नई दिल्‍ली: चुनाव आयोग ने पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को 23 अप्रैल 2019 को सुबह 10 बजे से 72 घंटे तक चुनाव से संबंधित किसी भी सार्वजनिक बैठक, रोड शो, सार्वजनिक रैली या प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पर रोक लगा दी।  सिद्धू द्वारा आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया है, नोटिस में बिहार में कटिहार जिले के बारसोई और बरारी में चुनाव प्रचार के दौरान उनके द्वारा दिए गए बयानों की निंदा की गई।

इससे पहले चुनाव आयोग उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍य नाथ, मेनका गांधी, बसपा प्रमुख मायावती और सपा नेता आजम खान के चुनाव प्रचार पर रोक लगाकर कार्रवाई कर चुका है।

गौरतलब है कि बिहार के कटिहार में दिए गए बयानों के बाद सिद्धू ने छत्तीसगढ़ में मुस्लिम समर्थन के लिए अल्लाह हू अकबर कहकर घिर गए। छत्तीसगढ़ सिख संगठन के प्रमुख अमरजीत सिंह ने सिद्धू के खिलाफ मोर्चा खोला है। अमरजीत सिंह छाबड़ा ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को पत्र लिखकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि सिद्धू ने मुस्लिम समर्थन के लिए अल्लाह हू अकबर कहकर सिख धर्म के परंपरा और नियम का उल्लंघन किया है।

छाबड़ा ने कहा कि शीर्ष अदालत ने अक्टूबर-2016 में जारी अपने आदेश में कहा था कि कोई भी धर्म के नाम पर वोट नहीं मांग सकता है। छाबड़ा ने निर्वाचन आयोग को शिकायत भेजी थी।

इससे पहले नवजोत सिंह सिद्धू कटिहार में दिए गए बयानों को लेकर घिरे थे। इस मामले में चुनाव आयोग ने सिद्धू के उस बयान पर उनसे सफाई मांगी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हटाने के लिए सभी मुस्लिम मतदाताओं से एकजुट होने की अपील की थी।

चुनाव आयोग ने सिद्धू के खिलाफ कारण बताओ का नोटिस जारी किया था। चुनाव आयोग ने सिद्दू से 24 घंटे के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा था। नवजोत सिंह सिद्धू ने बिहार के कटिहार में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए यह विवादित बयान दिया था। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सिद्धू के इस बयान पर चुनाव आयोग से शिकायत की थी।

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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने क्रिकेटर से राजनेता बने गौतम गंभीर को पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से अपना प्रत्याशी बनाया है। 

भाजपा ने सोमवार को दो उम्मीदवारों की घोषणा की जिनमें गंभीर के अलावा नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र से मीनाक्षी लेखी का नाम है। लेखी इस सीट से मौजूदा सांसद हैं।

मीनाक्षी लेखी का मुकाबला यहां कांग्रेस उम्मीदवार अजय माकन और आम आदमी पार्टी के ब्रजेश गोयल से होगा।

गौतम गंभीर को पूर्वी दिल्ली से वर्तमान सांसद महेश गिरी की जगह चुनाव मैदान में उतारा गया है। यहां उनका मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी अरविंदर सिंह लवली और आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार आतिशी से होगा।

58 टेस्ट मैच और 147 एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैच खेल चुके दिग्गज बल्लेबाज गंभीर 2007 में टी-20 विश्व कप और 2011 में एक दिवसीय विश्व कप खिताब जीतने वाली भारतीय क्रिकेट टीम का अहम सदस्य रहे हैं। वह औपचारिक रूप 22 मार्च को भाजपा में शामिल हुए।

दिल्ली के राजिंदर नगर के रहने वाले गंभीर (37) 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान अमृतसर में भाजपा प्रत्याशी अरुण जेटली के के हाईप्रोफाइल चुनाव प्रचारक थे। हालांकि भाजपा इस क्षेत्र में चुनाव जीतने में विफल रही।

उसी समय से गंभीर ट्विटर पर भगवा दल और नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार की नीतियों का प्रबल समर्थक रहे हैं।

भाजपा ने रविवार को दिल्ली की सात संसदीय क्षेत्रों में से चार पर अपने सांसदों को उम्मीदवारों को दोबारा चुनाव में उतारने की घोषणा की।

चांदनी चौक से हर्षवर्धन और दिल्ली के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी को उत्तर पूर्व दिल्ली से दोबारा प्रत्याशी बनाया गया है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के पुत्र प्रवेश वर्मा को दोबारा पश्चिमी दिल्ली से और रमेश विधुरी को दक्षिणी दिल्ली से टिकट दिया गया है।

हालांकि भाजपा ने अभी उत्तर पश्चिमी दिल्ली संसदीय क्षेत्र से अपने प्रत्याशी के नाम का एलान नहीं किया है। यहां से उदित राज वर्तमान सांसद हैं, लेकिन बताया जाता है कि दोबारा प्रत्याशी नहीं बनाए जाने से वह नाराज हैं।

--आईएएनएस

 

 

भोपाल: मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से बगावत कर समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थामने वाले पूर्व विधायक आर.डी. प्रजापति को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है।

भाजपा के प्रदेश कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद राकेश सिंह ने चंदला क्षेत्र के पूर्व विधायक आर.डी. प्रजापति को अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया।

प्रजापति टीकमगढ़ संसदीय क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहते थे और पार्टी के सांसद वीरेंद्र खटीक का लगातार विरोध कर रहे थे। बाद में प्रजापति सपा में शामिल हो गए और अब सपा के टिकट पर टीकमगढ़ संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। प्रजापति के पुत्र राजेश प्रजापति इस समय चंदला से भाजपा विधायक हैं।

--आईएएनएस

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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को और सात लोकसभा उम्मीदवारों की घोषणा की। केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन फिर दिल्ली के चांदनी चौक क्षेत्र से और हरदीप सिंह पुरी अमृतसर से उम्मीदवार बनाए गए हैं। 

भाजपा ने हर्षवर्धन के अलावा दिल्ली के अन्य तीन सांसदों पर भी फिर से भरोसा जताया है। पार्टी के दिल्ली प्रमुख मनोज तिवारी उत्तरी-पूर्वी दिल्ली से, प्रवेश वर्मा पश्चिमी दिल्ली से और रमेश बिधूड़ी दक्षिणी दिल्ली सीट से चुनाव लड़ेंगे।

मध्य प्रदेश की इंदौर सीट से लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के चुनाव लड़ने से इनकार के बाद उनकी जगह शंकर लालवानी को उम्मीदवार बनाया गया है।

पार्टी ने उत्तर प्रदेश के घोसी निर्वाचन क्षेत्र से हरिनारायण राजवीर को उम्मीदवार बनाया है।

--आईएएनएस

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भोपाल: बुंदेलखंड के चार संसदीय क्षेत्रों में कांग्रेस और भाजपा ने नए चेहरों पर दांव लगाया है। कांग्रेस ने जहां चारों सीटों पर नए चेहरे मैदान में उतारे हैं, वहीं भाजपा ने दो सांसदों और दो नए चेहरों को उम्मीदवार बनाया है। इस क्षेत्र की सभी सीटों पर रोचक और कड़ा मुकाबला नजर आ रहा है।

बुंदेलखंड में चार संसदीय क्षेत्र सागर, दमोह, खजुराहो व टीकमगढ़ आते हैं। इन चारों स्थानों पर बीते लोकसभा चुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज की थी। भाजपा ने दमोह से सांसद प्रहलाद पटेल और टीकमगढ़ से सांसद वीरेंद्र खटीक पर फिर विश्वास जताया है तो खजुराहो से वी.डी. शर्मा और सागर से राजबहादुर सिंह पर दांव लगाया है। दूसरी ओर कांग्रेस ने खजुराहो से कविता राजे सिंह, सागर से प्रभु सिंह ठाकुर, दमोह से प्रताप सिंह लोधी और टीकमगढ़ से किरण अहिरवार को मैदान में उतारा है।

खजुराहो संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस और भाजपा के नए चेहरों के बीच मुकाबला है। यहां कांग्रेस ने राजपरिवार से नाता रखने वाली कविता राजे सिंह को मैदान में उतारा है। उनके पति विक्रम सिंह उर्फ नाती राजा राजनगर से कांग्रेस के विधायक हैं। वहीं भाजपा ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री रहे और वर्तमान में भाजपा के प्रदेश महामंत्री वी. डी. शर्मा को चुनाव मैदान में उतारा है।

खजुराहो संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आठ विधानसभा क्षेत्रों में से छह पर भाजपा और दो पर कांग्रेस का कब्जा है। वहीं पुनर्गठन के बाद से इस सीट से पिछले दो चुनावों से भाजपा उम्मीदवार ही जीतते आ रहे हैं। इससे पहले यहां से भाजपा की उमा भारती, रामकृष्ण कुसमारिया और कांग्रेस की विद्यावती चतुर्वेदी व सत्यव्रत चतुर्वेदी भी चुनाव जीत चुके हैं।

इसी तरह टीकमगढ़ संसदीय क्षेत्र का दो बार से भाजपा के वीरेंद्र खटीक प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं। संसदीय क्षेत्र के परिसीमीन के बाद हुए चुनाव में लगातार दो बार भाजपा ही जीती है। यहां की आठ विधानसभा सीटों में से चार पर भाजपा का कब्जा है तो तीन पर कांग्रेस और एक पर समाजवादी पार्टी (सपा) ने कब्जा जमाया है। भाजपा के खटीक के मुकाबले कांग्रेस ने किरण अहिरवार को मैदान में उतारा है। कांग्रेस का यह नया चेहरा है।

सागर संसदीय क्षेत्र से भाजपा और कांग्रेस दोनों ने नए चेहरों को मौका दिया है। कांग्रेस ने पूर्व विधायक प्रभु सिंह ठाकुर को उम्मीदवार बनाया है तो भाजपा ने राजबहादुर सिंह को मैदान में उतारा है। इस संसदीय क्षेत्र के आठ विधानसभा क्षेत्रों में से सात पर भाजपा का कब्जा है, जबकि एक कांग्रेस के पास है। वर्ष 1996 के बाद से इस सीट पर भाजपा का कब्जा है।

बुंदेलखंड का दमोह संसदीय क्षेत्र भाजपा का गढ़ माना जाता है। यहां वर्ष 1989 के बाद से भाजपा के उम्मीदवार चुनाव जीतते आ रहे हैं। भाजपा ने यहां से सांसद प्रहलाद पटेल को एक बार फिर मैदान में उतारा है, तो दूसरी ओर कांग्रेस ने नए चेहरे प्रताप लोधी पर दांव लगाया है। इस संसदीय क्षेत्र के आठ विधानसभा क्षेत्रों में से कांग्रेस का चार, भाजपा का तीन और बसपा का एक सीट पर कब्जा है। इस तरह यहां मुकाबला कांटे का होने की संभावना है, क्योंकि यह लोधी बाहुल्य क्षेत्र है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही लोधी समाज के लोगों को उम्मीदवार बनाया है।

बुंदेलखंड की राजनीति के जानकार संतोष गौतम का मानना है, "बुंदेलखंड में यह चुनाव बिना लहर का है। भाजपा का चारों सीटों पर कब्जा था, लिहाजा उसने दो सांसदों के स्थान पर नए चेहरों को मौका दिया है, जो युवा हैं। कांग्रेस ने चारों स्थानों पर नए चेहरों को उतारा है। यहां कोई मुद्दा नहीं है, यहां मतदान पूरी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस की राज्य सरकार के कामकाज पर होने वाला है। जातीय समीकरण जरूर चुनावी नतीजों पर असर डाल सकता है।"

बुंदेलखंड के चारों संसदीय क्षेत्रों के तहत आने वाली 32 विधानसभा सीटों में से बीते साल दिसंबर में हुए विधानसभा चुनाव में 20 पर भाजपा, 10 पर कांग्रेस और एक-एक पर सपा और बसपा ने जीत दर्ज की थी। यानी राज्य में भले ही कांग्रेस की सरकार बनी है, मगर बुंदेलखंड से कांग्रेस के मुकाबले दोगुने विधायक भाजपा के जीते थे।

--आईएएनएस

रामपुर: गुजरे जमाने की फिल्म अभिनेत्री और रामपुर लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार जयाप्रदा समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान की टिप्पणी से बहुत आहत हैं। विपक्षी दलों की महिलाओं का समर्थन न मिलने पर निराशा जताते हुए उन्होंने कहा है कि एक महिला पर हुई अभद्र टिप्पणी पर कोई बोलने को तैयार नहीं है, यह बेहद दु:खद है।

आखिर विपक्षी महिलाएं उनका समर्थन क्यों नहीं कर रही हैं? जयाप्रदा ने यहां आईएएनएस के साथ विशेष बातचीत में कहा, "इसलिए, क्योंकि चुनाव चल रहा है और उन्हें मुस्लिम वोट चाहिए। मुझे ममता बनर्जी से आशा थी। वह कुछ बोलेंगी, पर उनकी चुप्पी ने मुझे बहुत निराश किया है।"

आजम खान की टिप्पणी को सांसद डिंपल यादव द्वारा छोटी बात बताने पर जयाप्रदा ने कहा, "इससे ज्यादा कौन-सी बात बोली जाए, जो उन्हें बड़ी लगे। वह एक महिला हैं। बावजूद इसके उन्हें (डिम्पल) यह छोटी बात लगती है। उनकी आंखें बंद हैं। आजम खान उनके बारे में भी गंदी बातें बोल चुके हैं। फिर भी वह ऐसा कह रही हैं। अपने पर आए तो बड़ी बात, दूसरों पर आए तो छोटी। यह उनके परिवार का नियम है।"

पूर्व मंत्री आजम खान के विवादित बयान पर बचाव की मुद्रा में आए अखिलेश यादव पर उन्होंने कहा, "यह सारी बयानबाजी महज मुसलमानों के वोटों के लिए की जा रही है। वह सोच रहे हैं कि ऐसा बोलने से मुसलमान खुश होंगे, लेकिन मुसलमान भाई समझते हैं। आजम के अलावा सारे देश में ऐसी बातें कोई नहीं बोल सकता है। वे भी मेरे ऊपर की गई अभद्र टिप्पणी से खफा हैं। इस बार जनता सबका जवाब एक साथ दे देगी।"

जयाप्रदा ने आगे कहा, "आजम खान मेरा बार-बार अपमान कर रहे हैं। मैं आहत और दुखी हूं। एक बहन आपको भाई मानती है और आप अभद्र शब्द बोलते हो। मैंने इनके कारण खून के आंसू रोए हैं। 10 सालों से लगातार मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है। मैं उनके कारण रामपुर भी नहीं आ पा रही थी। अब मैं रामपुर छोड़कर नहीं जाऊंगी और मैं रामपुर में रहकर ही आजम को सबक सिखाऊंगी।"

आजम खान से चुनौती के सवाल पर उन्होंने कहा, "चुनाव हो या फिर जंग का मैदान। विरोधी, विरोधी होता है। उनसे लड़ने के लिए ताकत और मजबूती होनी चाहिए। मैं पूरी तरह तैयार हूं।"

प्रियंका गांधी के प्रभाव के सवाल पर उन्होंने कहा, "अब सक्रिय राजनीति में आई हैं, लेकिन उनके भाषण में आकर्षण नहीं है। कांग्रेस का संगठन भी उप्र में नहीं है। वह ज्यादा कुछ नहीं कर पाएंगी। यहां मोदी लहर है। बच्चे-बच्चे की जुबान पर मोदी हैं। विकास को गांव-गांव तक भी पहुंचाया है। विभिन्न दलों का गठबंधन मोदी को रोकने के लिए है। इनका कोई भविष्य नहीं है।"

मायावती और मुलायम के एक साथ मंच पर आने के सवाल जयाप्रदा ने कहा, "मैनपुरी की रैली में बसपा प्रमुख मायावती ने अपने भाषण में गेस्ट हाउस कांड का दर्द झलकाया है। उनके भाषण से यह पता चला है कि उन्होंने कितनी तकलीफ उठाई है। महिलाओं को एक तरह से समर्थन कर रही हैं। मुझे भी करेंगी। मुलायम शासन में हुए गेस्ट हाउस कांड से जाटव नाराज हैं। मुझे नहीं लगता वे गठबन्धन को समर्थन करेंगे।"

उन्होंने कहा, "लोग मोदीजी को दोबारा प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं। हम जहां भी जा रहे हैं, सबकी जुबान पर मोदी का ही नाम है। बच्चे, महिलाएं, बड़े और बूढ़े भी उनके समर्थन में हैं। दोबारा प्रधानमंत्री बनाए जाने की मांग उठ रही है। इसलिए महागठबंधन का कोई असर नहीं होने वाला है।"

जयाप्रदा को रामपुर में बाहरी बताया जाता है। इस पर उन्होंने कहा, "रामपुर से अलग कभी रही ही नहीं। मेरा यहां घर है, शैक्षणिक संस्थान है। 2004 और 2009 में यहां के लोगों ने मुझे सांसद बनाया था। तो भला मैं बाहरी कैसे हूं। जिनके पास कोई मुद्दा नहीं, वही मुझे ऐसा बता रहे हैं।"

तो क्या जयाप्रदा को मुसलमानों से समर्थन मिलने की उम्मीद है? उन्होंने कहा, "यहां लगभग 52 प्रतिशत मुसलमान हैं। सब एक तरफ ही वोट करेंगे ऐसा बिल्कुल नहीं है। मोदी जी ने सबके लिए काम किया है। जो विकास से वंचित थे, उन्हें भी लाभ हुआ है। ऐसे में मुसलमान भी हमारा समर्थन कर रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "मैंने अपने कार्यकाल के दौरान रामपुर में बहुत सारे विकास कार्य किए हैं। मैंने इस क्षेत्र में यातायात की सुगमता और कनेक्टिविटी बढ़ाने पर ध्यान दिया है। यहां की विद्युत संयोजन की समस्या को भी दूर करने की दिशा में काम किया है। ग्रामीण इलाकों में सड़कों और स्कूलों को बेहतर करने की दिशा में भी काम किया है।"

जयाप्रदा ने तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआ की थी। वह वर्ष 1996 में आंध्र प्रदेश से राज्यसभा सदस्य रह चुकी हैं। बाद में वह तेदेपा छोड़कर समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो गईं। वर्ष 2004 के आम चुनाव में वह रामपुर संसदीय सीट से निर्वाचित हुईं। 2009 में वह दोबारा इस सीट से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुईं। इस बार वह भाजपा उम्मीदवार के रूप में रामपुर से अपनी किस्मत आजमा रही हैं।

रामपुर लोकसभा सीट के लिए मतदान तीसरे चरण में 23 अप्रैल को होना है। चुनाव परिणाम 23 मई को घोषित किया जाएगा।

--आईएएनएस

 

 

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राजकोट (गुजरात): कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने शनिवार को यहां दावा किया कि भाजपा और उसके गठबंधन सहयोगी लोकसभा चुनाव में 200 से अधिक सीटें नहीं जीत पाएंगे। और उनकी पार्टी गुजरात में 10-15 सीटों पर जीत दर्ज कराएगी।

पटेल ने कहा कि भाजपा अपने दम पर 150 सीटें जीतेगी। उन्होंने कहा, "गठबंधन सहयोगियों को मिलाकर भी उसकी सीटों की संख्या 200 को पार नहीं कर पाएगी।"

उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी न सिर्फ आशावान है, बल्कि यह तय है कि भाजपा चुनाव हार रही है। उन्होंने कहा, "23 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भाजपा सरकार में नहीं रह जाएगी।"

सौराष्ट्र क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान पटेल ने कहा, "कांग्रेस सौराष्ट्र से पांच में से चार सीटें मिलने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है। जबकि पूरे गुजरात में हम दो अंकों में सीटें हासिल करेंगे।"

उन्होंने मुख्यमंत्री विजय रूपानी के गृहनगर राजकोट में संवाददाताओं से कहा, "हम गुजरात में हर हाल में 10-15 सीटें जीतेंगे।"

पटेल ने एक चुनावी रैली के दौरान हार्दिक पटेल पर शुक्रवार को हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि इससे ऐसा लगता है कि भाजपा हार को लेकर डरी हुई है। उन्होंने कहा, "भाजपा को पता है कि वह चुनाव हार रही है।"

राज्य की सभी 26 लोकसभा सीटों के लिए मतदान तीसरे चरण के तहत 23 अप्रैल को होना है।

--आईएएनएस

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नई दिल्ली: भाजपा ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर उनके चुनावी शपथ-पत्र में नागरिकता और शैक्षणिक योग्यता के संबंध में कथित विसंगतियों को लेकर निशाना साधा। 

पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा प्रवक्ता जी.वी.एल. नरसिम्हा राव ने कहा, "आज पूरा देश स्तब्ध है कि राहुल गांधी और उसके वकील राहुल कौशिक अमेठी के निर्वाचन अधिकारी द्वारा मांगी गई नामांकन पत्र की कुछ जानकारियों को बता नहीं पाए।"

राव ने कहा कि अमेठी में उम्मीदवारों द्वारा उठाए गए प्रश्न वास्तव में गंभीर हैं, इतने गंभीर हैं कि राहुल के कानूनी प्रतिनिधि भी इन आपत्तियों के जवाब नहीं दे पाए।

उन्होंने यह बयान ऐसे समय दिया है, जब एक निर्दलीय उम्मीदवार ध्रुव लाल ने अमेठी की एक अदालत में राहुल गांधी की शैक्षणिक योग्यता और नागरिकता को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।

राहुल गांधी के प्रतिनिधि ने जवाब और स्पष्टीकरण के लिए समय मांगा और उन्हें 22 अप्रैल 10.30 बजे तक का समय दिया गया है।

उन्होंने कहा, "हम चाहेंगे कि कांग्रेस इन प्रश्नों का जवाब आज दे और हम राहुल गांधी से भी इसका जवाब आज चाहते हैं।"

राव ने राहुल द्वारा 2004 के चुनावी शपथ-पत्र में संदर्भित कंपनी, जिसमें उन्होंने निवेश किया था, के बारे में जानकारी मांगी।

भाजपा नेता ने कहा कि कंपनी का नाम बैकऑप्स लिमिटेड है। यह कंपनी लंदन में पंजीकृत है, जिसके राहुल गांधी एक निदेशक हैं।

उन्होंने कहा, "इस कंपनी द्वारा ब्रिटेन के अधिकारियों को जमा कराया गया आधिकारिक दस्तावेज एसोसिएशंस के ज्ञापन के रूप में और 21 अगस्त, 2005 को समाप्त हुए वार्षिक रिटर्न की अवधि के रूप में है। इसलिए 2005 में ब्रिटेन के अधिकारियों को जमा कराया गया दस्तावेज स्पष्ट बताता है कि वह ब्रिटेन के एक नागरिक हैं। और अगर वह ब्रिटेन के नागरिक हैं तो वह खुद ब खुद भारत की नागरिकता खो चुके हैं, क्योंकि नागरिकता अधिनियम विधेयक 1955 स्पष्ट रूप से बताता है कि भारत का कोई भी नागरिक जिसके पास दूसरे देश की भी नागरिकता है, वह भारत की नागरिकता से वंचित हो जाता है।"

कांग्रेस नेता पर निशाना साधते हुए, भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "हम राहुल गांधी से पूछना चाहते हैं कि क्या आप वास्तव में 2005 में ब्रिटेन के नागरिक थे या इससे पहले या बाद में? और क्या यह आपको यहां का गैर-नागरिक नहीं बनाता?"

उन्होंने कहा, "एकबार जब आप अपनी नागरिकता खो देते हैं, तो आप कोई भी चुनाव लड़ने के योग्य नहीं रहते। उन्हें आज इस बारे में स्पष्ट बताना चाहिए और लोगों को उनकी नागरिकता की असली कहानी बतानी चाहिए।"

उन्होंने कहा, "2004 के चुनावी शपथ-पत्र में, केवल दो शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज दिए गए थे। एक 1989 का माध्यमिक स्कूल सर्टिफिकेट और दूसरा ब्रिटेन के ट्रिनिटी कॉलेज से 1995 में प्राप्त एम.फिल की डिग्री। इसबीच उन्होंने किसी भी अन्य शैक्षणिक योग्यता का दस्तावेज पेश नहीं किया।"

उन्होंने कहा, "2009 और 2014 के शपथपत्रों में एक फिर अनियमतिता देखने का मिली। 2009 में उन्होंने एक और शैक्षणिक योग्यता दस्तावेज पेश कर दिया। उन्होंने 1994 में रोलिंग्स कॉलेज से प्राप्त बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री पेश कर दी। और फिर ट्रिनिटी कॉलेज से डेवलपमेंट इकोनोमिक्स से एम. फिल की डिग्री पेश कर दी।"

उन्होंने कहा, "2014 में उनके अगले शपथपत्र में यह डेवलपमेंट इकोनोमिक्स अब एम.फिल इन डेवलपमेंट स्टडीज बन गया।"

भाजपा नेता ने कहा कांग्रेस अध्यक्ष को या तो यह याद नहीं है कि उन्होंने क्या पढ़ाई की या फिर उनके पास अपनी डिग्री दिखाने के लिए दस्तावेज नहीं हैं।

राव ने कहा, "उन्होंने खुद को ब्रिटेन के बैकऑप्स कंपनी का एक निवेशकर्ता और निदेशक बताया। आय का क्या हुआ? क्या उन्होंने उस कंपनी में अपने मुनाफे को बेच दिया?"

--आईएएनएस

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नई दिल्ली: कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए केरल के कोल्लम से तीन बार सांसद रह चुके एस. कृष्ण कुमार शनिवार को यहां भाजपा में शामिल हो गए।

कुमार पूर्व केंद्रीय मंत्री शहनवाज हुसैन और भाजपा प्रवक्ता अनिल बलूनी की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए।

कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा, "मैं राजीव गांधी से जुड़ा था। और पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव से जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, उससे मैं दुखी था।"

उन्होंने कहा, "उनका अंतिम संस्कार सही तरीके से नहीं किया गया और यहां तक कि उनका पार्थिव शरीर भी जनता के लिए अंतिम दर्शन करने के लिए कांग्रेस मुख्यालय में नहीं रखा गया।"

--आईएएनएस

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भोपाल: मय प्रदेश के भोपाल संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को शनिवार को आमसभा करने की अनुमति न दिए जाने पर भाजपा ने जिला प्रशासन पर कांग्रेस सरकार के दवाब में काम करने का आरोप लगाया है।

भोपाल से सांसद आलोक संजर ने संवाददाताओं से कहा, "बीते कई घंटों से हमारे पदाधिकारी सभा की अनुमति के लिए अतिरिक्त जिलाधिकारी (एडीएम) के कार्यालय में हैं, मगर अनुमति नहीं दी जा रही है।" उन्होंने जिला प्रशासन पर कांग्रेस की राज्य सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाया।

संजर ने कहा, "जिला प्रशासन उन्हें सभा की अनुमति नहीं दे रहा है। ऐसे में प्रज्ञा ठाकुर पार्टी के वरिष्ठ अधिकारियों के घर-घर जाकर जनसंपर्क कर रही हैं। कांग्रेस में प्रज्ञा ठाकुर के उम्मीदवार बनाए जाने से बौखलाहट है, लिहाजा वह प्रशासन पर दवाब बना रही है।"

--आईएएनएस

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