नई दिल्ली: केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने 25 करोड़ गरीब लोगों को सालाना 72,000 रुपये आय मुहैया कराने के कांग्रेस के चुनावी वादे को सोमवार को एक धोखा करार दिया। उन्होंने कहा कि यह धनराशि नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा मौजूदा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण द्वारा मुहैया कराई जा रही राशि के दो-तिहाई से कम है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को घोषणा की कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो सबसे गरीब श्रेणी के 20 प्रतिशत परिवारों को न्यूनतम आय गारंटी योजना के तहत सालाना 72,000 रुपये दिए जाएंगे।

जेटली की यह टिप्पणी राहुल की इस घोषणा के बाद आई है।

भाजपा नेता ने अपने फेसबुक पोस्ट के साथ ही एक संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस की आलोचना की।

सरकार द्वारा मुहैया कराई जा रही कुल सब्सिडी राशि का जिक्र करते हुए जेटली ने कहा कि 5.34 लाख करोड़ रुपये गरीबों को पहले ही वितरित किए जा रहे हैं।

जेटली ने मीडिया से कहा, "उपरोक्त 5.34 लाख करोड़ के अतिरिक्त कई अन्य योजनाएं हैं, जो गरीबों को हजारों करोड़ दे रही हैं। यदि कांग्रेस पार्टी की घोषणा का सामान्य हिसाब लगाया जाए तो पांच करोड़ परिवारों को 72,000 रुपये के हिसाब से 3.6 लाख करोड़ रुपये बैठेगा। यह राशि दी जा रही राशि के दो-तिहाई से कम है। इसलिए यह एक धोखे वाली घोषणा है।"

उन्होंने कांग्रेस पर गरीबी के मुद्दे पर पिछले 50 सालों से देश को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "गरीबी हटाओ का नारा देने के बाद भी यदि आज आप सोचते हैं कि 20 प्रतिशत लोगों की आय 12,000 रुपये भी नहीं है, तो देश के गरीबों को नजरअंदाज करने की जवाबदेही आपकी बनती है।"

--आईएएनएस

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नई दिल्ली: केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपने चुनाव अभियान में मनगढ़ंत मुद्दे उठा रहे हैं और यदि उन फर्जी मुद्दों को उनके भाषण से हटा दिया जाए तो कुछ भी नहीं बचेगा। जेटली ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि झूठ औंधे मुंह गिरता है और मतदाताओं की सोच बिगाड़ने वाले अतिआत्मविश्वासी विपक्षी नेताओं को लोकसभा चुनाव में मतदाता दंडित करेंगे।

जेटली ने कहा, "राहुल गांधी ने न सिर्फ अपनी पार्टी, बल्कि पूरे विपक्ष को फर्जी और मनगढ़ंत मुद्दों पर निर्भर कर दिया है। वे फर्जी मुद्दे उठाते हैं, उसे बार-बार बोलते हैं और उसके बाद समझते हैं कि उनका झूठ सच हो जाएगा। समय आ गया है कि वे झूठ के कोकून से बाहर निकले अन्यथा समाप्त हो जाएंगे।"

उन्होंने कहा, "राफेल, बालाकोट, जज लोया मौत, बैंक ऋण माफी, जेएनयू मुद्दा, ईवीएम, जीएसटी, नोटबंदी या नीरव मोदी व माल्या को लेकर या आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा या अर्थव्यवस्था को लेकर हमेशा फर्जी मुद्दे उठाए गए और विपक्ष का हर मुद्दा औंधे मुंह गिरा। यदि राहुल गांधी के भाषण से फर्जी मुद्दे हटा दिए जाएं, तो वहां कुछ बचेगा ही नहीं।"

उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह मतदाताओं की समझ को कमतर आंक रहा है। उन्होंने कहा कि मतदाता भी देश के विपक्षी दलों को उसी तरह समझेंगे और उन्हें उनकी जगह दिखा देंगे।

भाजपा नेता ने कहा है, "चुनावी अभियान चलाने वालों को यह समझ लेना चाहिए कि फर्जी मुद्दों पर प्रचार चल नहीं पाएगा। भारतीय लोकतंत्र की वास्तविक ताकत मतदाताओं की समझ में निहित है। वे काम न करने वालों को दंडित करेंगे और वे काम करने वालों को दोबारा वोट देंगे। सर्वे करने वाले, राजनीति पंडित और टिप्पणीकार आमतौर पर गलत साबित होते हैं।"

--आईएएनएस

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नई दिल्ली: केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को बीते पांच वर्षो की सरकार की उपलब्धियों का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देते हुए कहा कि 'मोदी ने नए भारत के सपने को साकार कर अपने अथक ढृढ़ता को दर्शाया है।' उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में कई भारतीय पर्यवेक्षकों ने तेजी से निर्णय लेने और उसे लागू करने की मोदी की क्षमता की प्रशंसा की है और इसलिए भाजपा ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए 'मोदी है तो मुमकिन है' का नारा चुना है।

जेटली ने सरकार की उपलब्ध्यिां गिनाते हुए कहा कि भारत बीते पांच वर्षो में बिना कोई कर बढ़ाए दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है।

उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा, "बीते पांच वर्षो में ग्रामीण स्वच्छता से लेकर हाइवे तक, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत से लाखों भारतीय के स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित करना, प्रधानमंत्री जन-धन योजना द्वारा करोड़ों लोगों का वित्तीय समावेशन, मुद्रा योजना द्वारा स्व-रोजगार जैसे कदम उठाए गए हैं।"

जेटली ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ कि गैर आरक्षित वर्गो के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया।

उन्होंने कहा, "भारत द्वारा आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम (2016 के सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 के एयर स्ट्राइक) को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का समर्थन मिला। भारत ने यह दिखाया है कि हम आतंक के उद्गम स्थल पर हमला करने के लिए अपरंपरागत तरीके अपनाने के इच्छुक हैं। यह नए भारत को दर्शाता है।"

--आईएएनएस

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नई दिल्ली: वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि न सिर्फ कश्मीर बल्कि चीन के मामले में भी मूल गलती तात्कालिक प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने की थी। जेटली ने यह बात कांग्रेस के हमले से सरकार का बचाव करते हुए कही। जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर को फिर वैश्विक आतंकी घोषित करवाने में विफल होने को लेकर कांग्रेस केंद्र सरकार पर हमले कर रही है। चीन के कारण अजहर आतंकी सूची में डाले जाने से बत गया है।

जेटली की टिप्पणी से पहले कांग्रेस ने चीन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर दोषारोपण किया क्योंकि चीन ने फिर पाकिस्तान स्थित आतंकी गुट जेईएम के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किए जाने की राह में रोड़ा अटकाया।

जेटली ने एक ट्वीट के जरिए कहा, "कश्मीर और चीन, दोनों मामलों में मूल गलती (ओरिजनल मिस्टेक) एक ही व्यक्ति ने की।"

प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू द्वारा दो अगस्त 1955 को मुख्यमंत्रियों को लिखे गए 'कुख्यात' पत्र का जिक्र करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने कहा कि 'नेहरू ने ही कहा था कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत द्वारा चीन की जगह लेना चीन जैसे महान देश के लिए बड़ा अन्याय होगा।'

उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, "क्या कांग्रेस अध्यक्ष हमें बताएंगे कि असली गुनहगार कौन था।"

जेटली ने नेहरू के उस पत्र का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था, "अमेरिका ने अनौपचारिक सुझाव दिया है कि चीन को संयुक्त राष्ट्र में शामिल किया जाए लेकिन सुरक्षा परिषद में नहीं और उसकी जगह सुरक्षा परिषद में भारत को शामिल किया जाए। हम बेशक इसे स्वीकार नहीं कर सकते हैं क्योंकि इसका मतलब चीन से संबंध विपरीत करना और सुरक्षा परिषद में चीन का नहीं शामिल होना चीन जैसे महान देश के साथ अन्याय होगा।"

इससे पहले चौथी बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अजहर के खिलाफ प्रस्ताव लटकने को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि यह आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई के लिए बड़ा झटका है और इससे चीन के सहयोगी आतंकवाद के पनाहगार पाकिस्तान के साथ उसके रुख की पुष्टि होती है।

मोदी पर दोषारोपण करते हुए उन्होंने कहा, "मौजूदा हालात मोदी सरकार की कमजोरी का नतीजा है जो पिछले पांच साल में चीन के सामने घुटने टेकती रही है। चीन ने बिना किसी कारण और सिर्फ अपने सहयोगी पाकिस्तान को खुश करने के लिए मसूद अजहर को अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने की राह में रोड़ा अटकाया है।"

कांग्रेस ने पूछा कि क्या मोदी जवाब देंगे कि वे क्यों 'मौन मोदी' हो गए हैं जबकि भारत के हितों से बार-बार समझौता किया जा रहा है।

--आईएएनएस

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नई दिल्ली: आगामी लोकसभा चुनाव को अराजकता और नरेंद्र मोदी के बीच चुनाव करार देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को कहा कि विपक्ष ने जिस महागठबंधन का वादा किया था, वह कई नेताओं वाले परस्पर विरोधी गठबंधनों में तब्दील हो गया है, जिसमें वे एक-दूसरे को मात देने का प्रयास कर रहे हैं। जेटली ने कहा कि अतीत में देखें तो इस तरह के गठबंधन से केवल अराजकता ही होती आई है। उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, "चुनाव स्पष्ट है, मोदी या अराजकता।"

वित्त मंत्री ने कहा कि चुनाव में कई मुद्दों ने एजेंडे में अपनी जगह बना ली है लेकिन 2019 में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा नेतृत्व का है, जहां पूर्ण स्पष्टता के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 'प्रतिद्वंद्वियों के आत्म-विनाशकारी गठबंधन' के खिलाफ एक विजेता के रूप में सामने आई है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के गठबंधन में नेतृत्व का मुद्दा एक अबूझ पहेली है।

जेटली ने कहा, "राजग के भीतर नेतृत्व का कोई मुद्दा नहीं है। इसमें पूर्ण स्पष्टता है। नरेंद्री मोदी राजग की अगुवाई कर रहे हैं और जीत हासिल करने के बाद वह प्रधानमंत्री बनेंगे। उनके नेतृत्व को राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति मिली है, उनकी रेटिंग बहुत ऊंची है। उनका ट्रैक रिकॉर्ड खुद ब खुद इसे बयां करता है।"

उन्होंने कहा, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी हैं, 'जो एक अपर्याप्त नेता हैं' और 'उन्हें आजमाया जा चुका है व वे विफल साबित हो चुके हैं।'

जेटली ने कहा, "उनमें मुद्दों की समझ की कमी भयावह रूप में है। वे इस अराजकता भरे गठबंधन के नेता बनने की इच्छा रखते हैं।"

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी खुद को महागठबंधन की सूत्रधार के तौर पर पेश कर रही हैं लेकिन उन्होंने पश्चिम बंगाल में एक भी सीट कांग्रेस या वाम दल को नहीं दी। वह चाहती हैं कि अगर वह वाहन चलाएं तो दोनों दल उनके पीछे बैठें।

अन्य विपक्षी दलों के बारे में जेटली ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी लेकिन अंत में वे उससे हाथ मिला लेंगी और ऐसा ही पश्चिम बंगाल में तृणमूल और कांग्रेस-वाम गठबंधन के साथ होगा।

उन्होंने कहा, "लेकिन, केरल में कांग्रेस और वाम मोर्चा एक-दूसरे के खिलाफ लड़ेंगे। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जम्मू एवं कश्मीर में कांग्रेस के समर्थन से साथ मिलकर सरकार बनाने का प्रयास किया था।"

जेटली ने कहा, "आज वे चुनाव में प्रतिद्वंद्वी हैं लेकिन 'स्वायत्तता' या 'प्री-1953 स्टेटस' के खतरनाक एजेंडे पर वे 'गठबंधन' के साथ हाथ मिला सकते हैं। बीजू जनता दल (बीजद), तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) गठबंधन के साथ नहीं हैं।"

जेटली ने कहा कि बसपा का पिछले लोकसभा चुनाव में सूपड़ा साफ हो गया था और मायावती ने अब अपनी रणनीति बदल दी है और वे एक मजबूत बसपा व एक कमजोर कांग्रेस चाहती हैं।

उन्होंने कहा, "उन्होंने अपने पत्ते छिपाए हुए हैं। वे नतीजों की घोषणा के बाद ही अपने पत्ते खोलेंगी..ऐसी ही लचीली विचारधारा के नेता सोचते हैं कि वे सभी को स्वीकार हैं। विपक्षी गठबंधन अस्पष्ट है..यह पूर्ण रूप से दुर्बल है।"

जेटली ने कहा कि कोई भी विपक्षी दल सीटों की एक निश्चित संख्या पर जीत हासिल करने में सक्षम नहीं है और गठबंधन के पास कोई स्थिर केंद्र नहीं है।

उन्होंने कहा, "महागठबंधन जिस का वादा किया गया था, वह कई परस्पर विरोधियों के गठबंधन में तब्दील हो गया है। यह प्रतिद्वंद्वियों का एक आत्म-विनाशकारी गठबंधन है।"

जेटली ने कहा, "यह चुनाव एक ऐसे नेता के खिलाफ है, जिसके हाथों में देश सुरक्षित व विकास कर रहा है। उसपर लोगों का भरोसा है। उनके खिलाफ कोई नेता सामने नहीं आया है। बहुत से नेता हैं, जो एक-दूसरे को मात देने में लगे हैं। अगर हम अतीत में जाएं तो वे केवल एक अस्थायी सरकार का वादा कर सकते हैं। इससे केवल अराजकता ही होगी। विकल्प स्पष्ट है, या तो मोदी या अराजकता।"

--आईएएनएस

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नई दिल्ली: केंद्रीय अरुण जेटली ने कहा कि पाकिस्तान के अंदर घुसकर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविरों पर सफलतापूर्वक हवाई हमला कर भारत ने पाकिस्तान के परमाणु धौंस की कलई खोल दी है। शनिवार रात 10 बजे इंडिया टीवी पर प्रसारित कार्यक्रम 'आप की अदालत' में जेटली ने कहा, "पाकिस्तान ने भारत से कॉन्वेंशनल वार (परंपरागत युद्ध) 1965, 1971 में लड़ा। करगिल युद्ध में वे अपने सैनिकों की लाशें तक लेने नहीं आए और हार गए। तो पाकिस्तानी फौज ने देखा कि हम कॉन्वेंशनल वार में भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था और सुपीरियर मिल्रिटी स्ट्रेंथ के सामने टिक नहीं सकते।"

उन्होंने कहा कि उनके सामने दो विकल्प थे- एक, आतंकवादियों के जरिए प्रॉक्सी वार (छद्म युद्ध) और दूसरा विकल्प जिसे न्यूक्लियर ब्लफ (परमाणु धौंस) कहते हैं, क्योंकि दोनों देशों के पास एटमी हथियार हैं। इस बार उनका न्यूक्लियर ब्लफ भी एक्सपोज हो गया।

पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायुसेना द्वारा हवाई हमले में जैश आतंकियों के मारे जाने के सबूत मांगने पर जेटली ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "राजनीतिक दलों और नेताओं को यह समझना चाहिए कि दुनिया की कोई भी सेना अपना ऑपरेशनल डिटेल्स (कार्रवाई का ब्यौरा) सार्वजनिक नहीं करती। ये देश का दुर्भाग्य है और कुछ नेताओं में इस प्रकार की नासमझी है कि वे आज सार्वजनिक जीवन में हैं। वे जाने-अनजाने में ऐसे बयान देकर पाकिस्तान का गवाह बन रहे हैं। मुझे लगता है कि जनता इनका वो हाल करेगी कि पाकिस्तान के टीवी में इनको टीआरपी मिलेगी और हिंदुस्तान में जनता का आक्रोश बर्दाश्त करना होगा।"

पुलवामा हमले के शहीदों की विधवाएं हालांकि कार्रवाई का ब्यौरा नहीं, मारे गए आतंकियों की कोई भी तस्वीर मांग रही हैं। वे कह रही हैं कि कोई तस्वीर ही दिखा दिया जाता तो उनके दिल को ठंडक पहुंचती। उपग्रह की मदद से तस्वीर उपलब्ध करना नामुमकिन भी नहीं है।

जेटली ने कहा, "दुनिया में कहीं भी कोई आर्मी या एयर फोर्स अपने ऑपरेशनल डिटेल्स सार्वजनिक नहीं करती। अमेरिका ने एबटाबाद (पाकिस्तान) में हमला किया, अलकायदा के चीफ ओसामा बिन लादेन की हत्या की और उसकी लाश समुद्र में फेंक दिया और कोई ऑपरेशनल डिटेल्स दुनिया से शेयर नहीं किया।"

भारतीय वायुसेना के हवाई हमले की सफलता पर सवाल उठानेवाले कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल पर निशाना साधते हुए जेटली ने कहा, "ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसे लोग सार्वजनिक जीवन में हैं। अगर ऑपरेशन डिटेल्स सार्वजनिक किया गया तो कपिल सिब्बल को ही नही पाकिस्तान की फौज को भी पता चल जाएगा कि हमारे कितने मिराज उड़े, कहां से उड़े, कितने बम बरसाए और किस रास्ते से आतंकी कैंम्प को टारगेट किया।"

उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान की सेना ही थी न कि वहां कि सरकार जिसने सबसे पहले हवाई हमले की जानकारी लोगों को दी। पाकिस्तान ने सबसे पहले दुनिया को स्ट्राइक के बारे में जानकारी दी। इसके पीछे दो मुख्य कारण थे। पहला, पाकिस्तान में उनकी फौज ने जनता के बीच अपनी बड़ी छवि बनाई हुई है। वो देश अपने नागरिकों के सामने कैसे जाकर कह सकता था कि हिंदुस्तान के हवाई जहाज ने जैश के कैम्प पर बम बरसाए।

जेटली ने कहा कि दूसरा कारण और भी बड़ा है। अगर पाकिस्तान पूरी दुनिया से शिकायत करता कि देखिये भारतीय विमानों ने हमारे एलओसी का उल्लंघन किया तो पहला सवाल उठता-आपका नुकसान क्या हुआ? फिर तो अंतरराष्ट्रीय समुदाय नुकसान को देखने आता.. कौन सा कैम्प वहां पर चल रहा था? कैम्प में कितनी बिल्डिंग थी और सैकड़ों लोग रह रहे थे.. स्विमिंग पुल.. जिम्नेजियम था.. जो वहां पर मरे उनके बारे में पूछते..वो कौन लोग थे.. एक-एक करते उनके बीसीयों कमांडर और पुराने-नए फिदायीन के नाम सामने आते।

जेटली ने कहा, "पाकिस्तान के साथ तब तक कोई बातचीत नहीं हो सकती, जब तक वह आतंकी संगठनों के खिलाफ कोई निर्णायक कार्रवाई नहीं करेगा। वो कार्रवाई पूरी दुनिया को दिखनी चाहिए और पाकिस्तान उसका सबूत देगा, तब हम सोचेंगे कि क्या करना है। अभी बातचीत के लिए आवाजें उठाने का कोई औचित्य नहीं है।"

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कण्डेय काटजू द्वारा पाकिस्तान के न्यूज चैनल पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की तारीफ पर जेटली ने कहा, "मैं आमतौर पर व्यक्तियों पर कोई टिप्पणी नहीं करता लेकिन काटजू के बयान से स्पष्ट है कि न्यायपालिका ने जजों के नियुक्ति के जो अधिकार ले लिए हैं, यह उसी का नतीजा है। क्योंकि जवाबदेह सरकार को नियुक्ति की प्रणाली से ही बाहर रखा गया है। इस प्रकार के बयान उस व्यक्ति की मानसिकता दर्शाती है।"

जेटली ने कहा, "अगर हम कार्रवाई न करते तो यह देश के प्रति अपराध होता। प्रधानमंत्री का यह राजनीतिक निर्णय था कि हमारी वायुसेना किसी सिविलियन या पाकिस्तानी सेना को टारगेट नहीं करेगी सिर्फ आतंकी कैम्प पर प्रहार करेगी।"

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नई दिल्ली: केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को कांग्रेस व पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा राफेल लड़ाकू सौदे में घपले का मुद्दा बार-बार उठाए जाने को लेकर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पाकिस्तान के टेलीविजन पर अत्यधिक टीआरपी मिल रही है। जेटली ने कहा कि इस मुद्दे पर सवाल कांग्रेस नेताओं की राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ की गई टिप्पणी से जनता का ध्यान भटकाने के लिए उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने बीते कुछ दिनों से अपने वरिष्ठ नेताओं के बयान से खुद को मुश्किल में पा रही है। उन्हें पाकिस्तान के टेलीविजन पर अत्यधिक टीआरपी मिल रही है। लेकिन भारत में उनके खिलाफ राय में परिवर्तन आ रहा है।"

अरुण जेटली कांग्रेस अध्यक्ष के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ समानांतर बातचीत व लड़ाकू विमान राफेल की भारत को आपूर्ति में देरी की जांच की मांग संबंधी सवाल का जवाब दे रहे थे।

जेटली ने कहा कि सरकार ने बार-बार इस मुद्दे पर अपनी स्थिति साफ की है, सर्वोच्च न्यायालय ने इस पर बात रखी है और सीएजी ने पहले ही इसका विश्लेषण किया है।

उन्होंने कहा, "याचिकाकर्ता एक और मौका ले रहे हैं। कोई राजवंश यह दावा नहीं कर सकता कि वह सर्वोच्च न्यायालय या सीएजी से ऊपर है और उसके फैसले व निष्कर्ष उस पर लागू नहीं होते।"

वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पाकिस्तान में किए गए हवाई हमलों के लिए सबूत जारी करने की मांग की थी। पुलवामा हमले में शहीद हुए कई सीआरपीएफ जवानों के विधवाओं ने भी असंतोष प्रकट करते हुए कहा है कि उन्हें एयर स्ट्राइक में मारे गए आतंकवादियों के शवों की तस्वीर देखे बिना दिल को ठंडक नहीं पहुंचेगी।

--आईएएनएस

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नई दिल्ली: नई दिल्ली और इस्लामाबाद में बढ़ते तनाव के बीच केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा कि अगर अमेरिका अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन का खात्मा करने के लिए पाकिस्तान में एबटाबाद जा सकता है तो भारत भी मंगलवार को जैश-ए-मोहम्मद के बालाकोट स्थित शिविर पर बमबारी कर सकता है। वित्तमंत्री अमेरिकी नौसेना की इकाई सील द्वारा 2011 में किए ऑपरेशन का हवाला दे रहे थे, जब अमेरिका ने अलकायदा के संस्थापक को एबटाबाद स्थित उसके घर में मार गिराया था। लादेन ने 11 सितंबर को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला करने के बाद लगभग एक दशक तक वहां छिपा रहा था।

जेटली ने कहा कि अपने सबसे बड़े वांछित अपराधी जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर को मारकर भारत भी अमेरिका जैसी कार्रवाई कर सकता है।

यहां एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, "मुझे याद है जब अमेरिकी नौसेना के सील कमांडो ने ओसामा को एबटाबाद में मार गिराया था.. क्या हम वैसा नहीं कर सकते?"

उन्होंने कहा, "यह सिर्फ एक कल्पना, एक इच्छा, एक हताशा, एक निराशा हुआ करती थी। लेकिन आज यह संभव है।"

जैश-ए-मोहम्मद द्वारा 14 फरवरी को पुलवामा में हुए हमले का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, "राजनीति में एक सप्ताह बहुत लंबा समय है। पिछले एक सप्ताह में पूरा देश लामबंद होकर जिस तरह हमारे साथ खड़ा हो गया है, लग रहा है कि यह एक सप्ताह बहुत जल्दी निकल गया।"

पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे।

भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े आतंकवादी शिविर पर बमबारी की थी।

मंगलवार तड़के लगभग 3.30 बजे, भारतीय वायुसेना के विमानों ने जैश-ए-मोहम्मद के शिविर पर हमले कर वहां स्थित सैकड़ों लड़ाकों को खत्म कर दिया था। भारत के विदेश सचिव ने इस घटना को आतंकवादी ठिकाने पर असैन्य कार्रवाई बताया था।

गोखले ने कहा कि नागरिक बस्ती से दूर पहाड़ी पर स्थित आतंकवादी शिविर में बड़ी संख्या में जिहादी मारे गए थे। उन्होंने इसमें मसूद अजहर के साले यूसुफ अजहर के मरने का दावा किया था।

भारत ने कहा है कि उसने इस बारे में खुफिया जानकारी मिलने पर यह कार्रवाई की कि जैश-ए-मोहम्मद एक और आत्मघाती हमले की साजिश रच रहा है।

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नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली बुधवार को राफेल विमान सौदा मामले में कैग की रिपोर्ट के हवाले से विपक्षी पार्टियों पर जमकर बरसे। जेटली ने कहा कि सच्चाई की हमेशा जीत होती है और कैग रिपोर्ट ने इस कथन की फिर से पुष्टि की है। अरुण जेटली ने यह टिप्पणी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की फ्रांस के साथ हुए राफेल लड़ाकू विमान सौदे की रिपोर्ट राज्यसभा में रखे जाने के तुरंत बाद की। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने सौदे की जो कीमत तय की है वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार द्वारा तय कीमत की तुलना में 2.86 फीसदी कम है।

अरुण जेटली ने ट्वीट किया, "सत्यमेव जयते-सच्चाई की हमेशा जीत होती है। राफेल पर कैग की रिपोर्ट ने इस कथन की फिर से पुष्टि की है।"

अरुण जेटली अमेरिका से बीते सप्ताह चिकित्सा उपचार के बाद लौटे हैं। जेटली ने कहा, "2016 बनाम 2007-कम कीमत, शीघ्र आपूर्ति, बेहतर रखरखाव।"

कैग रिपोर्ट राजग सरकार द्वारा किए गए 36 राफेल लड़ाकू विमानों के सौदे के वास्तविक मूल्य का खुलासा नहीं करती है।

रक्षा मंत्रालय के आग्रह पर इस रिपोर्ट में कीमत को संशोधित कर दिया गया है। रक्षा मंत्रालय ने इसके पीछे इंडो-फ्रेंच समझौते 2008 व अंतर-सरकारी समझौते का हवाला दिया है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता ने कहा, " ऐसा नहीं हो सकता कि सर्वोच्च न्यायालय गलत हो, सीएजी भी गलत हो, सिर्फ राजवंश ही सही हो।"

आगामी लोकसभा चुनावों से पहले एक साथ आने की कोशिश कर रही विपक्षी पार्टियों पर हमला करते हुए जेटली ने कहा, "लोकतंत्र उन्हें कैसे दंडित करता है, जो लगातार देश से झूठ बोलते रहे हों? सीएजी रिपोर्ट से 'महाझूठबंधन' के झूठों की पोल खुल गई है।"

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नई दिल्ली: अमेरिका में इलाज करवा रहे केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि उनकी सेहत में काफी सुधार है और वह जल्द ही दिल्ली लौटेंगे। जेटली वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए संवाददाताओं के सवालों का जवाब दे रहे थे, जिन्होंने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। 

जेटली ने कहा, "मेरी सेहत में काफी सुधार है। आपको ज्यादा समय इंतजार नहीं करना पड़ेगा।"

उनसे जब पूछा गया कि वह दिल्ली कब लौट रहे हैं? उन्होंने कहा, "आशा है जल्द ही।"

नरेंद्र मोदी सरकार का पांच बजट पेश कर चुके जेटली एक पखवाड़े से अधिक समय से अमेरिका में इलाज करवा रहे हैं। 

रेलमंत्री पीयूष गोयल के पास इस समय वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार है, जिन्होंने शुक्रवार को अंतरिम बजट पेश किया। अरुण जेटली इस समय बिना विभाग के मंत्री हैं। 

--आईएएनएस

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