मुंबई: राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता अक्षय कुमार और अभिनेत्री कियारा आडवाणी स्टारर फिल्म 'लक्ष्मी बम' पांच जून, 2020 को रिलीज होगी।

अक्षय ने शनिवार को ट्विटर पर फिल्म के फर्स्ट लुक को साझा किया। इस तस्वीर में अक्षय आंखों में काजल लगाए हुए नजर आ रहे हैं।

तस्वीर के कैप्शन में अक्षय ने लिखा : "आपके लिए कहानी का एक बम ला रहा हूं - 'लक्ष्मी बम', कियारा आडवाणी और आपके अपने द्वारा अभिनीत! पांच जून, 2020 से सिनेमाघरों में। फॉक्स स्टार स्टूडियो द्वारा प्रस्तुत, तुषार एंटरटेनमेंट हाउस और शबीना एंटरटेनमेंट के सहयोग से केप ऑफ गुड फिल्म्स प्रोडक्शन ने इसे बनाया है। राघव लॉरेंस ने इसे निर्देशित किया है।"

यह सुपरहिट तमिल हॉरर कॉमेडी फिल्म 'मुनी 2 : कंचना' का रीमेक है। फिल्म की कहानी राघव नामक एक डरपोक आदमी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे एक ट्रांसजेंडर महिला की आत्मा अपने वश में कर लेती है और उसके माध्यम से वह आत्मा उन लोगों से बदला लेती है, जिन लोगों ने उसकी जिंदगी तबाह की थी।

इस फिल्म के साथ-साथ अक्षय और कियारा 'गुड न्यूज' में भी साथ काम कर चुके हैं। इस फिल्म में करीना कपूर खान और दिलजीत दोसांझ भी हैं।

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मुंबई: अभिनेता अक्षय कुमार ने फिल्म 'मेरी बीवी का जवाब नहीं' के अपने सह-कलाकारों अनुपम खेर और गुलशन ग्रोवर से मुलाकात कर अपने करियर के शुरुआती दिनों की यादें ताजा की।

अक्षय ने मंगलवार को इस मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर अनुपम और गुलशन के लिए एक पोस्ट लिखा और उन्हें 'शानदार लोग' कहा।

उन्होंेने लिखा, "मैंने अपने करियर की शुरुआत इन दोनों के साथ की और इनके साथ अब भी काम करना अद्भुत है.हम एक-दूसरे के साथ हंसे, एक-दूसरे को पंच किया। साथ में आगे बढ़े। शानदार लोग जिन्हें मैं दोस्त कहता हूं।"

अनुपम ने अक्षय के पोस्ट को रीट्वीट किया और कहा कि उन्हें भी ऐसा ही लगता है।

उन्होंने कहा, "हमारा साथ का सफर शानदार रहा है। मुझे आप पर और आपने जो ऊंचाईयां छुई हैं उस पर गर्व है.पूरी तरह से अपनी मेहनत और ईमानदारी के साथ। हमेशा आपसे मिलने पर खुशी होती है। हमेशा प्यार और दुआएं।"

अक्षय को जब नागरिकता को लेकर घेरा गया था तब भी अनुपम उनके समर्थन में आए थे।

अभिनेताओं ने एक तस्वीर भी अपलोड की जिसमें वे तीनों एक साथ मुस्कुराते नजर आ रहे हैं। प्रशंसकों के मन में उनकी इस मुलाकात के पीछे की वजह को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।

--आईएएनएस

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मुंबई: बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार ने अपने नागरिकता से जुड़े विवाद के बीच केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू के समर्थन के लिए उनका आभार जताया और सरकारी नेतृत्व वाली फंड जुटाने वाली पहल 'भारत के वीर' के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई है। 

अक्षय ने ट्वीट किया, "किरण रिजिजू सर आपका बहुत-बहुत आभार और मैं देर से प्रतिक्रिया के लिए क्षमा मांगता हूं। मैं आपके संवेदना से भरे शब्दों के लिए आभारी हूं। कृपया भारत के वीर के प्रति मेरी प्रतिबद्धता को लेकर आश्वस्त रहें।"

अक्षय कुमार का यह पोस्ट रिजिजू के अभिनेता के समर्थन के कई दिन बाद आया है। अक्षय कुमार को अपनी नागरिकता को लेकर ट्रोल्स के गुस्से का सामना करना पड़ा है।

रिजिजू ने तीन मई को ट्वीट किया था, "डियर अक्षय कुमार जी, कोई भी आपकी देशभक्ति पर सवाल नहीं उठा सकता। हमारे सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिए आपकी प्रेरणा और जिस तरह से आप भारत के वीर कार्यक्रम के जरिए हमारे शहीदों के लिए धन जुटाते हैं, वह हर देशभक्त के लिए उदाहरण बना रहेगा।"

--आईएएनएस

 

 

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मुंबई: बॉक्स ऑफिस पर नए-नए कलाकारों का अभूतपूर्व प्रदर्शन देखने को मिल रहा है, लेकिन इन सबमें कुछ कारकों ने अक्षय कुमार को असली 'खिलाड़ी' के रूप में सबसे अलग कर दिया है।

सिल्वर स्क्रीन पर एक साल में उनकी कई हिट फिल्में और दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करना, ये ही वह दो चीजें हैं जो बॉक्स ऑफिस में अक्षय कुमार के सफर को बॉलीवुड के बाकी सुपरस्टार्स से अलग बनाती है।

अक्षय की आने वाली फिल्म 'सूर्यवंशी' के डिस्ट्रीब्यूटर रिलायंस एंटरटेनमेंट के शिवाशीष सरकार का कहना है, "उनका जबरदस्त अनुशासन, उनकी जीवनशैली और साल में तीन-चार फिल्मों को सख्ती से करने का परिश्रम उन्हें बॉक्स ऑफिस का 'खिलाड़ी' बनाता है।"

रिलायंस एंटरटेनमेंट के ग्रुप सीईओ (कंटेंट, डिजिटल और गेमिंग) सरकार ने आईएएनएस से कहा, "बेशक, उनके पास प्रतिभा है, मार्केटिंग और सबकुछ की समझ है, लेकिन यह सबकुछ उनके अनुशासन के बिना संभव नहीं हो पाता जिसे उन्होंने बनाए रखा है।"

व्यापार विशेषज्ञ गिरीश जौहर ने कहा, "अक्षय फिल्मों का चुनाव काफी समझदारी से करते हैं।"

साल 1992 में आई फिल्म 'खिलाड़ी' की सफलता के बाद से ही यह टैग हमेशा अक्षय के साथ रहा। इसके बाद 'सबसे बड़ा खिलाड़ी', 'खिलाड़ियों का खिलाड़ी', 'इंटरनेशनल खिलाड़ी', 'वक्त हमारा है' और 'मोहरा' जैसी फिल्मों से वह साफ तौर पर एक एक्शन स्टार बन गए।

साल 2000 में कॉमिक फिल्म 'हेराफेरी' से अक्षय ने कॉमेडी के क्षेत्र में कदम रखा जिसके बाद 'गरम मसाला', 'फिर हेराफेरी', 'भागमभाग', 'वेलकम', 'सिंह इज किंग' और 'हाउसफुल' जैसी फिल्मों में भी उन्होंने अपने अभिनय से लोगों को खूब हंसाया।

साल 2010 के बाद अक्षय ने कुछ अलग तरह की फिल्मों में भी काम किया जैसे कि 'ओ एम जी-ओ माई गॉड', 'स्पेशल 26', 'हॉलीडे', 'बेबी', 'एअरलिफ्ट', 'रुस्तम' और 'जॉली एलएलबी 2'।

'टॉयलेट : एक प्रेम कथा' और 'पैडमैन' जैसी फिल्मों से स्वच्छता और स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता भी फैलाई गई है।

उनकी आखिरी फिल्म केसरी उनकी नौवीं हिट फिल्म है, इस कतार में 'गोल्ड' (102.10 करोड़ रुपये), 'पैडमैन' (78.22 करोड़ रुपये), 'टॉयलेट : एक प्रेम कथा' (132.07 करोड़ रुपये), 'जॉली एलएलबी 2' (117 करोड़ रुपये), 'रुस्तम' (127.49 करोड़ रुपये), 'हाउसफुल 3' (109.14 करोड़ रुपये), 'एअरलिफ्ट' (128.1 करोड़ रुपये) और 'सिंह इज किंग' (89.95 करोड़ रुपये) की कमाई की।

अक्षय को सबसे 'विश्वसनीय' स्टार कहते हुए डिस्ट्रीब्यूटर राजेश थडानी ने कहा, "एक्शन से लेकर कॉमेडी तक और अब देशभक्ति फिल्मों से, अक्षय हमेशा दर्शकों में कौतुहल बनाए रखते हैं कि अब आगे क्या आने वाला है और दर्शकों को इस बात का भी इंतजार रहता है कि अब अक्षय किस नई चीज के साथ आएंगे। अक्षय ने अपने करियर को एक जैसा नहीं रखा।"

अक्षय के इस देश के नागरिक होने के सवाल को लेकर जहां कई लोग आगे आ रहे हैं, वहीं बॉलीवुड के कुछ दिग्गज कलाकार जैसे कि अनुपम खेर, पूनम ढिल्लों ने भी उनके बचाव में अपनी बात रखी हैं।

पूनम ने ट्वीट किया, "समाज को वापस लौटाने के लिए आप फिल्म इंडस्ट्री में कई लोगों के लिए प्रेरणा हैं। अपने अच्छे काम को जारी रखें और किसी भी तरह से नकारात्मकता को अपने ऊपर हावी होने न दें। एक कनाडाई नागरिक होना भारत के प्रति आपके भाव और प्रेम को दूर नहीं कर सकेगा।"

वहीं अनुपम ने अक्षय से देश के प्रति उनकी वफादारी की सफाई न देने का आग्रह किया है, "आप एक अभिनेता हैं। आपको हर किसी को सफाई देने की आवश्यकता नहीं है।"

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मुंबई: अक्षय कुमार जब कनाडा की नागरिकता रखने की बात स्वीकार कर चुके हैं, और अब राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए उनकी पात्रता को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे हैं। 

फिल्म निर्माता राहुल ढोलकिया ने हालांकि उनका समर्थन किया और कहा कि "एक विदेशी नागरिक को भी राष्ट्रीय पुरस्कार दिए जा सकते हैं।"

अक्षय को कैसे राष्ट्रीय पुरस्कार मिला, इस बात को लेकर शनिवार को सोशल मीडिया यूजर्स जिसमें राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म संपादक और लेखक अपूर्वा असरानी भी शामिल थीं, उन्होंने सवाल खड़े किए।

असरानी ने ट्वीट कर कहा, "क्या कनाडा के नागरिक भारतीय राष्ट्रीय पुरस्कारों को पाने के लिए योग्य हैं? साल 2016 में अक्षय कुमार को 'श्रेष्ठ अभिनेता' का पुरस्कार मिला जबकि सभी यह उम्मीद कर रहे थे कि 'अलीगढ़' फिल्म के लिए मनोज वाजपेय को यह पुरस्कार मिलेगा। यदि जूरी/मंत्रालय ने कुमार के मामले में कोई त्रुटि की है, तो क्या कोई संशोधन होगा?"

हालांकि, फिल्म समारोह निदेशालय के नियाम अनुसार (रूलबुक) जो संगठन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रस्तुत करता है, वह उम्मीदवार की पात्रता इस आधार पर तय करता है जिसमें नियम के मुताबिक : "विदेशी मूल के फिल्म पेशेवरों और तकनीशियनों को भी पुरस्कार के लिए विचार किया जा सकता है।"

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार की जूरी में पहले रह चुके निर्माता राहुल ढोलकिया ने ट्वीट कर स्पष्टीकरण दिया।

नियमावली (रूलबुक) का स्क्रीन शॉट लेकर शयर करते हुए उन्होंने लिखा, "राष्ट्रीय पुरस्कारों को लेकर स्पष्टीकरण: विदेशी नागरिकों को भी राष्ट्रीय पुरस्कार दिए जा सकते हैं, यह कानूनी है, जूरी के लिए नियमों के मुताबिक (इस मामले में नहीं)। यह जानकारी एक अधिकारी मनोज श्रीवास्तव से मिली, जिन्होंने मुझे यह भेजा।"

'श्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार' अक्षय कुमार को 'रुस्तम' फिल्म के लिए वर्ष 2016 में दिया गया था।

इस सप्ताह की शुरुआत में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गैर-राजनीतिक साक्षात्कार लेने के बाद से अक्षय सोशल मीडिया पर ट्रॉलर्स के निशाने पर आ गए हैं। भारतीय नागरिक न होने के बावजूद देशभक्ति की बात करने के लिए उनकी आलोचना भी हुई।

शुक्रवार को, आलोचना पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए, अक्षय ने अपनी कनाडा की नागरिकता के बारे में एक बयान जारी किया और कहा कि वह विषय के आसपास की नकारात्मकता और 'अनुचित ब्याज' को नहीं समझते थे।

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मुबंई: 'रंग दे बसंती' फिल्म के अभिनेता सिद्धार्थ ने प्रधानमंत्री मोदी का 'गैर-राजनीतिक साक्षात्कार' लेने को लेकर अक्षय कुमार पर निशाना साधा।

मुंबई में 29 अप्रैल को वोट न डालने के बाद ट्रोल हुए अक्षय ने एक बयान में अपनी नागरिकता को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया।

उन्होंने माना कि वह कनाडा के नागरिक हैं। इससे पहले अभिनेता सुर्खियों में इसलिए थे, क्योंकि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का एक 'गैर-राजनीतिक साक्षात्कार' लिया था, जिसमें 'आम पसंद है या नहीं', 'आम छीलकर खाते हैं या काटकर' जैसे सवाल पूछे थे।

इस पर चुटकी लेते हुए सिद्धार्थ ने कहा कि वह अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप का साक्षात्कार लेना चाहते हैं, और उनके काम करने और सोने को लेकर उनसे सवाल पूछना चाहते हैं।

सिद्धार्थ ने शुक्रवार को ट्वीट किया, "हे डोनाल्ड ट्रंप, क्योंकि आप जल्दी ही फिर से एक बार और चुने जाएंगे, क्या मैं आपका एक साक्षात्कार ले सकता हूं? मेरे पास बहुत से प्रश्न हैं, जैसे आप फलों को कैसे खाते हैं, आप सोते कैसे हैं, काम की आदत कैसी है और हां आपके प्यारे व्यक्तित्व को लेकर भी कई सवाल हैं।"

इसके साथ ही 40 वर्षीय अभिनेता ने कहा, "मेरे पास भारतीय पासपोर्ट है, कृप्या सीधा मुझे मैसेज करें।"

सिद्धार्थ ने हालांकि अक्षय का नाम नहीं लिया, लेकिन सोशल मीडिया यूजरों ने उनकी बात का आशय समझ लिया।

एक ने कमेंट किया : "सॉरी सिद! द कैनेडियन मे बीट यू टू इट! शॉटर फ्लाइंग टाइम।"

दूसरे ने लिखा : "वाह सिद जी, व्हाट अ हार्ड हीटिंग डिग एट अक्षय कुमार। गुड एवरीबॉडी शुड इस्टिक टू दियर रोल एंड नॉट टू अदर्स।"

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मुंबई: अभिनेता अक्षय कुमार से जब यहां लोकसभा चुनाव में मतदान न करने को लेकर सवाल किए गए तो उन्होंने जवाब देने के बजाय उन्हें नजरअंदाज करना ही बेहतर समझा।

हाल ही में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गैर-राजनीतिक साक्षात्कार लेने के चलते सुर्खियों में आए अक्षय को सोमवार को अपना वोट न डालने के चलते बड़ी संख्या में लोगों ने ट्रोल किया।

फिल्म 'ब्लैंक' की स्पेशल स्क्रीनिंग में मंगलवार को जब एक मीडियाकर्मी ने वोट न डालने को लेकर उनसे सवाल किया तो अक्षय का जवाब था, "चलिए, चलिए।" इसके बाद अक्षय वहां से चले गए।

अक्षय ने 'केसरी', 'टॉयलेट - एक प्रेम कथा', 'पैडमैन' और 'एअरलिफ्ट' जैसी फिल्मों से एक देशभक्त के रूप में अपनी छवि बनाई है।

अक्षय बॉलीवुड के उन प्रमुख कलाकारों में से एक हैं जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ट्वीट में टैग किया था और उन्हें लोगों को मतदान के लिए प्रोत्साहित करने को कहा था और अक्षय ने उसका यथावत पालन भी किया था।

अक्षय ने ट्वीट किया था, "लोकतंत्र की असली पहचान चुनावी प्रक्रिया में लोगों की भागीदारी में है। हमारे राष्ट्र और मतदान करने वालों के बीच वोटिंग एक सुपरहिट 'प्रेम कथा' होनी चाहिए।"

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मुंबई: फिल्म 'एवेंजर्स एंडगेम' का जादू अभी लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। ऐसे में अभिनेता अक्षय कुमार ने हाल ही में हॉलीवुड स्टार रॉबर्ट डाउनी जूनियर के जैसी टाई पहनकर अपने प्रशंसकों की वाहवाही लूटी। रॉबर्ट इस सुपर हीरो फ्रैंचाइजी में अपने द्वारा निभाए गए किरदार आयरन मैन के लिए काफी चर्चित हैं।

मार्वेल सिनेमैटिक यूनीवर्स की नई फिल्म की स्क्रीनिंग में जाने के एक दिन बाद अक्षय ने उनका और रॉबर्ट डाउनी जूनियर का एक कोलाज बनाया जिनमें दोनों गिवेंची टाई पहने हुए नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर को अक्षय ने शनिवार के दिन इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया।

तस्वीर के कैप्शन में अक्षय ने लिखा, "किसने इसे (टाई को) बेहतर ढंग से पहना है?"

अक्षय ने 'एवेंजर्स एंडगेम' की तारीफ करते हुए लिखा : "एंडगेम अद्भुत है।"

'एवेंजर्स एंडगेम' को रूसो ब्रदर्स ने निर्देशित किया है। यह फिल्म एवेंजर्स फ्रैंचाइजी का अंतिम भाग है जो भारत में बीते शुक्रवार को रिलीज हुई है।

फिल्म में रॉबर्ट डाउनी जूनियर, क्रिस इवांस, मार्क रफ्फालो, क्रिस हेम्सवर्थ, स्कार्लेट जोहानसन, जेरेमी रेनर, डॉन चीडल, पॉल रड, ब्री लार्सन, कैरेन गिलान, दानई गुरिरा और जोश ब्रोलीन जैसे कलाकार हैं।

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को खुलासा किया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जो मुखर रूप से उनकी (मोदी की) आलोचक हैं, खुद कुर्तो का चयन कर हर साल उन्हें भेजती हैं।

अभिनेता अक्षय कुमार के साथ बातचीत में मोदी ने कहा कि इस खुलासे से शायद लोकसभा चुनाव में उन्हें नुकसान पहुंचे।

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना हर साल ढाका से उन्हें विशेष मिठाई भेजती थीं। "जब ममता दीदी को इसके बारे में पता चला, तो उन्होंने भी मुझे हर साल एक-दो मौकों पर बंगाली मिठाई भेजनी शुरू कर दी।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीतिक विरोधियों जैसे वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के साथ उनके अच्छे संबंध हैं।

'स्पष्ट और गैर-राजनीतिक' साक्षात्कार का प्रसारण लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण का मतदान संपन्न होने के बाद हुआ।

इसके प्रसारण के पहले अक्षय ने ट्विटर पर घोषणा की थी कि वह प्रधानमंत्री के साथ बातचीत करेंगे, जिससे दर्शकों को मोदी के बारे में दिलचस्प बातें जानने में मदद मिलेगी।

अक्षय के इस सवाल पर कि क्या उन्होंने दिल्ली जाने से पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान वेतन के तौर पर मिली पूरी राशि दान कर दी थी? मोदी ने कहा, "यह पूरा सच नहीं है। मैं ऐसा करना चाहता था, लेकिन मेरे अंदर काम करने वाले कुछ अधिकारियों की सलाह पर मैंने केवल 21 लाख रुपये का दान दिया। मैंने अधिकारियों को सचिवालय में जूनियर कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा पर खर्च करने के लिए कहा।"

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने कभी गुस्सा महसूस किया है? मोदी ने कहा, "अगर मैंने कहा कि मुझे गुस्सा नहीं आता, तो लोगों को हैरानी होगी।"

उन्होंने कहा, "गुस्सा हर इंसान के जीवन का एक हिस्सा है। जब मैं लगभग 18-20 साल का था, तो मुझे बताया गया कि बुरी आदतें व्यक्तिगत विकास में बाधा हैं। मेरा गुस्सा एक ऐसी ही बुरी आदत थी। मैं लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहा। अब मैं प्रधानमंत्री हूं, लेकिन एक भी ऐसा मौका नहीं आया, जब मैंने किसी पर गुस्सा किया।"

मोदी ने नई दिल्ली में लोक कल्याण मार्ग स्थित आवाज पर अभिनेता से कहा, "मैं सख्त हूं, लेकिन मैं दूसरों को अपमानित करने में विश्वास नहीं करता। मैं लोगों को प्रोत्साहित करता हूं। मैं उनकी मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाता हूं.. मैं सिखाता भी हूं। मैं एक टीम बनाता हूं। मेरे अंदर गुस्सा हो सकता है, लेकिन मैं जाहिर नहीं करता।"

यह पूछे जाने पर कि क्या वह अपने परिवार के साथ नहीं रहना चाहते? मोदी ने कहा कि उन्होंने बहुत कम उम्र में अपना घर छोड़ दिया था और इसलिए उनका जीवन पूरी तरह से अपने परिवार से अलग हो गया।

मोदी ने अपनी 'सख्त छवि' को भी गलत बताया।

उन्होंने कहा, "अगर कोई कहता है कि मैं लोगों को काम करने के लिए मजबूर करता हूं, तो उसने मुझे पूरी तरह से समझा नहीं है। यह सच है कि मेरे साथ जुड़े लोगों को अधिक काम करना पड़ता है, लेकिन मैं कभी किसी को मजबूर नहीं करता। मैं एक कार्य संस्कृति विकसित करता हूं, क्योंकि मैं भी बहुत मेहनत करता हूं।"

मोदी ने कहा कि उन्होंने कभी भी प्रधानमंत्री बनने के बारे में नहीं सोचा था, क्योंकि उनकी पृष्ठभूमि में ऐसा कुछ नहीं था कि वह इस बारे में सोचते।

उन्होंने कहा, "आम लोग ऐसे सपने नहीं देखते। इस तरह के विचार केवल उन लोगों के मन में आ सकते हैं, जो पृष्ठभूमि के साथ-साथ एक विशेष परिवार से ताल्लुक रखते हैं। लेकिन, मेरी पारिवारिक पृष्ठभूमि ऐसी थी, जहां कि अगर मुझे अच्छी नौकरी मिल जाती तो मेरी मां पड़ोस में गुड़ बांटती। हमने इससे परे कभी कुछ दूसरा नहीं सोचा। हमने अपने गांव के बाहर कुछ नहीं सोचा।"

उन्होंने कहा, "यह सफर बस शुरू हो गया और देश ने मुझे स्वीकार कर लिया। जिम्मेदारियां भी मेरे ऊपर अपने आप आ गईं। मेरे व्यक्तिगत दृष्टिकोण के अनुसार, यह (प्रधानमंत्री बनना) अस्वाभाविक है, क्योंकि मेरा जीवन और दुनिया वर्तमान राजनीतिक माहौल में फिट नहीं बैठते हैं।"

मोदी ने कहा, "मुझे हमेशा आश्चर्य होता है कि देश मुझसे कैसे प्यार करता है और मुझे ढेर सारा देता है।"

मोदी ने कहा कि एक समय उनका मानना था कि या तो वह संन्यासी बनेंगे या सेना में शामिल होंगे।

आम का जिक्र करने पर मोदी पुरानी यादों में खो गए और उन्होंने बताया कि कैसे वह बचपन में आम का आनंद लेते थे। हालांकि, अब प्रधानमंत्री के रूप में उन्हें सावधानी बरतनी पड़ती है और अपने आहार पर ध्यान देना पड़ता है।

मोदी ने अक्षय से अपनी दिनचर्या, अपनी जिम्मेदारियों, और कम सोने के बारे में भी बात की।

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभिनेता अक्षय कुमार के साथ स्पष्ट और पूरी तरह से गैर-राजनीतिक वार्ता में बुधवार को कहा कि उन्होंने कभी भी प्रधानमंत्री बनने के बारे में नहीं सोचा था क्योंकि उनकी पृष्ठभूमि में ऐसा कुछ नहीं था कि वह इस बारे में सोचते।

आम लोग ऐसी बातों पर विश्वास नहीं करते हैं, उन्होंने कहा कि विचार (जैसे कि एक दिन प्रधानमंत्री बनना) केवल उन लोगों के मन में आ सकते हैं जो पृष्ठभूमि के साथ-साथ एक विशेष परिवार से ताल्लुक रखते हैं।

मोदी ने कहा, "लेकिन मेरी पारिवारिक पृष्ठभूमि ऐसी है जैसे अगर मुझे अच्छी नौकरी मिल जाती, तो मेरी मां ने पड़ोसियों को गुड़ बांटे होते क्योंकि हमने कभी इससे आगे नहीं सोचा था। हमने कभी भी अपने गांव के बाहर कुछ नहीं देखा।"

उन्होंने कहा, "यह यात्रा शुरू हो गई और देश ने मुझे स्वीकार किया। जिम्मेदारियां भी मेरे ऊपर अपने आप आ गईं। मेरे व्यक्तिगत दृष्टिकोण के अनुसार, यह (प्रधानमंत्री बनना) अस्वभाविक है क्योंकि मेरा जीवन और दुनिया वर्तमान राजनीतिक माहौल में फिट नहीं बैठते है।"

मोदी ने अपने 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर बातचीत में अक्षय को बताया, "मुझे हमेशा आश्चर्य होता है कि देश मुझसे कैसे प्यार करता है और मुझे कितना कुछ देता है।"

मोदी ने कहा कि एक समय उनका मानना था कि या तो वह संन्यासी बनेंगे या सेना में शामिल होंगे।

अभिनेता ने मोदी से उनकी दिनचर्या, उनकी जिम्मेदारियों के अलावा, आम के प्रति उनके प्यार और सोने के बारे में भी पूछा।

अक्षय ने प्रधानमंत्री से आमों के प्रति उनके प्यार के बारे में पूछा तो मोदी पुरानी यादों में खो गए और बताया कि कैसे वे बचपन में आम का आनंद लेते थे। हालांकि, अब प्रधानमंत्री के रूप में उन्हें सावधानी बरतनी पड़ती है और अपने आहार पर ध्यान देना पड़ता है।

बातचीत लाइव होने से कुछ मिनट पहले, इंस्टाग्राम पर एक छोटी सी क्लिप प्रसारित की गई थी। यहां, 51 वर्षीय अभिनेता ने मोदी से उनके सोने की दिनचर्या के बारे में पूछा।

लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण का मतदान संपन्न होने के कुछ घंटों बाद, अक्षय ने ट्विटर पर घोषणा की थी कि वह प्रधानमंत्री के साथ 'स्पष्ट और पूरी तरह से गैर राजनीतिक' बातचीत करेंगे।

उन्होंने कहा कि बातचीत प्रधानमंत्री के व्यस्त प्रचार अभियान के बीच राहत व आराम की तरह होगी। उन्होंने यह भी कहा था कि बातचीत दर्शकों को मोदी के बारे में कुछ तथ्यों को जानने में मदद करेगी।

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