013 में विधायक के रूप में कार्य किया और उसके बाद 2014 में संसदीय चुनाव जीता और सांसद बने।

उन्होंने हाल ही में संसदीय चुनाव में कांग्रेस के रामनारायण मीणा को 2.79 लाख से अधिक मतों से हराया। चुनाव में बिड़ला को आठ लाख से अधिक वोट मिले।

कुल मिलाकर उन्होंने लगातार पांच बार चुनाव लड़ा और जीता।

लोकसभा अध्यक्ष के लिए चुनाव बुधवार को नई दिल्ली में होगा।

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नई दिल्ली: वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) की पूर्व सांसद कोथापल्ली गीता मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गईं। गीता आंध्र प्रदेश के अराकू से सांसद थीं। गीता, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह व महासचिव राम माधव की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुईं। गीता ने बीते साल जन जागृति पार्टी बनाई थी।

गीता 2014 में वाईएसआरसीपी के टिकट पर लोकसभा के लिए चुनी गईं थीं। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले गीता तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) से टिकट पाना चाह रही थीं। जब यह स्पष्ट हो गया कि उन्हें तेदेपा का टिकट नहीं मिलेगा तो उन्होंने सामाजिक न्याय के नारे के साथ जन जागृति पार्टी बनाई।

गीता की पार्टी ने अप्रैल में हुए चुनावों में कुछ विधानसभा सीटों व लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन असफल रही। गीता ने विशाखापत्तनम सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं।

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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को सभी को आश्चर्य में डालते हुए लोकसभा के अध्यक्ष पद के लिए राजस्थान में अपने दो बार से सांसद ओम बिड़ला को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार के तौर पर पेश किया, जिसके बाद उसे तुरंत ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) का समर्थन मिल गया। भाजपा ने इस संबंध में हालांकि कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन बिड़ला की पत्नी अमिता बिड़ला ने कहा कि यह खबर उनके परिवार के लिए खुशी और गर्व का क्षण है।

लोकसभा में बीजद संसदीय दल के नेता पिनाकी मिश्रा ने कहा कि उनकी पार्टी हालांकि राजग में नहीं है, लेकिन उनकी पार्टी ने बिड़ला का समर्थन करने का फैसला किया है।

मिश्रा ने कहा, "लोकसभा में स्पष्ट बहुमत के साथ भाजपा ने लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए बिड़ला को नामित किया है और हमसे समर्थन मांगा। चूंकि केंद्र के साथ हमने हमेशा रचनात्मक सहयोग किया है तो हम इस प्रस्ताव का समर्थन करेंगे।"

बिड़ला (56) अगर लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए नामित किए जाते हैं तो निचले सदन में राजग के स्पष्ट बहुत के कारण वह अध्यक्ष बन जाएंगे।

लोकसभा चुनाव में बिड़ला राजस्थान के कोटा-बूंदी लोकसभा सीट से जीते थे। 2014 के बाद यह उनका लोकसभा में दूसरा कार्यकाल है। वह राजस्थान से तीन बार विधायक और दो बार सांसद रह चुके हैं। बिड़ला खुद को कृषिविद् और सामाजिक कार्यकर्ता मानते हैं।

लोकसभा अध्यक्ष पद का चुनाव बुधवार को होना है।

वाणिज्य विषय में परास्नातक बिड़ला छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वह पहले 2003 में राजस्थान विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे, और उसके बाद वह दो बार और विधायक निर्वाचित हुए। इसके बाद उन्होंने लोकसभा का चुनाव जीता।

विपक्ष ने फिलहाल लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। नामांकन के लिए अंतिम दिन मंगलवार है।

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नई दिल्ली: केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) राजस्थान से भारतीय जनता पार्टी के सांसद ओम बिड़ला को लोकसभा में अध्यक्ष पद के लिए नामित करेगा। विश्वस्त सूत्रों ने यह जानकारी दी। बिड़ला (56) अगर लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए नामित किए जाते हैं तो निचले सदन में राजग के स्पष्ट बहुत के कारण वे अध्यक्ष बन जाएंगे।

लोकसभा चुनावों में बिड़ला राजस्थान के कोटा-बूंदी लोकसभा सीट से जीते थे। 2014 के बाद यह उनका दूसरा लोकसभा कार्यकाल है। वे राजस्थान से तीन बार विधायक और दो बार सांसद रह चुके हैं। बिड़ला खुद को कृषिविद् और सामाजिक कार्यकर्ता मानते हैं।

लोकसभा अध्यक्ष के पद का चुनाव बुधवार को होना है।

वाणिज्य विषय में परास्नातक बिड़ला छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वे सबसे पहले 2003 में राजस्थान विधानसभा से चुने गए थे, और लोकसभा जाने से पहले वे दो बार और विधायक बने।

विपक्ष ने फिलहाल स्पीकर के पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। नामांकन के लिए अंतिम दिन मंगलवार है।

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भोपाल: मध्य प्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार को सोमवार को छह माह पूरे हो गए। इस छह माह को कांग्रेस ने जहां उपलब्धियों और हर वर्ग के जीवन में बदलाव लाने वाला बताया है, वहीं भाजपा ने इसे जनता को ठगने वाला करार दिया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार का राजधानी से लेकर अन्य स्थानों पर कमलनाथ सरकार के छह माह पूरे होने के उपलक्ष्य में उत्सव मनाया। मिठाइयां बांटी, आतिशबाजी की और जमकर नाच-गाना हुआ। जिला मुख्यालयों पर पार्टी नेताओं और मंत्रियों ने पत्रकारवार्ता कर सरकार की उपलब्धियां गिनाई।

कांग्रेस की मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा, "राज्य में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के दो घंटे के भीतर किसानों की कर्जमाफी का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। राज्य के लगभग 20 लाख किसानों की कर्जमाफी मई तक हो चुकी है। किसानों को गेहूं का समर्थन मूल्य 2000 रुपये प्रति कुंटल मिल रहा है।"

उन्होंने बताया, "इंदिरा गृह ज्योति योजना के तहत 100 यूनिट की खपत पर 100 रुपये बिजली का बिल देना होगा। इस योजना से 62 लाख हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं। प्रदेश में 10 हर्स पॉवर तक के कृषि पंपों का बिल आधा किया गया है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना की अनुदान राशि भी 51,000 रुपये कर दी गई है, जो पिछली सरकार में मात्र 28,000 रुपये थी। दिव्यांग महिला और सामान्य पुरुष के बीच विवाह को बढ़ावा देने हेतु प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दी गई है।"

उन्होंने राज्य सरकार के फैसलों का ब्यौरा देते हुए बताया, "राज्य सरकार ने जहां पिछड़े वर्ग के आरक्षण को बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है, वहीं आíथक रूप से दुर्बल सामान्य वर्ग के नागरिकों के लिए भी 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू किया है। युवा स्वाभिमान योजना के माध्यम से युवाओं को 100 दिन की रोजगार गारंटी दी गई है। प्रदेश में गोवंश के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए अब तक लगभग 1000 गौशालाएं स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, जिससे ग्रामीणों तथा मजदूरों को भी रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।"

उन्होंने बताया, "पुलिसकíमयों को सप्ताह में एक दिन अवकाश का प्रावधान किया गया है। उनका आवास भत्ता बढ़ाकर 5,000 रुपये करने के प्रयास शुरू हो चुके हैं। शासकीय सेवकों को जनवरी 2019 से देय महंगाई भत्ते की स्वीकृति दी गई है। कमलनाथ सरकार ने उद्योग नीति में संशोधन कर मध्यप्रदेश में लगने वाले उद्योगों में स्थानीय युवाओं को 70 प्रतिशत रोजगार देना अनिवार्य कर दिया है।"

लेकिन भाजपा ने कमलनाथ सरकार के छह माह के कार्यकाल को ठगने वाला बताया है। पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "छह महीनों में कमलनाथ सरकार ने प्रदेश की जनता को छठी का दूध याद दिला दिया है। न बेरोजगार युवाओं को चार हजार रुपये भत्ता मिला है और न किसानों का कर्ज माफ हुआ है। प्रदेश में बिजली और कानून-व्यवस्था पूरी तरह फेल हो गई है। छह महीनों में सिर्फ जनता को ठगने का काम हुआ है। यह सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।"

मिश्रा ने रविवार और सोमवार को सरकार की ओर से जारी विज्ञापनों पर कहा, "प्रदेश सरकार ने जय किसान ऋण माफी योजना के बड़े-बड़े विज्ञापन देकर यह स्वीकार कर लिया है कि इन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से 10 दिनों में सारे किसानों का कर्ज माफ करने का झूठ बुलवाया था। किसानों का दो लाख रुपये का कर्ज माफ नहीं हुआ। कुछ किसानों का पांच से 10 हजार रुपये तक ही कर्ज माफ हुआ है। प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वित होने वाले किसानों की पूरी सूची नहीं भेजी है। सरकार के इस रवैये से 50 प्रतिशत किसान योजना का लाभ लेने से वंचित रह जाएंगे।"

मिश्रा ने कहा, "जब से प्रदेश सरकार बनी है प्रदेश की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अधिकारियों के लगातार तबादलों से अविश्वास का भाव पैदा हुआ है।"

उन्होंने आरोप लगाया कि "प्रदेश में एक भी गौशाला का निर्माण नहीं हो पाया है। घोषणा-पत्र में बेटियों को स्कूटी देने की बात की थी, लेकिन अब तो लैपटॉप पर भी संकट खड़ा हो गया है।"

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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को जगत प्रकाश नड्डा को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की घोषणा की जबकि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पार्टी के अध्यक्ष बने रहेंगे। भाजपा मुख्यालय में यहां पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया, "बैठक में आज (सोमवार को) अमित शाह ने कहा कि वह पार्टी को पर्याप्त समय देने में असमर्थ हैं क्योंकि उनके पास केंद्रीय गृह मंत्रालय की भी जिम्मेदारी है।"

सिंह ने कहा, "इसलिए यह निर्णय लिया गया कि पार्टी अध्यक्ष का पद किसी अन्य व्यक्ति को दिया जाना चाहिए। लेकिन, बोर्ड के सदस्यों ने शाह से तब तक अध्यक्ष बने रहने का आग्रह किया जब तक भाजपा सदस्यता अभियान और चुनाव समाप्त नहीं हो जाता।"

रक्षामंत्री ने बताया कि हालांकि शाह ने उनकी जगह किसी और को यह पद देने पर जोर दिया, इसलिए यह निर्णय लिया गया कि जे. पी. नड्डा को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जाए।

जे.पी. नड्डा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली पूर्ववर्ती राजग सरकार में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री रहे हैं। हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सदस्य नड्डा भाजपा संसदीय बोर्ड के सचिव हैं।

वह हिमाचल प्रदेश में तीन बार विधायक रह चुके हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के अलावा वह हिमाचल प्रदेश सरकार में वन, पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री भी रह चुके हैं।

नड्डा मई 2012 में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे।

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भोपाल: मध्य प्रदेश में डेढ़ दशक बाद विपक्ष की भूमिका में आई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए विधानसभा के भीतर बेहतर प्रदर्शन की चुनौती है, लिहाजा उसने विधायकों को प्रशिक्षत करने की योजना बनाई है। इसकी जिम्मेदारी पूर्व नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मंत्री डॉ. गौरी शंकर शेजवार को सौंपी गई है।

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने रविवार को सभी विधायकों लिखे एक पत्र में कहा है, "विधानसभा में महत्वपूर्ण विशयों पर चर्चा प्रभावी, जनहित के साथ परिणामदायी हो, इसके लिए पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. शेजवार मार्गदर्शन देंगे। डॉ. शेजवार नियमित रूप से कार्यालयीन समय में उपलब्ध रहेंगे और विधायकों का ज्ञानवर्धन करेंगे।"

उल्लेखनीय है कि विधानसभा में सत्र से पहले विधायकों द्वारा प्रश्न लगाए जाते हैं, नए विधायक सरकार को मुसीबत में डालने वाले प्रश्न नहीं उठा पाते। इस बार विधानसभा में भाजपा के 108 विधायक हैं, जिसमें 29 पहली बार विधायक चुने गए हैं। इन विधायकों को प्रश्न बनाने से लेकर अन्य संसदीय कार्यो में दिक्कत आने की आशंका है, इसलिए विधायकों की परेशानी के समाधान के लिए डॉ. शेजवार की सेवाएं ली जा रही हैं।

डॉ. शेजवार विधायकों को जनहित के प्रश्न पूछने, ध्यानाकर्षण और स्थगन की सूचनाएं कैसे बनाई जाएं, इसका भी प्रशिक्षण देंगे।

भाजपा सूत्रों के अनुसार, विधानसभा का सत्र आठ जुलाई से शुरू हो रहा है, और लगभग डेढ़ दशक बाद भाजपा विपक्ष में है। वर्तमान विधानसभा के दो सत्र हुए, जो बहुत अल्पावधि के थे, और इन सत्रों में विधायकों की ज्यादा हिस्सेदारी नहीं रही। आगामी सत्र कुछ लंबा है, जिसमें भाजपा सरकार को घेरने की हर संभव कोशिश करेगी, इसलिए विधायकों की तैयारी भी आवश्यक है।

--आईएएनएस

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